20171130

2017-11-30 18:40:49
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अनिलः दोस्तो, प्रोग्राम का आगाज़ करते हैं। दोस्तो, आपने नॉर्मल टायर तो खूब देखे होंगे लेकिन इस टायर को देखकर आप भी कहेंगे भई वाह... टायर की खासियत है कि यह सटपट सीढियां चढ़ जाता है। यही नहीं ये दो हिस्सों में बंट सकता है। यह टायर इतना स्मार्ट है कि खुद को अटैच और डिटैच कर सकता है। ये भी हो सकता है कि ये टायर गायब हो जाए। सुनकर यकीन नहीं हुआ ना... 

ये टायर अभी मार्केट में नहीं आया है लेकिन हो सकता है कि भविष्य में यह आपकी जिंदगी का हिस्सा बने। दरअसल, Hankook डिजाइन इनोवेशन प्रोजेक्ट के तहत ऐसे टायर बनाए जाने के लिए काम किया जा रहा है। इस पर दुनिया भर की ऑटोमोबाइल कंपनियों और स्टार्टअप्स ने इनोवेटिव टायर्स बनाने के लिए डिजाइन पेश किए थे जिनमें से पांच को सबसे बेहतर माना गया है। 

नीलमः बता दें टॉप टू टायर डिजाइन में 'मेयफ्लोट' और 'फ्लेक्सअप' हैं जिन्हें रियलिस्टिक माना गया है और इन पर काम भी शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा रेसिंग के लिए 'शिफ्ट्रैक' और पर्सनल ट्रांसपोर्टेशन के लिए 'आईप्ले' को सबसे बेहतर माना गया है जबिक 'ऑटोबाइन' को पब्लिक ट्रांसपोर्ट और हैवी वेट ट्रांसपोर्टेशन के लिए चुना गया है।

शिफ्ट्रैक टायर को रेसिंग के दौरान ड्राइविंग के लिए बेहतर बताया गया है। इसमें टायर दो हिस्सों में बंटा होगा जो कि शार्प टर्न और ओवरटेकिंग के दौरान गाड़ी का बैलेंस बनाने में सहायक होगा। जबकि फ्लैक्सअप को पर्सनल ट्रांसपोर्टेशन के लिए तकनीकी मामले में सबसे बेहतर माना गया है। ये सीढ़ियां चढ़ने के साथ-साथ संकरी गलियों में चलाने में भी बेहतर है। बता दें सभी डिजाइन की अपनी खासियत है।

अनिलः अब आपको बताते हैं एक महिला की कहानी, जिसने महिलाओं को टीकाकरण की याद दिलाने के लिए एप बनाया है। 

सुनते हैं उन्हीं की जुबानी। मैं उस दिन क्षेत्र भ्रमण के दौरान एक झुग्गी वाले इलाके में पहुंची थी। अपने काम के दरम्यान मैंने एक छोटे बच्चे की ऐसी मां से बात की, जिसे अपने बेटे की सही उम्र तक याद नहीं थी। मैं दक्षिण-पश्चिमी महाराष्ट्र के पिछड़े इलाकों में नवजात और शिशु स्वास्थ्य विकास कार्यक्रम चलाने वाली एक गैर सरकारी संस्था के लिए काम करती थी। वैसे मेरा ताल्लुक मुंबई से है। मैंने गोवा के प्रतिष्ठित बिट्स पिलानी इंस्टीट्यूट से पढ़ाई की है।

मां द्वारा अपने बच्चे की उम्र याद न रख पाने वाली घटना ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि सरकार और विभिन्न संगठनों द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चलाई जाने वाली तमाम योजनाएं अपने लक्ष्य से कितनी दूर हैं! जिस महिला को अपनी संतान की उम्र तक न पता हो, वह सही समय पर बच्चे को टीका कैसे लगवाएगी? इन सवालों ने मेरे दिमाग में इस बाबत कुछ करने के लिए प्रेरित किया। मैंने तकनीकी शिक्षा हासिल की थी और इसी आधार पर मेरे दिमाग में एक ऐसे मोबाइल ऐप की परिकल्पना ने जन्म लिया, जो इस समस्या के समाधान के करीब थी।


मेरे पास विचार तो था, पर मैं अकेले कोई ऐसा ऐप नहीं बना सकती थी। इसके लिए मैंने मुंबई के मॉगर्न स्टैनलीज दफ्तर से जुड़े ऐप डेवलपर समूह से संपर्क साधा। इसके बाद मैंने पिछले साल के सितंबर में पहली बार अपने ऐप- फौलोऐप को अमली जामा पहनाते हुए इसे मॉगर्न स्टैनलीज से जुड़े अधिकारियों के सामने रखा। सभी लोग इस ऐप के विचार से काफी प्रभावित हुए और इसने कंपनी की सालाना तकनीकी प्रतियोगिता, टेक्नोफीलिया में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इतना सब होने के बावजूद मेरे ऐप की परीक्षा बाकी थी। इसके लिए इस ऐप को पाइलट प्रोजेक्ट के तहत सीमांत महाराष्ट्र के मालवानी इलाके में प्रयोग करने का फैसला किया गया, जो सफल रहा। परियोजना के शुरुआती चरण में ही सौ महिलाओं को ऐप से जोड़ा गया।


नीलमः यह ऐप लोगों को उनके बच्चे के टीकाकरण के लिए अलार्म की तरह रिमाइंडर देता है। इस रिमाइंडर मैसेज में उन्हें याद दिलाया जाता है कि उन्हें अपने बच्चे को कौन-सा टीका किस दिन लगवाना है। इस ऐप के जरिये परिवार के पंजीकृत मोबाइल पर टीकाकरण की तारीख याद दिलाने के लिए सॉफ्टवेयर की मदद से एक ऑटो जनरेटेड फोन किया जाता है। फोन कॉल में मां और बच्चे, दोनों का नाम लिया जाता है और उनके अगले टीकाकरण के बारे में बताया जाता है।


सॉफ्टवेयर द्वारा जो कॉल की जाती है, उसमें सवाल पूछा जाता है कि उन्होंने टीकाकरण कराया है या नहीं। अगर जवाब हां है, तो एक दबाना होता है और न है तो दो। वहीं, अगर कोई जवाब नहीं मिलता है, तो तीन, पांच और दस दिन बाद फिर से उन्हें इस बारे में याद दिलाने के लिए कॉल की जाती है। यही नहीं, उनकी इस कॉल को रिकॉर्ड भी किया जाता है, ताकि जानकारी देने वालों की प्रतिक्रिया समझी जा सके। और एक खास बात यह है कि इसके लिए किसी स्मार्टफोन की भी अनिवार्यता नहीं है। इसके अलावा भविष्य में इसी तकनीक की मदद से किसी भी इलाके में होने वाले टीकाकरण की प्रतिशतता की सटीक जानकारी भी हासिल की जा सकती है, जोकि सरकार के लिए हमेशा से ही एक बड़ी चुनौती रही है। आज इस ऐप से पांच सौ से अधिक महिलाएं जुड़कर अपने बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य और सुखद भविष्य के प्रति निश्चिंत हैं।


अनिलः अब बात फिल्म की करते हैं।

अगर आप जाने-माने पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के फैन है तो ये टीजर पोस्टर आपका दिन बना सकता है। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे संदीप सिंह के ऊपर फिल्म बन रही है। फिल्म का पहला टीजर पोस्टर रिलीज किया गया है। इस पोस्टर में दिलजीत हूबहू संदीप सिंह की तरह दिख रहे हैं।

फिल्म का पहला लुक जल्द ही सामने आएगा। आपको बता दें कि दिलजीत की ये पहली बॉयोपिक फिल्म है। फिल्म में वो भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे संदीप सिंह का किरदार निभा रहे हैं।

फिल्म में तापसी पन्नू, दिलजीत दोसांझ, अंगद बेदी और प्रकाश झा मुख्य किरदार निभा रहे हैं। शाद अली के निर्देशन में बन रही फिल्म से चित्रांगदा सिंह बतौर को-प्रोड्यूसर जुड़ी हैं। 



नीलमः लीजिए अब समय हो गया है हेल्थ टिप्स का। 


हम सब आजकल के इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि अपने लिए बिलकुल भी समय नहीं निकाल पाते हैं। इतना व्यस्त होने के बावजूद भी अगर आप स्किन की देखभाल करने की सोच रहें हैं तो हम आपको इसके लिए मदद करेंगे।

एक ठोस और अच्छे उपाय को करने से आपको अपनी त्वचा में एक बहुत बड़ा फर्क समझ में आएगा। आप जानते हैं कि आपकी स्किन को हर रोज सूर्य से आने वाली अल्ट्रा-वोइलेट किरणों की वजह से बहुत सारे नुकसान झेलने पड़ते हैं। जिसकी वजह से आपको आक्सीडेटिव स्ट्रेस, स्किन पर दाग धब्बे और स्किन कैंसर आदि भी हो सकते हैं।

हम सब आजकल के इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि अपने लिए बिलकुल भी समय नहीं निकाल पाते हैं। इतना व्यस्त होने के बावजूद भी अगर आप स्किन की देखभाल करने की सोच रहें हैं तो हम आपको इसके लिए मदद करेंगे।

एक ठोस और अच्छे उपाय को करने से आपको अपनी त्वचा में एक बहुत बड़ा फर्क समझ में आएगा। आप जानते हैं कि आपकी स्किन को हर रोज सूर्य से आने वाली अल्ट्रा-वोइलेट किरणों की वजह से बहुत सारे नुकसान झेलने पड़ते हैं। जिसकी वजह से आपको आक्सीडेटिव स्ट्रेस, स्किन पर दाग धब्बे और स्किन कैंसर आदि भी हो सकते हैं।


अनिलः इस चीज को आप आसानी से दूर कर सकते हो, इसके लिए आपको धूम्रपान से बचना होगा, सनग्लासेज पहनना होगा या फिर अपने खाने पीने में एंटी-आक्सीडेंट जैसे कि टमाटर और बेरी आदि का इस्तेमाल करना होगा। आप अपनी स्किन को बचाने के लिए एंटी-आक्सीडेंट वाले प्रोडक्ट्स भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हम आपको यहाँ कुछ ऐसी चीजें बताने जा रहें हैं जो आपकी त्वचा के लिये बहुत ही फायदेमंद हैं।

 - विटामिन सी: विटामिन सी को एस्कोर्बिक एसिड भी कहते हैं। यह इम्युनिटी को बढाने के साथ साथ एक अच्छा एंटी-आक्सीडेंट भी है। यह आपकी त्वचा में पाए जाने वाले कोलेजन प्रोटीन को बनाने में मदद करता है। विटामिन सी आपकी त्वचा को सूर्य से आने वाली खतरनाक किरणों से बचाता है जिससे आपकी स्किन में लाल चकत्ते नहीं पड़ते है और साथ ही दाग धब्बे और कील मुंहासे भी आसानी से दूर होते हैं। विटामिन सी युक्त पदार्थ खाने की बजाय उसे सीधे स्किन पर लगाने से ज्यादा फर्क पड़ता है क्योंकि ऐसा करने से विटामिन सी आसानी से आपकी त्वचा की भीतरी सतह पर पहुँचता है।



नींबू: नींबू आपकी चाय और आपके पानी को और भी अधिक बेहतर बना सकता है। इसके साथ ही यह आपकी त्वचा के लिए भी अच्छा है क्योंकि इसमें पॉलीफिनोल जैसे फ्लेवोनोइड्स या बायोफ्लेवोनोइड्स आदि पाए जाते हैं। नीम्बू में जो फ्लेवोनोइड्स पाए जाते हैं उनमें से डायोस्मिन, हेसपेरिडीन और इरियोसिट्रिन होते हैं।


नीलमः जर्नल ऑफ़ फाईटोकेमेस्ट्री और फाइटोबायोलॉजी के अनुसार डायोस्मिन और हेसपेरिडीन आपकी स्किन को सूर्य की खतरनाक किरणों से बचाते हैं जबकि इरियोसिट्रिन एक अच्छा एंटी-आक्सीडेंट होता है। ये तीनों नेचुरल केमिकल फ्री रेडिकल से लड़ने का काम करते हैं। नींबू एक तगड़ा एसिड होता है इसलिए इसको आप सीधे इस्तेमाल ना करके किसी चीज के साथ इस्तेमाल करें, नहीं तो आपकी स्किन को बहुत अधिक नुकसान हो सकता है।

व्हाइट टी: यह आपको मजबूती देने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण ड्रिंक है क्योंकि इसमें मौजूद पॉलीफीनोल आपकी त्वचा पर अदभुत काम करता है। एक्सपेरिमेंटल डर्मेटोलॉजी के अनुसार इसमें बहुत अधिक मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट गुण होते हैं जो आपकी स्किन को सूर्य की किरणों से होने वाले आक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। त्वचा पर व्हाइट टी वाले प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने से वातावरण कारणों के द्वारा स्किन में होने वाली समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है। चाय में पॉलीफीनोल बहुत अधिकता में होता है लेकिन इसके अलावा आप व्हाइट टी युक्त स्किन केयर प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करें जो आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद हैं। यहाँ तक कि आप व्हाइट टी को एक टोनर के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आप दो व्हाइट टी बैग को गर्म पानी में रखिये और ठंडा होने के बाद इसे रुई से अपनी त्वचा पर लगाएं। ऐसा करने से आपकी स्किन फ्रेश और साफ़ हो जायेगी।


अनिलः दोस्तो, आज के प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यही संपन्न होता है। 


अब पेश हैं जोक्स

पहला जोक...

मोनू सोनू को प्रवचन देते हुए...

जब तुम रात को सच्चे दिल से सोने की कोशिश करते हो तो...

वाईफाई और 3जी की तेज स्पीड तुम्हें जगाने की पूरी साजिश करती है.



दूसरा जोक

दो महारथी स्टूडेंट्स एग्जामिनेशन हॉल से बाहर आकर...

पहला: तुझे पता था ये कौन सा पेपर था?

दूसरा: हां, गणित का था.

पहला: इसका मतलब तूने तो काफी कुछ कर लिया होगा.

दूसरा: अरे नहीं यार, साथ वाली लड़की के पास कैल्कुलेटर था.



तीसरा जोक...

एक लड़का कोल्ड ड्रिंक की बॉटल सामने रखकर उदास बैठा था.

उसका दोस्त आया, कोल्ड ड्रिंक पी और बोला: ऐसे उदास क्यों बैठा है यार?

दोस्त बोला: यार, आज का दिन बहुत बुरा है. सुबह गर्लफ्रेंड से झगड़ा हो गया. रास्ते में कार खराब हो गई. ऑफिस पहुंचा तो बॉस ने नौकरी से निकाल दिया. अब सुसाइड के लिए कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाया था, वो भी तूने पी ली.




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