20180723

2018-07-23 16:59:16
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

चीन की खुलेपन और सुधार नीति से कज़ाख़स्तान से चीनी सहयोग बढ़ा

 

इस वर्ष चीन में सुधार और खुलेपन की नीति लागू करने की 40वीं वर्षगांठ है। कज़ाख़स्तान के संबंधित विशेषज्ञों ने हाल ही में कहा कि सुधार और खुलेपन की नीति से न केवल चीन की राष्ट्रीय उपस्थिति में बदलाव लाया है, बल्कि विश्व को इससे लाभ भी मिला है। चीन और कज़ाख़स्तान के वित्तीय उद्योग के सहयोग से द्विपक्षीय परियोजना को स्थिरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।

रुस्लान इजीमोव कजाखस्तान के पहले राष्ट्रपति फाउंडेशन के विश्व आर्थिक और राजनीतिक अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञ, यूरेशियाई अध्ययन परियोजना के प्रधान हैं। हाल ही में उन्होंने कहा कि सुधार और खुलेपन की नीति से चीन ने आर्थिक क्षेत्र में मौजूद हर प्रकार की कठिनाईयों को दूर किया है, विभिन्न क्षेत्रों की निहित शक्ति दिखाई, जिससे चीन की बहुमुखी राष्ट्रीय शक्ति उन्नत करने में बढ़ावा दिया गया।

रुस्लान इजीमोव ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के पूर्व नेता तंग श्याओफ़िंग द्वारा चीन में सुधार और खुलेपन की नीति पेश करने से अब तक के 40 वर्षों में चीन ने न केवल अपनी स्थिति में बदलाव किया, बल्कि विश्व को भी बदला। वर्ष 1978 में शुरु हुई सुधार और खुलेपन की नीति से अब तक चीन के अर्थतंत्र का तेज़ विकास हो रहा है, जिससे पड़ोसी देशों के आर्थिक विकास को भी लाभ मिला, जिनमें कज़ाख़स्तान जैसे मध्य एशियाई के देश शामिल हैं।

रुस्लान इजीमोव का विचार है कि चीन के सुधार और खुलेपन से विश्व आर्थिक विकास भी आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में चीन के विकास और प्रभाव की चर्चा करते हुए मैं यह कहना चाहता हूं कि चीन के तेज़ विकास से विश्व के अर्थतंत्र को बड़ी शक्ति संचार हो रही है। हाल के वर्षों में चीन विश्व का दूसरा बड़ा आर्थिक समुदाय बन गया है। वर्तमान में चीन दुनिया भर में एक प्रमुख निवेशक है। अनेक देश चीन के निवेश का उपयोग कर रहे हैं।

  यूरेशियाई क्षेत्र में कज़ाखस्तान चीन का प्रमुख निवेश गंतव्य है। वर्तमान में चीन के अनेक वित्तीय उपक्रमों ने कजाखस्तान में पूंजी निवेश शुरू किया है, चीन का सीआईटीआईसी बैंक इसमें से एक है। सीआईटीआईसी बैंक की अध्यक्षा ली छिंग फिंग ने कहा कि कई वर्षों तक सीआईटीआईसी बैंक ने कजाखस्तान में ऊर्जा, बुनियादी संस्थापनों के निर्माण और कृषि समेत कई क्षेत्रों में निवेश किया। कजाखस्तान के साथ सहयोग आगे बढ़ाने के दौरान वास्तविक कार्यवाही से चीन का "एक पट्टी एक मार्ग" प्रस्ताव कजाखस्तान के नूरली झोल कार्यक्रम को जोड़ता है।

ली छिंग फिंग ने कहा कि कई वर्षों तक सीआईटीआईसी समूह को हमेशा से कजाखस्तान की सरकार, उद्यम और जनता का समर्थन मिला। चीन के "एक पट्टी एक मार्ग" प्रस्ताव से संबंधित क्षेत्रों में हमने सबसे पहले कज़ाखस्तान के साथ सहयोग किया। देश की रणनीति या कज़ाखस्तान की राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता और सीआईटीआईसी समूह के व्यवसाय के ढांचे से देखा जाए, तो ये हमारे समूह द्वारा कजाखस्तान का चुनाव करने का कारण है।

इस वर्ष के अप्रैल में सीआईटीआईसी समूह की सबसे बड़ी शाखा कंपनी के रूप में सीआईटीआईसी बैंक ने चीन के अन्य वित्तीय उद्यमों के साथ कज़ाखस्तान के हलिक बैंक की शाखा एलटीन बैंक के 60 प्रतिशत के शेयरों का अधिग्रहण किया। कज़ाखस्तान के हलिक बैंक के महानिदेशक उमुत शाहमतोवा ने हाल ही में आयोजित एलटीन बैंक के नए शेयरधारकों की पहली बैठक में कहा कि सीआईटीआईसी बैंक द्वारा एलटीन बैंक के शेयरों का अधिग्रहण करने से कज़ाखस्तान और चीन के बीच सहयोग की परियोजना के कार्यान्वयन के लिए वास्तविक योगदान किया जाएगा।

शाहमतोवा ने कहा कि एलटीन बैंक और सीआईटीआईसी बैंक "एक पट्टी एक मार्ग" प्रस्ताव के ढांचे में सहयोग का पैमाना बढ़ाएंगे, ग्राहक सेवा स्तर भी उन्नत करेंगे। इसके अलावा हमें दोनों देशों की मुद्राओं के बीच निपटान व्यवसाय की भी प्रतीक्षा है। एलटीन बैंक के विकास की रणनीति के अनुसार हमने डिजिटल विकास की एक योजना बनाई है। सीआईटीआईसी बैंक की तरह मज़बूत साझेदार होने की वजह से एलटीन बैंक के विकास का व्यापक भविष्य है, जिससे दोनों देशों के बीच विभिन्न प्रकार के प्रस्तावों पर अमल करने, सरकारों के बीच सहयोग की परियोजनाएं लागू होने से अपना योगदान किया जाएगा।

ली छिंग फिंग ने कहा कि वर्ष 1979 स्थापित हुई सीआईटीआईसी बैंक मज़बूत होने के दौरान चीन की सुधार और खुलेपन की नीति के घनिष्ठ संबंध हैं। वर्तमान में विश्व एक हज़ार बड़े बैंकों की रैंकिंग में सीआईटीआईसी बैंक शीर्ष 30 में है। अपने विकास के दौरान सीआईटीआईसी बैंक को हमेशा से देश के सुधार और खुलेपन की नीति से लाभ मिला है। कहा जा सकता है कि अगर चीन की सुधार और खुलेपन की नीति नहीं होती, तो सीआईटीआईसी बैंक का आज का विकास भी नहीं होता।

ली छिंग फिंग ने कहा कि चीन के सुधार और खुलेपन की नीति की एक सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है हमने अपने दिल खोले और दुनिया को गले लगाया। चीन का द्वार हमेशा से खुला रहेगा और कभी नहीं बंद होगा। देश के खुलेपन के दौरान सीआईटीआईसी समूह हमेशा आगे रहा है। इसलिए कहा जा सकता है कि सीआईटीआईसी समूह और सीआईटीआईसी बैंक का विकास देश के सुधार और खुलेपन की नीति लागू होने के दौरान उत्पन्न लाभांश है। देश के सुधार और खुलेपन की नीति नहीं है, तो सीआईटीआईसी बैंक के आज का तेज़ विकास भी नहीं है।

(वनिता)

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories