20190117

2019-01-16 10:03:00
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अनिलः दोस्तो, कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं।

आपने अक्सर लोगों के घरों में लाफिंग बुद्धा की छोटी-बड़ी मूर्तियां या तस्वीरें देखी होंगी। लोग इसे सुख-समृद्धि का प्रतीक मानते हैं और गुड लक लाने के लिए अपने-अपने घरों में रखते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि लाफिंग बुद्धा थे कौन और कहां के रहने वाले थे और इनकी हंसी का राज क्या है? तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आखिर लाफिंग बुद्धा की हंसी के पीछे क्या राज छुपा है।

लाफिंग बुद्धा की हंसी की कहानी बड़ी ही दिलचल्प है। कहा जाता है कि महात्मा बुद्ध के एक शिष्य हुआ करते थे, जिनका नाम था होतई। वो जापान के रहने वाले थे। ऐसा माना जाता है कि जब होतेई को ज्ञान की प्राप्ति हुई, तब वह जोर-जोर से हंसने लगे। तभी से उन्होंने लोगों को हंसाना और खुश देखना अपने जीवन का एकमात्र उद्देश्य बना लिया।

कहा जाता है कि होतेई जहां भी जाते वहां लोगों को अपना बड़ा पेट दिखाकर हंसाते रहते। इसी वजह से जापान और चीन में लोग उन्हें हंसता हुआ बुद्धा बुलाने लगे, जिसको अंग्रेजी में लाफिंग बुद्धा कहते हैं। होतई की तरह ही उनके अनुयायियों ने भी उनके एकमात्र उद्देश्य यानी लोगों को हंसाना और खुशी देना, को देश-दुनिया में फैलाया।

चीन में तो होतई यानी लाफिंग बुद्धा के अनुयायियों ने उनका इस कदर प्रचार किया कि वहां के लोग उन्हें भगवान मानने लगे। वहां लोग इनकी मूर्ति को गुड लक के तौर पर घरों में रखने लगे। हालांकि चीन में लाफिंग बुद्धा को पुताइ के नाम से जाना जाता है।

जिस तरह भारत में भगवान कुबेर को धन का देवता माना जाता है, ठीक उसी प्रकार चीन में लाफिंग बुद्धा को ही सब कुछ माना जाता है। चीन वास्तु शास्त्र यानी फेंग शुई में घर में संपन्नता के लिए लाफिंग बुद्धा रखे जाते हैं। माना जाता है कि इनको घर में लाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

अब समय हो गया है अगली जानकारी का।

भले ही सचिन तेंदुलकर क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन देश-विदेश में उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है. लोग सचिन को लेकर दीवाने हैं. केरल में ऐसे ही एक प्रोफेसर सामने आए हैं, जिन्होंने सचिन तेंदुलकर पर केंद्रित अनूठी लाइब्रेरी स्थापित की है, जो चर्चा का केंद्र बन गई है.

मालाबार क्रिश्चियन कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर वशिष्ट मणिकोठ ने कोझीकोड में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर पर केंद्रित लाइब्रेरी स्थापित की है. इस लाइब्रेरी में सचिन की आत्मकथा, संस्मरण समेत उनपर केंद्रित 60 किताबें हैं. खास बात यह है कि ये किताबें 11 भाषाओं में हैं. जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलगू, मलयालम, कन्नड़, मराठी और गुजराती आदि हैं. वशिष्ट मणिकोठ द्वारा स्थापित यह अनूठी लाइब्रेरी अब आसपास चर्चा का केंद्र बन गई है. खासकर युवाओं में यह खूब लोकप्रिय हो रही है.

नीलमः कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं यह जानकारी।

बच्चों के खिलाफ अश्लील सामग्री परोसने वाली वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स के खिलाफ भारत सरकार कड़े कदम उठाने जा रही है। इस बदलाव के बाद चाइल्ड पोर्नोग्राफी और फर्जी खबरों को फैलाने वाले ऐप व वेबसाइट पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी और इन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जा सकेगा।

नए नियम के मुताबिक यदि कोई मोबाइल ऐप या वेबसाइट आईटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन करेंगे तो उन पर 15 करोड़ तक का जुर्माना या पूरी दुनिया में होने वाली कमाई का 4 फीसदी बतौर जुर्माना देना होगा। वहीं आईटी एक्स 69ए के तहत सरकार किसी भी वेबसाइट और ऐप को बंद करने का आदेश दे सकती है।

बता दें कि कुछ दिन पहले इस मामले को लेकर एक बैठक हुई थी जिसमें साइबर लॉ डिवीजन, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ के अधिकारी, गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप, अमेजन, याहू, ट्विटर, शेयरचैट और सेबी के प्रतिनिधि शामिल थे।

ये कंपनियां भारत में अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी। साथ ही इन कंपनियों को 180 दिनों का पूरी लेखा-जोखा भी रिकॉर्ड के रूप में रखना होगा। इस अधिनियम के लागू होने के बाद फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप, शेयरचैट, गूगल, अमेजॉन, और याहू जैसी कंपनियों को सरकार द्वारा पूछे गए किसी मैसेज के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी।

अनिलः

बेहतरीन लेखक रस्किन बॉन्ड की भूतिया कहानियों को अब आप वेब सीरिज 'परछाई' में देख सकते हैं। यह वेब सीरीज जी5 पर उपलब्ध होगी। सीरीज में बॉन्ड द्वारा लिखी गई 12 कहानियों पर आधारित एपिसोड की एक श्रृंखला होगी।

वेब सीरीज पर बात करते हुए बॉन्ड ने बताया- मैं खुश हूं कि मेरी कहानियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म मिल रहा है। मैं उन्हें देखने के लिए उत्सुक हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरे पाठक इस श्रृंखला का आनंद लेंगे।

इस वेब सीरीज का पहला एपिसोड 15 जनवरी को ऑनएयर होगा। बाकी की कहानियां इस साल के जून महीने तक दर्शकों के सामने होंगी। पहले चार एपिसोड वीके प्रकाश और अनिरुद्ध रॉय चौधरी द्वारा निर्देशित- "द घोस्ट इन द गार्डन एंड द विंड ऑन हॉन्टेड हिल" और "विल्सन ब्रिज एंड द ओवरकोट" पर आधारित होंगे।

रस्किन बॉन्ड ने लेखन के लिए अंग्रेजी को चुना। उन्हें अंग्रेजी में लघु कहानियों के संकलन पर 1992 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। 1999 में बाल साहित्य में योगदान के लिए वे पद्म श्री से सम्मानित हुए। बॉन्ड ने महज 17 साल की उम्र में अपना पहला उपन्यास 'रूम ऑन द रूफ' लिखा। यह इतना पसंद किया गया कि इसके लिए बॉन्ड को 1957 में जॉन लिवेलिन् राइस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

नीलमः आप में से शायद ही कोई ऐसा होगा जो मिस्ड कॉल आने के बाद उसी नंबर पर कॉल नहीं करता होगा। अधिकतर लोग मिस्ड कॉल के बाद उसी नंबर पर कॉल करते हैं ताकि पता चल सके कि किसने और किस काम के लिए कॉल किया था, लेकिन यदि आप भी मिस्ड कॉल के बाद फोन करते हैं तो आज ही बंद कर दीजिए, क्योंकि आपके साथ धोखा हो सकता है और आपकी पूरी कमाई किसी और के खाते में जा सकती है।

मुंबई के एक बिजनेसमैन के मोबाइल नंबर पर 27-28 दिसंबर की आधी रात को 6 मिस्ड कॉल आए और उसके बाद उसके अलग-अलग अकाउंट से 1.86 करोड़ रुपये गायब हो गए। पीड़ित का नाम वी शाह है।

शाह के फोन पर रात के 2 बजे +44 कोड वाले नंबर से 6 मिस्ड कॉल आए। बता दें कि यह ब्रिटेन का कोड है। उसके बाद उन्होंने सुबह में उस नंबर पर कॉल किया तो पता चला कि उनका खुद का सिम ही बंद हो गया है। इसके बाद जांच में पता चला कि शाह की शिकायत पर ही उनके नंबर को ब्लॉक कर दिया गया है।

उसके बाद शाह बैंक में गए तो पता चला कि उनके खाते से 1.86 करोड़ रुपये गायब हैं और अलग-अलग 14 खातों में पैसे भेजे गए हैं व कुल 28 ट्रांजेक्शन किए गए हैं। वहीं बैंक की कोशिशों के बाद सिर्फ 20 लाख रुपये वापस मिले हैं और बाकी पैसे नहीं मिल पाएंगे।

अनिलः अब बात करते हैं फूड हैबिट्स की।

अच्छी सेहत के लिए हम अपनी डाइट में पौष्टिक चीजों को शामिल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ इनका सेवन करना काफी नहीं है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए समय पर खाना और उसे सही से पचाना बहुत महत्वपूर्ण होता है। कई लोग खाना खाने के बाद ऐसी गलतियां करते हैं जिससे हमें खाने का पोषण मिलने की बजाय उसका उल्टा असर होता है।

तमाम लोगों को खाने के साथ या खाने के बाद फल खाने की आदत होती है। बता दें, खाना खाने के साथ या तुरंत बाद फल खाने से हमारे शरीर को उसके पोषण नहीं मिल पाते हैं क्योंकि अगर हम खाने के साथ इसका सेवन करते हैं तो यह सही तरीके से हमारे इंटेस्टाइन तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसलिए ध्यान रखें कि हमेशा खाना खाने के बाद कम से कम एक घंटे का अंतर रखें और तब फल का सेवन करें। इसके अलावा फलों को सुबह खाली पेट खाने की कोशिश करें।

खाना खाने के कुछ देर तक कभी भूलकर भी नहाने न जाएं। ऐसा करना आपकी सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। दरअसल, खाना खाने के बाद नहाने से पेट के चारों ओर रक्त प्रवाह बढ़ जाता है जिससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है और खाना सही से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है।

बहुत सारे लोगों को खाना खाने के बाद चाय पीने की लत होती है। अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं तो सावधान हो जाएं क्योंकि चाय की पत्तियों में उच्च अम्लीयता होती है जो पाचन पर असर डालती है, जिससे खाना आसानी से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है। खाना खाने के दो घंटे बाद तक चाय को एवॉइड करने की कोशिश करें।

दोस्तो, प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं संपन्न होता है।

अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी शामिल करने का।

पुनः अपने पसंदीदा कार्यक्रम टी टाइम का आनंद लेने के बाद आपकी सेवा में उपस्थित हूँ। यहाँ का मौसम काफी ठंडा हो चुका है और सर्दी के इस मौसम में कॉफी की चुस्कियों के साथ प्रोग्राम का आनंद ले रहा हूँ।

आरम्भ में रोचक जानकारी रूस के एक शहर में अंधेरे को लेकर काफी अचंभित करने वाली थी। हमको याद है एक बार करीब 27 वर्ष पहले इसी जनवरी महीने में हमारे गांव में 14 दिन तक सूर्य नहीं निकला था यानि घना कोहरा छाया रहा था। हालत इतनी दयनीय होगी थी की शब्दों में बयां करना मुश्किल है। अब अगर दो महीने तक सूर्य न निकले तो वहां क्या हालत होगी।

विश्वराज सेठी जी से लिया गये साक्षात्कार से एक बार फिर चीन में सुधार और खुलेपन की नीति का पता चला। जिसको आज समूची दुनिया स्वीकार कर रही है।

इस बार के जोक्स सुनकर बहुत मज़ा आया। जिसके लिए अनिल जी को धन्यवाद।

श्रोताओं की टिपणी तो कार्यक्रम में रोचकता बरकरार रखते हैं जिसका भविष्य में स्थान सुनिश्चित रहना चाहिए। शुक्रिया पुनः रोचक और ज्ञानवर्धक प्रस्तुति के लिए।

सादिक जी हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया।

अब पेश करते हैं अगला पत्र। जिसे भेजा है, खुर्जा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं, कार्यक्रम टी टाइम सुनकर सारे दिन की थकान और टैंशन दूर हो जाती है। हम इस कार्यक्रम को पूरे परिवार के साथ बैठकर सुनते हैं और पसंद भी आता है। 10 जनवरी का कार्यक्रम आपकी दिल को छूने वाली आवाजो में सुनकर दिल बहुत खुश हुआ। कार्यक्रम में आई टी कंपनी के प्रबंध निदेशक विश्वराज शेट्टी से भाई अनिल पांडेय जी ने जो चर्चा सुनवायी बहुत अच्छी लगी। इस चर्चा को सुनकर हमने यह भी जाना कि चीन अन्य देशो के मुकाबले काफी आगे निकल गया है।

जानकारियों के क्रम में रूस के शहर नोरिलसक में दो महीने तक अंधेरा, अमेरिका में ग्रीन कार्ड वाली जानकारी और स्विट्जरलैंड में लाइव शो के दौरान करोड़पति घोषित करना और हाथ के हाथ निर्णय वापिस लेना।यह सभी जानकारियां सुनकर दिल खुश भी हुआ और जानकारियों में इजाफा भी हुआ।

कार्यक्रम में श्रोताओ के पत्र और उत्तर सुनकर आप जो पिछले कार्यक्रम सुनवाते हो उस का संछिप्त में दुबारा कार्यक्रम कार्यक्रम सुनने का अहसास होता है।

कार्यक्रम में जोक्स बिल्कुल नए सुनवाये और पसंद भी आये।

शानदार प्रस्तुति के लिए धन्यवाद।

हमें पत्र भेजने के लिए धन्यवाद।

अब समय हो गया है अगले पत्र का। जिसे भेजा है, छत्तीसगढ़ से आनंद मोहन बैन ने। लिखते हैं टी टाइम काफी रोचक होता। रूस के साइबेरिया के शहर को दुनिया का सबसे ठंडा शहर माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठंड के दिनों में यहां का न्यूनतम तापमान -61 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है, जबकि यहां का औसत तापमान भी माइनस 10 डिग्री सेल्सियस रहता है। दो महीना अँधेरा रहता है। हालांकि आपने यह नहीं बताया कि यहां कितने लोग रहते हैं। वहीं आईटी कंपनी में प्रबंध निदेशक विश्वराज शेट्टी के साथ चर्चा अच्छी लगी। जो कि लंबे समय से चीन में रह रहे हैं। इनके साथ बातचीत काफी अच्छा लगी। चीन मैन्युफैक्चरिंग हब बन गया है लोअर इनकम ग्रुप अब मिडिल इनकम ग्रुप में आ गया है। रातों रात परिबर्तन हो रहा है। उन्होंने सही कहा कि विकास का सबसे बड़ा योगदान सही निर्णय एवं शीघ्र निर्णय लेने से होता है।

आनंद जी धन्यवाद।

अब एक और पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं हमेशा की तरह आपका प्रोग्राम सुना। कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम सुना कि रूस के साइबेरिया में पड़ने वाला एक शहर 'नोरिल्स्क' को विश्व का सबसे ठंडा शहर माना जाता है, जहाँ ठंड के दिनों में न्यूनतम तापमान -61 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है और औसत तापमान भी -10 डिग्री सेल्सियस रहता है। वहाँ के लोग इतने ठंड और अंधेरे में काफी कष्ट में होंगे।

आईटी कंपनी में प्रबंध निदेशक पद पर कार्यरत भारतीय विश्वराज शेट्टी के साथ चीन में सुधार और खुलेपन की 40वीं वर्षगांठ के बारे में सुना। यह भेंटवार्ता अच्छी लगी।

वहीं अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए पहले से तय सभी देशों का कोटा खत्म होने से अमेरिकी श्रम बाजार में मौजूदा भेदभाव खत्म होगा। साथ ही अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए भारतीयों और चीनियों की संख्या में भी बढोतरी होगी। यह ग्रीन कार्ड अप्रवासी नागरिकों को स्थायी रूप से अमेरिका में रहने और वहां काम करने की अनुमति देता है।

वहीं स्विट्जरलैंड में एक व्यक्ति ने पल भर में करोड़पति बन गया और तुरंत हुए कंगाल। आयोजकों यह उचित नहीं किया।

श्रोताओं की टिप्पणी में सर्वप्रथम सऊदी अरब के सादिक आजमी का पत्र पढा गया। उसके बाद क्रमशः मुक्तसर पंजाब के गुरमीत सिंह, बेहाला कोलकाता के प्रियंजीत कुमार घोषाल, खुर्जा उत्तर प्रदेश के तिलक राज अरोड़ा और अंत में केसिंगा उड़ीसा के मॉनिटर भाई सुरेश अग्रवाल का पत्र पढ़ा गया।

अंत में गुदगुदाने वाला दोनों जोक्स से श्रोताओं को हँसाते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की गई ।

धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

शंभू जी हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया।

अब पेश है, अगला पत्र। जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं प्रोग्राम में आईटी कर्मी विश्वराज के साथ चीन के विकास के बारे में चर्चा सुनी। इसके साथ ही प्रोग्राम में पेश अन्य जानकारियां और जोक्स भी अच्छे लगे। धन्यवाद।

वहीं ढोली सकरा बिहार से दीपक कुमार दास लिखते हैं कि टी-टाइम प्रोग्राम बहुत अच्छा लग रहा है। आपने चीन के बारे में विश्वराज जी के साथ चर्चा की। उन्होंने चीन में काम करते हुए चीन के विकास की रफ्तार को महसूस किया है। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

अब पेश है आज के प्रोग्राम का आखिरी पत्र। जिसे भेजा है, केसिंगा, उड़ीसा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं, कार्यक्रम की शुरुआत दुनिया के सबसे सर्द साइबेरियाई शहर नोरिल्स्क की चर्चा से किया जाना सूचनाप्रद लगा। ठंड के दिनों में यहां का न्यूनतम तापमान का -61 डिग्री सेल्सियस तक चला जाना और औसत तापमान भी माइनस 10 डिग्री सेल्सियस रहना, सुन कर ही शरीर में कंपकपी आने लगती है। समझ में नहीं आता कि जहां साल के अधिकतर समय बर्फ़ जमी रहती हो, वहां लोग जीवन-यापन के ज़रूरी कार्यों को कैसे अंज़ाम देते होंगे। फिर वहां तो दिसम्बर-जनवरी दो महीने सूर्योदय ही नहीं होता।

कार्यक्रम में विगत बारह वर्षों से चीन में रहने वाले सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ एवं एक आईटी कंपनी में प्रबंध निदेशक विश्वराज शेट्टी के साथ की गई बातचीत अत्यन्त महत्वपूर्ण लगी। विशेषकर, चीन में सुधार और खुलेपन की 40वीं वर्षगांठ के संदर्भ में की गयी यह बातचीत काफी अहम कही जायेगी। विश्वराज जी ने चीन को विश्व की फैक्ट्री और उसके तकनीकी विकास को अकल्पनीय कहा, जो कि बिलकुल सही प्रतीत हुआ। यह तमाम बातें निश्चित तौर पर चीन को विश्व लीडर बनने की ओर अग्रसर कर रही हैं। इस परिप्रेक्ष्य में राष्ट्राध्यक्ष शी चिनफिंग की भूमिका काफी असरदार रही है, इसमें भी दोराय नहीं। सचमुच, यह बातचीत काफी सार्थक लगी।

जानकारियों के क्रम में अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए पहले से तय सभी देशों का कोटा खत्म होने एवं अमेरिकी श्रम बाजार में मौजूदा भेदभाव खत्म होने सम्बन्धी जानकारी भी काफी अहम लगी, क्यों कि अब अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए भारतीय और चीनियों की संख्या में इजाफा होगा।

वहीं स्विट्जरलैंड में लाइव टीवी शो की लॉटरी में एक शख्स का पल भर में करोड़पति बनने तथा बाद में लॉटरी का ड्रा गलत होने की बिना पर उसके कंगाल होने का किस्सा काफी अनूठा लगा। मेरी राय में इसका कुछ खामियाजा तो लॉटरी आयोजकों को भी अवश्य भुगतना चाहिए। इन तमाम बातों के अलावा कार्यक्रम में श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं तथा जोक्स का समाहित किया जाना, उसे मज़ेदार बना गया। धन्यवाद।

सुरेश जी हमें पत्र भेजने के लिए धन्यवाद। इसी के साथ श्रोताओं के पत्र यहीं संपन्न होते हैं।


अनिलः अब समय हो गया है जोक्स का

पहला जोक..

राजू: सर मुझे कुछ याद नहीं रहता है।

टीचर: अच्छा बताओ कि क्लास में तुम्हारी पिटाई कब हुई थी?

राजू: सोमवार को।

टीचर: यह कैसे याद रह गया?

राजू: सर प्रैक्टिकल में नहीं, थ्योरी में प्रॉब्लम है।

दूसरा जोक..

संजू अपनी गर्लफ्रेंड के पिता से मिलने गया...

लड़की का पिता: मैं नहीं चाहता कि मेरी बेटी अपनी पूरी जिंदगी एक मूर्ख इंसान के साथ गुजारे…

संजू: बस अंकल, इसीलिए तो मैं उसे यहां से ले जाने आया हूं

दे जूते… दे चप्पल…

तीसरा जोक

पति और पत्नी का ज़ोरदार झगड़ा होता है.

पति गुस्से से- तेरी जैसी 50 मिलेंगी

पत्नी हंसके- अभी भी मेरी जैसी ही चाहिए!!

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