स्वच्छ ऊर्जा के विकास पर चीन का ज़ोर

cri 2017-07-31 11:01:44
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चीनी शहरों में शेयरिंग वाली साइकिल

ऊर्जा आर्थिक और सामाजिक विकास के लिये जीवन स्रोत है। इधर पाँच सालों में चीन नयी ऊर्जा के विकास पर ज़ोर देकर स्वच्छ ऊर्जा के रास्ते पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस तरह आर्थिक वृद्धि की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है और आम आदमियों को अधिक लाभ मिल रहा है।

हर वर्किंग डे की सुबह पेइचिंग वासी मैडम च्यांग अपनी कॉलोनी से शेयरिंग वाली साइकिल पर सवार कर दो किलोमीटर दूर मेट्रो स्टेशन जाती हैं, फिर वहां मेट्रो से अपने कार्य स्थल को जाती हैं। उन्होंने शेयरिंग वाली साइकिल की चर्चा करते हुए कहा ,सबसे पहले सुविधाजनक है। अपने मोबाइल फोन से स्कैन कर साइकिल पर सवार हो सकती हूं। शेयरिंग वाली साइकिल बहुत सारी हैं। दूसरा, कीमत सस्ती है। एक बार आधे युआन या एक युआन का खर्च आता है। इसके अलावा वह शारीरिक व्यायाम भी है और यातायात जाम की परेशानी भी नहीं होती। ये बहुत अच्छा है।

मैडम च्यांग जैसे शेयरिंग वाले साइकिल प्रेमियों की संख्या कम नहीं है। इस वर्ष मई तक चीन के विभिन्न क्षेत्रों में 1 करोड़ से ज्यादा शेयरिंग वाली साइकिल रखी गई हैं और इसे इस्तेमाल करने वालों की संख्या 10 करोड़ से अधिक है। उल्लेखनीय बात है कि इंटरनेट प्लस हरित यातायात तरीके में मोबाइल ऊर्जा अहम भूमिका निभा रही है।

शेयरिंग वाली साइकिल के अगले भाग में एक टोकरी बनी है जिसके तल में 5.5 वाट वाली पतली फिल्म सौर ऊर्जा उपकरण लगा है, जो साइकिल की इंटेलिजेंट ताले में रखे जीपीएस सर्किट बोर्ड (circuit board) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स चिप के लिए हरित ऊर्जा प्रदान करता है। यह उत्पाद बेचने वाली हाननिंग कंपनी के सीईओ सीहाईचेन ने बताया ,शेयरिंग वाली साइकिल के अवाला हाननिंग द्वारा प्रस्तुत मोबाइल ऊर्जा के कॉन्सेप्ट ने बाजार सीमा का विस्तार किया है। गाड़ी, मोबाइल बैकपेक, पर्यटन तंबू और चालक रहित विमान जैसे क्षेत्रों में मोबाइल ऊर्जा का इस्तेमाल हो सकता है। अब हम विभिन्न व्यवसायों के साथ जुड़ने का काम कर रहे हैं।

चीन में नवीन ऊर्जा वाली टैक्सी

यातायात में नीतिगत प्रोत्साहन और तकनीकी बाधा दूर करने के साथ साथ चीन में नवीन ऊर्जा की गाड़ी का विकास भी तेज़ी से हो रहा है। पूर्वी चीन के सु चो शहर में रहने वाले श्री च्यांग ने हाल ही में एक इलेक्ट्रॉनिक कार खरीदी। उन्होंने कहा कि सु चो अब शहर के केंद्रीय क्षेत्र में दो किलोमीटर जितना बड़ा रिचार्ज सर्कल का निर्माण कर रहा है। इसी कारण उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक कार खरीदने का फैसला किया। उन्होंने कहा रिचार्ज की गति तेज़ हो गयी है और ख़र्च भी कम है। रिचार्ज होने के बाद गाड़ी दो सौ किलोमीटर तक दौड़ सकती है। इसका ख़र्च सिर्फ़ दसेक युआन है।

आंकडों के अनुसार वर्ष 2016 में चीन में कुल 5 लाख नवीन ऊर्जा से चलने वाली गाड़ियां बेची गईं, जो विश्व में सर्वाधिक थी। पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक गाड़ी की इमिशन शून्य है और हर दस हजार किलोमीटर में 2.3 टन कार्बन डाइओक्साइड कम हो सकता है।

स्वच्छ ऊर्जा न सिर्फ शहर, बल्कि सुदूर ग्रामीण इलाकों की शक्ल भी बदल रही है। दक्षिण-पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत की योंग रन काउंटी सूर्य का शहर कहा जाता है। उसका सौर ऊर्जा संसाधन देश में दूसरे स्थान पर है। योंग रन काउंटी के जंगल ब्यूरो के ग्रामीण ऊर्जा वर्किंग स्टेशन के प्रधान ल्यो मिंगरोंग ने हमारे संवाददाता को बताया कि सौर ऊर्जा जैसी स्वच्छ ऊर्जा से जनजीवन में सुधार हुआ है और पर्यावरण संरक्षण भी हुआ। उन्होंने बताया,सौर ऊर्जा उपकरण अब दस हज़ार से अधिक हैं। 6 हज़ार से अधिक ग्रामीण परिवार जलाने वाली लकड़ी के इस्तेमाल के बजाये सौर ऊर्जा से खाना पकाते हैं। नवीन ऊर्जा परियोजा के कार्यांवयन से गांव में ऊर्जा के अभाव का सवाल हल किया गया और वन संसाधन की सुरक्षा भी की गयी।

चीन में सौर ऊर्जा लोकप्रिय हो रही है

चीनी राजकीय ऊर्जा ब्यूरो के उप महानिदेशक ली यांग च ने बताया कि सौर ऊर्जा समेत स्वच्छ ऊर्जा आने वाले समय में ऊर्जा सप्लाई का मुख्य भाग होगा। उन्होंने बताया, नवीकरणीय ऊर्जा चीनी गैर फॉसिल ऊर्जा की मुख्य शक्ति है और चीनी ऊर्जा के भावी परिवर्तन का आधार भी। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार 13वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीन की नवीकरणनीय ऊर्जा में पूंजी निवेश 25 खरब युआन होगा। वर्ष 2020 तक सौर ऊर्जा उपकरणों से होने वाले बिजली उत्पादन की क्षमता 11 करोड़ किलोवाट होगी।

अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा संस्था का अनुमान है कि विश्व के नवीन ऊर्जा क्षेत्र की 81 लाख नौकरियों में से 35 लाख चीन के पास हैं। विश्लेषकों का विचार है कि चीन स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में विश्व में अग्रसर रहता है।

नवीन ऊर्जा के साथ साथ चीन तेल और कोयले जैसे परंपरागत ऊर्जा के क्लीनाइजिशन पर भी ज़ोर दे रहा है। चीन की सबसे बड़ी कोयला कंपनी शनहुआ ग्रुप के बोर्ड अध्यक्ष च्यांग यू चुओ ने बताया, आपूर्ति पक्ष के सुधार में गुणवत्ता उन्नत करनी है। शन हुआ विश्व में प्रथम स्तर वाली स्वच्छ ऊर्जा सप्लाइयर सुधारने के लिए हमने विकास योजना बनायी है। हमें विश्व ऊर्जा के विकास की दिशा स्पष्ट करनी चाहिए।

चीनी राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के उपाध्यक्ष च्यांग योंग ने बताया कि वर्ष 2005 से 2016 तक चीन के प्रति युनिट जीडीपी ऊर्जा की खपत में 37.3 प्रतिशत कमी आयी और 1 अरब 80 करोड़ टन कोयला बच गया। इसका मतलब है कि इधर कुछ साल चीन ने 4 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड कम निकाला। इस दौरान चीन विश्व में सबसे ज्यादा ऊर्जा बचाने में और विश्व हरित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।(वेइतुङ)

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