20180104

2018-01-04 16:25:13
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अनिलः लीजिए दोस्तो, प्रोग्राम की शुरुआत करते हैं। 

दिन बदला, रात बदली, मौसम बदले, तारीखें बदलीं। देखते ही देखते साल भी बदल गया।  

नए साल के साथ ही शुरुआत होती है, खुद से नए वादे करने की। नए-नए संकल्प लेने की। वादा, खुद को बदलने का, बुरी आदतों को छोड़ने का, परिवार को समय देने का, प्रकृति को संजोए रखने का। एक ऐसा संकल्प या वादा, जो स्वयं से ही नहीं, बल्कि हम अपने माता-पिता, भाई-बहनों, बड़े-बुजुर्गों, दोस्तों, पड़ोसियों, प्रकृति, पशु-पक्षियों आदि से करते हैं।

हर साल नए वर्ष पर हजारों लोग संकल्प लेते हैं। कोई झूठ न बोलने का संकल्प लेता है, तो कोई धूम्रपान छोड़ने का। लोग संकल्प तो ले लेते हैं, लेकिन आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं, तो बहुत कम ही लोग हैं, जो अपने संकल्पों को निभा पाने में कामयाब होते हैं। 


नीलमः यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल में न्यू ईयर रेजोल्यूशन से संबंधित एक अध्ययन किया गया। इसमें तीन हजार लोगों को शामिल किया गया। अध्ययन में शामिल 52 फीसदी लोगों को संकल्प लेते वक्त खुद पर विश्वास था कि वे इसे अवश्य पूरा करेंगे, बावजूद इसके इनमें से 88 फीसदी लोग अपने रेजोल्यूशंस को पूरा नहीं कर पाए।

22 फीसदी पुरुष खुद के द्वारा सेट किए गए लक्ष्यों में सफल होते हैं, जबकि सिर्फ 10 फीसदी महिलाएं ही इसमें सफल होती हैं।  जैसे-जैसे साल बीतता है, वैसे-वैसे हम अपने संकल्पों को भूलते जाते हैं। भूल जाने के कई बहाने भी हम बनाते हैं। तमाम तरह के स्पष्टीकरण देते हैं। क्या कभी सोचा है कि आखिर आप संकल्पों को पूरा क्यों नहीं कर पाते? क्या वाकई इन संकल्पों को पूरा करना कठिन है? तो इसकी कई वजहें नजर आएंगी, जो आपको आपके संकल्पों की राह से भटकाती हैं। 



अनिलः चलिए एक और जानकारी आपको नए साल के बारे में देते हैं।

साल 2018 आ चुका है. 2017 में आपने खूब पार्टी की होंगी, छुट्टियां मनाई होंगी, क्वालिटी टाइम स्पेंड किया होगा. अगर उसके बाद भी आपको लगता है कि कुछ चीजें छूट रही हैं तो आप 2018 में उसे पूरा कर सकते हैं क्योंकि इस साल 15 लॉन्ग वीकेंड मिलेंगे. जहां आप छुट्टियां मना सकते हैं और घूमने जा सकते हैं. हम आपको बताने जा रहे हैं इस साल की छुट्टियों की लिस्ट, जहां आप लंबी छुट्टियां मना सकते हैं. ध्यान रहें, इस साल आपको पहले ही टिकट बुक करानी पड़ेगी क्योंकि 2018 छुट्टियों से भरा है और काफी रश होने वाला है. 

जनवरी में 22 तारीख को बसंत पंचमी है. उससे पहले शनिवार और रविवार पड़ रहा है. 26 तारीख को गणतंत्र दिवस है जिसके बाद शनिवार और रविवार है यानी जनवरी में तीन दिन के दो वीकेंड हैं.

फरवरी में 13 तारीख को महाशिवरात्री है. उस दिन मंगलवार है. शनिवार और रविवार के बाद आप सोमवार को छुट्टी ले सकते हैं. 

मार्च में एक तारीख को होलिका दहन है और दो तारीख को होली है. वहीं 3 और 4 तारीख को शनिवार और रविवार पड़ेगा. वहीं 29 तारीख को महावीर जयंती है और 30 तारीख को गुड फ्राइडे है 31 और 1 अप्रैल को शनिवार और रविवार पड़ रहा है.

अप्रैल में 28 और 29 तारीख को शनिवार और रविवार है 30 को बुद्ध पूर्निमा और 1 मई को लेबर डे है.

मई में कोई लंबा वीकेंड नहीं है. 1 तारीख को लेबर डे ही पड़ रहा है.

जून में 15 तारीख को ईद है 16 और 17 शनिवार और रविवार पड़ रहा है.

जुलाई में कोई बड़ा वीकेंड नहीं है। इसके बाद के महीनों के बारे में अगले अंक में बताएंगे।


नीलमः लीजिए बात करते हैं स्कूलों में मिलने वाली सज़ा के बारे में।

बचपन में हम सभी को स्कूल में कई तरह की सजा मिलती थी। डंडे से पीटने से लेकर घुटनों पर झुके रहने तक। दुनियाभर में बच्चों को कई अजीब तरीकों से पनिश किया जाता है।

हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही कुछ अजीब तरीके। इन्हें देखकर आपको लगेगा कि हमारे को जो सजा मिलती थी वो तो बहुत कम थी लेकिन ये सजा तो सामान्य से बहुत अजीब है।

आजकल स्कूलों में यह सजा बहुत दी जाती है है, खास कर एशिया के स्कूलों में। आज्ञा नहीं मानने वालों बच्चों को टीचर यह सजा देते है। इसमें टीचर द्वारा बच्चों को लंबे समय के लिए जमे हुये मटरों पर घुटनों के बल बैठने के लिए कहा जाता है।

बच्चों को कई बुरी स्थितियों में डाट-फटकार खानी पड़ती है। कई बार लड़ाई करने के कारण बच्चों को स्कूल से निकाल भी दिया जाता है। लेकिन सबके सामने हाथ खड़े करके खड़े होना और सब हँसे तो कितनी बेइज्जती वाली बात है।

यह किसी स्कूल की सजा नहीं है लेकिन कुछ पेरेंट्स बच्चे की शैक्षिक असफलता पर उन्हें ऐसी चीज पहनने पर मजबूर करते हैं जिसमें उनकी असफलता के बारे में लिखा होता है। जैसे कि "मैं कक्षा में हंसी का पात्र बनना चाहता हूँ। क्या यह गलत है। आगे यह भी होता है "मैं सातवी कक्षा में हूँ और मेरे तीन F आए हैं। यदि इसमें कुछ गलत है तो आप बताएं।


अनिलः न्यू जर्सी की एक प्राथमिक स्कूल में बच्चों को कक्षा में पानी का जग बिखेरने के कारण फर्श से बाहर खाना खाने पर मजबूर किया गया। इसके साथ ही इस चीज के लिए भी मजबूर किया गया कि वे इस सजा के बारे में किसी को भी ना बताएं, यदि बताया तो उन्हें वहाँ ज़्यादा देर तक रहना पड़ेगा।

वहीं एक हताश टीचर ने एक स्कूल के लड़की के बाल काट दिये। जब स्कूल प्रशासन ने उससे पूछा तो उसने कहा कि वह अपसेट थी और उसे नहीं पता यह सब कैसे हो गया। नासमझी में यह हो गया! बाद में उस टीचर को निलंबित कर दिया गया।

अब अगली जानकारी.... कनाडा में कितनी ठंड है. इस सवाल का जवाब आप चिड़ियाघर में रहने वाले पेंगुइन से पूछ सकते हैं. हमेशा ठंडी जगह में रहने वाली पेंगुइन को भी गर्म जगह ढूंढनी पड़ रही है. ऐसा कहना है जू क्यूरेटर मालू सेली का. बता दें, न्यू ईयर की रात वहां का तापमान माइनस 30 डिग्री हो चुका था. ऐसे में 5 साल की पेंगुइन अभी छोटी है और उसपर ठंड का असर पड़ेगा. ऐसे में चिड़ियाघर में -25 लिमिट कर दी है जो जीवों के लिए ठीक है. 

पूरे कनाडा में इस बार लोगों ने घर में बैठकर ही न्यू ईयर मनाया. क्योंकि वहां जोरों से बर्फ बारी हो रही है. इतनी ठंड की वजह से कनाडा को अर्लट पर रखा है. 

देश में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी यूरेका शहर में, जहां माइनस 40.5 डिग्री रहा. प्रिंस रुपर्ट में माइनल 7.5 डिग्री रहा. 


नीलमः अब अगली जानकारी, फिल्म संबंधी। 

बॉबी देओल की गाड़ी धीरे-धीरे फिर पटरी पर आने लगी है। लंबे समय तक काम ना मिलने के बाद अब बॉबी देओल के लिए किस्मत के दरवाजे खुल गए हैं। बॉबी की 4 साल बाद 'पोस्टर ब्वॉयज' रिलीज हुई थी।

इस फिल्म में बॉबी ने अपने भाई सनी देओल और श्रेयस तलपड़े के साथ काम किया था। फिल्‍म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। लेकिन बॉबी की बॉलीवुड में दोबारा एंट्री तो हो ही गई।

इसी फिल्म के बाद बॉबी देओल को एक बड़े बजट की फिल्म ऑफर हुई। सलमान खान ने बॉबी को अपनी अपकमिंग फिल्म 'रेस 3' में साइन किया। इतनी बड़ी फिल्म मिलने के बाद तो बॉबी की किस्मत ही चमक गई।

आने वाले समय में बॉबी की दो जबरदस्त फिल्में आने वाली हैं। 'रेस 3' के अलावा बॉबी फिर से 'यमला पगला दीवाना 3' में नजर आ सकते हैं। इस फिल्म में बॉबी देओल अपने पापा धर्मेंद्र और बड़े भाई सनी देओल के साथ लोगों को गुदगुदाने की कोशिश करेंगे।

 


अनिलः   कई लोग बेहद विचित्र होते हैं जिनके अंदर कुछ न कुछ ऐसा स्‍पेशल होता है जो उन्‍हें दूसरों से अलग बना देता है। इस आर्टिकल में हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके अंदर ऐसी शक्तियां हैं जिसके दम पर वो आंखों पर पट्टी बांधकर भी पढ़ लेती है।

उसका कहना है कि उसने अपनी शक्तियों से अपनी तीसरी आंख को खोल लिया है और इसी कारण वो आसानी से किसी भी चीज को देख या पढ़ सकती है।

ये लड़की नॉर्थ कैरोलिना में रहती है। जिसका कहना है कि उसे आंखों पर कुछ बांध लेने के बाद भी अपनी तीसरी आंख से दिखाई देता है। इस विधि को उसने सीखा है।

मेडिकल जगत में इस बात की कोई पुष्टि नहीं है लेकिन ये इस लड़की का टैलेंट ही कहा जा सकता है कि वो आंखों पर मोटी से मोटी पट्टी या कपड़ा बांधने के बाद भी आसानी से बिना रूके किसी भी चीज को पढ़ सकती है। इस लड़की ने इसके लिए भारत में गुरूकल से एक कोर्स किया है जिसे गुरू नित्‍यानंद ने करवाया है।

 

 


नीलमः अब बात करते हैं हेल्थ टिप्स की। 

खीर का स्वाद हो या फिर हलवे का जायका इन दोनों ही सूरतों में इलायची का तड़का कमाल दिखा देता हैं। लेकिन आज हम आपको इलायची का ऐसा फायदा बताने जा रहे हैं जिसे अपनाकर आप अपनी सारी शारीरिक समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। 

अक्सर लोग उल्टा सीधा खा लेते हैं जिससे उनका हाजमा बिगड़ जाता है ऐसे में इलायची आपको इस समस्या से छुटकारा दिला सकती हैं। रोजाना इसे खाने से आपका हाजमा ठीक रहता है।

रोजाना इलायची का सेवन भूख बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके साथ ही शरीर में एनर्जी बनी रहती हैं।

रोजाना रात में सोने से पहले इलायची का सेवन पुरुषों के लिए अच्छा रहता है। इससे पुरुषों की नपुंसकता धीरे धीरे खत्म हो जाती है। इसे गरम पानी या फिर दूध के साथ पिएं।

इलायची ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करना का भी काम करता है। इसमें पोटेशियम और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है जो ब्लड सर्कुलेशन बराबर बनाए रखता है।

इलायची को रोजाना खाना यूरिन इंफेक्शन से भी राहत दिलाता है। ये यूरिन को बढ़ाने में सहायता करता है साथ ही इंफेक्शन जल्द ही ठीक करता है। 

अनिलः प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं संपन्न होता है। अब समय हो गया है श्रोताओं के पत्रों का।

 पहला पत्र भेजा है, बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। 

लिखते हैं, पिछले अंक में मैक्सिको और अमेरिका के बीच बॉर्डर का एक गेट साल में सिर्फ एक बार खुलता है। जिस दिन आम लोग बिछुड़े हुए अपने परिजनों से मिलते हैं। लेकिन यह गेट भी प्रेमियों को प्यार करने से नहीं रोक पाता है। एक ऐसे ही एक जोड़े ने इस गेट के पास शादी की। इसके साथ ही मोबाइल एप के बारे में पेश जानकारी बहुत अच्छी लगी। दक्षिण कोरिया और जापान में इस तरह के एप ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। इसके साथ ही कार्यक्रम में पेश गाना बहुत अच्छा लगा। वहीं उत्तराखंड के औली में बर्फबारी के बारे में पता चला। यह ख़बर सुनकर मन खुश हो गया। शानदार कार्यक्रम पेश करने के लिए धन्यवाद। 

 


 नीलमः वहीं अगला पत्र भेजा है, केसिंगा उड़ीसा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। 

कार्यक्रम "टी टाइम" के अन्तर्गत आज जानकारियों का सिलसिला दुनिया के सबसे छोटे देश के बारे में बतलाने से किया गया। ज्ञात हुआ कि इंग्लैण्ड के पास समुद्र में स्थित इस देश का नाम "सीलैंड" है, जिसकी आबादी महज़ 27 है और जो अब पूरी तरह खण्डहर में तब्दील हो चुका है। यहां मैं आपको बता दूं कि यह जानकारी काफी पहले मैं सीआरआई पर ही सुन चुका हूँ।

इंग्लैण्ड की एक काउन्टी से प्रतिवर्ष कोई 38 हज़ार टन कचरा रिसाइक्लिंग हेतु चीन भेजे जाने का किस्सा भी काफी अहम लगा।

अमरीका और मैक्सिको के बीच सीमा पर लगे और साल में महज़ एक दिन खुलने वाले 'डोर ऑफ़ होप' पर जाकर शादी रचाने वाली प्रेमी-जोड़े का किस्सा प्रेरक लगा।

वहीं पोलैण्ड स्थित पियानो अथवा वॉयलिन के आकार वाली इमारत के बारे में दी गयी जानकारी भी ख़ास कही जायेगी।

आज जब कि क्लिक करते ही मोबाइल फ़ोन का कैमरा अच्छी तस्वीर उपलब्ध करा देता है, ऐसी स्थिति में गुडेक-केम जैसे फ़ोटो-एप्प के ज़रिये 20 घण्टे और तीन दिन बाद फ़ोटो पाने का औचित्य अपने तो समझ से परे की बात है।

ओली सहित उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों पर हुई भारी बर्फ़बारी के समाचार से हमें यहां बैठे भी ठिठुरन महसूस होने लगी। और हाँ, आज के ज़ोक्स......उनका तो कहना ही क्या। धन्यवाद फिर एक रुचिकर प्रस्तुति हेतु।

      सुरेश जी, हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया।


श्रोताओं की टिप्पणी यही तक। आप सभी का शुक्रिया। 

अब समय हो गया है, जोक्स यानी हंसगुल्लों का। 


पहला जोक


डॉक्टर (पेशंट के पति से) : आज कैसी तबियत है आपकी पत्नी की ?

पति: ठीक है डॉक्टर; आज सुबह तो थोडा लड़ी भी है।


दूसरा जोक

मरीज डॉक्टर के पास गया

डॉक्टर ने पूछा- कौन सा ग्रुप है आपका

मरीज- नादान परिंदे

डॉक्टर- Blood Group पूछ रहा हूं व्हाटस अप की औलाद.


तीसरा जोक..

पप्पू- डॉक्टर साहब 2 साल पहले मुझे बुखार आया था।

डॉक्टर- तो अब क्या

पप्पू- आपने नहाने को मना किया था, आज इधर से गुजर रहा था तो सोचा पूछता चलूं

अब नहा लूं क्या?









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