20171207

2017-12-07 19:16:31
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अनिलः दोस्तो, बॉलीवुड से एक दुखद खबर है। हिंदी सिनेमा में बेहतरीन अदाओं और अभिनय से ढाई दशकों तक लोगों को अपना दीवाना बनाने वाले शशि कपूर का कल देर शाम निधन हो गया। मुंबई के कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वो 79 वर्ष के थे। अभिनेता शशि कपूर का अंतिम संस्कार सांताक्रूज में हुआ। 

18 मार्च 1938 को पृथ्वी राज कपूर के घर में जन्मे शशि कपूर ने बतौर बाल कलाकार काम शुरू किया था. 1961 में वह फ़िल्म 'धर्म पुत्र' से बतौर हीरो बड़े पर्दे पर आए थे. फ़िल्म 'चोरी मेरा काम', 'फांसी', 'शंकर दादा', 'दीवार', 'त्रिशूल', 'मुकद्दर', 'पाखंडी', 'कभी-कभी' और 'जब जब फूल खिले' जैसी करीब 116 फिल्मों में अभिनय किया था. जिसमें 61 फिल्मों में शशि कपूर बतौर हीरो पर्दे पर आए और करीब 55 मल्टीस्टारर फिल्मों के हिस्सा बने थे. 'दीवार' फिल्‍म में उनका डायलॉग 'मेरे पास मां है' आज भी लोगों की जुबान पर रहता है.

अमिताभ बच्चन के साथ इनकी जोड़ी खूब सराही गई थी. फ़िल्म इंडस्ट्री में शशि कपूर को कई पुरस्कार मिले. 2011 में भारत सरकार की तरफ से उन्हें पद्मभूषण से भी नवाजा गया था. शशि कपूर ने बचपन से ही फिल्‍मों में काम करना शुरू कर दिया था. 1940 के दशक में उन्‍होंने कई धार्मिक फिल्‍मों में काम किया. बाल कलाकार के रूप में उनकी सबसे यादगार फिल्‍में हैं 'आग' (1948) और 'आवारा' (1951). इन दोनों ही फिल्‍मों में उन्‍होंने अपने बड़े भाई राजकूपर के बचपन का किरदार निभाया. बतौर हीरो उन्होंने 1961 में यश चोपड़ा की फिल्‍म 'धर्मपुत्र' से बड़े पर्दे पर कदम रखा.

शशि कपूर हिन्दी फ़िल्मों में लोकप्रिय कपूर परिवार के सदस्य थे. साल 2015 में उनको 2014 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया था. इस तरह से वे अपने पिता पृथ्वीराज कपूर और बड़े भाई राजकपूर के बाद यह सम्मान पाने वाले कपूर परिवार के तीसरे सदस्य बने थे. वे बॉलीवुड के रोमांटिक स्टार के तौर पर पहचाने जाते थे और बॉलीवुड की हर खूबसूरत और सुपरहिट हीरोइन के साथ बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी हासिल की.

शशि कपूर आखिरी बार साल 1998 में फिल्‍म 'जिन्‍ना' में नजर आए थे. यह पाकिस्‍तान के पहले प्रधानमंत्री मोहम्‍मद अली जिन्‍ना की बायोपिक थी.


नीलमः अब तकनीक संबंधी ख़बर।

दुनिया की सबसे बड़ी मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने ग्रुप एडमिन को नई पावर दे दी है। इसके तहत अब ग्रुप एडमिन किसी भी मेंबर को मैसेज भेजने से रोक सकता है, यानी बिना ग्रुप एडमिन की मर्जी के कोई मैसेज नहीं भेज पाएगा। 

व्हॉट्सऐप के नए फीचर्स को टेस्ट करने वाली साइट WABetaInfo के मुताबिक, इस ऐप के नए वर्जन 2.17.430 में Restricted Groups का फीचर आने वाला है। इसके तहत एडमिन किसी भी मेंबर को ग्रुप में फोटो, वीडियो, GIF, डॉक्यूमेंट या वॉयस मैसेज भेजने पर रोक लगा सकता है। 

नए वर्जन में आने वाली "Restricted Groups" सेटिंग को सिर्फ ग्रुप एडमिन ही एक्टिवेट कर पाएगा। एक बार रोक लगाए जाने के बाद ग्रुप मेंबर केवल मैसेज को देख पाएगा, हालांकि इसका रिप्लाई नहीं कर पाएगा। अगर कुछ पोस्ट करना भी है तो पहले एडमिन से इजाजत लेनी होगी। इसके लिए "Message Admin" नाम का एक बटन दिया जाएगा। अगर एडमिन उस मैसेज को अप्रूव करता है तो वह ग्रुप में पोस्ट हो जाएगा। 




अनिलः वहीं.. आज कल एयरलाइंस कंपनियां अपने यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देकर आकर्षित करने से लगी हुई है। इसी बीच एक ऐसी भी एयरलाइंस कंपनी है जो अपने पैसेंजर्स को शारीरिक संबंध बनाने का ऑफर दे रही है। इस कंपनी को लेकर आप भी सोच रहे होंगे ये कैसे संभव है? आपके मन में भी ये बात चल रही होगी कि क्‍या ये ऑफर पैसेंजर्स को फ्लाइट में मिलती है या उसके बाद।

अमेरिका की प्राइवेट एयरलाइंस कंपनी 'फ्लेमिंगा एयर' अपने पैसेंजर्स को ये ऑफर दे रही है। कंपनी ने 2013 में माइल हाई क्लब के नाम से इस सर्विस को शुरू किया था। 20 वर्षों से हवाई सर्विस दे रही कंपनी के इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए पैसेंजर्स को अपनी जेब भी थोड़ी ढीली करनी पड़ेगी। 

इस सर्विस का फायदा उठाने के लिए पैसेंजर्स को करीब 495 डॉलर चुकाने होंगे। फ्लेमिंगा एयर कंपनी के प्रेसिडेंट और सीईओ डेविड मैकडोनाल्ड के अनुसार उनकी कंपनी ने बीत कई सालों में हजारों कपल की मदद की है।


अब रही बात इस ऑफर की तो, इसके लिए प्राइवेट प्लेन में बीच की सीट को हटाकर एक बैड बनाया गया है, जहां दो तकिए होते हैं।  प्लेन को कंट्रोल करने के लिए इनके साथ हेडफोन लगाया एक पायलट भी होता है।

हालांकि इस सर्विस की तर्ज पर कई और कंपनियों ने भी ऐसी सर्विस शुरू की थी, लेकिन वो रोमांस की बजाए शारीरिक संबंध बनाने पर बेस्ड बन गई थी। वैसे 2016 में एक दूसरी एयरलाइंस कंपनी फ्लेमिंगो को टक्कर दे रही है वो  है 'लव क्लाउड' और ये तेजी से अपने ग्राहकों को आकर्षित कर पाने से सफल भी हो रही हैं। 


लव क्लाउड न्यू कपल्स के अलावा बुजुर्ग कपल्स को भी अपनी सर्विस देती है। यही नहीं शादी की सालगिरह आदि विशेष दिनों पर विशेष इंतजाम भी होते हैं।


..


नीलमः अब बात करते हैं महिलाओं के बारे में। हर महिला के जीवन में एक पल ऐसा जरूर आता है जब वो मां बनने वाली होती है। उसके लिए ये समय काफी महत्वपूर्ण होता है। आपको बता दें कि जब आप गर्भ से होती है तो आपको कई समस्या से गुजरना भी पड़ता है।

क्योंकि इस समय आपका शरीर पहले की तरह नहीं होता है। गर्भावस्था के दौरान शरीर को कई तरह के बदलाव से गुजरना पड़ता है। इस समय ज्यादातर महिलाओं के पैरों में सूजन आ जाती है।

जिससे चलने फिरने में भी परेशानी होती है। आमतौर पर प्रैग्नेंसी के पांचवे महीने इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसका कारण ब्लड सर्कुलेशन या किसी और वजह से भी हो सकता है।

आज आपको बताएगे कि आखिर वो कौन से और कारण है जिन कारणों की वजह से आपके पैरों में इस दौरान सूजन आती है। आपके इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए। आइए जानते है इसके कारण और बचने के उपाय....

आपको बता दे कि सबसे बड़ी समस्या शरीर में पानी की कमी होती है। इस दौरान आपके पैरों में सूजन आने का जो सबसे कारण है वो शरीर में पानी की कमी। इसको आप ध्यान में रखें।


 आप जब इस स्टेज में होती है तो आपको थकावट भी जल्दी हो जाती है। अगर आप एक ही पोजीशन में बैठी या खड़ी रहती है तो भी आपको ये समस्या हो सकती है।


 आपको बता दें कि आपके शरीर से इस समय कई परिवर्तन हो रहे होते है। इसलिए आपके हार्मोन्स भी बदलते है जिस कारण आपके पैरों में सूजन आ जाती है।

आपको इस दौरान पानी से परहेज बिल्कुल नहीं करना है। इस कारण ही आपके पैरों में सूजन आती है। आपको इस दौरान लगभग 10 गिलास पानी रोजाना पीना है। इससे आपके शरीर में यूरिन बनेगी और सारे विषैले पदार्थ इसके साथ ही बाहर चले जाएंगे। इसलिए आपको पानी का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना है।

.अनिलः.अब बात करते हैं कुछ टिप्स की।


अगर लाइफ में छोटी-छोटी परेशानियां आपको टेंशन दे जाती हैं तो इस जादुई शब्द 'थैंक यू' का इस्तेमाल करना शुरू कर दीजिए। आपको थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है कि कैसे एक शब्द आपकी सारी परेशानियां दूर करने का हुनर रखता है, लेकिन ऐसा सिर्फ हम ही नहीं साइंस भी मान चुका है। पढ़ें ये खबर। 

Kent State यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च के अनुसार जो लोग हमेशा दूसरों के प्रति कृतज्ञ रहते हैं ऐसे लोग खुद के साथ अपने आसपास के लोगों को भी खुश रखने में माहिर होते हैं।

स्टडी में पाया गया कि जो लोग दूसरे व्यक्ति को धन्यवाद देने के लिए 'थैंक यू' लेटर लिखते हैं उनका लाइफ के प्रति नजरिया काफी सकारात्मक हो जाता है। शायद यही वजह है कि बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को भी जब किसी का कोई काम पसंद आता है तो वो उसके काम की तारीफ लेटर लिखकर करते हैं। 

2014 में छपे एक अध्ययन की मानें तो जो लोग दूसरों के प्रति कृतज्ञ रहते हैं वो अपनी पर्सनल लाइफ में अच्छे दोस्त साबित होते हैं।इतना ही नहीं ऐसे लोगों की दोस्ती बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा समय तक चलती है। 

ऐसे खुशमिजाज लोगों की एक खासियत होती है कि वो दिमागी रूप से बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा मजबूत होते हैं। वो हर बात का निर्णय काफी सोच-समझकर लेते हैं। इतना ही नहीं ऐसे लोग हमेशा दूसरे लोगों की मदद करने में भी आगे रहते हैं। 


नीलमः वहीं.

कई बार व्यक्ति को अकेलापन महसूस होता है, जिस वजह से उसका व्यहार भी बदलने लगता है। कभी गुस्‍सा तो कई बार भीड़ में भी चुपचाप बैठे रहना, ये सब उसके आस पास घुमते रहते हैं। हालांकि परिवार के साथ रहने पर इस तरह की फिलिंग्स न के बराबर आती है, लेकिन जो लोग अपने घर से काफी दूर रहते हैं, अक्सर उन्हें अकेलापन महसूस होता है। अगर आप भी उन लोगों में से एक है और इसका असर आपके काम पर भी पड़ता है तो आपको अपनी कुछ आदतें बदलने की जरूरत है।

सबसे पहले आपको ये पता करने की जरूरत है कि आपको ऐसा महसूस क्यों हो रहा है। आखिर किस बात से आप सबसे अधिक परेशान हैं, जिससे आपको अकेलापन महसूस होता है। कारण पता होने के बाद सबसे पहले तो उसे दूर करने की कोशिश करें।

जिन लोगों से मिलने में, बात करने में आपको सबसे ज्यादा खुशी मिलती है, कोशिश करें कि उनसे रोज कुछ समय के लिए बता हो। इसके अलावा उनसे दो-तीन दिन में मिलने की भी कोशिश करें।


 

 

अनिलः पोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यहीं संपन्न होता है, अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का। यह पत्र भेजा है केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल ने।

लिखते हैं कि कार्यक्रम "टी टाइम" का आगाज़ नॉर्मल टायर और सटपट सीढियां चढ़ने वाले, खुद को अटैच और डिटैच कर सकने वाले स्मार्ट टायर सम्बन्धी जानकारी से किया जाना रुचिकर लगा। निश्चित तौर पर यह टायर बाज़ार में आने के बाद मोटरवाहन परिवहन के क्षेत्र में एक क्रांति आ जायेगी।

जानकारियों के क्रम में टीकाकरण की याद दिलाने वाले एप के आविष्कार सम्बन्धी जानकारी भी विज्ञान और तकनीक के तेज़ी से बढ़ते कदमों की बदौलत ही सम्भव हुआ है।

नई फ़िल्मों की चर्चा में जाने-माने पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ द्वारा  भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे संदीप सिंह पर बनायी जा रही फ़िल्म पर दी गयी जानकारी भी सूचनाप्रद लगी। 

नीलमः वहीं आज के हेल्थटिप्स में सूर्य की पराबैंगनी किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान तथा उससे बचने के उपायों पर दिये गये सुझाव भी उपादेय लगे। इसके अलावा नींबू हमारी चाय और पानी को कैसे और भी अधिक बेहतर बना सकता है, इसकी चर्चा भी अच्छी लगी। यहां मैं इतना अवश्य कहना चाहूंगा कि तमाम अच्छी जानकारी के वावज़ूद यह महसूस हुआ कि जानकारियों को ज़रूरत से ज़्यादा खींचा गया। आशा है कि मेरी बात को अन्यथा नहीं लेंगे। धन्यवाद।

श्रोताओं की टिप्पणी के बाद वक्त हो गया है जोक्स यानी हंसगुल्लों का। 

पहला जोक.

देसी जाट का पेपर चल रहा था .

मैडम बहुत सख्त थी 

इसलिए नकल मारने का कोई

मौका नहीं दे रही थी ।।

देसी जाट ने बी अपना दिमाग लड़ाया और एक पर्ची मैडम ते थमा दी, 

तो मैडम पूरे पेपर में

कुर्सी पे ते हिली भी नी ।।

सबने खूब नकल मारी

बच्चों ने पूछा:" आरे जाट तने पर्ची में

ऐसा के लिख दिया ? . .

देसी जाट बोला :- मनै लिखा था "मैडम

जी आपकी सलवार पीछे ते फटी हुई सै। ...

दूसरा जोक.

संता विदेश गया हुआ था, एक गोरी लड़की को देख के बोला

संता - आपका नाम क्या है ?

लड़की - Carmen

संता - ये कैसा नाम है ?

लड़की - मुझे कार और मैन अच्छे लगते हैं

इसलिए CarmenXhellip;. आपका क्या नाम है ?

संता - Ladyindar Singh Kissiya

लड़की बेहोश


तीसरा और अंतिम जोक.

पिंटू ने चिंटू से कहा: क्या लोगे यार, हलवा खाओगे या खीर?

चिंटू: अरे यार, तेरे घर में एक ही कटोरी है क्या?



 



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