सूचना:चाइना मीडिया ग्रुप में भर्ती

06 फरवरी 2020

2020-02-05 18:31:55
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

पेइचिंग में नए कोरोनोवायरस निमोनिया के प्रकोप होने की वजह से अनिल और नीलम को घर से ही काम करना पड़ रहा है। रिकॉर्डोिग करने की सुविधा नहीं है। इसलिए आज हम पहले वाला एक प्रोग्राम का दुबारा प्रसारित करेंगे। उम्मीद है कि आप हमारा सहयोग करेंग।


अनिलः कार्यक्रम में आज आप सुनेंगे, चाइनीज़ एकेडमी ऑफ साइंसेज़ में विजिटिंग साइंटिस्ट डा. कृपा राम के साथ चर्चा। इसके साथ ही सुनवाई जाएगी रोचक जानकारी।


सबसे पहले सुनते हैं यह जानकारी. हम रोज़ाना घंटों तक मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. दिनों-दिन बढ़ते ऐप्स की वजह से मोबाइल के साथ वक्त बिताने का सिलसिला भी बढ़ता जा रहा है. कभी सिर्फ एक या दो घंटे फोन के साथ बिताया करते थे, लेकिन अब एक या दो घंटे ही फोन के बिना रह पाते हैं. ये सब जानते हुए कि मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल आंखों से लेकर सेहत, सभी के लिए नुकसानदायक होता है. कई लोग इसके नुकसान से गुज़र भी रहे हैं. लेकिन हाल ही एक बहुत ही खतरनाक मामला सामने आया है.


थाइवान में 25 साल की एक लड़की, जो मोबाइल की ब्राइटनेस को फुल करके दिन-रात फोन के साथ वक्त बिताती थी. इस वजह से उसकी आंखें खराब ही नहीं हुईं बल्कि आंखों के कोर्निया में 500 छेद हो गए. जी हां, थाइवान की इस लड़की ने फोन का इतना इस्तेमाल किया, उसकी आंखों के कोर्निया में छेद ही छेद हो गए.


वर्ल्ड ऑफ बज़ के मुताबिक ये लड़की प्रोफेशन के सेक्रेटरी है, जिसे अपने काम के चलते मोबाइल से फटाफट मेल, मैसेज और कॉल का जवाब देना पड़ता है. चाहे दिन हो या रात, उसे मोबाइल पर एक्टिव रहना होता है. इस वजह से वह अपने मोबाइल की ब्राइटनेस को हमेशा फुल रखती थी. इसी आदत से उसकी आंखों को इतना नुकसान हुआ कि कोर्निया में 500 छेद हो गए.


साल 2018 तक दो साल उसने ऐसे ही काम किया, जिसके बाद उसे महसूस हुआ कि उसकी आंखों में कुछ दिक्कत है. कई आई स्पेशलिस्ट को दिखाया. आई ड्रॉप्स डाले लेकिन कुछ ना हुआ, धीरे-धीरे आंखों में दर्द और ब्लडशॉट (आंखों में खून वाली नसें) होने लगा. धीरे-धीरे दिखने में भी दिक्कत होने लगी. जब उसके अस्पताल में आंखे दिखाई तो पता चला कि बाईं आंख के कोर्निया में 500 छेद हो चुके हैं. फिलहाल उस लड़की का इलाज जारी है।


अगर आप भी फोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो हो जाइए सावधान।


अब वक्त हो गया है, चीन में विजिटिंग साइंटिस्ट के तौर पर काम कर रहे डॉ. कृपा राम के साथ बातचीत सुनवाने का। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश..




....बातचीत...


दोस्तो, आपको यह चर्चा कैसी लगी, हमें जरूर बताइएगा। धन्यवाद।


बातचीत के बाद सुनते हैं हेल्थ संबंधी जानकारी। अगर आप अक्सर चीजें रखकर भूल जाते हैं या कोई बात याद नहीं रहती तो हो सकता है कि आपमें भूलने की बीमारी के लक्षण दिखने लगे हों लेकिन नियमित व्यायाम करके या घर के रोजाना के काम करके स्मरण शक्ति बरकरार रखी जा सकती है. एक शोध के अनुसार, अधिक उम्र के जिन वयस्कों में अल्जाइमर के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं वो अगर रोज व्यायाम या घर के दैनिक काम करें तो इससे याददशत को बनाए रखा जा सकता है. शोध से पता चला है कि स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क पर रक्षात्मक असर पैदा करने के लिए व्यायाम सबसे सस्ता उपाय है. अमेरिका में रश विश्वविद्यालय के एरोन एस बुचमैन ने कहा, ‘‘हमने शोध में भाग लेने वाले लोगों की उनकी मौत से औसतन दो साल पहले की शारीरिक गतिविधि का आकलन किया और फिर मौत के बाद दान दिए गए उनके मस्तिष्क के ऊतकों का अध्ययन किया. हमने पाया कि सक्रिय जीवनशैली से मस्तिष्क पर रक्षात्मक असर पड़ सकता है.''


जानकारी देने का सिलसिला यही संपन्न होता है।


अब समय हो गया है जोक्स का


पहला जोक


मोटू- बताओ इंसान के बच्चों और जानवरों के बच्चों में क्या फर्क है...


पतलू- बड़े होकर गधे का बच्चा गधा बनता है और उल्लू का बच्चा उल्लू बनता है


पर इंसान का बच्चा बड़ा होकर गधा भी बन सकता है और उल्लू भी...




दूसरा जोक


बहन की विदाई पर छोटा भाई बोला,


"पापा, दीदी रो रही है लेकिन


जीजू तो नहीं रो रहे!"


पापा- "बेटा, दीदी गेट तक रोएगी, जीजू


कब्र तक रोएगा...."




तीसरा जोक


पत्नी- शादी से पहले तुम मुझे होटल, सिनेमा और ना जाने कहां-कहां घुमाते थे...


शादी हुई तो घर के बाहर भी नहीं ले जाते...


पति- कभी चुनाव के बाद प्रचार देखा है क्या...

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories