21 मई 2020

2020-05-20 19:04:47
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अनिलः कार्यक्रम शुरू करते हैं। कभी-कभी दुनिया में ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जिनके रहस्य को समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगने लगता है। 21 अक्तूबर , 1978 का वो दिन था। ऑस्ट्रेलिया के पायलट फ्रेडरिक वैलेंटिक सेसना-182 विमान से मेलबॉर्न से किंग आइलैंड (ऑस्ट्रलिया) के लिए उड़ान भरते हैं, लेकिन उनकी उड़ान हमेशा-हमेशा के लिए एक घटना बनकर रह जाती है, क्योंकि वो कभी अपने गंतव्य (किंग आइलैंड) पर पहुंचे ही नहीं। रास्ते में ही कहीं वो आसमान से ही विमान सहित गायब हो गए और कभी मिले ही नहीं।

नीलमः वैलेंटिक ने शाम 7:06 बजे मेलबॉर्न हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र को रिपोर्ट किया कि एक अज्ञात विमान 4,500 फीट (1,400 मीटर) की ऊंचाई पर उसका पीछा कर रहा है। हालांकि कंट्रोल टॉवर द्वारा उन्हें बताया गया कि उतनी ऊंचाई पर किसी भी विमान के उड़ने की जानकारी उनके पास नहीं है। इस दौरान कंट्रोल टॉवर के अधिकारियों ने उनसे उस अज्ञात विमान के बारे में पूछा तो वैलेंटिक ने बताया कि ऐसा विमान उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा है। उसके नीचे हरे रंग की चार लाइटें लगी हैं, जो चमक रही हैं।

वैलेंटिक के मुताबिक, वो रहस्यमय विमान आकार में लंबा, लेकिन बनावट में पतला था, किसी सिगार की तरह। वैलेंटिक का जब दोबारा ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर से संपर्क हुआ तो उन्होंने बताया कि वो अज्ञात विमान उनके ऊपर उड़ रहा है। इसके थोड़ी ही देर बाद वैलेंटिक का संपर्क कंट्रोल टॉवर से टूट जाता है और फिर कभी उनसे संपर्क नहीं हो पाया। किसी दुर्घटना की आशंका के चलते तुरंत हवाई बचाव दल को जांच-पड़ताल के लिए भेजा गया, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। न तो विमान को मलबा ही मिला और न ही पायलट।

अनिलः

शादी से पहले दिया जाता है बिजली का झटका

साउथ अमेरिका की एक जनजातीय परंपरा के अनुसार लड़कियाँ शादी के पहले पुरुषों से उनकी मर्दानगी का अनोखा सबूत मांगती हैं। इस सबूत को देना यहाँ की सबसे बड़ी परंपरा में शामिल है। इस परंपरा के अनुसार पुरषों को शराब का सेवन करना पड़ता है। थोड़ी देर बाद उन्हें 120 वोल्ट का बिजली का झटका दिया जाता है अगर लड़का इस झटके को झेल जाए तो उसे मर्द माना जाता है। इस गेम में फेल होने वाले लड़के को नामर्द समझा जाता है।

वहीं हर दो साल में चार दिनों तक फरवरी में मनाए जाने वाला ये फेस्टिवल मजे के साथ ही हेल्थ के लिए भी काफी अच्छा होता है। चिनचिला को ‘मेलन कैपिटल ऑफ ऑस्ट्रेलिया’ के नाम से भी जाना जाता है। यहां में तरबूज की काफी खेती होती है। इसलिए इस फेस्टिवल में तरबूज का इस्तेमाल किया जाता है। इन तरबूजों से कई सारे खेल खेले जाते हैं। स्कीइंग, मेलन टॉसिंग, स्पिटिंग, मेलन बंजी, मेलन बुल्स आई खेलों का लुत्फ उठाने दूसरे देशों तक से लोग यहां आते हैं। इसके अलावा फेस्टिवल के दौरान स्ट्रीट परेड, फ्री कॉन्सर्ट, आर्ट एंड क्रॉफ्ट और लेजर शो भी खास आकर्षण होते हैं।

दुर्गेश जी ने भेजी है। इमली की चटनी : रेसिपी और फायदे ।

सामग्री : इमली - 1 कटोरी, पानी- आवश्यकतानुसार, हींग - 1 चुटकी, जीरा - आधा चम्मच, काला नमक - स्वादनुसार, नमक - स्वादनुसार, लाल मिर्च - दो चुटकी या स्वादनुसार ।

विधि : इमली को कुछ समय तक गुनगुने पानी में गलाकर रखें। अब इसके बीज निकाल लें और गुड़ एवं सभी मसाले डालकर इसे मिक्सर में पीस लें। अब इस मिश्रण को उबाल लें और बने हुए पेस्ट को जीरे का छौंक लगाएं। इमली की चटनी तैयार है। आप चाहें तो इसे पतला कर पना भी बना सकते हैं।

फायदे : गर्मी के दिनों में इमली की चटनी या पना तासीर को ठंडा करता है और गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाता है। इसके अलावा यह पाचन के लिए फायदेमंद है और ऊल्टी, जी मचलाना या दस्त जैसी समस्याओं में भी लाभप्रद है।


धन्यवाद...


नीलमः अब अगली जानकारी। यह है हेल्थ संबंधी। शरीर के सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए गहरी नींद बहुत जरूरी है। एक स्वस्थ इंसान को हमेशा 7 से 8 घंटा सोना चाहिए। अगर हम अच्छे से न सोएं तो अगला दिन खराब हो जाता है। रात में अगर अच्छे से नींद नहीं आए तो अगले दिन शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है और किसी भी काम में मन नहीं लगता है।

अगर आपको रात में नींद आने में परेशानी होती है तो चाय या कॉफी का सेवन कम करें। रात में तो चाय या कॉफी एकदम नहीं पीएं। चाय, कॉफी के जगह पर आप दूध पी सकते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक दूध में जायफल मिला लिया जाए तो अच्छी नींद आती है। दूध में केसर मिलाकर पीने से भी नींद की समस्या दूर होती है।

रात को सोते समय अगर पैरों की हल्की मालिश कर दी जाए तो अच्छी नींद आती है। हड्डियों और मांसपेशियों के लिए सरसो के तेल का मालिश बहुत फायदे की चीज है। आयुर्वेद में भी अनिद्रा की समस्या को दूर करने के लिए कई तरह के मालिशों के बारे में बताया गया है।

अनिलः अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का।

आज के कार्यक्रम में सुरेश जी द्वारा भेजी गयी दो रिकार्डिंग पेश की जाएंगी।



.....................सबसे पहले रिकार्डिंग ..........


अब शामिल करते हैं पहला लैटर, जिसे भेजा है, खंडवा मध्य प्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे ने। लिखते हैं आपको हमारा सादर प्रणाम और शुभ संध्या ।

हमें 14 मई दिन गुरुवार का टी टाइम कार्यक्रम बेहद लाजवाब लगा ।

जिसमें सबसे पहले दुनिया की पहली नर्स और घायलों की जान बचाने वाली 'देवदूत' के रूप में जानी जाने वाली इटली के फ्लोरेंस में जन्मी नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल जी के बारे में दी गई विस्तृत जानकारी हमें बहुत ही लाभदायक और प्रेरणादायक लगी ।

नीलमः अगला पत्र भेजा है, बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं, मैं नियमित रूप से आपका कार्यक्रम सुनता हूं। पिछले कार्यक्रम में नर्स दिवस के बारे में बेहतरीन जानकारी प्रदान की गयी। यह जाना कि दुनिया की पहली नर्स के मन में लोगों की सेवा करने की कितनी भावना प्रबल थी। इसके साथ ही प्रोग्राम में जर्मनी के बारे में भी बहुत कुछ जानने को मिला। वहीं श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं व जोक्स भी बहुत अच्छे लगे। धन्यवाद।



अनिलः अगला पत्र हमें भेजा है, दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने।


लिखते हैं "खेल जगत" में अनिल भैया ने सबसे पहले दुनिया भर के खेलों की सुर्खियों में बताया कि अमेरिका में खाली स्टेडियम में शुरू हुई अल्टीमेटम फाइटिंग चैंपियनशिप, जाने-माने भारतीय पूर्व हॉकी खिलाड़ी बलवीर सिंह की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव और ऑनलाइन कोचिंग कोच चलायेगा हॉकी इंडिया।

वहीं हॉकी इंडिया ने ऑनलाइन कोचिंग कोच अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर शुरु कर दी है, जिससेे युवा खिलाड़ियों के कौशल में सुधार आयेगा।

धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

नीलमः अगला पत्र भेजा है, केसिंगा, उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कार्यक्रम"खेल जगत" हर बार की तरह आज भी लाज़वाब रहा। अनिल पाण्डेय द्वारा अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण आठ सप्ताह बाद खाली स्टेडियम में शुरू की गयी यूएफ़सी प्रतियोगिता तथा मोहाली के एक अस्पताल में 96 वर्षीय हॉकी लीजैंड बलबीर सिंह के स्वास्थ्य की स्थिति एवं उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव निकलने सम्बन्धी जो जानकारी प्रदान की गयी, वह काफी महत्वपूर्ण लगी। इसके अलावा भारत में एफआईएच द्वारा कोचों के लिये 11 से 15 मई तक शुरू किये गये ऑनलाइन सत्र सम्बन्धी जानकारी भी काफी सूचनाप्रद लगी। धन्यवाद संक्षिप्त, पर एक अहम प्रस्तुति के लिये।

अनिलः सुरेश जी आगे लिखते हैं, "टी टाइम" का आगाज़ लैम्प वाली नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रेरक कहानी से किया जाना काफी अच्छा लगा। मानवसेवा के लिये अपने पूरे जीवन को दांव पर लगाने वाली नाइटिंगेल के प्रति शत-शत नमन।

वहीं दूसरे विश्वयुद्ध में कंगाल हो चुके जर्मनी के आज के हालात पर दी गयी तमाम जानकारी चित्ताकर्षक लगी। यह तथ्य हैरान करने वाला लगा कि जर्मनी में आप हाइवे पर जितनी मर्जी रफ्तार से चाहें गाड़ी चला सकते हैं, इसके लिए आपको कोई सजा भी नहीं होगी, परन्तु यहां बीच रास्ते में अगर आपकी गाड़ी का ईंधन खत्म हो जाता है तो इसे अपराध माना जाता है और इसके लिए आप पर ज़ुर्माना या अर्थ-दण्ड लगाया जा सकता है। खाने-खजाने सम्बन्धी जानकारी में भाई दुर्गेश नागनपुरे द्वारा भेजी गई पुदीना चटनी रेसिपी भी ज़ायकेदार लगी। इसके अलावा पंतनगर, उत्तराखंड से भाई वीरेन्द्र मेहता द्वारा 'आरोग्य सेतु' एप्प पर अपनी आवाज़ में दी गयी जानकारी भी सूचनाप्रद लगी।


नीलमः अब पेश है, आरा बिहार से हमारे पुराने श्रोता, राम कुमार नीरज का पत्र। लिखते हैं,

आदरणीय प्रसारक महोदय,

आपकी साईट पर प्रकाशित खबर '31 मई तक पूरे भारत में बढ़ा लॉकडाउन 4.0' पढ़ा बेहद अच्छा लगा.ख़ुशी हुई कि आपसब इतना दूर रहते हुए भी भारत की हर छोटी बड़ी घटनाक्रम को इतनी बारीकी से सोचते हैं.

वास्तव में कोरोना से निपटने के लिए हमारे देश में बहुत कुछ हो रहा है। बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जा रहे हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद कोशिश की जा रही है कि रोकथाम और इलाज की व्यवस्थाएं दम न तोड़ दें। लेकिन यह सवाल उठे बिना नहीं रहता कि क्या हम इससे बेहतर कर सकते थे? क्या कुछ तैयारियां ऐसी थीं, जो शायद हम कर सकते थे, लेकिन हमने नहीं कीं? मसलन कोई यह तो पूछ ही सकता है कि अगर चीन दो हफ्ते में एक विशाल अस्पताल खड़ा कर सकता था, तो क्या हम दो महीनों में ऐसा नहीं कर सकते थे?

पत्र लंबा है...समय की कमी के कारण इसे अगली बार शामिल किया जा सकता है।


अनिलः अब बारी है जोक्स यानी हंसगुल्लों की।

लड़का: तुम लडकियां इतनी खूबसूरत क्यों हो?

लड़की: क्योंकि, भगवान ने हमें अपने हाथों से बनाया है.

लड़का: ले, बोल तो ऐसे रही है, जैसे हमें तो मजदूरों को ठेके पे दिया था ।



दूसरा जोक

एक गंजा आदमी रेडियो सुन रहा था, अचानक उसका हाथ सर पर गया और एक जू पकड में आ गई. लेकिन रेडियो पर गाना चल रहा था “तेरे जुल्फों से अलग जुदाई तो नहीं मांगी थी?”

गंजे आदमी ने अचानक भावुक हो पकड़ी जू को छोड़ दिया और बोला जा एश कर तू भी क्या याद करेगी?

तीसरा जोक

एक शराबी ‘ विवाह ‘ फिल्म देख कर घर आया. और अपने पत्नी से बोला –“तुझे पीकर मै देखूं मुझे हक है, तू भी पीती है दारू मुझे शक है.”

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