20180503

2018-05-03 18:46:23
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 अनिलः दोस्तो लीजिए कार्यक्रम का आगाज करते हैं। आज के प्रोग्राम में आप कुछ जानकारी सुनेंगे और उसके बाद पेश किया जाएगी एक चर्चा। जी हां आप सुनेंगे शांगहाई में रहने वाले और जर्मनी की बहुराष्ट्रीय कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत आशीष गोरे के साथ बातचीत। 

चलिए पहले कुछ जानकारी से आपको रूबरू करवाते हैं। स्वच्छ भारत अभियान में योगदान देने में जुटीं पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने नया फरमान जारी किया है। राज्य में राशन के रूप में दिए जाने वाले चावल उन्हीं गरीबों को दिए जाएंगे, जो अपने क्षेत्र का साफ रखेंगे और खुले में शौच भी नहीं जाएंगे।

उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से राज्य के सभी विधायकों और अधिकारियों को स्टेटमेंट जारी किया गया है। किरण बेदी ने साफ कहा है कि  जिन शर्तों के मुताबिक चावल देने की बात कही गई है, उसमें भी कई प्रमाणित आधार जोड़े गए हैं। 

इस जानकारी का सिलसिला है जारी, पहले सुनते हैं जर्मन कंपनी में उपाध्यक्ष आशीष गोरे के साथ हुई बातचीत के मुख्य अंश।

....बातचीत जारी है....

दोस्तो, अभी आपने सुनी आशीष गोरे के साथ चर्चा। आपको यह बातचीत कैसी लगी, हमें जरूर बताइएगा। शुक्रिया। 


चर्चा के बाद पेश है स्वच्छता अभियान से जुड़ी जानकारी। 

बताया जाता है कि किरण बेदी का नया फरमान जून से लागू होगा और सभी क्षेत्रों को चार हफ्तों की डेडलाइन दी गई है। ताकि वे गंदगी को दूर करने के लिए बाध्य हो जाएं। उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से साफ तौर पर कहा गया है कि जो भी जिन गांवों को प्रशासन की ओर स्वच्छता का प्रमाण दिया जाता है, उन्हें ही चावल सप्लाई होगा।

बेदी ने कहा कि उनके राज्य में सफाई को लेकर धीमी गति से कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक भी गांव ऐसा सामने नहीं आया, जिसने तय समय पर सफाई का काम पूरा किया हो। उन्होंने कहा कि जब भी वे गांवों का दौरा करने गईं तो विधायक लोगों के लिए फंड मांगते हैं, लेकिन स्वच्छता के पक्ष में कुछ सकारात्मक नहीं दिखा। बेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है इस मुहिम में प्रशासन ही नहीं लोग भी हाथ बटाएंगे। 

अब पेश है हेल्थ संबंधी जानकारी। 

दोस्तो, घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर रात के खाने में खट्टी चीजें खाने से मना करते हैं। दरअसल, इस तरह के भोजन में अम्लीय तत्व होते हैं, जिन्हें खाने से आपको गैस की समस्या हो सकती है। आयुर्वेद में तीन प्रकार के दोष बताए गए हैं- वात, पित्त और कफ। खास बात यह है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए इन तीनों दोषों में अच्छा संतुलन होना जरूरी होता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. धन्वन्तरि त्यागी कहते हैं, 'रात में खट्टे भोजन की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि इससे वात दोष बिगड़ सकता है।

संध्याकाल के दौरान यानी शाम के वक्त वायु ऊपर की ओर होती है। इस स्थिति में खट्टा भोजन वात दोष को और बिगाड़ सकता है, अच्छा हो कि आप रात में खट्टा भोजन लेने से परहेज करें और सभी दोषों का संतुलन बनाए रखें।

दोस्तो, इसी के साथ, आज के प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं समाप्त होता है। अब बारी है श्रोताओं की टिप्पणी की। 

पहला पत्र आया है, मुक्तसर पंजाब से गुरमीत सिह का। लिखते हैं, आपने प्रोमो में बताया कि आप चटपटी बातें सुनाएंगे, लेकिन आपने प्रोग्राम में इंटरव्यू सुनाया। देखिए गुरमीत जी प्रोमो पहले तैयार हो जाता है, जबकि कार्यक्रम का अन्य हिस्सा बाद में। इसलिए ऐसा हुआ। हमें बहुत अच्छा लगा कि आप प्रोग्राम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। आगे लिखते हैं कि चीन में हिंदी पढ़ा रही किरन जी से वार्ता अच्छी लगी। उन्होंने सही कहा कि हमें एक-दूसरे की भाषा सीखनी चाहिए। क्योंकि इससे एक-दूसरे की सभ्यता के बारे में जानना आसान हो जाता है। साथ ही प्रेम भी बढ़ता है। किरन जी बहुत अच्छा काम कर रही हैं। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। वहीं आपके द्वारा प्रोग्राम में सुनवाए गए जोक्स बहुत अच्छे लगे। 

गुरमीत जी हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया। 

अब बारी है अगले पत्र की। जिसे भेजा है, बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं, पिछले कार्यक्रम में क्वांगचो के विदेशी भाषा अध्ययन विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ा रही किरन वालिया जी के साथ बातचीत सुनी। जिसमें उन्होंने चीन में अपने जीवन और चीनी छात्रों के हिंदी के प्रति लगाव के बारे में बताया। इसके साथ ही पेकिंग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और एक दूसरे हिंदी के जानकार से भी चर्चा बहुत अच्छी लगी। ये तीनों इंटरव्यू बहुत अच्छे लगे। धन्यवाद। धन्यवाद घोषाल जी हमें पत्र भेजने के लिए।

अब लीजिए पेश है प्रोग्राम का आखिरी खत। जिसे भेजा है, मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि "टी टाइम" के तहत आज रोचक जानकारियों के बजाय तीन साक्षात्कारों पर आधारित कार्यक्रम पेश किया गया। पहले साक्षात्कार में कोई तीस वर्षों तक दिल्ली के नवयुग विद्यालय में पढ़ाने के बाद अब चीन के विदेशी अध्ययन विश्वविद्यालय ग्वांगतोंग में हिन्दी पढ़ाने आयीं अध्यापिका किरण वालिया से की गयी बातचीत काफी अहम लगी। ज्ञात हुआ कि चीनी विद्यार्थियों का हिन्दी भाषा और भारत के प्रति कितना लगाव है। 

इसी प्रकार चीन में हिन्दी को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पेकिंग विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर च्यांग चिंगख्वैई तथा दशकों तक हिन्दी रेड़ियो में काम कर चुके छन लीश्युन के श्रीमुख से प्रांजल हिन्दी में चीन में हिन्दी की विकास यात्रा की कहानी सुन कर मन उत्साह से भर गया। धन्यवाद इस भावपूर्ण प्रस्तुति के लिये।

कार्यक्रम में पेश श्रोताओं की प्रतिक्रिया एवं ज़ोक्स भी काफी उम्दा लगे। विशेषकर, बर्थ-डे केक पर 'तपस्या' के बजाय 'समस्या' लिखे जाने वाला जोक नयापन लिये हुये था। सुरेश जी हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। 


इसी के साथ आज के प्रोग्राम में लिस्नर्स की टिप्पणी यही संपन्न होती है। अब पेश हैं जोक्स

पहला जोक 

SALESMANSHIP

सेल्समन ने घर की घंटी बजाई। 

एक 30-35 उम्र की महिला ने दरवाजा खोला। 

सेल्समन : बेबी, मम्मी नही है क्या घर में ?  Washing Powder  बेचने के लिए बात करनी थी। 

महिला ने 10 packet खरीद लिये।

दूसरा जोक.

एक आदमी ने टूटते हुए तारे को देखकर

बीबी से लड़ने की शक्ति माँगी

 तारा वापस जुड़ गया

तीसरा जोक.

पति देव बेडरूम में बैठे लेपटाप पर काम रहे थे । पास ही बेड पर आराम से लेटी हुए पत्नी मोबाइल में बिजी थी। अचानक पति के मोबाइल पर  व्हाटस अप मैसज की रिंग टोन बजी । जोकि ड्राइंग रूम मे चार्जिगं पर लगा था। पति झपट कर मोबाइल के पास पहुँचे और चेक किया तो उसपर पत्नी का मैसेज आया था। आते हुए फ्रिज मे से पानी की बोतल उठाते लाना ।तुम्हारी  अपनी


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