07 मई 2020

2020-05-07 10:24:11
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अनिलः प्रोग्राम शुरू करते हैं। आज के कार्यक्रम में तीन श्रोताओं के साथ सुरेश अग्रवाल जी द्वारा की गयी बातचीत के मुख्य अंश सुनाए जाएंगे।


दुनिया के लगभग सभी देशों की कुछ न कुछ रोचक बातें जरूर होती हैं। ब्रुनेई भी ऐसा ही एक देश है, जहां की रोचक बातें आपको हैरान कर देंगी। इंडोनेशिया के पास स्थित इस देश में आज भी राजतंत्र चलता है, यानी यहां का राजा का शासन चलता है। ब्रुनेई एक मुस्लिम बहुल देश है, जहां आज भी महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं दिया गया है। बाकी कई देशों की तरह यह देश भी अंग्रेजों का गुलाम रह चुका है, जिसे एक जनवरी 1984 को स्वतंत्रता मिली थी।

यहां घर की दीवारों पर पत्नी की तस्वीर लगाना एक रिवाज है। किसी-किसी घर में तो एक से ज्यादा पत्नियों की भी तस्वीरें देखने को मिल जाती हैं। इसके अलावा दीवार पर यहां के सुल्तान की तस्वीर भी दिख जाती है।

नीलमः यहां सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीना प्रतिबंधित है। सिर्फ यही नहीं, यहां के लोग सड़क पर चलते-चलते भी कुछ खाना-पीना गलत मानते हैं। सबसे खास बात कि यहां के लोग फास्ट फूड खाना ज्यादा पसंद नहीं करते हैं। यही वजह है कि यहां मैकडॉनल्ड्स जैसे रेस्टोरेंट भी इक्का-दुक्का ही देखने को मिलते हैं।

कहा जाता है कि इस देश में जितने घर हैं, उससे ज्यादा तो यहां लोगों के पास कारें हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां प्रति एक हजार लोगों के बीच करीब 700 कारें हैं। दरअसल, यहां कारें अधिक होने का कारण ये है कि यहां तेल की कीमतें बहुत कम हैं और साथ ही साथ लोगों को परिवहन कर भी लगभग न के बराबर ही देना पड़ता है


अनिलः अब अगली जानकारी चटनी के बारे में, जो दुर्गेश नागनपुरे ने भेजी है।

लॉकडाउन में सेहतमंद बने रहने के लिए बनाइए चटपटी मजेदार चटनी और उनके फायदे जानिए -

रेसिपी :-

▪ कच्चे आम की खट्टी-मीठी चटनी ▪


सामग्री :

3 कैरी, प्याज 1, 50 ग्राम पुदीना, आधा छोटा चम्मच जीरा, गुड़ 1 डली या अपने स्वाद के अनुसार, लाल मिर्च आधा छोटा चम्मच, नमक स्वादानुसार।


विधि :

कैरी और प्याज को मध्यम आकार या छोटे टुकड़ों में काट लें। अब इन्हें मिक्सर के जार में डालें और सभी मसाले ऊपर से डालकर पीस अपने स्वाद के अनुसार नमक, मिर्च या गुड़ की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। कैरी की चटनी तैयार है।

फायदे :


कच्चे आम यानी कैरी की चटनी का नियमित सेवन खाने का स्वाद तो बढ़ाएगा ही, विटामिन-सी, ए और बी की भी पूर्ति करेगी। इसके सेवन से गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। पेट और पाचन संबंधी समस्याओं में यह फायदेमंद है। इसके अलावा यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और नई कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है।


वहीं शंकर प्रसाद ने लॉकडाउन के बारे में कविता भेजी है। ### *कोरोना का कहर* ###


कभी सोचा नहीं था,

वायरस ऐसे आयेंगे।

कोरोना उसका नाम होगा,

जो जग में कहर बरसायेंगे।

पूरी दुनिया में घूमकर,

वे महामारी फैलायेंगे।

लाखों लोग बीमार पड़ेंगे,

और हजारों मर जायेंगे।

कभी सोचा नहीं था,

ऐसे भी दिन आयेंगे।

छुट्टियां काफी होंगी किन्तु,

कोई भी मना नहीं पायेंगे।

आइसक्रीम का मौसम होगा,

पर कोई खा नहीं पायेंगे ।

रास्ते तो सब खुले रहेंगे,

लोग कहीं नहीं जायेंगे।

जो दूर रह गए हैं उन्हें,

कोई बुला नहीं पायेंगे।

और जो पास हैं उनसे,

हाथ मिला नहीं पायेंगे।

साफ़ हो जाएगी हवा पर,

चैन की सांस न ले पाएंगे।

नहीं दिखेगी कोई मुस्कराहट,

चेहरे मास्क से ढक जाएंगें।


धन्यवाद।

अब पेश करते हैं मॉनिटर सुरेश अग्रवाल द्वारा भेजे गये ऑडियो इंटरव्यू। जिसमें उन्होंने राम कुमार नीरज, रतन कुमार पॉल और सिद्धार्थ भट्टाचार्य के साथ बात की है।

....ऑडियो बातचीत...


अब श्रोताओं के पत्रों की बारी।

नीलमः सबसे पहला पत्र हमें भेजा है, खंडवा मध्य प्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे ने। लिखते हैं


नमस्कार, आदाब और वेरी गुड इवनिंग। लिखते हैं कि टी-टाइम प्रोग्राम बहुत अच्छा लगा। हमें टी-टाइम कार्यक्रम की शुरुआत में पहली जानकारी के अंतर्गत दुनिया के सबसे बड़े जंगलों से में से एक अमेजन के वर्षावन और कांगो के वर्षावन के बारे में दी गई जानकारी बहुत अच्छी लगी। साथ ही क्षुद्र ग्रह उल्कापिंड, धूमकेतू के बारे में पता लगा।

वही कुत्ते पालने के शौकीन शख्स जूनागढ़ के नवाब महाबत खान के बारे मे दी गई विस्तृत जानकारी भी बहुत पसंद आई ।

साथ ही भारत में लॉकडाउन को लेकर पंतनगर उत्तराखंड के श्रोता भाई वीरेंद्र मेहता जी , जमशेदपुर झारखंड के श्रोता भाई एस. बी. शर्मा जी और अमेठी उत्तर प्रदेश के श्रोता भाई अनिल द्विवेदी जी से मॉनीटर सुरेश अग्रवाल जी की बातचीत बहुत ही मनभावन और अच्छी लगी। साथ ही आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनायें ।


अनिलः दुर्गेश जी ने शायरी भेजी है। दोस्ती पर।

आग तो तूफान में भी जल जाती है, फूल तो कांटो में भी खिल जाते हैं, मस्त बहुत होती है वो शाम, दोस्त आप जैसे जहां मिल जाते हैं। धन्यवाद जी ।


नीलमः अब बारी है पंतनगर, उत्तराखंड से वीरेंद्र मेहता के पत्र की। लिखते हैं

हर बार की तरह टी टाइम प्रोग्राम का नया अंक सुना , जिसमें आज दुनिया के सबसे बड़े जंगल अमेजन और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े जंगल जो कि कांगो का वर्षावन है, के बारे में जाना, जानकारी ज्ञानवर्धक लगी । वहीं बताया गया कि भविष्य में कोई छोटा ग्रह या उल्कापिंड पृथ्वी से टकरा जाए तो क्या होगा ? और क्या ऐसी आफत को आने से रोका जा सकता है ? जहां तक मैं सोचता हूं यह छोटा ग्रह या उल्कापिंड के आकार पर निर्भर करता है । अगर यह किलोमीटर के आकार के साइज तक का हो तो इसे रॉकेटो के माध्यम से स्पेस में ही कुछ हिस्सा नष्ट तो किया ही जा सकता है या फिर इसकी दिशा भी बदली जा सकती है , पृथ्वी के वायुमंडल में आने से पहले ही सकता है । भविष्य में इसके और भी अच्छे उपाय सोचें जाएं और हम सभी जानते हैं कि पिछले कुछ दिनों पहले 29 अप्रैल को (1998 OR2) नामक लघु ग्रह धरती के पास से गुजरा जो कि पृथ्वी से लगभग 63 लाख किलोमीटर की दूरी पर था और इस पर दुनिया के कई स्पेस एजेंसियां नजर बनाए हुए थी । वही गुजरात में जूनागढ़ के नवाब महाबत खान के अजीबो-गरीब शौक के बारे में जाना । श्रोता बंधुओं से सुरेश अग्रवाल जी की वार्ता के अंश ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से सुनी। जो कि हम सभी को बहुत अच्छी लगी । सुंदर प्रोग्राम की प्रस्तुति के लिए धन्यवाद !!


अऩिलः अब बारी है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू के पत्र की। लिखते हैं, नमस्कार।

लिखते हैं, पिछला "टी टाईम" ध्यान से सुना, जिसमें बताया गया कि दुनिया का सबसे बड़ा जंगल अमेजन का वर्षावन है, जो अरबों एकड़ में फैला हुआ है। वहीं मध्य अफ्रीका में स्थित कांगो का वर्षावन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जंगल कहलाता है।

वहीं भारत के जूनागढ़ में कुत्ते पालने के शौकीन नवाब महाबत खान ने लगभग 800 कुत्ते पाल रखे थे। रोशना नाम के महिला कुत्तिया की शादी बहुत धूमधाम से बॉबी नामक कुत्ते से कराई, जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किया गया था। कमाल की बात है कि हमारे भारत देश में ऐसे ऐसे नवाब भी थे।

कार्यक्रम के अगले भाग में भाई सुरेश अग्रवाल जी द्वारा भेजी गयी ऑडियो रिकार्डिंग सुनाया गयी, जिसमें वीरेंद्र मेहता,एस.बी.शर्मा एवं अनिल द्विवेदी जी के साथ भारत में लॉकडाउन पर आधारित व्यक्तिगत अनुभव एवं सुन्दर विचार सुनने को मिले।

हिन्दी गीत का प्रसारण नहीं किया गया, जिसकी कमी दुर्गेश नागनपुरे जी द्वारा भेजी गयी शायरी ने पूरी कर दी। धन्यवाद।


नीलमः अब पेश है केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल का पत्र। लिखते हैं, "खेल जगत" के तहत अनिल पाण्डेय द्वारा हर बार की तरह आज भी कम समय में तमाम महत्वपूर्ण खेल गतिविधियों को समेट कर हमारे सामने रखा गया। हमने जाना कि भारत में लॉकडाउन के चलते इस बार राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा प्रक्रिया में विलम्ब होगा। वहीं 89 वर्षीय भारतीय मूल के एथलीट अमरीक सिंह के कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण 22 अप्रैल को बर्मिंघम में हुये निधन के समाचार से दुःख हुआ। बेलारूस में हज़ारों की तादाद में कोविड-19 से संक्रमित लोग होने के बावज़ूद वहाँ लॉकडाउन लागू न किये जाने एवं अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल लीग मैचों का आयोजन किये जाने का समाचार किसी अनावश्यक हठधर्मिता जैसा लगा। धन्यवाद।


अनिलः वहीं सुरेश जी आगे लिखते हैं कि पिछले "टी टाइम" का आगाज़ विश्व के सबसे बड़े और विशाल जंगल अमेजन के वर्षावन से कर आपने हमारे सामान्य-ज्ञान को समृध्द बना दिया। ज्ञात हुआ कि अरबों एकड़ में फ़ैले यह वर्षावन नौ देशों की सीमाओं का स्पर्श करता है और यहां हज़ारों क़िस्म के दुर्लभ पेड़-पौधे, महत्वपूर्ण वनस्पतियां और जीव-जन्तुओं की प्रजातियां वास करती हैं। कितने भाग्यशाली हैं वह देश जिनके पास क़ुदरत का इतना बड़ा ख़ज़ाना मौज़ूद है।

वहीं इस ब्रह्माण्ड में बेक़ाबू होकर तैर रहे ऐसे अनगिनत उल्कापिंड, धूमकेतु और क्षुद्र ग्रह, जिनके टकराने से हमारी पृथ्वी पर भारी तबाही हो सकती है, के बारे में सुन कर मन में सिहरन सी दौड़ गयी। यह जान कर तो मन में अनिष्ट की आशंका और भी तीव्र हो उठी कि सन 1908 में धरती पर एक ऐसा ही वाकया पेश आ चुका है, जब साइबेरिया के टुंगुस्का में एक क्षुद्र ग्रह धरती से टकराने से पहले जलकर नष्ट हो गया था और जिसकी वजह से बने कोई सौ मीटर व्यास वाले आग के गोले की चपेट में आकर आठ करोड़ पेड़ नष्ट हो गये थे। प्रश्न उठता है कि क्षुद्र ग्रह यदि जल कर नष्ट न होता और सीधे पृथ्वी से टकराता तो क्या होता ?

नीलमः वहीं अंक का एक मुख्य आकर्षण लॉकडाउन के मुद्दे पर देश के विभिन्न भागों से सीआरआई के नामचीन श्रोताओं के अनुभव साझा किया जाना था। श्रोता-मित्रों के विचार सुन कर यह आभास हुआ कि आज भी रेडियो की कितनी प्रासंगिकता बनी हुई है।

सुरेश जी बहुत-बहुत धन्यवाद।

अनिलः जोक्स...

अब बारी है जोक्स यानी हंसगुल्लों की।

पहला जोक

टीचर बच्चों से :- कोई ऐसा वाक्य सुनाओ जिसमे

हिंदी, उर्दू, पंजाबी और अंग्रेजी का प्रयोग हो

संजू :- इश्क़ दी गली विच No Entry!

टीचर बेहोश।

दूसरा जोक

अध्यापक :- अगर तुम्हारा best friend और Girlfriend दोनों डूब रहे हो तो तुम किसे बचाओगे?

स्टूडेंट :- डूब जाने दो सालों को… आखिर वो दोनों एक साथ कर क्या रहे थे?

तीसरा जोक

टीचर संजू से : तुम्हारे पापा क्या करते हैं ?

संजू :- जी, वो रोज़ गालियां खाते हैं।

टीचर :- क्या मतलब ?

संजू :- सर, वो customer care executive हैं.

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