5 सितंबर 2019

2019-09-06 16:59:24
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अनिलः प्रोग्राम शुरू करते हैं।

विकसित देशों की श्रेणी में आने वाला फ्रांस क्षेत्रफल के हिसाब से यूरोप का सबसे बड़ा देश है, जबकि विश्व में यह 43वें नंबर पर है। यहां के लोग खाने का बहुत सम्मान करते हैं। यही वजह है कि यहां के होटलों में बचे हुए खाने को फेंकना गैरकानूनी माना जाता है।

कहते हैं कि अप्रैल फूल मनाने की शुरुआत फ्रांस से ही हुई थी। यहां की महिलाएं दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले सबसे अधिक समय तक जीवित रहती हैं।

जहां आमतौर पर भारत में 10-20 प्रकार के ही पनीर के पकवान बनाए जाते हैं, वहीं फ्रांस में करीब 4700 प्रकार के पनीर के पकवान बनाए जाते हैं। अगर मोटे लोगों की बात करें तो पूरे यूरोप में सबसे ज्यादा मोटे लोग फ्रांस में ही होते हैं। फ्रांस दुनिया का पहला ऐसा देश है, जहां सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय इकाई प्रणाली को अपनाया गया, जैसे कि किलोमीटर, किलोग्राम, लीटर।

शादी के अवसर पर सफेद सूट पहनने की परंपरा फ्रांस में पिछले 500 सालों से चली आ रही है। यहां इसकी शुरुआत वर्ष 1499 में ही हो गई थी।


नीलमः अब अगली खबर से रूबरू करवाते हैं। नूरालिया फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर एयर एशिया विमान में काम करते हैं। नूरालिया ने बताया कि एक महिला यात्री ने एयर होस्टेस के ऊपर गर्म पानी फेंक दिया था। महिला ने एयरहोस्टेस के साथ काफी बदसलूकी की। डेली मेल के अनुसार एक महिला यात्री को उस वक्त गुस्सा आ गया जब उसे इस बात का पता चला कि विमान के अंदर उसकी सीट उसके ब्वॉयफ्रेंड के पास नहीं है। गर्लफ्रेंड को इस बात पर इतना गुस्सा आया कि उसने नूडल्स और गर्म पानी को वहां खड़ी एक एयर होस्टेस के मुंह पर फेंक दिया।

बता दें कि दोनों ही प्रेमी-प्रेमिका सिरफिरे थे। ब्वॉयफ्रेंड के पास सीट ना मिलने पर लड़की ने एयर होस्टेस के मुंह पर गर्म पानी फेंक दिया तो वहीं उसके ब्वॉयफ्रेंड ने एयर होस्टेस को विमान उड़ा देने की धमकी दे रहा था। इस पूरे घटनाक्रम को विमान में सवार अन्य लोगों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया।


अनिलः वहीं चीन में एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाला एक शख्स पिछले 30 साल से लगातार सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या से पीड़ित था। डॉक्टरों ने बताया था कि उसे मिर्गी है, जिसकी दवाई वो लगातार खा रहा था, लेकिन बाद में जब उसे सच्चाई पता चली तो वो हैरान रह गया।

दरअसल, गुआंगदोंग प्रांत के पहाड़ी गांव में रहने वाले 59 वर्षीय झांग को सबसे पहले साल 1989 में तेज सिर दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई थी। तब वह अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर गेम खेल रहे थे, उसी समय उनके बाजू और पैरों में सनसनी होने लगी। उनके मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेहोश हो गए।

हालांकि उन्हें मिर्गी नहीं थी। दरअसल, झांग के दिमाग में एक 10 सेंटीमीटर लंबा परजीवी था, जिसे सर्जरी के द्वारा निकाल दिया गया। इसमें सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो ये थी कि वो परजीवी 30 साल से जिंदा था। यह देखकर डॉक्टर भी हैरान थे।


नीलमः यह खबर आपको चौका देगी कि लोग आजकल क्या-क्या करने लगे हैं। मैक्सिको के नुवो लिऑन में रहने वाली 23 साल की युवती जिनका नाम एलेक्सा टेरेसस है, वह छठवीं मंजिल की रेलिंग से लटककर योग कर रही थी। इसी दौरान युवती का पैर फिसल गया और वह 80 फीट ऊपर से गिर गई। इसके बाद आनन-फानन में एलेक्सा को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने 11 घंटे तक सर्जरी की और युवती की जान बचा ली। लेकिन वह अगले तीन साल तक चल-फिर नहीं पाएगी। घटना के बाद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आई हैं। तस्वीरों में एलेक्सा बाल्कनी में उल्टे मुंह लटकती हुई दिखाई दे रही है।

चिकित्सकों ने बताया कि घटना के दौरान एलेक्सा के हाथ-पैर में कई सारे फ्रैक्चर्स आए हैं। इसके अलावा कूल्हे और सिर में भी गंभीर चोटे आई हैं। इस वजह से एलेक्सा की सर्जरी में 11 घंटे का समय लग गया। सर्जरी के दौरान खून की भी जरूरत पड़ी। जिसके लिए परिजन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लिया और ब्लड डोनर्स जुटाए गए।


अनिलः उधर कैलिफोर्निया के डेथ वैली की संरचना और तापमान भू-वैज्ञानिकों को हमेशा से चौंकाता रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली जो चीज है, वो है यहां के अपने आप खिसकने वाले पत्थर, जिन्हें सेलिंग स्टोन्स के नाम से जाना जाता है। यहां के रेस ट्रैक क्षेत्र में मौजूद 320 किलोग्राम तक के पत्थर भी अपने आप खिसक कर एक जगह से दूसरी जगह चले जाते हैं।

डेथ वैली में पत्थरों का खुद-ब-खुद खिसकना वैज्ञानिकों के लिए भी एक पहेली बनी हुई है। रेस ट्रैक प्लाया 2.5 मील उत्तर से दक्षिण और 1.25 मील पूरब से पश्चिम तक बिल्कुल सपाट है, लेकिन यहां बिखरे पत्थर अपने आप खिसकते रहते हैं। यहां ऐसे 150 से भी अधिक पत्थर हैं। हालांकि किसी ने भी अपनी आंखों से पत्थरों को खिसकते हुए नहीं देखा है।

सर्दियों में ये पत्थर करीब 250 मीटर से ज्यादा दूर तक खिसके मिलते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1972 में इस रहस्य को सुलझाने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई गई थी। टीम ने पत्थरों के एक ग्रुप का नामकरण कर उस पर सात साल अध्ययन किया। केरीन नाम का लगभग 317 किलोग्राम का पत्थर अध्ययन के दौरान जरा भी नहीं हिला, लेकिन जब वैज्ञानिक कुछ साल बाद वहां वापस लौटे, तो उन्होंने उस पत्थर को एक किलोमीटर दूर पाया।


नीलमः वहीं आमतौर पर खुद को आकर्षक दिखाने के लिए लोग अपने शरीर पर एक-दो टैटू बनवा लेते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसी महिला डॉक्टर हैं, जिनके पूरे शरीर पर टैटू ही टैटू हैं। एडिलेड के एक अस्पताल में काम करने वाली इस डॉक्टर का नाम सारा ग्रे है।

31 वर्षीय सारा ग्रे एक ऐसी डॉक्टर हैं, जिनके नाम सबसे ज्यादा टैटू का रिकॉर्ड दर्ज है। सारा जिस अस्पताल में काम करती हैं, वहां उन्हें लोग द मोस्ट कलरफुल डॉक्टर (सबसे रंगीन डॉक्टर) कहते हैं। सारा ग्रे पिछले 15 सालों से शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर टैटू बनवा रही हैं। उन्होंने पहला टैटू तब बनवाया था, जब वो महज 16 साल की थीं। सारा ने अभी तक अपने शरीर पर बहुत सारे टैटू बनवाए हैं और इसके लिए उन्होंने करीब 300 घंटे का समय दिया है। ने अभी तक अपने शरीर पर बहुत सारे टैटू बनवाए हैं और इसके लिए उन्होंने करीब 300 घंटे का समय दिया है।


अनिलः दोस्तो, प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं संपन्न होता है। अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का। पहला पत्र हमें आया है, खंडवा मध्य प्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे का। लिखते हैं हमें आपका टी टाइम प्रोग्राम बेहद लाजवाब लगता है , हम परिवार के सभी सदस्य नियमित रूप से हर गुरुवार के दिन आपके टी टाइम प्रोग्राम का भरपूर आनंद लेते हैं, जो कि विभिन्न प्रकार की रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारियों से भरा होता है , जिसे सुनकर हमारा मन एकदम प्रफुल्लित हो जाता है। पिछले कार्यक्रम में प्रसारित तमाम जानकारियां भी अच्छी लगी। दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार राजीव सचान जी से अनिल पांडेय जी की बातचीत, मॉनिटर सुरेश अग्रवाल जी द्वारा भेजे गए मजेदार जोक्स और श्रोता बंधुओ की प्रतिक्रियाएं सुनकर हम परिवार के सभी सदस्यों का मन खुशी से झूम उठा । धन्यवाद।


अनिलः दुर्गेश जी ने हमें जोक्स भी भेजे हैं। पत्नी- पति से: मैं मायके तभी जाउंगी, जब आप मुझे छोड़ने चलोगे

पति-पत्नी से: मंजूर है, पर वादा करो कि घर भी तुम तभी आओगी, जब मैं तुम्हे लेने आऊंगा।


दूसरा जोक ..पप्पू समोसे को खोलकर

अंदर का मसाला ही खा रहा था।

फेकू- अरे! तू पूरा समोसा क्यों नहीं खा रहा?

पप्पू- अरे मैं बीमार हूं ना...

इसलिए डॉक्टर ने बाहर की चीज खाने से मना किया है।

दुर्गेश जी हमें पत्र और जोक्स भेजने के लिए धन्यवाद।


नीलमः वहीं अगला पत्र भेजा है, खुर्जा यूपी से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं, भाई अनिल पांडेय जी और बहन नीलम जी की नंबर वन प्रस्तुति सुनकर दिल खुशी से झूम उठा। कार्यक्रम में जानकारियां सुनी और पसंद आयी। 131 रुपये की लॉटरी खरीदी और 31 करोड़ का इनाम जीत लिया इसे कहते है नसीब।

शवों का पोस्टमार्टम दिन में ही किया जाता है रात में नहीं। यह जानकारी तो हमने पहली बार रेडियो चायना से सुनी। हवाई जहाज से संबंधित जानकारियां भी महत्वपूर्ण लगी।

भाई अनिल पाण्डेय जी ने दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार राजीव सचान जी से जो बातचीत सुनवाई बहुत पसंद आयी। भारत चीन संबंधों पर राजीव सचान जी के स्पष्ट बात बहुत ही पसंद आयी।

अरोड़ा जी हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया।


अनिलः दोस्तो, अब बारी है अगले पत्र की। जिसे भेजा है, नैहाटी पश्चिम बंगाल से माधव चंद्र सागौर ने। लिखते हैं, कनाडा की रहने वाली एक महिला ने 131 रुपए की लॉटरी खरीदी, लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी तो किस्मत पलटने वाली है। सही बात है, भगवान जिसे देता है, छप्पर फाड़ के देता है। वहीं विमान में दिए गए खाने में ज्यादा नमक का इस्तेमाल विमान में दबाव से पता नहीं चलता। यह जानकारी बहुत अच्छी लगी। जबकि जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी द्वारा नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं बेचकर लोगों के स्वास्थ्य खिलवाड़ किया है। जबकि दैनिक जागरण के राजीव जी के साथ वार्ता बहुत अच्छी लगी। उनसे जो भी सवाल पूछे गए, उन्होंने बड़े सटीक ढंग से उनका जवाब दिया।


नीलमः जबकि अगला पत्र भेजा है, पंतनगर उत्तराखंड से वीरेंद्र मेहता ने। लिखते हैं एक कनाडा की महिला द्वारा 131 रुपए की लॉटरी से 130 करोड़ की धनराशि जीतना सचमुच में उनके लिए एक सपना ही होगा। वहीं पोस्टमार्टम सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक में ही क्यों किया जाता है जानकारी ज्ञानवर्धक लगी। वहीं साल 1953 से पहले विमानों की खिड़कियों का आकार चौकोर से बदलकर अब गोल बनाए जाने , के पीछे का साइंस जाना। साथ ही दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार राजीव सचान जी से अनिल जी की वार्ता के मुख्य अंश सुने , इस बार आपसे एक शिकायत है कि आपने डायमंड से जुड़ी हुई ऑडियो को पूरा नहीं सुनाया ऐसा क्यों ? समय की कमी के कारण। कृपया कोशिश करें कि ऑडियो अधिकतम दो मिनट का हो। धन्यवाद


अनिलः अब पेश करते हैं मॉनिटर सुरेश अग्रवाल द्वारा भेजा गया पत्र। लिखते हैं साप्ताहिक "खेल जगत" के तहत हर बार की तरह आज भी अनिल पाण्डेय द्वारा पांच मिनट की अवधि में गागर में सागर भरा गया। कार्यक्रम की शुरुआत मेंएक भारतीय धावक के इस दावे के बारे में सुन कर हमें कोई हैरानी नहीं हुई कि वे उसैन बोल्ट का रिकार्ड तोड़ने की क्षमता रखते हैं। क्यों कि भारत में प्रतिभा और दमख़म की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो बस उन प्रतिभाओं को मौक़ा मिलने की। आशा है कि हमारी सरकारें अब 19 वर्षीय गुर्जर को आगे बढ़ने हेतु तमाम सुविधाएं और समुचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएंगी।

वहीं जूनियर विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप की ग्रीको रोमन स्पर्धा के रेपेचेज दौर में पहलवान सचिन राणाके हारने का तो हमें मलाल हुआ, परन्तु इसके साथ ही ग्रीको रोमन में सजन भानवाल द्वारा तुर्की के अब्दुररहमान कालकन को 77 किग्रा भार-वर्ग में तकनीकी दक्षता से हराया जाना हमारा सिर ऊँचा कर गया। वहीं भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बढ़त बनाने के बावजूद ओलंपिक टेस्ट प्रतियोगिता के अपने दूसरे मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार से मन व्यथित हुआ, परन्तु टीम का प्रदर्शन अच्छा था और खेल में हार-जीत तो होती ही रहती है, यह सोच कर मन को दिलासा देनी पड़ी।

बैडमिंटन से जुड़ी इस ख़बर के बारे में जान कर दुःख हुआ कि थाईलैंड ओपन का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की नई युगल सनसनी चिराग शेट्टी और सात्विकसाइराज रंकीरेड्डी के चोटिल होने के कारण उन्हें विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप से हटना पड़ा है।

खेलों की इतनी सारगर्भिता जानकारी जुटा हम तक पहुंचाने हेतु आपका तहेदिल से शुक्रिया।

नीलमः वहीं सुरेश जी आगे लिखते हैं कि दिनांक 29 अगस्त को कार्यक्रम "टी टाइम" की शुरुआत इस ख़ुशनुमा ख़बर से किया जाना कि कनाडा की रहने वाली विक्की मिशेल नामक महिला द्वारा ख़रीदी गयी महज 131 रुपये की लॉटरी पर उसने पूरे 31 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि जीत ली है, हमारा भी चित्त प्रसन्न कर गया।

जानकारियों के क्रम में शवों के पोस्टमॉर्टम सम्बन्धी जानकारी भी काफी महत्वपूर्ण लगी। इस बात से बहुत से लोग अनभिज्ञ हैं कि पोस्टमार्टम दिन में ही क्यों किया जाता है, रात में क्यों नहीं ?

आज के कार्यक्रम में हवाई सफ़र के दौरान हमारे खाने का स्वाद बदल जाने के कारण सम्बन्धी जानकारी के अलावा विमान में इमरजेंसी के समय दिये जाने वाले ऑक्सीजन मास्क के सहारे यात्री सिर्फ 15 मिनट ही जिंदा रह सकते हैं, यह पहली बार जाना।

उधर अमेरिका की एक अदालत द्वारा जॉनसन एंड जॉनसन कम्पनी पर 57.20 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाये जाने के कारण को सुन कर हम भी अवाक रह गये। विश्वास नहीं होता कि जॉनसन जैसी विश्व प्रसिद्ध कम्पनी भी अपने मुनाफ़े के लिये मौत का सामान बेच सकती है। हमारी राय में उस पर महज़ ज़ुर्माना लगाया जाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे काली सूची में डाल दिया जाना चाहिये।

कार्यक्रम में आगे दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार राजीव सचान के साथ की गयी बातचीत सुन कर लगा कि तमाम मतभेदों के बावज़ूद चीन-भारत सम्बन्ध निरन्तर सुधार की ओर अग्रसर हैं। चीनी मीडिया में भी भारत को जानने की उत्कण्ठा है।

कार्यक्रम में श्रोता भाई वीरेन्द्र मेहता द्वारा प्राकृतिक और कृत्रिम डायमंड की संरचना सम्बन्धी प्रेषित ऑडियो जानकारी सूचनाप्रद थी।


अनिलः इसी के साथ श्रोताओं की टिप्पणी यहीं संपन्न होती है, अब समय हो गया है जोक्स का।

पहला जोक....

एक नए टीचर ने क्लास में पूछा : भारत के एक महान वैज्ञानिक का नाम बताओ ..?

स्टूडेंट : सर, आलिया भट्ट..

टीचर : छड़ी लेकर .. यही सीखे हो ?

दूसरा : ये तोतला है सर.. आर्यभट्ट बोल रहा है


दूसरा जोक

टीचर : अगर कोई छोटा ग्रह पृथ्वी से टकरा जाए तो क्या होगा ?

स्टूडेंट : टन, टन की आवाज आएगी,

टीचर : क्यों..?

स्टूडेंट : क्योंकि सनी लियोनि ने गाया है न कि ये दुनिया पित्तल दी...


तीसरा जोक

फेकू को एक बार मुगलों के सैनिकों ने बेअदबी के जुर्म में पकड़ लिया और उसे अपने बादशाह के पास ले गए..

बादशाह : इसने अपराध किया है तो इसे बंदी बना दिया जाए..

फेकू : नहीं, नहीं जहां पनाह.. रहम फरमाइए, मुझे बंदा ही रहने दिया जाए..

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