20180618

2018-06-19 09:32:06
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चीन की कृषि के खुलेपन की नई स्थिति अत्यधिक अनुमानित है

 

विदेश के लिए चीन के खुलेपन के प्रमुख ढांचे में नए योग में ग्रामीण पुनरुद्धार करने के दौरान चीन ने कृषि के खुलेपन की नई स्थिति की तैनाती भी की। आगे खुलेपन की नीति लागू करने से चीन की कृषि के स्तर को उन्नत करने और किसान की आय बढ़ाने के अनुकूल है। चीन के खाद्य खपत की संरचना उन्नत की जा रही है, इसलिए विश्व चीन के कृषि बाज़ार को लेकर आशावादी है।

हाल ही में इज़राइल के तेल अवीव में 20वीं अंतर्राष्ट्रीय कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी आयोजित हुई। इज़राइल की मशहूर कंपनी सोली बीज और कृषि परियोजनाएं कंपनी के अध्यक्ष इस्साक लेब्रेइज का विचार है कि चीनी लोगों के जीवन का स्तर उन्नत किया जा रहा है, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता पर आवश्यकताएं पहले से अधिक हैं। चीन सरकार कृषि पर बड़ा ध्यान दे रही है। इसलिए अब चीन के साथ सहयोग आगे बढ़ाने का बड़ा और अच्छा अवसर है।

उन्होंने कहा कि चीन का कृषि बाज़ार बहुत बड़ा है। अब छोटे खेतों से बड़े खेत की ओर विकसित हो रहा है और उत्पादों की गुणवत्ता और अच्छी होगी। हमारे लिए यह एक अच्छा मौका है। हम अनुभव और तकनीक बदलते हुए उसे चीन की इस स्थिति का पालन करेंगे। इसलिए यह हमारा व्यवसाय करने का एक विशेष अवसर है।

चीन दुनिया में कृषि उत्पादों का सबसे बड़ा आयातक देश और कृषि उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक देश है, सोयाबीन, ताड़ के तेल, और कपास जैसे कृषि उत्पादों का सबसे बड़ा खरीदार भी है। पिछले वर्ष चीन के कृषि उत्पादों की आयात और निर्यात मात्रा लगभग 2 खरब 1 अरब 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर रही, जो वर्ष 2016 से 12.8 प्रतिशत अधिक रही। आंकड़ों के अनुसार चीन के कृषि उत्पादों की आयात राशि में से 70 प्रतिशत भाग अमेरिका, ब्राज़ील, आशियान, यूरोपीय संघ और ऑस्ट्रेलिया से आता है। "एक पट्टी एक मार्ग" से संबंधित देशों के कृषि उत्पादों का आयात भी तेज़ी से बढ़ रहा है।

विभिन्न देशों को चीन के बड़े कृषि बाज़ार से लाभ मिला है। पिछले वर्ष चीन को अमेरिका सोयाबीन की निर्यात मात्रा 14 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंची। अमेरिका में सोयाबीन के सबसे बड़े उत्पादन जगत इलिनोइस स्टेट से हर वर्ष एक चौथाई भाग का सोयाबीन चीन को बेचा जाता है। इसके साथ चीन अमेरिका के सुअर के मीट का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार भी है।

ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन की शहद कंपनी के प्रबंधक रोजर मास्टर्स ने कहा कि वह इस वर्ष के नवंबर में आयोजित होने वाले चीनी अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले में भाग लेना चाहते हैं, ताकि इस विश्व मंच से चीनी उपभोक्ताओं से अपनी कंपनी की उच्च गुणवत्ता वाले शहद बेचे जा सकें।

उन्होंने कहा कि चीन में प्रवेश का रास्ता आसान नहीं है। लेकिन यह एक बाज़ार है और जिसमें कई उपभोक्ता हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं को श्रेष्ठ विदेशी उत्पाद बहुत पसंद है। मैंने यह पहली बार देखा है कि चीन दुनिया के सामने अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले का आयोजन कर रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय खाद्य उद्योग के कई बड़े और सुप्रसिद्ध उद्यम भाग लेंगे। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऐसा पहली बार हो रहा है।

चीन के विशेषज्ञों और उद्योग के लोगों का विचार है कि भविष्य में चीन की खाद्य खपत संरचना उन्नयन की प्रक्रिया में है, भोजन की खपत के विकास की बड़ी संभावना है। कृषि क्षेत्र में खुलेपन को आगे बढ़ाना चीन के अपने विकास की आवश्यकता है।

इस वर्ष की शुरूआत में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के नंबर एक प्रस्ताव में यह पेश किया गया है कि कृषि के खुलेपन की नई स्थिति का निर्माण किया जाएगा। चीनी कृषि विज्ञान अकादमी के कृषि अर्थशास्त्र और विकास के अनुसंधान संस्थान के सदस्य च्योंग यू के विचार में चीन के कृषि क्षेत्र में खुलेपन की स्थिति और बड़ी है और सहयोग का स्तर भी और गहरा है।

उन्होंने कहा कि विश्व कृषि विकास के अनुभव और स्थिति के अनुसार विकास की स्थिति जितनी ऊंची होगी, तो तकनीकी प्रगति की भूमिका उतनी मज़बूत होगी। इस समय हमारी कृषि तकनीक विकासशील देशों में आगे है और कुछ क्षेत्रों और अनुसंधान दिशा में हमारी स्थिति विकसित देशों के बराबर है। कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हमें कई महत्वपूर्ण मूल उपलब्धियां मिली हैं। कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी बाहर जाने की नीति में कुछ विकासशील देशों की प्रौद्योगिकी के स्तर में काफी सुधार हुआ है, विशेषकर उनकी कृषि उत्पाद सुरक्षा संरक्षण का स्तर उन्नत किया गया।

अब चीन ने 10 से अधिक अफ्रीकी देशों के साथ कृषि प्रौद्योगिकी विस्तार प्रदर्शन केंद्र का निर्माण किया। चीन के उष्ण कटिबंधीय कृषि विज्ञान अकादमी ने कोटे डी आइवर, नाईजीरिया, कांगो (बुलाछावील) समेत अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग के 10 से अधिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में बढ़ावा दिया जा सके।

चीनी कृषि मंत्री हान छांग फू ने इस वर्ष चीन की एनपीसी और सीपीपीसीसी के वार्षिक सम्मेलन में देशी-विदेशी मीडिया के सामने चीन और अफ्रीका के बीच सहयोग करने का ईमानदार इरादा व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अगले चरण में हम निरंतर ऐसा करेंगे। हम ईमानदारी से अफ्रीकी देशों के साथ कृषि सहयोग करेंगे और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में उन्हें मदद दे रहे हैं। इसमें कोई अतिरिक्त शर्तें नहीं हैं।

हाल ही में इज़रायल में आयोजित हुई 20वीं अंतर्राष्ट्रीय कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में चीन के हाईनान प्रांत के काली मिर्च एसोसिएशन के अध्यक्ष छेन ख बो ने कहा कि हाईनान प्रांत के काली मिर्च रोपण का क्षेत्रफल चीन के 95 प्रतिशत से अधिक भाग है। हर वर्ष हाईनान की 5 हजार टन मिर्च के उत्पादों को अमेरिका और यूरोपीय संघ को निर्यात किया जाता है।

उन्होंने कहा कि इज़रायली मिर्च की खपत बहुत अधिक है। इस प्रदर्शनी में इज़राइल की कुछ कंपनियों ने हमारे उत्पादों को देखा है। हमारे उत्पादों पर उनकी बड़ी रुचि है और उन्होंने हमारे साथ अच्छी तरह सहयोग करने की आशा व्यक्त की है।

विद्वानों की नज़र में और अच्छी तरह विश्व कृषि उत्पाद बाज़ार में शामिल होना चीन के कृषि खुलेपन का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने कहा कि चीन की कृषि के खुलेपन की नई स्थिति अत्यधिक अनुमानित है।

(वनिता)

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