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30 जनवरी 2020

2020-01-30 18:11:35
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अऩिलः दोस्तो, कार्यक्रम शुरू करते हैं।

दुनिया में ऐसे कई होटल हैं, जो अपने आप में काफी अनोखे और खूबसूरत हैं और साथ ही आलीशान भी। लेकिन क्या कभी आपने किसी ऐसे होटल के बारे में सुना है, जहां बिस्तर पर महज करवट बदलने से लोग एक देश से दूसरे देश में चले जाते हैं? जी हां, यह कोई मजाक नहीं बल्कि हकीकत है। इस होटल का नाम अर्बेज होटल है।

इस होटल को अर्बेज फ्रांको-सुइसे होटल के नाम से भी जाना जाता है। यह होटल फ्रांस और स्विट्जरलैंड की सीमा पर ला क्योर इलाके में स्थित है। यह होटल दोनों देशों में आता है, इसलिए इस होटल के दो-दो पते (एड्रेस) हैं।

इस होटल की खास बात ये है कि फ्रांस और स्विट्जरलैंड की सीमा इस होटल के बीचों-बीच से गुजरती है। इस होटल के अंदर जाते ही लोग एक देश से दूसरे देश में पहुंच जाते हैं।

अर्बेज होटल का विभाजन दोनों देशों की सीमा को ध्यान में रखकर किया गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस होटल का बार स्विट्जरलैंड में पड़ता है तो बाथरूम फ्रांस में है।


नीलमः यह जानकारी मिस्र से है। मिस्र के डाशूर का लेयर्ड पिरामिड या रॉम्बोइडल पिरामिड कहा जाने वाला ये पिरामिड 2600 ईसा पूर्व में सम्राट स्नेफ्रू ने बनवाया था, जिसे 54 डिग्री कोण के साथ डिजाइन किया गया है। मिस्र में लेयर्ड पिरामिड के निर्माण को विकास का एक अनूठा उदाहरण कहा जाता है। ये ऐसी मिट्टी से बना है जो स्थिर नहीं रह सकती है।

ये पिरामिड मुलायम और पानी के बहाव में आने वाली मिट्टी पर बनाया गया था जिस पर उसके टिके रहने और उसे दोबारा बनाए जाने की समस्याएं हुई। पिरामिड को 45 मीटर से 43 डिग्री कोण की शक्ल देकर कम किया गया और इस समस्या का समाधान निकाला गया।

डाशूर के पुरातत्व संबंधी परिसर में रेड पिरामिड और लेयर्ड पिरामिड स्थित है। लेयर्ड पिरामिड का कोणीय आकार रेड पिरामिड के उलट है जबकि दोनों ही डाशूर में मौजूद हैं।


अनिलः अब बात करते हैं स्वास्थ्य संबंधी खबर की।

अक्सर बड़े बुजुर्ग आपको खाना खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीने की सलाह देते होंगे। हममें से अधिकतर लोगों की आदत होती है खाना खाया और हाथ मुंह धोने के तुरंत बाद पानी पी लिया। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ऐसा करना डायबिटीज का भी कारण बन सकता है। हम सोचते हैं कि आखिर क्यों खाने के तुरंत बाद पानी पीने से मना किया जाता है।

आयुर्वेद के अनुसार जो भी हम खाते हैं वह नाभि के उल्टी तरफ मौजूद जठराग्नि में जाकर पचता है और जठराग्नि खाना खाने के एक घंटे तक सक्रिय रहती है। क्षुधा अग्नि के कारण हमें भूख लगती है और जठराग्नि से भोजन पचता है। ऐसे में खाने के तुरंत बाद पानी पीने से जठराग्नि शांत हो जाती है और खाना पचने में परेशानी होती है।

खाने में मौजूद प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए शरीर को समय देना चाहिए। खाने के तुरंत बाद पानी पी लेने से इस प्रक्रिया पर असर पड़ता है। इसलिए खाना खाने के करीब 30 मिनट तक पानी नहीं पीने की सलाह दी जाती है।

न्यूट्रिशनिस्ट बताते हैं कि हम जो खाना खाते हैं, उसे पचने में करीब दो घंटे लगते हैं। खाना हमारी ग्रासनली से होकर पेट तक जाता है और मल के रूप में बाहर निलकने से पहले आंत तक जाता है। इस दौरान पेट में बनने वाले तरल पाचन क्रिया में मदद करते हैं। खाना और पानी में अंतर नहीं रखने से यह प्रक्रिया प्रभावित होती है।


नीलमः अगली जानकारी का वक्त हो गया है। क्या आप जानते हैं कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुष बेहतर तरीके से झूठ बोल लेते हैं। एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है।

जब झूठ बोलने की बात आती है, तो महिलाओं के मुकाबले पुरुष बेहतर झूठ बोलते हैं। ब्रिटेन की पोर्ट्समाउथ यूनिवर्सिटी के अनुसार, झूठ बोलने में महारथी व्यक्ति एक अच्छा वक्ता होता है और वह दूसरों की तुलना में अपने परिवार, दोस्तों, पार्टनर और सहयोगियों से अधिक झूठ बोलता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि झूठ बोलने में माहिर शख्स मैसेज की बजाय आमने-सामने झूठ बोलना अधिक पसंद करता है और सोशल मीडिया एक ऐसी जगह है, जहां वे बहुत कम झूठ बोलते हैं।‘पीएलओएस वन’ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि लगभग आधे झूठ बोलने वालों की संख्या कम है और ये लोग अपने करीबियों से छुटकारा या उनसे माफी के लिए झूठ बोलते हैं।

इस संबंध में हुई एक अन्य अध्ययन के अनुसार, एक पुरुष आमतौर पर दिन भर में तीन झूठ बोलता है और पूरे साल में करीब 1,092 बार झूठ बोल देता है। दूसरी ओर एक महिला साल भर में 728 बार ही झूठ बोलती है। इस अध्ययन में यह भी कहा गया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाओं के झूठ बोलने की संभावना बढ़ जाती है। मसलन जब वे कपड़े खरीदती हैं तो वे ज्यादा झूठ बोलती हैं।

अनिलः अब खबर खेती से जुड़ी। वहीं यूपी के मोदीनगर तहसील के गांव गदाना निवासी किसान मनोज नेहरा परंपरागत खेती को अलग तरीके से कर करीब शून्य लागत में लाखों का मुनाफा कमाते हैं। उनके यहां जैविक गन्ने से बने गुड़ शक्कर की मांग विदेशों तक है। जैविक गन्ने से बना गुड़ स्वादिष्ट होने के साथ गुणवत्ता में भी बेजोड़ है। दूरदराज के किसान जैविक खेती करने का तरीका देखने और सीखने गदाना पहुंच रहे हैं।

रासायनिक खादों से खेती करने के तमाम दुष्परिणाम सामने आए हैं। रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी में अति सूक्ष्म आवश्यक तत्वों की कमी हो जाती है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 50-60 सालों में जिंक, लौह, तांबा एवं मैग्नीशियम हमारी मिट्टी से धीरे-धीरे खत्म हो गए हैं। घातक दुष्परिणामों से चिंतित वैज्ञानिक किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित कर रहें है।

नीलमः मोदीनगर-हापुड़ मार्ग स्थित गांव गदाना निवासी किसान मनोज नेहरा पिछले 20 साल से लगातार जैविक खेती कर रहें हैं। 50 वर्षीय मनोज नेहरा ने बताया कि उन्हें रासायनिक खाद का प्रयोग करने में डर लगता था। इसलिए उन्होंने खेती की शुरूआत से ही फसलों में जैविक खाद का प्रयोग किया।

समय गुजरा तो रासायनिक और जैविक खाद के लाभ और दुष्परिणाम सामने आए। मनोज में जैविक खेती के प्रति जुनून पैदा हो गया और उन्होंने जैविक फसलें उगाने के साथ ही अन्य किसानों को भी खेती करने के लिए प्रेरित किया। वह जैविक गेहूं और सरसों के बाद अब जैविक गन्ने की खेती कर रहें है और लगभग शून्य लागत पर प्रति एकड़ दो लाख रुपये से अधिक का मुनाफा कमाते हैं।

अनिलः अब समय हो गया है अगली खबर का।

भारतीय न केवल पकवान बनाने बल्कि खाना खाने में भी खूब माहिर हैं। तरह-तरह के व्यंजन खाने में भारतीयों का सानी नहीं है। विविधता से भरे अपने देश में इतने तरह के व्यंजन बनाए-खाए जाते हैं, जिनकी मुरीद पूरी दुनिया है। आजकल खाना ऑर्डर करने के लिए कई तरह की फूड सर्विस है, जो मोबाइल एप के माध्यम से खाना मुहैया कराते हैं। इसी तरह के एक फूड डिलीवरी एप है स्विगी की वार्षिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी की हालिया वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर मिनट बिरयानी के 95 ऑर्डर दिए जाते हैं। पिछले दो साल से भी बिरयानी, सबसे ज्यादा आर्डर किए जाने वाले फूड में शामिल थी। बताया गया है कि इस एप के यूजर्स चिकन बिरयानी को ज्यादा पसंद करते हैं।

फूड डिलीवरी एप पर इस साल गुलाम जामुन के 17 लाख 69 हजार 399 ऑर्डर आए। इससे जाहिर होता है कि हम भारतीयों के लिए गुलाब जामुन आज भी पसंदीदा डेजर्ट बनी हुई है। ये ऑर्डर दिल्ली और मुंबई के अलावा बेंगलूरू, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों से आए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मूंग दाल का हलवा और फालूदा खाने में भी माहिर हैं। फालूदा के 11.94 लाख और मूंग दाल के हलवा के दो लाख से ज्यादा ऑर्डर आए। मालूम हो कि शादी समारोहों में भी मूंग दाल का हलवा खूब पसंद किया जाता है और फालूदा तो बच्चों से लेकर बड़ों तक के बीच लोकप्रिय है।

आज के प्रोग्राम में जानकारी यहीं संपन्न होती है। अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का।

श्रोताओं की टिप्पणी।

सादिक आज़मी:

सर्द मौसम के इस सुनहरे पल में रज़ाई में लिपट कर कर कार्यक्रम सुनने का आनंद ही कुछ और है। और जब इस प्रकार रोचक जानकारी दी जाए तो मज़ा दुगना हो जाता है ऊपर से श्रीमती जी चाय से लबरेज़ प्याला पकड़ा दे तो कार्यक्रम का नाम सार्थक लगने लगता है,

मुझे काले चने पर दी जाने वाली जानकारी बहुत अहम लगी , क्यूंकि सेहत के सुधार प्रणाली में सबसे सरल एवं सहज माध्यम ज्ञान पड़ा, देखा जाए तो समूचे भारत में चने की उपलब्धिता बहुत सरल है और सस्ते दामों में इसे खरीदा जा सकता है, निसंदेह यह गुणकारी भी बहुत है जिसके संदर्भ में समीक्षा उत्तम थी,

अनिल जी द्वारा एयर इंडिया के घाटे के चलते सरकारी एजेंसियों पर 268 करोड़ रुपए बकाए पर रिपोर्ट सुनकर अचंभा हुआ समझ में नहीं आता क्या यह एजेंसी एयर इंडिया को खुद की जागीर समझ कर यात्रा कर रही थीं।

इस मर्तबा भी मधुर हिंदी गीत नवीनतम था जो मोहक और समां रंगीन करने वाला था।

विश्व के सबसे पुराने जंगल की खोज पुनः इस बात को प्रबलता प्रदान करती है कि संसार का वजूद सचमुच बहुत पुराना है, पेड़ों के जीवाश्म और उसपर वैज्ञानिकों के मत को देखते हुए हमें स्वीकार करना होगा कि सचमुच पहले के मानव कद काठी में काफ़ी लम्बे होते थे जिनका पवित्र क़ुरआन में ज़िक्र है। इस अहम जानकारी को साझा करने हेतु विशेष रूप से आभार।

श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं को सम्मान दिया जाना दिल जीत गया, और इस बार के सभी जोक्स लाजवाब थे यानी समूची प्रस्तुति अति उत्तम थी, धन्यवाद स्वीकार करें।

दुर्गेश नागनपुरे ।:

आदरणीय भैया अनिल पांडेय जी और बहन नीलम जी को हमारा सादर प्रणाम और शुभ संध्या ।

आदरणीय भैया अनिल पांडेय जी और बहन नीलम जी सर्वप्रथम हमारी ओर से आपको और चाइना रेडियो इंटरनेशनल हिन्दी सेवा की पूरी टीम को और साथ ही सभी श्रोता बंधुओं को वसंतोत्सव अर्थात वसंत त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाये एवं अनंत बधाईयां ।

साथ ही इस वसंत त्यौहार के पावन पर्व पर हमारी ओर से दो प्यारी-सी पंक्तियां आप सबके लिए जो कि इस प्रकार है :-

अलौकिक आनंद अनोखी छटा ।

अब बसंत ऋतु आई है ।

कलिया मुस्काती हंस-हंस गाती ।

पुरवा पंख डोलाई है ।

महक उड़ी है चहके चिड़िया ।

भंवरे मतवाले मंडरा रहे हैं ।

सोलह सिंगार से क्यारी सजी है ।

रस पीने को आ रहे हैं ।

लगता है इस चमन बाग में ।

फिर से चांदी उग आई है ।।

अलौकिक आनंद अनोखी छटा ।

अब बसंत ऋतु आई है ।

कलिया मुस्काती हंस-हंस गाती ।

पुरवा पंख डोलाई है ।

आदरणीय भैया अनिल जी और बहन नीलम जी हमे दिनांक 23 जनवरी का टी टाइम कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा । कार्यक्रम टी टाइम के प्रारंभ मे भैया अनिल जी द्वारा देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के बारे मे दी गई विस्तृत जानकारी साथ ही बहन नीलम जी द्वारा दी गई तमाम स्वास्थ्य संबंधी जानकारीयां बहुत पसंद आयी । कार्यक्रम टी टाइम मे आपके द्वारा सुनवाया गया हिन्दी गीत , श्रोता मित्रो की प्रतिक्रियाएं और कार्यक्रम टी टाइम के अंत मे आपके द्वारा प्रस्तुत मजेदार चुटकुले सुनकर हम बहुत देर तक हंसते रहे । धन्यवाद

शंकर प्रसाद शंभू:

दिनांक 23 जनवरी 2020 गुरुवार को हमलोग अपने क्लब के सदस्यों के साथ मिलकर साप्ताहिक कार्यक्रम "टी टाईम" ध्यानपूर्वक सुना, जिसमें सबसे पहले अनिल भैया ने बताये कि भारतीय शहर इंदौर अपने देश का सबसे स्वच्छ शहर है, इसलिए उसका मॉडल देश-विदेश में मशहूर हो गया है। हमें ज्ञात हुआ कि इंदौर शहर देखने, जानने और समझने के लिए बाकी अन्य राज्यों के अधिकारी आ रहे हैं, जिससेे इंदौर नगर निगम का कामकाज प्रभावित हो रहा है। वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और निकायों को स्वच्छता के लिए इंदौर मॉडल को सीखने की सलाह भी दी है। अब इंदौर नगर निगम ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को शेड्यूल के साथ चलाना हुए प्रशिक्षण शुल्क 7000/- लेना भी शुरू कर दिये है। इससे इंदौर नगर निगम के आय में वृद्धि होना स्वाभाविक है।

दूसरी जानकारी में नीलम दीदी ने विटामिनों का खजाना काला चना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसमें विटामिन के साथ साथ खनिजों की मात्रा भी भरपूर होता है और वसा कम होता है। इसलिए काला चना डाइट में शामिल करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

अगली जानकारी में अनिल भैया ने बताये कि घाटे से बेहाल भारत के सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने उन सरकारी एजेंसियों को टिकट देने से मना कर दिया है, जिनका 10 लाख रुपये से अधिक का बकाया है। हमें ज्ञात हुआ कि कंपनी को कई सरकारी एजेंसियों से कुल 268 करोड़ रूपया बकाया है, जिसे वसूलना टेढ़ी खीर जैसी लग रही हैं।

जानकारियों का क्रम जारी रखती हुई नीलम दीदी ने बताई कि अनिद्रा की बीमारी को दूर भगाने के लिए रोजाना योग फायदेमंद होगा। उपरोक्त सभी जानकारियां सूचनापद एवं उपयोगी लगा।

श्रोताओं की टिप्पणी में विभिन्न श्रोता भाईयों के विचार सुनने को मिलता है, जिससे उनके अनुभवों से अवगत हो जाते हैं। पत्रोत्तर के बाद जोक्स भी बेहद पसंद आए।

धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

सुरेश अग्रवाल:

दिनांक 22 जनवरी को साप्ताहिक "खेल जगत" में अनिल पाण्डेय द्वारा खेलों पर संक्षिप्त, पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गयी। फिर चाहे वह ऑस्ट्रेलियायी ओपन में खिलाड़ियों पर धन-वर्षा की बात हो, या कि सानिया मिर्ज़ा की चार साल बाद खेल में वापसी, या फिर फ्रांस अथवा अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के महत्वपूर्ण कथन की, प्रस्तुति महत्वपूर्ण लगी। धन्यवाद।

केसिंगा 23 जनवरी। कार्यक्रम "टी टाइम" में सबसे पहले भारत में सफाई के मामले में मॉडल शहर बने इंदौर पर दी गई जानकारी सुन कर तबीयत खुश हो गयी। सम्भव है कि अब पूरे देश में उसी का अनुसरण किया जाये।

विटामिन के ख़ज़ाने काले चने सम्बन्धी जानकारी भी अत्यंत मुफ़ीद कही जायेगी। ज्ञात हुआ कि काला चना खाने से क्लोरोफिल, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन डी और के साथ ही फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम की आवश्यकता भी पूरी हो जाती है। काले चने और गुड़ का कॉम्बिनेशन भी ग़ज़ब का लगा।

घाटे से बेहाल सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया द्वारा उन सरकारी एजेंसियों को टिकट देने से मना कर दिये जाने का समाचार, जिन पर 10 लाख रुपये से अधिक का बकाया है, काफी अच्छा लगा।

अनिद्रा की बीमारी को दूर भगाने में रोजाना योग कितना फायदेमंद होता है, इस पर भी अच्छी जानकारी दी गयी। ख़ास कर चार आसनों के बारे में बताया जाना महत्वपूर्ण लगा। वैसे योगासन किसी योग-गुरू की देखरेख में किये जायें तो अच्छा है।

वैज्ञानिकों द्वारा न्यूयॉर्क के काहिरा शहर के पास एक परित्यक्त खदान में 3860 लाख साल पुरानी चट्टानों में कई प्राचीन पेड़ों के जीवाश्म खोज़ निकालने का दावा कितना सही है, यह भी ग़ौरतलब बात है। वैसे यह एक पुरातात्विक महत्व का समाचार है।

इन तमाम जानकारियों के अलावा हर बार की तरह आज भी कार्यक्रम में पेश श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं और तीनों ज़ोक्स काफी मनभावन लगे।

अनिलः श्रोताओं की टिप्पणी के बाद समय हो गया है जोक्स का।

पहला जोक

रेलवे स्टेशन पर एक चाय वाले ने

सुन्दर लड़की देखी , बोला –

भोली सी सूरत, आंखों में मस्ती,

दूर खड़ी शरमाए, आए-हाए...

लड़की: बंदर सी सूरत,

हाथ में केतली,

दूर खड़ा चिल्लाए,

चाय-चाय...


दूसरा जोक

एक शराबी को शुद्ध दारू पीता देख अमेरिकन हैरान हो गया और बोला- कुछ पानी तो मिला लो।

शराबी- हम भारतीय हैं पानी तो दारू देख के ही मुंह में आ जाता है।

तीसरा जोक

डॉक्टर: अच्छे स्वास्थ्य के लिए रोजाना व्यायाम किया करो। तभी तुम फिट रहोगे।

संटू: जी मैं रोजाना क्रिकेट और फुटबॉल खेलता हूं।

डॉक्टर: कितनी देर खेलते हो?

संटू: जब तक मोबाइल की बैटरी खत्म नहीं हो जाती।

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