20180604

2018-06-04 08:59:38
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चीन और पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र के बीच सहयोग का व्यापक भविष्य है

वर्ष 2005 चीन औपचारिक रूप से पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र का विकास साझेदार बना था। इसके बाद चीन ने इस संगठन के साथ बेहतर संबंध बनाए रखा है। अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि चीन और पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र के बीच सहयोग का व्यापक भविष्य है, दोनों पक्षों के बीच सद्भाव संपर्क से चीन और पूरे आसियान के बीच सहयोग के अनुकूल हैं और चीन द्वारा प्रस्तुत एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव की संभावना का विस्तार किया जाएगा।

पूर्व आसियान का विकास क्षेत्र वर्ष 1994 स्थापित हुआ था, जो आसियान में तीन उप-क्षेत्रीय सहयोग संगठनों में से एक है, जिसके दायरे में मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस तीन देशों के कुछ क्षेत्र शामिल हैं। इस संगठन की स्थापना का लक्ष्य है आपसी आर्थिक संपूरकता, संसाधनों और बाज़ारों को साझा करने से अविकसित क्षेत्रों और भौगोलिक दृष्टि से निर्धन क्षेत्रों के विकास को आगे बढ़ाना।

वर्ष 2005 के दिसंबर में चीन औपचारिक रूप से पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र का विकास साझेदार बना था। आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग लगातार गहराता जा रहा है। चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के एशिया-प्रशांत और वैश्विक रणनीति अनुसंधान संस्थान के सदस्य श्यु ली फिंग की नज़र में चीन और पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र के बीच सहयोग चीन और आसियान के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।

उन्होंने कहा कि चीन और पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र के बीच उप-क्षेत्रीय सहयोग से चीन और आसियान के बीच सहयोग भी गहरा सकता है, जिससे चीन और आसियान के बीच सहयोग और अच्छी तरह गुणवत्ता को उन्नत करने और दक्षता बढ़ाने के नये चरण में प्रवेश हो सकता है। चीन और आसियान के बीच कई सहयोग में अधिकांश चीन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव हैं। लेकिन पूर्व आसियान का विकास क्षेत्र आसियान द्वारा प्रस्तुत किया गया है। चीन जिसका एक हिस्सेदार है। जिससे यह भी जाहिर होता है कि एक जिम्मेदार बड़े देश के रूप में चीन अपने पड़ोसी देशों के बीच आपसी राजनीतिक विश्वास को आगे बढ़ा रहा है।

चीन के आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय संबंध अनुसंधान संस्थान के सदस्य छेन फेंग यींग का विचार है कि पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र का बड़ा क्षेत्रफल और जनसंख्या भी बड़ी है, जिसके पर्यटन संसाधन प्रचुर हैं लेकिन विकास अपेक्षाकृत कमज़ोर है। चीन और इस उप-क्षेत्रीय संगठन के बीच सहयोग का व्यापक भविष्य और बड़ा महत्व है।

उन्होंने कहा कि इस संगठन के साथ सहयोग से चीन और आयिसान के बीच संबंध यहां तक कि चीन और एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव से संबंधित देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं का विस्तार किया जाएगा। क्योंकि इस संगठन ने चीन द्वारा प्रस्तुत एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव और समुद्री रेशम मार्ग में भाग लिया।

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष चीन और पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र के चार देशों के बीच व्यापार की राशि 2 खरब 11 अरब 60 करोड़ अमेरिकी डॉलर रही, जो चीन और आसियान के बीच व्यापार की कुल राशि का 41 प्रतिशत भाग है। पिछले वर्ष के अंत तक पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र के चार देशों में चीन की कुल निवेश राशि 16 अरब अमेरिकी डॉलर से भी अधिक रही। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2005 से 2016 तक चीन और पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र के चार देशों के बीच व्यापार की राशि 62 प्रतिशत अधिक रही।

चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के एशिया-प्रशांत और वैश्विक रणनीति अनुसंधान संस्थान के सदस्य श्यु ली फिंग ने कहा कि अगले चरण में चीन और पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र ई-कॉमर्स, कृषि, मझोले और छोटे उद्यम, समुद्र आदि ठोस क्षेत्रों में व्यवहारिक सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ विभिन्न पक्षों को 21 शताब्दी के समुद्री रेशम मार्ग के निर्माण से पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र की संबंधित सहयोग परियोजना जोड़नी चाहिए।

चीन के आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय संबंध अनुसंधान संस्थान के सदस्य छेन फेंग यींग ने कहा कि चीन और पूर्व आसियान के विकास क्षेत्र के बीच सहयोग चीन और आसियान के बीच सहयोग और एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण के बड़े ढांचे को आगे बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में दोनों पक्षों को संगठन और वित्त के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बुनियादी संस्थापना, संगठनात्मक और संस्थागत व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। आसियान के ढांचे में हमारे पास वित्तीय सहयोग का आधार है। इसलिए इस आधार पर वित्तीय बुनियादी संस्थापनों का निर्माण किया जाएगा।

(वनिता)

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