चीनी जनमुक्ति सेना (पीएलए) की 90वीं वर्षगांठ पर भारत स्थित चीनी दूतावास का सत्कार समारोह

2017-08-17 14:35:11
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चीनी जनमुक्ति सेना (पीएलए) की 90वीं वर्षगांठ पर भारत स्थित चीनी दूतावास का सत्कार समारोह


31 जुलाई की शाम भारत स्थित चीनी दूतावास ने नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में चीनी जनमुक्ति सेना (पीएलए) की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक सत्कार समारोह का आयोजन किया। भारत स्थित चीनी राजदूत ल्वो च्याओ ह्वी और सभी राजनयिकों ने इसमें भाग लिया। भारतीय युवासेना के सहायक चीफ ऑफ स्टाफ श्रीकुमार प्रभाकरण ने भारत के प्रमुख मेहमान के रूप में इसमें भाग लिया। भारतीय सरकार, सेना, संसद, पार्टियों और विभिन्न क्षेत्रों के मित्रों, भारत स्थित विभिन्न देशों के राजदूतों और अधिकारियों, चीनी पूंजी वाली कंपनियों और भारत स्थित चीनी मीडिया के प्रतिनिधियों समेत 3 सौ से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया।

कार्यवाहक सैन्य अताशे च्यो बो सत्कार समारोह में भाग लेने वाले देशी-विदेशी मेहमानों का स्वागत किया और भाषण देते हुए कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिन फिंग ने 30 जुलाई को आयोजित चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी(पीएलए) की 90वीं वर्षगांठ पर सैन्य परेड में महत्वपूर्ण भाषण दिया और कहा कि शांति का आनंद लेना लोगों का अच्छा भाग्य है और शांति की रक्षा करना जन सेना की जिम्मेदारी है। चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी आधुनिक सेना बन गई है। वह मजबूत रूप से देश की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता की गारंटी करती है साथ ही विभिन्न सुरक्षा खतरों और चुनौतियों का मुकाबला करने में विश्वास और क्षमता रखती है।

च्यो बो ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में चीन भारत संबंध के विकास की स्थिति बनी रही है, दोनों देशों के बीच वार्षिक उच्च स्तरीय रक्षा वार्ता और आदान-प्रदान की व्यवस्था स्थापित हुई, सफलता से 8 बार रक्षा और सुरक्षा सहाल-मशविरों का आयोजन किया गया, 6 बार संयुक्त आतंकवाद विरोध सैन्य प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। वर्तमान में चीन-भारत संबंध विशेषकर सीमा क्षेत्र में कुछ नई जटिल स्थिति और गंभीर मामला हुआ। चीन का रुख स्पष्ट और मज़बूत है। चीन - भारत घनिष्ठ विकास साझेदार संबंध की स्थापना कर रहे हैं। उन्हें आशा है कि दोनों देश और दोनों देशों की सेना एक साथ मिलकर आपसी विश्वास को आगे बढ़ाकर समुचित रूप से मतभेदों का समाधान करेगी, ताकि द्विपक्षीय संबंध रही रास्ते से निरंतर आगे बढ़ सकें।

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