20181004

2018-10-04 18:59:38
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अनिलः लीजिए दोस्तो, कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं। शुरू करते हैं जानकारी देने का सिलसिला...साथ ही सुनवाई जाएगी बातचीत।

नौकरी के लिए बायोडेटा का होना बहुत जरूरी है। हर पेशेवर शख्स के पास उसका बायोडेटा होता है। आमतौर पर लोग अपने ईमेल पर इसकी कॉपी तैयार करके रखते हैं। जब भी किसी नौकरी के लिए आवेदन करना होता है, वे उसे प्रिंट करवाकर नियोक्ता को सौंप देते हैं। मगर एक शख्स इतना गरीब है कि उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह प्रिंट निकलवा सके।

अर्जेंटीना के रहने वाले 21 वर्षीय कार्लोस डुआर्ट को एक कैफे में नौकरी के लिए आवेदन देना था। प्रिंट आउट के पैसे ना होने पर उसने खुद अपने हाथों से बायोडेटा लिखा। उसे लगा कि इस काम के लिए लोग उसका मजाक उड़ाएंगे। मगर तभी कुछ ऐसा हुआ कि उस पर नौकरियों की बरसात होने लगी।

लीजिए अब सुनते हैं.....बातचीत....

आपको यह चर्चा कैसी लगी हमें जरूर बताइएगा।

दरअसल,जब नौकरी ढूंढ़ रहे शख्स की महिला दोस्त  Eugenia Lopez ने हाथ से लिखा बायोडेटा देखा तो फौरन उसे फेसबुक पर साझा कर दिया। वह देख रकर सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं कि उनके दोस्त ने दो अलग रंग के कलम से पूरा बायोडेटा लिखा। यहीं, पूरा पन्ना बिलकुल साफ-सुथरा था। महिला के पोस्ट को 19 हजार से ज्यादा लाइक्स मिले हैं। वहीं उसे कम से कम 10 हजार बार साझा किया जा चुका है।

फेसबुक पोस्ट इतना वायरल हुआ कि मीडिया में भी Carlos Duarte की खबरें चलाई गईं। उनकी लोकप्रियता देखते हुए कई कैफे और रेस्त्रां से उन्हें नौकरी के ऑफर मिले। इस बात के लिए वह अपनी दोस्त के शुक्रगुजार हैं।


नीलमः अब समय हो गया है अगली जानकारी का। भारत के स्मार्टफोन यूजर्स औसतन 1 जीबी डेटा रोजाना खपत करते हैं, जबकि कुछ समय पहले तक ही यह औसत 4 जीबी प्रतिमाह का था. वहीं एंट्री लेवल, मिड और प्रीमियम लेवल खंडों के यूजर्स की दैनिक ऑनलाइन गतिविधियां 90 मिनट से ज्यादा की होती हैं. नीलसन इंडिया रिपोर्ट में गुरुवार को यह जानकारी दी गई. नीलसन स्मार्टफोन 2018' रिपोर्ट में बताया गया कि दुनिया में भारत में स्मार्टफोन का बाजार सबसे तेजी से उभर रहा है, क्योंकि यहां किफायती हैंडसेट और किफायती डेटा की पैठ बढ़ी है. सभी खंडों के स्मार्टफोन की मांग यहां बढ़ी है.

आईपीजी-नीलसन इंडिया के निदेशक (प्रौद्योगिकी) अभिजित माटकर ने कहा, "हाई स्पीड 4जी इंटरनेट का उदय, बजट मोबाइल हैंडसेट, कॉल, डेटा की कीमतों में सुधार से भारत में स्मार्टफोन रखनेवालों की संख्या तेजी से बढ़ी है." यहां के मास मार्केट की मांग को पूरा करने के लिए नए चीनी और भारतीय हैंडसेट निर्माताओं ने 5,000 रुपये से भी कम की कीमत में किफायती हैंडसेट लांच किए हैं.

बात जब एप के प्रयोग की आती है, तो भात में चैट और वीओआईपी एप्स को सभी ग्राहक खंडों में बोलबाला है, जिसके बाद ब्राउसर एप आते हैं. निष्कर्षो में कहा गया कि सभी खंडों यूटोरेंट बीटा एप सबसे ज्यादा डेटा की खपत करता है, उसके बाद यूट्यूब है.


अनिलः उधर ....पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दाम के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और संघ शासित चंडीगढ़ ने पेट्रोलियम उत्पादों पर एक समान कर लगाने पर मंगलवार को सहमति जताई है. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इनके अलावा ये राज्य शराब, वाहनों के पंजीयन तथा परिवहन परमिट के मामले में भी एक समान दर रखने पर सहमत हुए हैं. पांचों राज्यों के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के अधिकारियों ने इस मामले को लेकर यहां एक बैठक में चर्चा की.

बयान में कहा गया, ‘‘बैठक के दौरान पेट्रोल एवं डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) की दरें समान रखने पर सहमति बनी’’.    शामिल राज्यों ने यह भी निर्णय लिया कि इसके संबंध में एक उप-समिति गठित की जाएगी जो अगले 15 दिनों में दरें एक समान रखने को लकर सुझाव देगी. बैठक में यह भी निष्कर्ष निकला कि एक समान दरों से व्यापार के हेर-फेर पर रोक लगेगा. हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि बैठक में तय किया गया कि पेट्रोल, डीजल पर वैट दरों में समानता लाने के प्रयास किये जाने चाहिये ताकि उपभोक्ताओं को राहत दी जा सके. पंजाब उन राज्यों में शामिल है जहां पेट्रोल पर पर सबसे ऊंची दर से वैट लगता है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने बैठक के बाद कहा, ‘‘इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा और इसके साथ-साथ कालाबाजारी पर रोक लगेगी’’.


नीलमः प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं, यह जानकारी।

छह बार के अकेडमी अवार्ड विजेता और ला ला लैंड के लिए ऑस्कर जीतने वाले निर्देशक डेमियन शैजेल और अभिनेता रयान गोसलिंग यूनिवर्सल पिक्चर्स की ‘फर्स्ट मैन’ के लिए फिर एक साथ आ रहे हैं। यह फिल्म नासा के चांद पर मानव भेजने के अभियान की कहानी पर केंद्रित है। इसमें नील आर्मस्ट्रॉन्ग के बारे में और 1961-1969 के वक्त को दिखाया गया है। फर्स्ट मैन में अकेडमी अवार्ड के नॉमिनी रयान गोसलिंग नील आर्मस्ट्रॉन्ग की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म को 75वें वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर प्रदर्शित किया गया था। फिल्म को आलोचकों से जबरदस्त समीक्षा मिली है और फेस्टिवल में शामिल लोगों द्वारा सराहा गया है। फिल्म को भारत में 12 अक्टूबर को रिलीज किया जाएगा।

ये फिल्म जेम्स आर. हेनसेन की किताब पर आधारित फिल्म है। इसमें इतिहास के सर्वाधिक खतरनाक अभियानों में से एक माने जाने वाले इस अभियान के लिए आर्मस्ट्रॉन्ग और राष्ट्र द्वारा चुकाई गई कीमत और किए गए त्याग को दर्शाया गया है। गोसलिंग के साथ एमी अवार्ड और गोल्डन ग्लोब अवार्ड विजेता अभिनेत्री क्लेयर फॉय दिखाई देंगी। उन्होंने फिल्म में नील की पत्नी जेनेट आर्मस्ट्रॉन्ग की भूमिका निभाई है, जो भावुक और साहसी महिला है। वह पूरे अभियान की ऐसी नायक है, जिसके बारे में लोगों ने बहुत कम चर्चा की है। यह वही महिला है, जिसने इस ऐतिहासिक क्षण निर्माण में अहम योगदान दिया।


अनिलः अब बात क्रिकेट की करते हैं। भारत ने शुक्रवार को सातवीं बार एशिया कप जीता। उसने लगातार दूसरी बार यह खिताब जीता है। टीम इंडिया ने फाइनल में बांग्लादेश को तीन विकेट से हराया। भारत की ओर से रोहित शर्मा ने सबसे ज्यादा 48 रन बनाए। रविंद्र जडेजा ने 23 और भुवनेश्वर कुमार 21 रन की भी अहम पारी खेली। केदार जाधव हैमस्ट्रिंग की परेशानी के बावजूद दोबारा क्रीज पर लौटे। वे 23 रन और कुलदीप यादव पांच रन बनाकर नाबाद लौटे। मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड बांग्लादेश के लिटन दास और मैन ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड भारत के शिखर धवन को मिला।

इससे पहले भारत ने टॉस जीता और गेंदबाजी का फैसला किया। बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी रही। टीम का पहला विकेट 120 रन पर गिरा, लेकिन बांग्लादेश बड़ा स्कोर खड़ा करने में असफल रहा। टीम 48.3 ओवर में 222 रन पर ऑलआउट हो गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 50 ओवर में 223 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया।

 

प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं संपन्न होता है।

अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का।

सबसे पहला पत्र आया है, सऊदी अरब जुबैल से सादिक आजमी का। लिखते हैं, 

हमेशा की भांति इस बार भी दिनों दिन लोकप्रिय  होते कार्यक्रम टी टाइम को सुना। जो मनोरंजक के साथ  ज्ञानवर्धक भी था। 

सर्वप्रथण एक  सच्चाई से पर्दा  उठाया गया जो हमारे  ज्ञान  की  कोठरी से बाहर था यानि एक ऐसी दीवार जो चीन के नानजिंग शहर में है और  करीब 600 साल पुरानी है। जो 35 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी है और यह सुन कर अचम्भा होता है कि चीन के नानजिंग की इस दीवार को बनाने में 35 करोड़ से भी ज्यादा ईंटों का इस्तेमाल हुआ है और दिलचस्प बात यह है कि बहुत सी ईंटों में उन्हें बनाने वाले का नाम लिखा है। 90 साल की ची झिरू जी  नानजिंग की रहने वाली हैं। उन्होंने इस दीवार को बचाने की कोशिश में बहुत योगदान दिया है। यह जानकर  उनको सम्मान स्वरूप सलाम पेश करता हूँ। किसी ऐतिहासिक स्थल को बचाना ही ऐतिहासिक कार्य होता है। 

हिंदी के विकास और प्रसार में योगदान देने वाले नवीन लोहनी जी के साथ चर्चा भी जानकारी समेटे थी। अनिल जी ने उनसे आवश्यक प्रश्न भी पूछे जिस पर उनकी खुली प्रतिक्रिया भी आई। 

जीन से बच्चों की पढाई क्षमता को मापना विज्ञान के भविष्य को और प्रबलता प्रदान करेगा इसमें कोई संदेह नहीं है और यह बच्चों के के कैरियर निर्धारण में भी सहायक होगा। जानकारी उपलब्ध कराने हेतु धन्यवाद ।

कैंसर जैसी बीमारियों का चुटकी में पता लगाने वाले कैप्सूल के आविष्कार पर वैज्ञानिकों की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। अब समय रहते इलाज से जिंदगी बचाना संभव होगा।श्रोताओं की प्रतिक्रिया एवं सुझाव को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना उम्दा लगा। 

सभी जोक्स गुदगुदी कराने में सफल रहे। अच्छी प्रस्तुति पर धन्यवाद स्वीकार करें। आजमी जी आपका भी शुक्रिया।


अब बारी है, अगले पत्र की। जिसे भेजा है कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं चीन में एक और दीवार के बारे में पता चला। चीन की महान दीवार के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन इस नई दीवार के बारे में बताकर आपने हमारे ज्ञान में इजाफा कर दिया। धन्यवाद। इसके साथ ही प्रोग्राम में पेश अन्य जानकारियां भी अच्छी लगी। धन्यवाद शानदार प्रोग्राम पेश करने के लिए।


दोस्तो, अब पेश करते हैं अगला पत्र। जिसे भेजा है मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं, कार्यक्रम "टी टाइम" का आगाज़ चीन के नानजिंग शहर में स्थित छह सौ साल पुरानी और पैंतीस किलोमीटर लम्बी दीवार की दिलचस्प जानकारी से किया जाना ज्ञानवर्ध्दक लगा। चीन की मशहूर लम्बी दीवार पर चढ़ने का सौभाग्य तो मुझे भी तीन साल पूर्व मिल चुका है, कभी मौक़ा मिला तो चीन की इस एक और महान दीवार का दीदार भी अवश्य करना चाहूंगा। वैसे सीआरआई का एक पुराना एवं नियमित श्रोता होने के नाते नानजिंग की लम्बी दीवार की जानकारी तो मुझे थी, परन्तु यह आज पहली बार पता चला कि उक्त दीवार में लगी पैंतीस करोड़ से अधिक ईंटों पर उसके बनाने वालों के नाम अंकित हैं। 

कार्यक्रम में अन्य जानकारियां देने से पूर्व शांगहाई में हिन्दी के प्रोफ़ेसर नवीन चंद्र लोहनी के साथ की गयी बातचीत सुनी, जो कि मन को विभोर कर गयी। मुझे उनका यह कहना बिलकुल सही लगा कि साल में एकबार हिन्दी दिवस मना कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेना पर्याप्त नहीं है, अपितु हमें अपना मूल्यांकन करना चाहिये कि हिन्दी को लेकर हम कहाँ पहुंचे हैं। यह भी सही है कि हिन्दी का प्रचार-प्रसार देश के बजाय विदेशों में ज़्यादा हो रहा है और इसके पीछे छुपा है बाज़ारवाद। अन्य भाषाओं द्वारा हिन्दी को समृध्द बनाये जाने की बात भी काफी हद तक सही है। मेरी राय में हिन्दी के लिये अंग्रेज़ी को हौआ मानना ग़लत है। हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों की अपनी अलग अहमियत है। यह विचारोत्तेजक बातचीत सुनवाने का शुक्रिया।

आगे जानकारियों के क्रम में पढ़ाई के मामले में बच्चे के तेज़ अथवा शिथिल होने का अंदाज़ ज़ीन के माध्यम से लगाये जा सकने सम्बन्धी जानकारी विज्ञानसम्मत लगी। इस परिप्रेक्ष्य में

ब्रिटेन के छह हजार जोड़ी जुड़वां बच्चों की पढ़ाई पर किये गये शोध की चर्चा भी काफी दिलचस्प लगी। 

वहीं कैंसर जैसी घातक बीमारी का पता प्रारम्भिक काल में ही लगाने हेतु विकसित कारगर कैप्सूल सम्बन्धी जानकारी अत्यन्त उपादेय लगी। यदि फेसबुक के गिनीज क्लब नामक पेज पर दिखाया गया वीडियो सही है, तो निश्चित तौर पर चिकित्सा जगत के लिये यह एक  युगान्तकारी खोज़ कही जायेगी।

अगली जानकारी के तहत गूगल द्वारा की गयी अपने फीचर में कुछ बदलावों संबंधी घोषणा, जिसके अन्तर्गत फ़ेसबुक की तरह ही अब गूगल द्वारा भी यूजर्स को फोटो और वीडियो के ज़रिये विभिन्न विषयों पर रुचिपूर्ण चीजें देखने और पढ़ने का मौका दिया जायेगा, काफी अच्छी लगी।

कार्यक्रम में पेश श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं एवं तीनों ज़ोक्स भी शानदार एहसास करा गये। धन्यवाद फिर एक रोचक प्रस्तुति के लिये।

सुरेश जी प्रोग्राम के बारे में टिप्पणी भेजने के लिए आपका धन्यवाद। 


अनिलः श्रोताओं की टिप्पणी के बाद वक्त हो गया है जोक्स का...

पहला जोक....

 तीन लोगों को फाँसी की सजा दी रही थी... पहले को जैसे ही लटकाया तो फंदा खुल गया... और वो नीचे पानी में गिर गया... और तैरकर बाहर आ गया.. दुसरे को भी जैसे ही लटकाया तो उसका भी फंदा खुल गया... और वो भी तैरकर बाहर आ गया... जल्लाद से सांता जोर से बोला, ओए फंदा ठीक से टाइट करना, मुझे तैरना नहीं आता। 

दूसरा जोक..

: सुबह सुबह आवाज आई - पप्पी तो लेलो... पप्पी तो... पप्पी तो लेल्लो... पप्पी तो... पति ने बाहर जाकर देखा तो एक राजस्थानी छोरी पपीता बेच रही थी... बीवी - हो गयी तसल्ली, मैं रोकती तो मुँह फूला कर बैठ जाते..

तीसरा जोक 

पति ने पत्नी का हालचाल जानने के लिये व्हॉट्सएप पे टाईप किया - कैसा है सिरदर्द ?पर गलती से टाईप हो गया - कैसी हो सिरदर्द ? पति महोदय का ऑफिस छूटे 4 ⏰ घंटे हो गये, पर घर नहीं जा रहे है ।

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