20181108

2018-11-07 19:20:35
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अनिलः दोस्तो, आज के कार्यक्रम में रोचक जानकारी के अलावा हाल के दिनों में चीन आए भारतीय चावल के निर्यातक के साथ चर्चा पेश की जाएगी।

पहले सुनते हैं यह जानकारी..न्यूयॉर्क शहर में एक नया मेहमान आया है। एक रंग बिरंगी बतख। न्यूयॉर्क के लोग उस वक्त हैरान रह गए जब उन्होंने एक अनूठी बतख शहर के सेंट्रल पार्क में देखी। यह एक नर मंदारिन बतख था जिसका अमरीका में पाया जाना किसी पहेली से कम नहीं है।

कहानी शुरू होती है 10 अक्टूबर से, जब कुछ पक्षीप्रेमियों के एक समूह 'मैनहेटन बर्ड अलर्ट' ने न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में अठखेलियां करते इस खूबसूरत पक्षी का वीडियो ट्विटर पर डाला। इसके बाद शहर के पक्षीप्रेमी इस खूबसूरत मेहमान से मिलने के लिए अपने घरों से दौड़ पड़े।

मैनहैटन बर्ड अलर्ट के मुताबिक, ये बतख इतनी खूबसूरत थी कि उसने कैरोलीना की बतख से 'पार्क में सबसे सुंदर' का खिताब छीन लिया। मंदारिन चीन की भाषा है। मंदारिन बतख पूर्वी चीन, कोरियाई प्रायद्वीप और जापान में पाई जाती है।  

अब सुनते हैं भारतीय चावल निर्यातक के साथ हुई चर्चा।

चर्चा...

..यह चर्चा आपको कैसी लगी, हमें जरूर बताइएगा। 

नीलमः उधर चीन में ऐसी घटना हुई जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए. दक्षिण पश्चिम चीन में चलती बस में चालक और एक यात्री के बीच झगड़े के चलते बस नदी में गिर गई जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई. यह जानकारी पुलिस ने शुक्रवार को दी. सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है. रविवार को हुई दुर्घटना के वीडियो फुटेज में दिख रहा है कि एक महिला किसी वस्तु से चालक के सिर पर प्रहार करती है और उसे एक हाथ से प्रहार करने के लिए उकसाती है

महिला एक बार और प्रहार करती है. इससे बाद चालक झटके से व्हील को बांयी तरफ घुमाता है और बस सामने की ओर से आ रहे यातायात में चली जाती है. दक्षिण पश्चिम चॉगकांग शहर के यांग्त्जी नदी में पुल पार करते वक्त बस रैलिंग को तोड़कर नदी में गिर गयी. पुलिस ने 13 शवों को नदी से बाहर निकाला है जबकि दो लोग लापता है. बस में 15 लोग सवार थे.

 अनिलः अब समय हो गया है अगली जानकारी का। 

उत्तराखंड के चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने उदाहरण पेश किया है। उन्होंने प्राइवेट स्कूल की जगह अपने दो वर्षीय बेटे का दाखिला आंगनबाड़ी में कराया. गोपेश्वर गांव के आंगनबाड़ी सेंटर में उन्होंने दाखिला कराया. बेटे को दाखिला दिलाने को चमोली की डीएम स्वाति भदौरिया खुद आंगनबाड़ी केंद्र लेकर पहुंचीं. दाखिले के बाद स्वाति के बेटे को आंगनबाड़ी केंद्र की कक्षा में बच्चों के साथ बिठाया गया. 

डीएम के बच्चे ने केंद्र में अन्य बच्चों के साथ क्लास में खेल-खेल में पढ़ने की शुरुआत की और अन्य बच्चों की तरह साथ बैठकर यहीं का बना भोजन किया. दाखिला कराने के बाद डीएम स्वाती अपनी ड्यूटी पर चली गईं. ANI से बात करते हुए स्वाति ने कहा- आंगनबाड़ी केंद्र में आम बच्चों के साथ रहकर बच्चा सोशल, मेंटल, फिजिकल ग्रोथ करेगा तथा आम बच्चों के बीच रहकर बच्चे का विकास होगा.

नीलमः प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं अगली जानकारी। 

ईरान से कच्चे तेल आयात संबंधी प्रतिबंध नवंबर से लागू हो जाने के बाद भारत अपने इस तीसरे सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता देश को कच्चे तेल के लिए एक बार फिर से रुपये में भुगतान कर सकता है. एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ईरान से कच्चे तेल के आयात के लिये यूको बैंक या आईडीबीआई बैंक के जरिये भुगतान कर सकते हैं. ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध चार नवंबर से प्रभावी हो जायेंगे. इसके बाद ईरान के साथ बैंकिंग चैनल का इस्तेमाल करते हुये डालर में भुगतान करना मुश्किल होगा. 

अनिलः वहीं सरकारी स्वामित्व वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया ने शनिवार को ऐलान किया कि वह अगले महीने के आखिर से गोवा सहित कुछ घरेलू हवाई मार्गों पर देर रात की उड़ान सेवायें (रेड-आई उड़ान) की शुरुआत करेगी. रेड आई उड़ानें आम तौर पर देर रात शुरू होती हैं और तड़के गंतव्य पर पहुंचती हैं. कम किराया होने की वजह से विदेशों में और खासकर अमेरिका एवं यूरोप में ऐसी उड़ानें काफी लोकप्रिय हैं. 

एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा है कि वह 30 नवंबर से दिल्ली-गोवा-दिल्ली, दिल्ली-कोयंबटूर-दिल्ली और बेंगलुरु-अहमदाबाद-बेंगलुरु जैसे मार्गों पर देर रात की उड़ान सेवाओं का परिचालन करेगी. इन उड़ानों का किराया सामान्य से कम होगा. 

नीलमः आज के प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं संपन्न होता है, अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का।

पहला पत्र भेजा है, जुबैल सऊदी अरब से सादिक आजमी ने। लिखते हैं, चाय की चुस्कियों के साथ कार्यक्रम टी टाइम सुनने का मज़ा ही कुछ और है। आज कार्यक्रम के आरम्भ में अति उत्साहित वाली खबर सुनने को मिली और पता चला कि आजकल अमेरिका में cow cuddling का प्रचलन बढ़ रहा है। जानवरों से प्रेम तो मानव इतिहास की पुरानी गाथा है। और हर देश में अलग-अलग पशुओं को पाला जाता है। और विशेषकर पश्चिमी देशों में कुत्तों को या बिल्लियों को पालने का चलन है। लेकिन देर से ही सही अब उनको समझ आ गया है कि भारतीय अत्यंत चतुर हैं वह उन पशुओं को पालते है जिससे वह लाभान्वित भी होते हैं। भैंस, बकरी, भेड़ और गाय के प्रति हम भारतीयों की आस्था भी जुड़ी है। जिससे समूची दुनियां परिचित है। भारतीय चावल की बढ़ती चीन में लोकप्रियता और व्यापर के नए अवसर को दर्शाती ए.के. गुप्ता जी से अनिल जी की वार्ता रोचक लगी। एशिया महाद्वीप पर दो प्रमुख देश और उनके बीच व्यापार को नया आयाम देता चावल, रिश्तों में भी सेतु का काम करे। यही कामना करता हूँ।

अमेरिका में एक भारतीय दंपति की रहस्यमयी मौत दुखदाई है। वहीं तुर्की वैसे तो ऐतिहासिक धरोहरों और लड़ाकों के लिए विख्यात है। मगर एक और कीर्तिमान अपने नाम कर बधाई का पात्र बना। विगत कुछ वर्षों से भारत में क्रिकेट के बाद अन्य दूसरे खेलों का प्रचलन बढ़ा है और उसमें उन्नति भी हो रही है।कबड्डी, जूडो, बॉक्सिंग तीरंदाजी, वेट लिफ्टिंग और कई अन्य विभागों में गोल्ड मैडल मिलना इसका प्रमाण है। और हम भारतीयों का मान भी बढ़ा है। लेकिन सबसे दुःख की बात यह है कि उनका प्रोत्साहन नहीं किया जाता। दिनेश कुमार जैसे न जाने कितने महारथी सरकार की इस उपेक्षा का शिकार हैं। आपकी आवाज़ आला अधिकारियों तक पहुंचे यही दुआ है। धन्यवाद शानदार प्रस्तुति के लिए।

सादिक आजमी जी, पत्र भेजने के लिए शुक्रिया। 

अनिलः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है, बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि हर बार की तरह इस बार भी टी-टाइम प्रोग्राम सुना। जिसमें आपने एपीडा के निदेशक के साथ चीन में चावल के निर्यात को लेकर चर्चा सुनाई। यह चर्चा बेहद अच्छी लगी। साथ ही हरियाणा के बॉक्सर के पैसे की इतनी कमी है कि वह अपने पिता के साथ आइसक्रीम बेचने को मजबूर है। उम्मीद करते हैं कि सरकार इस बारे में कुछ ध्यान देगी। इसके साथ ही प्रोग्राम में पेश अन्य जानकारियं और जोक्स भी शानदार लगे। धन्यवाद। 

अब समय है अगले पत्र का। जिसे भेजा है खुर्जा, यूपी से तिलक राज अरोड़ा और चंदन अरोड़ा आदि ने। लिखते हैं टी-टाइम प्रोग्राम बड़े ध्यान से सुना। कार्यक्रम में गुप्ता जी से चावल से संबंध में जो वार्ता सुनवायी गयी, बहुत पसंद आयी। विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा भारत में और दूसरे नंबर की प्रतिमा चायना में है, यह बात भी आपके माध्यम से पता लगी। जोक्स का तो कहना ही क्या, तीनों जोक्स सुनकर मजा आ गया। सुंदर कार्यक्रम की प्रस्तुति के लिये आपका आभार। 

नीलमः अब नेक्स्ट लैटर जिसे भेजा है केसिंगा उड़ीसा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं, कार्यक्रम "टी टाइम" के अन्तर्गत इन दिनों अमेरिका में छिड़े 'काओ कडलिंग' अथवा 'गाय को गले लगाना' अभियान, जिसमें वहां की जनता बढ़-चढ़ कर भाग ले रही है और उस पर जम कर पैसे भी ख़र्च कर रही है, की चर्चा सुन कर अधिक जानने की जिज्ञासा हुई, परन्तु विवरण अधूरा रहा।

इसके बाद कृषि-उत्पादों का निर्यात करने वाली भारत सरकार की संस्था एपीडा के निदेशक ए. के.गुप्ता से की गयी बातचीत सुनी, काफी महत्वपूर्ण लगी। चीन में भारतीय चावल को प्रमोट करने चल रही क़वायद काफी उत्साहवर्द्धक कही जायेगी। ज्ञात हुआ कि भारतीय चावल कोई 130 देशों में लोकप्रिय है, परन्तु पड़ोसी चीन में अब तक इसकी आमद नहीं हुई थी। मेरी राय में चीन द्वारा भारतीय चावल के आयात से दोनों देशों के बीच व्यापार सन्तुलन भी ठीक हो जायेगा। साथ ही तुर्की के इस्तांबुल में बने दुनिया के सबसे बड़े विमानतल की विशेषताएं चौंकाने वाली लगीं।         वहीं अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश को सत्रह स्वर्ण-पदक दिलाने वाले हरियाणा के बॉक्सर दिनेश कुमार के गुमनामी के अंधेरे में खोने का समाचार दुर्भाग्यपूर्ण कहा जायेगा। 

गुजरात में नर्मदा नदी पर स्थापित भारत के लौह-पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' अपनी ऊंचाई के साथ ही भारत के सम्मान को भी दुनिया में और ऊँचा करेगी।   इन तमाम बातों के अलावा कार्यक्रम में श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं को समुचित स्थान तथा पेश किये गये ज़ोक्स भी काफी रोचक लगे। धन्यवाद फिर एक चित्ताकर्षक प्रस्तुति के लिये।

अनिलः अब पेश करते हैं आज के प्रोग्राम का आखिरी पत्र, जिसे भेजा है, दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं, प्रोग्राम में सुना कि विश्व के सभी क्षेत्रों में लोग किसी न किसी पशु या जानवर के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। विज्ञान ने भी पुष्टि कर दी है कि जानवरों के साथ खेलने और समय बिताने से मानव मस्तिष्क को सुकून मिलता है। 

वहीं भारत सरकार की संस्था एपीडा के निदेशक ए.के.गुप्ता के साथ भेंटवार्ता सुनायी गयी, जिससे स्पष्ट हुआ कि चीनी लोगों को भी भारतीय चावल खाने को मिलेगा। 

खेल से जुड़ी जानकारी में बताया गया कि भारत के लिए 17 गोल्ड, 1 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले बॉक्सर दिनेश कुमार आज कल भिवानी में दो वक्त की रोटी और लोन चुकाने के लिए सड़कों पर आइसक्रीम का ठेला लगाते हैं। यह कैसी बिडम्बना है ? सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिये । धन्यवाद शानदार प्रस्तुति के लिए।

जोक्स..

पहला जोक.

सांता - नहीं नहीं... मैं यहा तो बिलकुल नहीं रहूँगा... इतना छोटा-सा कमरा, उपर से ना खिड़की, ना बाथरूम और ना ही टोईलेट... मुझे मेरे पैसे वापस चाहिये बस... अपार्टमेन्ट का मालिक - अरे पर ये... सांता - नहीं नहीं... पैसे वापस ही चाहिये मुझे तो बस... अपार्टमेन्ट का मालिक - अबे गवार आदमी, ये लिफ्ट है, मकान उपर है।

दूसरा जोक

पत्नी  ऑफिस  से थोड़ा जल्दी घर  पहुँची और

बेड़रुम का दरवाजा खोला तो देखा कि

कंबल में 2 की बजाये 4 टांगे नजर आ रही थी ।

उसने ना आव देखा ना ताव…

जोर जोर से क्रिकेट के बेट  से मारने लगी…

जब मार-मार कर थक गयी तो पानी पीने किचन में गयी,

तो उसने देखा कि पति  बाहर बालकनी में बैठे मेगेजीन  पढ़ रहा है ।

पति बोला – तेरा भाई-भाभी आये है,

मैंने उनको बेड़रुम में सुलाया है, जा के मिल ले…

मॉरल ऑफ द जोक- और करो शक

तीसरा जोक..

टीचर - तुमने Home Work क्यों नहीं किया ? पप्पू - मैं होस्टेल में रहता हुँ... टीचर - तो ? पप्पू - हॉस्टेल में Home Work कैसे कपर सकता हुँ ? Hostel Work देना चाहिये था न... उसके बाद पप्पू की ऐसी हुई पिटाई... दे थप्पड़... दे लप्पड़.

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