08 अगस्त 2019

2019-08-07 19:32:54
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अनिलः कार्यक्रम शुरू करते हैं। क्या आपने दुनिया का सबसे छोटा लैपटॉप देखा है? अगर नहीं, तो देख लीजिए। इस लैपटॉप को बनाने में महज सात दिन लगे हैं और इसमें कुल 85 डॉलर यानी करीब छह हजार रुपये खर्च हुए हैं।

पॉल क्लिंगर नाम के अमेरिकी आईटी इंजीनियर ने इस लैपटॉप को बनाया है, जिसे दुनिया का सबसे छोटा लैपटॉप माना जा रहा है। इस अनोखे लैपटॉप की स्क्रीन महज एक इंच की है, जबकि इसका डिस्पले 0.96 सेंटीमीटर का है। इसे बनाने वाले ने लेनोवो के थिंकपैड की तर्ज पर इसका नाम 'थिंक टिनी' रखा है।

दुनिया के इस सबसे छोटे लैपटॉप में किसी बड़े लैपटॉप की तरह ही सारे जरूरी बटन मौजूद हैं। इसमें 300 एमएएच की बैट्री भी लगी है, जिसे चार्ज भी किया जा सकता है।

इस मिनी लैपटॉप की खास बात ये है कि इसमें गेम भी खेला जा सकता है। इसके लिए कीपैड के बीच में लाल रंग का ट्रैक पॉइंट स्टाइल कर्सर कंट्रोलर दिया गया है।


नीलमः क्या आपने किसी ऐसे गांव के बारे में सुना है, जहां सिर्फ बेटियां पैदा होती हों? जी हां, पोलैंड और चेक रिपब्लिक की सीमा पर एक ऐसा अनोखा गांव बसा है, जहां सिर्फ लड़कियां ही पैदा होती हैं। इस गांव में पिछले नौ सालों से कोई भी लड़का पैदा नहीं हुआ है।

इस गांव का नाम है मिजेस्के ओद्रजेनस्की। यहां आखिरी बार साल 2010 में एक लड़के का जन्म हुआ था, लेकिन उसके बाद लड़का और उसके परिवार वाले गांव छोड़कर दूसरी जगह चले गए। यहां की आबादी फिलहाल 300 के करीब है, जिसमें लड़कियों और महिलाओं की संख्या ज्यादा है और लड़के न के बराबर है।

इस गांव में फिलहाल जो सबसे छोटा लड़का है, वह 12 साल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां लड़कियां तो अक्सर पैदा होती रहती हैं, लेकिन लड़कों का जन्म काफी दुर्लभ है। यही वजह है कि यहां के मेयर रेजमंड फ्रिशको ने ये एलान किया है कि जिसके घर बेटा पैदा होगा, उसे इनाम दिया जाएगा।

गांव वालों के मुताबिक, वो इसकी वजह नहीं जानते कि आखिर क्यों यहां सिर्फ लड़कियां ही पैदा होती हैं। हालांकि पोलैंड की राजधानी वारसॉ के एक विश्वविद्यालय ने इस रहस्य को जानने के लिए रिसर्च शुरू कर दिया है।


अनिलः अब अगली जानकारी। खुद को हमेशा जवान और फिट रखना कौन नहीं चाहता है। हालांकि उम्र के साथ-साथ लोगों की खूबसूरती भी धीरे-धीरे कम होने लगती है, चाहे वो कोई महिला हो या पुरुष, लेकिन अमेरिका के लॉस एंजिलिस में रहने वाली एक महिला की उम्र तो जैसे थम सी गई है। उसकी उम्र का पता ही नहीं चलता। ऐसे में जब वो अपने बेटे के साथ घर से बाहर कहीं जाती है, तो लोग दोनों को गर्लफ्रेंड-ब्वॉयफ्रेंड समझ लेते हैं।

22 वर्षीय जोनाथन नूयेन नाम के युवक के साथ ऐसा अक्सर होता रहता है। जब भी वो अपनी 40 वर्षीय मां के साथ घर से बाहर निकलता है, तो लोग उन दोनों को देख कर हैरान रह जाते हैं। वो या तो उन्हें गर्लफ्रेंड-ब्वॉयफ्रेंड या भाई-बहन समझ लेते हैं।

जोनाथन ने इस अनोखी घटना के बारे में एक ऑस्ट्रेलियन फेसबुक ग्रुप सबल एशियन ट्रेट्स में लिखा है। उसके इस पोस्ट पर 7000 से ज्यादा लोग कमेंट कर चुके हैं। एक यूजर ने लिखा है, 'तुम्हारी मां बहुत सुंदर है, लेकिन मैं उसे तुम्हारी गर्लफ्रेंड समझ बैठा था। मैं सोच रहा था कि कितने खूबसूरत कपल हैं।


नीलमः पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए भगवान ने छोटे-बड़े हर तरह के जीव-जंतु बनाए हैं। इनमें से एक चींटी भी है। आपने अक्सर देखा होगा कि चीटियां हमेशा एक लाइन में ही चलती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों है? चलिए हम बताते हैं कि इसके पीछे कौन सा रहस्य छुपा हुआ है?

चींटियां सामाजिक प्राणी होती हैं, जो कॉलोनी में रहती हैं। इस कॉलोनी में रानी चींटी, नर चींटी और बहुत सारी मादा चीटियां होती हैं। रानी चींटी के बच्चों की संख्या लाखों में होती है। नर चींटियों की पहचान ये होती है कि उनके पंख होते हैं, जबकि मादा चींटियों के पंख नहीं होते हैं।

वैसे आमतौर पर हम सिर्फ लाल और काली चींटियों के बारे में ही जानते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनियाभर में चींटियों की 12 हजार से भी ज्यादा प्रजातियां मौजूद हैं। अंटार्कटिका को छोड़कर दुनिया के हर कोने में चींटियां पायी जाती हैं।

दुनिया की सबसे खतरनाक चींटियां ब्राजील में स्थित अमेजन के जंगलों में पायी जाती हैं। कहते हैं वो इतना तेज डंक मारती हैं, जैसे लगता है बंदूक की गोली शरीर में घुस गई हो। इसी खासियत की वजह से इन चींटियों को 'बुलेट एंट (चींटी)' के नाम से जाना जाता है।


अनिलः उधर टाइटैनिक बनाने वाली कंपनी हार्लेंड एंड वोल्फ शिपयार्ड 158 साल बाद बंद होने जा रही है। कंपनी पिछले कई सालों से घाटे में चल रही है। इसके अतिरिक्त प्रतिस्पर्धा के कारण भी कंपनी डूब चुकी है और इसी वजह से कंपनी पर जल्द ताला लग सकता है। हार्लेंड एंड वोल्फ शिपयार्ड ने साल 1909 से 1911 के बीच टाइटैनिक जहाज बनाया था। आज से करीब 100 साल पहले कंपनी में 35,000 लोग काम करते थे। अब दिवालिया हो चुकी कंपनी में महज 123 लोग ही बचे हैं।

टाइटैनिक जहाज के अतिरिक्त कंपनी ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान लगभग 150 से ज्यादा युद्धपोत भी बनाए थे। साल 1945 के बाद से कंपनी ने जहाज का निर्माण कम कर दिया था। बंद होने से पहले यह कंपनी पनविद्युत और समुद्री इंजीनियरिंग परियोजनाओं पर काम कर रही थी।

प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं संपन्न होता है। अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का।


नीलमः पहला पत्र हमें भेजा है, नैहाटी, पश्चिम बंगाल से माधव चंद्र सागौर ने। लिखते हैं, टी-टाइम प्रोग्राम में सबसे उपभोक्ता अधिकार के बारे में जानकारी मिली। वहीं एक युवा भारतीय क्रिकेटर का डोप टेस्ट में फेल होने बीसीसीआई और भारतीयों के लिए शर्मनाक घटना है। वहीं अमेरिका के एक एयरपोर्ट पर 2 साल के बच्चे का बैगेज चेकिंग बेल्ट में खेलने की घटना मां की लापरवाही से हुई।

जबकि फ्रांस के शेरेटं क्षेत्र के आंजेक जंगल में खुदाई के दौरान डाइनासोर के अवशेष मिलना चौकाने वाला समाचार था। उधर यूपी में नशे में धुत युवक द्वारा सांप को काटने की घटना बेवकूफी से कम नहीं कही जा सकती। माधव जी धन्यवाद।


अनिलः अब अगले पत्र की बारी है। जिसे भेजा है, खुर्जा यूपी से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं, पिछले कार्यक्रम में आपने जो जानकारियां सुनायी पसंद आयी। उपभोक्ता संरक्षण बिल पर विस्तार से जानकारी बहुत ही अच्छी लगी। क्रिकेट खिलाड़ी पृथ्वी शां पर बीसीसीआई ने बैन लगा दिया वाली जानकारी महत्वपूर्ण लगी। ऑस्ट्रेलिया में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजो की अंतिम इच्छा पूरी की जायेगी यह जानकारी दिल को छू गयी। ऑस्ट्रेलिया सरकार का यह प्रयास प्रंशसा योग्य है। कार्यक्रम में इसके अलावा अन्य जानकारियां भी सुनी और बेहतरीन लगी।

कार्यक्रम में एक फिल्मी गीत भी मनोरंजन से भरपूर लगा जिसके बोल थे प्यार तो हमेशा रहेगा।


नीलमः अब पेश है सऊदी अरब से सादिक आजमी का पत्र। लिखते हैं आज न सिर्फ टी टाइम का इस महीने का पहला अंक था अपितु अगस्त महीने का भी पहला दिन था। इस जुगलबंदी से लबरेज़ रोचक जानकारियों एवं मधुर संगीत से सुसज्जित समूचा कार्यक्रम ही उच्च कोटि का था। जिसके लिए आप दोनों का विशेष धन्यवाद।

सारोपाड नामक डाइनासोर के जांघ की भारी-भरकम हड्डी का मिलना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि इन जीवों का धरती पर कभी राज हुआ करता था।

शराब के नशे में आदमी द्वारा सांप को काटने की घटना हास्यास्पद ज़रूर है मगर हम उस आदमी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। साथ ही इस बार का हिंदी गीत महफ़िल में चमक बिखेरने में सफल रहा। पुनः तीनों जोक्स गुदगुदी करने में सफल रहे। कहते हैं अंत भला तो सब भला। धन्यवाद स्वीकार करें अच्छी प्रस्तुति के लिए।

दिल्ली के वीरेंद्र मेहता जी ने अपलोड सामग्री में व्यावधान के कारण पर आपका ध्यान केंद्रित कर हमारी मंशा भी पूरी कर दी। मैं इस असमंजस में था कि शायद मेरे स्मार्टफोन में कुछ खराबी आ गई है जो यह समस्या उत्पन्न हो रही है उनकी जागरूकता सराहनीय है। आप के माध्यम से उनका आभार।

धन्यवाद हमें पत्र भेजने के लिए।


अनिलः अब पेश है, खंडवा, मध्यप्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे का पत्र। लिखते हैं, हम परिवार के सभी सदस्य नियमित रूप से आपके टी टाइम प्रोग्राम का भरपूर आनंद लेते है। हम हिंदी सेवा की पूरी टीम और सभी श्रोता बंधुओं को इस सावन माह के पावन पर्व जैसे कि नागपंचमी, रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये एवं अनंत बधाईयां देना चाहते हैं। पिछले टी टाइम में प्रसारित अजीबोगरीब एवं चटपटी बातें, हिन्दी गीत, मजेदार जोक्स और श्रोता बंधुओं के द्वारा भेजी गई प्रतिक्रियाएं सुनकर हमारा दिल खुश हो गया। इस बार के टी टाइम प्रोग्राम में हमारा पत्र भी शामिल किया गया। जिसे सुनकर हमें बहुत खुशी हुई । धन्यवाद


नीलमः अब बारी है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल के पत्र की। लिखते हैं, पिछले प्रोग्राम में भारत में उपभोक्ता अदालत की पहल से लोगों को होने वाले लाभ के बारे में बताया गया। वहीं डोप टेस्ट में फेल होने का समाचार सुना। जबकि फ्रांस में डायनासोर के अवशेष मिलने के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही प्रोग्राम में पेश तमाम अन्य जानकारियां भी बहुत अच्छी लगी। धन्यवाद।


अनिलः अब पेश है, पंतनगर, उत्तराखंड से वीरेंद्र मेहता का पत्र। लिखते हैं, टी टाइम प्रोग्राम का नया अंक सुना - पहली खबर जो कि हक व अधिकार से जुड़ी हुई थी। अब देखना यह होगा कि राज्यसभा में इस बिल के पारित होने के बाद जमीनी तौर पर यह आम व्यक्तियों के लिए कितना मददगार होगा। जबकि अमेरिका के अटलांटा में 2 साल के बच्चे की मासूमियत भरी हरकतें सुनी , पर अब वह अपनी मां के हाथों में सुरक्षित है जान कर अच्छा लगा। पर हां बच्चे की मां को कुछ ना कुछ तो सबक मिला ही होगा जब वह कुछ समय के लिए अपनी मां से दूर रहा होगा। वहीं फ्रांस के सेंरेट क्षेत्र के जंगल में 1400 लाख साल पुरानी डायनासोर की हड्डी का मिलना सचमुच एक अपने आप में इतिहास है , यह जानकारी मुझे रोचक लगी। वीरेंद्र लिखते हैं कि अब मैं पंतनगर ( सिडकुल ) जो कि उधम सिंह नगर डिस्ट्रिक्ट में आता है और नैनीताल - अल्मोड़ा के बहुत करीब है। यहीं एक कंपनी में जॉब कर रहा हूं। आने वाले दिनों में कोशिश करूंगा कि मैं आपकी सामने कुछ न कुछ रोचक भरी बातें या किसी अन्य टॉपिक पर कुछ बातें आपसे साझा करूं। धन्यवाद।


नीलमः अब अगला पत्र भेजा है, दरभंगा बिहार से। लिखा है कि उपभोक्ता अदालतों को पहले से अधिक मजबूत बनाने का काम सराहनीय है। वहीं बताया गया कि लापरवाही के कारण एक बच्चे की जान खतरे में पड़ गई। उम्मीद करते हैं बच्चे की मां अगली बार उसका पूरा ख्याल रखेगी।

वहीं अब डॉक्टर और ऑस्ट्रेलिया सरकार मरीजों की आखिरी ख्वाहिश पूरी करेंगी। ऑस्ट्रेलिया में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की अंतिम इच्छा पूरी की जाएगी। यह जानकारी बहुत अच्छी लगी। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।


अनिलः अब प्रस्तुत है, केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल द्वारा भेजा गया पत्र। लिखते हैं कि "खेल जगत" के अंतर्गत पाकिस्तान के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज मोहम्मद आमिर द्वारा टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिये जाने के समाचार के साथ उनकी खेल उपलब्धियों का ज़िक्र किया जाना सूचनाप्रद लगा। जबकि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक अगस्त से 16 सितंबर के बीच एशेज सीरीज खेली जायेगी। इसके साथ ही एशेज की कहानी पर दी गई जानकारी भी महत्वपूर्ण लगी। अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय मुक्केबाज़ विदेश में प्रशिक्षण लेने नहीं जायेंगे, बल्कि विदेशी मुक्केबाज प्रशिक्षण के लिए भारत आयेंगे। यह समाचार भी हमें ख़ास लगा। वहीं फुटबाल और थाईलैंड ओपन बॉक्सिंग प्रतियोगिता के समाचारों से अपडेट कराने के लिए भी शुक्रिया। धन्यवाद।


नीलमः वहीं सुरेश आगे लिखते हैं, "टी टाइम" के अंतर्गत सबसे पहलेहक़ों को अधिक अधिकार देने और उपभोक्ता अदालतों को पहले से ज्यादा मज़बूत बनाने हेतु उपभोक्ता संरक्षण बिल पर लोकसभा द्वारा मुहर लगाये जाने सम्बन्धी समाचार देने का शुक्रिया। वैसे ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पुराने क़ानून में बदलाव की अत्यधिक आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वहीं यह जानकर निराशा हुई कि भारतीय क्रिकेट टीम के युवा एवं उभरते सितारे पृथ्वी शॉ पर डोप टेस्ट में फेल होने पर 15 नवम्बर तक के लिये बीसीसीआई द्वारा उन पर बैन लगा दिया गया है। इसी वजह से उन्हें वेस्टइंडीज दौरे के लिए भी नहीं चुना गया था। दुःख की बात तो यह है कि इतने होनहार खिलाड़ी भी प्रतिबन्धित चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं।

वहीं एक दो साल के बच्चे का बैगेज चेकिंग में घुसकर खेलने का वीडियो वायरल होने सम्बन्धी जानकारी भी हैरान करने वाली लगी। यह बच्चे की माँ द्वारा की गयी घोर लापरवाही का परिणाम था। शुक्र है कि बच्चे को नुक़सान नहीं पहुंचा।

वहीं उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शराब के नशे में धुत एक शख्स को सांप द्वारा काटे जाने के बाद गुस्से में उस द्वारा सांप को दांतों से चबाकर उसके टुकड़े-टुकड़े कर डालने का समाचार तो इतना वीभत्स लगा कि उस पर कोई टिप्पणी न करना ही बेहतर होगा।

हर बार की तरह आज के अंक में भी श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं एवं ज़ोक्स को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना उसकी रोचकता में वृद्धि कर गया। धन्यवाद फिर एक मनभावन प्रस्तुति के लिये।

सुरेश जी हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया।


अनिलः इसके साथ ही सुरेश जी ने हमें एक कविता भी भेजी है, जिसका शीर्षक है। हैप्पी मंदी।

*मंदी में पति की लिखी एक कविता अपनी पत्नी को...*

प्रिय क्यूँ तुम नए-नए

सूट सिलाती हो !

पुरानी साड़ी में भी तुम

अप्सरा सी नजर आती हो !!!

इन ब्यूटी पार्लरों के

चक्करों में ना पड़ा करो !

अपने चांद से चेहरे को

क्रीम पाउडर से यूँ ना ढका करो !!

रेस्टोरेंट होटल के खाने में क्या रखा है !

तुम्हारे हाथों से बना घर का खाना,

इनसे लाख गुना अच्छा है !!!

इन सैर सपाटों में वो बात कहाँ !

तुम्हारे मायके जैसा

ऐशो-आराम कहाँ !!!

नौकरों से खिटपिट में,

मत सेहत तुम अपनी खराब करो !

झाडू-पौछा लगा

हल्का सा व्यायाम करो !!!

सोने-चांदी में मिलती

अब सौ-सौ खोट है !

तुम्हारी सुन्दरता ही

24 कैरेट प्योर गोल्ड है !!!

माया-माया मत किया कर पगली,

यह तो महा ठगिनी है !

मेरे इस घर-आंगन की तो,

तू ही असली धन लक्ष्मी है !! हैप्पी मंदी


श्रोताओं की टिप्पणी के बाद समय हो गया है जोक्स यानी हंसगुल्लों का।

पहला जोक

पड़ोसन: आपके बर्तन बड़े चमक रहे हैं। धोने के लिए किसका इस्तेमाल करती हैं?

पत्नी: पति का।


दूसरा जोक

सोनू स्कूल में गधा लेकर आया

टीचर- यह क्यों लेकर आए हो?

सोनू- मैम, आप ही तो कहती हो कि मैंने बड़े से बड़े गधों को इंसान बनाया है...

तो मैंने सोचा कि इसका भी भला हो जाए.


तीसरा जोक

पप्पू परेशान होकर अपने फेकू से: कहां मरूं मैं, कोई मरने ही नहीं देता..

फेकूः क्यों क्या हुआ?

पप्पूः किसी लड़की को बोलता हूं कि तुम पर मरता हूं तो ब्लॉक कर देती हैं।

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