20171123

2017-11-23 19:49:12
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अनिलः  एप आधारित टैक्सी बुकिंग सेवा देने वाली कंपनी उबर ने कहा कि हैकरों ने उसके प्लेटफॉर्म पर जुड़े 5.7 करोड़ उपभोक्ताओं और ड्राइवरों का निजी डाटा चुराया है। यह बात एक साल तक छुपाई गई।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दारा खोसरोवशही ने एक बयान में कहा, ‘ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए था और मैं इसके लिए कोई बहाना नहीं बनाऊंगा।

खोसरोवशही के अनुसार उबर सूचना सुरक्षा दल के दो सदस्य को मंगलवार को ही तत्काल प्रभाव से कंपनी से निकाल दिया है। इन दोनों ने समय पर उपभोक्ताओं को जानकारी नहीं दी कि उनका डाटा चुराया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में केवल इतना पता चला है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले क्लाउड सर्वर की सुरक्षा में सेंध लगाकर बड़ी मात्रा में डाटा डाउनलोड कर लिया। 


उबर के अनुसार चुराई गई जानकारियों में उपभोक्ताओं के नाम, ई-मेल एड्रेस, मोबाइल नंबर और करीब छह लाख ड्राइवरों के नाम और उनके लाइसेंस नंबर चोरी किए गए हैं। बावजूद इसके उपभोक्ताओं और चालकों को सूचना नहीं दी गई जिनकी सूचनाओं को खतरा था।

सूत्रों का कहना है कि इस बात की जानकारी मिलने का बाद उबर ने चोरी किए गए डाटा को नष्ट करने के लिए हैकरों को 65 लाख रुपये का भुगतान भी किया। इस बारे में मैकैफे लैब के वीपी विन्सेंट वीफर ने कहा, ‘डाटा चोरी की सूचना साझा करने में काफी लंबा समय लिया गया है।’ वीफर ने हैकरों को भुगतान करने के निर्णय को असामान्य बताया और सवाल उठाया कि क्या यह बुद्धिमानी है। उन्होंने कहा कि क्या आप चोरों पर भरोसा कर सकते हैं कि उन्होंने किसी भी प्रकार से डाटा को कॉपी या लीक नहीं किया होगा।


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अब समय हो गया है दूसरी जानकारी का...

आपको आज हम उन मसालों की बात आज बताएंगें जो आपके किचेन में पाए जाते है। कुछ ऐसे मसाले भी होते है जो आपके खाने में स्वाद डालने के अलावा आपको कई तरह के रोगों से भी आजाद रखते है।

इन मसालों के इस्तेमाल को आयुर्वेद में भी बताया गया है। इनको आप एक औषधि की तरह भी इस्तेमाल कर सकते है। कई रोगों के निवारण के लिए इन मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।

आप जो खाना बनाते है उनमें अगर मसाले ना हो तो आपको वो खाना बिल्कुल फीका और बेरंग नजर आता है। कई लोग ये कहते भी पाए जाते है कि आपके शरीर के लिए ज्यादा मसाला खाना हानिकारक होता है।

लेकिन अगर मसालों का सही से इस्तेमाल किया जाए तो ये आपके लिए वरदान भी बन सकते है। आइए आज इसी विषय में बात करते है कि वो कौन से मसाले है जो आपकी सेहत को दूसरी तरीके से भी लाभ पहुंचा सकते है।


 जीरा का इस्तेमाल

आपको बता दें कि इसके इस्तेमाल से दूध पिलाने वाली महिलाओं को काफी आराम मिलता है। जिरा व मिश्री समभाग पीसकर 5 ग्राम मिश्रण सुबह-शाम दूध के साथ लेने से माताएँ के दूध बढ़ जाता है। 3 ग्राम जीरे का पूड गुड के साथ लेने से भी माँ का दूध बढ़ जाता है। इसका इस्तेमाल आपको करना चाहिए।


 

आपको अगर स्किन संबंधी समस्याएं है तो आपको बिल्कुल भी घबराने की बात नहीं है। इसके लिए आपको सफेद जिरा ऊबाल के उस पानी से कुछ दिन मुँह धोने से फोड़ो-फंसी, के डाग दूर होते है। हर तरह के चर्म रोगों से आपको आराम दिलाता है।


 अगर आपको लिकोरिया की समस्या है तो आपको जीरा को औषधि की तरह इस्तेमाल करके इससे बचना चाहिए। इसके लिए आपके जीरा और मिश्री समभाग पीसकर 2 से 5 ग्राम मिश्रण चावल के पानी के साथ लेने से श्वेतपदर में लाभ होता है। ये असरदार घरेलू उपाय है।


 आपको अगर पित्त संबंधी समस्याए है तो धनिए के बीज का इस्तेमाल करना चाहिए इससे आपकी ये समस्या दूर हो जाएगी। इसके लिए आपको पित्तजन्य रोगो मे धनिये के बीज सौंफ और आँवला समभाग चूर्ण बनाकर और उसमे उतनी ही मात्रा में मिश्री मिलाकर ये मिश्रण 10 ग्राम एक ग्लास पानी में 6 घंटे भिगोकर रखना और छानकर हर रोज पीने से फायदा होता है। इसको जरूर इस्तेमाल करें।


 अगर आपको सिरदर्द और अनिद्रा से लेकर उल्टी जैसी समस्याएं रहती है तो आपको इसका सेवन करना चाहिए। इसके लिए आपको हरा धनियाँ के रस में शक्कर मिलाकर पीने से अनिद्रा, उलटी और सिरदर्द में लाभ होता है। एक असरदार घरेलू समाधान है।



दोस्तो, अब लीजिए पेश है अगली जानकारी। 


 फिल्मी दुनिया से है। जी हां आज हम आपको बताएंगे अजय देवगन की फिल्मों के बारे में। 

अपनी संजीदा एक्टिंग से बॉलीवुड में अपना अलग मुकाम बनाने वाले एक्टर अजय देवगन ने इंडस्ट्री में अपने 26 साल पूरे कर लिए। अपनी आँखो से सारा अभिनय कर देने वाले अजय गंभीर अभिनय के साथ-साथ एक्शन के बाद अब कॉमेडी में भी अपना सिक्का जमा चुके हैं। 1991 में आई फिल्म फूल और कांटे से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अजय के इस खास दिन आइए जानते  वो 8 किरदार जिन्होंने बनाया उन्हें बॉलीवुड का 'सिंघम'

अपने माता-पिता के रिश्तों के बीच खुद की वजूद की तलाश में परेशान-हैरान इस किरदार ने अजय को बेस्ट एक्टर के लिए उनका पहला राष्ट्रीय अवार्ड दिलवाया था। फिल्म भले ही बॉक्सऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई हो, लेकिन अजय ने इस फिल्म से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया था।

'दीवानगी' में अजय देवगन की कॉम्पलेक्स एक्टिंग का तोड़ आजतक इंडस्ट्री में नजर नहीं आता। एक ही शख्स के अंदर दोहरी पर्सनैलिटी लिए अजय जितना शर्मिले तरंग के किरदार में नजर आए, उतनी ही गहरी छाप जिद्दी रंजीत के रूप में भी छोड़ गए। इसके लिए अजय को निगेटिव रोल में बेस्ट एक्टर का फिल्म फेयर अवार्ड मिला था।

'खाकी' में निभाया गया अजय देवगन का निगेटिव किरदार आज तक लोगों के जेहन में ताजा है। 'दीवानगी' के बाद अजय देवगन की ये दूसरी फिल्म थी जिसमें वो निगेटिव किरदार में नजर आए थे।फिल्म अमिताभ बच्च्न और अक्षय कुमार जैसे सितारों से सजी थी। मगर अजय सभी पर भारी पड़े।

2002 में राजकुमार संतोषी निर्देशित फिल्म 'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह' के लिए अजय देवगन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। बॉलीवुड में कई एक्टर्स ने भगत सिंह का किरदार निभाया, लेकिन स्क्रीन पर अजय देवगन का कोई जवाब नहीं था।

'गंगाजल' में एसपी अमित कुमार के किरदार को देखकर आप भी यही कहेंगे कि अजय से बेहतर इस रोल में कोई नहीं होता। बिहार में फैली भ्रष्ट कानून व्यव्स्था पर चोट करती ये फिल्म अजय के करियर की शानदार फिल्मों में से एक है।

अपनी सीरियस इमेज तोड़ते हुए पहली बार अजय देवगन ने 'गोलमाल' से कॉमेडी में अपना हाथ आजमाया। रोहित शेट्टी निर्देशित ये फिल्म दर्शकों को इतनी पसंद आई कि इस सीरिज की 4 फिल्में आ चुकी है। हाल ही में आई 'गोलमान वन्स अगेन' अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी हिट साबित हुई। 

'सिंघम' में निभाए गए 'बाजीराव सिंघम' के किरदार ने इंडस्ट्री में पुलिस इंस्पेक्टर की परिभाषा ही बदल दी। अपनी दमदार एक्टिंग और बेजोड़ डॉयलॉग्स का ही कमाल था कि आज भी फिल्म का एक-एक सीन लोगों की आंखों के सामने दौड़ता है। यहां तक की पुलिसवालें भी अजय देवगन के स्टाइल को कॉपी करने से नहीं चूकते।

उधर....

अभी हाल ही में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के न्यूरोलोजिस्ट विजयनाथ मिश्र ने हर हर महादेव ऐप लॉन्च किया था जो कि स्मार्टफोन में पॉर्न देखने पर भजन बजाने लगता है। वहीं अब मिश्र ने एक और ऐप लॉन्च किया है जिसका नाम Narad है। इस ऐप के जरिए बच्चों के स्मार्टफोन पर नजर रखी जा सकेगी।

Narad ऐप को लेकर विजयनाथ मिश्र का कहना है कि इस ऐप के जरिए पैरेंट्स अपने बच्चों के फोन पर नजर रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऐप पैरेंट्स को बच्चों के स्मार्टफोन की ब्राउजिंग हिस्ट्री की भी जानकारी देता है। यानी पैरेंट्स इस बात का पता लगा सकते हैं कि उनके बच्चे स्मार्टफोन में क्या सर्च कर रहे हैं और कौन-कौन से वीडियो देख रहे हैं। 


इस ऐप के जरिए आप यह जान सकते हैं कि आपका बच्चा कौन-कौन सी वेबसाइट पर जा रहा है और वहां क्या कर रहा है। इस ऐप से 5 मोबाइल को कनेक्ट करके बच्चे के फोन को ट्रैक किया जा सकता है। ऐसे में बच्चों को ब्लू-व्हेल जैसे जानलेवा गेम से बचाया जा सकता है।


बता दें कि मिश्र ने हाल ही में इंटरनेट पर आपत्तिजनक कंटेंट पर रोकथाम के लिए हर हर महादेव ऐप लॉन्च किया था। यह ऐप मोबाइल में पॉर्न देखने पर भजन बजाता है और उस साइट को ब्लॉक करता है।



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दिन-रात फोन, कंप्यूटर, टीवी के इस्तेमाल से आंखों पर नकारात्मक असर होता है। आजकल बढ़ते प्रदूषण के कारण भी आंखों में धूल-कण, जहरीले धुंए से जलन, चुभन और आंखों से पानी आने की समस्या लोगों में बढ़ रही है। आंखें कमजोर न हों, इसके लिए कुछ बातों को ध्यान में रखें।

विशेषज्ञ भी अब फोन, कंप्यूटर आदि के कम से कम इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करना आपकी मजबूरी हो सकती है, लेकिन घर पर नहीं। घर पर कंप्यूटर, मोबाइल से दूरी बनाकर रहें।

सिर्फ पेट भरने के लिए खाना नहीं खाएं। डाइट में उन चीजों को शामिल करें, जिसका सीधा असर आपकी आंखों की सेहत पर हो। खाने में जितना हो सके पोषक तत्व और प्रोटीन युक्त आहार शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मछली, फल आदि खूब खाएं। इन्हें खाने से आंखों में ड्राई आई सिंड्रोम की समस्‍या नहीं होती है।

आंखों में जलन, चुभन हो रही है या फिर कंप्यूटर पर काम करने से आंखों से पानी आए, तो आंखों की जांच करवाएं। आंखों की रोशनी पूरी तरह से सही है या पढ़ने के दौरान भी कोई समस्या महसूस नहीं होती, फिर भी साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच अवश्‍य करवाएं।

यदि आप कंप्यूटर पर देर तक काम करते हैं, तो प्रत्येक सेकंड कम से कम तीन से चार बार अपनी पलकों को बीच-बीच में झपकाते रहें। इससे आंखें तरोताजा और तनाव मुक्त रहती हैं। ऐसा करने से आंखों पर स्ट्रेन भी नहीं पड़ेगा। 

आंखों की रोशनी और सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए व्यायाम करें। दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें। जब हथेलियां गर्म हो जाएं, तो उन्‍हें हल्‍के से आंखों पर रखें। इससे आंखों का तनाव और दर्द दूर होगा। बाहर से आने पर आंखों में पानी की छींटे जरूर मारें। इससे धूल-कण निकल जाएंगे और आंखों को कोई नुकसान नहीं होगा।


अब ख़बर क्रिकेट की...

भारतीय टीम प्रबंधन ने वन-डे के विशेषज्ञ खिलाड़ियों को रणजी मैच खेलने से रोका है। ऐसा लगता है कि जब बात सीमित ओवर प्रारूप में संसाधनों की आती है तो टीम इंडिया का प्रबंधन काफी चौकन्ना हो जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पाया गया है कि प्रबंधन ने वन-डे और टी20 विशेषज्ञों को पिछले एक साल में रणजी ट्रॉफी खेलने से रोक दिया है।

युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, हार्दिक पांड्या, केदार जाधव और दिनेश कार्तिक फिलहाल बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) में ट्रेनिंग कर रहे हैं। जहां पांड्या को लंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में विश्राम दिया गया है, वहीं यह समझा जा सकता है कि चहल और बुमराह को रणजी मुकाबले नहीं खेलने की सलाह दी गई है।

दिनेश कार्तिक और केदार जाधव ने क्रमशः दर्द और हाथ में चोट की वजह से रणजी ट्रॉफी मुकाबलों के आखिरी राउंड से अपने नाम वापस ले लिए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया को एक बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, 'चहल ने हरियाणा की तरफ से खेलने की इजाजत मांगी थी, लेकिन उन्हें टीम प्रबंधन ने अनुमति नहीं दी। इसके बजाय उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद एनसीए में ट्रेनिंग करने के लिए कहा गया।'

सूत्र ने आगे कहा, 'इसके पीछे का आईडिया इन खिलाड़ियों को चोट से सुरक्षित करना है। ये सभी टीम इंडिया के लिए वन-डे और टी20 में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और इन्हें घरेलू मैचों में खेलने की अनुमति देकर चोट की रिस्क नहीं उठाई जा सकती।' टीम इंडिया को अब श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने तीन मैचों की वन-डे सीरीज और इतने ही मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलना है।


दोस्तो, आज के प्रोग्राम में जानकारी यही तक...अब समय हो गया है, श्रोताओं की टिप्पणी का। 


केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल ने पत्र भेजा है। लिखते हैं, जीते जी तो कमोबेश सभी धन कमाते हैं, परन्तु मरने के बाद भी मोटी रक़म अर्जित करने वाले महान लोगों के बारे में जानकारी आज का "टी टाइम" कार्यक्रम सुन कर हासिल हुई। यह जानकारी हैरान करने वाली लगी कि गोल्फ़ किंग अर्नाल्ड पॉल्मर द्वारा अपने जीते जी तो बहुत धन कमाया ही गया, मृत्यु के बाद उनकी एक महीने  की आय 4 करोड़ डॉलर है। 

इसी प्रकार पॉप के बेताज बादशाह रहे माइकल जैक्सन, जिन्होंने दशकों तक फैंस के दिलों पर राज किया और अपने मरने के बाद भी लोगों के दिलों में राज कर रहे हैं, की मरने के बाद की कमाई इस साल 551 करोड़ रही, जो कि सलमान खान की कमाई से 2 गुना है, जान कर हैरत हुई।                                            अपने ज़माने के जानेमाने कार्टूनिस्ट चार्ल्स शूल्ज इस साल 321 करोड़; एल्विस प्रेस्ले 180 करोड़ तथा एल्बर्ट आइंस्टाईन द्वारा अपनी मृत्यु के 66 साल बाद भी इस वर्ष 76 करोड़ रुपए कमाये जाने का समाचार कुछ सोचने पर विवश कर गया। वैसे आपने उपरोक्त महान लोगों की मृत्योपरांत कमाई के आंकड़े तो दिये, परन्तु यह नहीं बतलाया कि उन्हें यह कमाई कैसे हुई, इसलिये मन की तृषा शांत नहीं हुई।                                       शनि शिग्नापुर में चोरी न होने और वहां घरों के दरवाजे न होने का समाचार सर्वविदित है। क्यों कि वहां के लोगों को यह वरदान शनि देव से मिला हुआ है, जो कि आज कलियुग के दौर में किसी चमत्कार जैसा लगता है। यही कारण है कि आज भी लोग ईश्वर में आस्था रखते हैं।

कार्यक्रम में आगे हंसना सेहत के लिए कितना फायदेमंद है के अलावा यह जानकारी भी दिलचस्प लगी कि हंसते समय शरीर की सिर्फ 17 मांसपेशियों का ही इस्तेमाल होता है, जबकि गुस्सा करने के लिए 43 मांसपेशियों की जरूरत होती है। 

यह भी जाना कि हंसना एक प्रकार का विज्ञान है और हंसी के विज्ञान और इससे शरीर पर होने वाले प्रभाव को 'जेलोटोलॉजी' कहा जाता है। हंसी खून के बहाव को 22 फीसदी तक बढ़ा देती है वहीं तनाव होने पर रक्त प्रवाह 35 फीसदी कम हो जाता है। इस प्रकार खुलकर हंसना एक तरह के नेचुरल पेनकिलर का काम करता है। इसके अलावा सकारात्मक सोच भी मनुष्य को सदैव खुशी प्रदान करती है।

कार्यक्रम में श्रोताओं की प्रतिक्रिया के साथ-साथ पेश तीनों ज़ोक्स भी गुदगुदाने में कामयाब रहे। धन्यवाद फिर एक अच्छी प्रस्तुति के लिये।

सुरेश जी पत्र भेजने के लिए शुक्रिया। 

अब समय हो गया है जोक्स यानी हंसगुल्लों का। 

पहला जोक..

गली में आवारा बच्चे गिल्ली डंडा खेलते थे। 

ऑफिस जाता हुआ आदमी उनसे रोज सवाल पूछता।

बताओ बच्चो, कुतुबमीनार कहां है, बच्चे कहते, हमें क्या पता। आदमी कहता, अरे कभी गली से बाहर भी जाया करो। 

अगली सुबह फिर बच्चे गिल्ली डंडा खेलने में व्यस्त होते। आदमी कहता तुम्हें पता है चारमीनार कहां है, बच्चे कहते, हमें क्या पता....आदमी अरे कभी गली से भी बाहर निकल जाया करो। 

अगले दिन जैसे ही वह आदमी गली से गुजरा, सभी बच्चों ने उसे घेर लिया, पूछा...क्या आपको पता है राम लाल कौन है, आदमी बोला नहीं.......बच्चे तपाक से बोले, कभी घर पर भी रहा करो। 

..दूसरा जोक...

अदालत में जज साहब के सामने मुजरिम पेश होता है. तभी अदालत में सन्नाटा छा जाता है। मुजरिम को देखते ही जज साहब बोले, लगता है मैंने तुम्हें कहीं देखा है। मुजरिम जवाब देता है, जी हुजूर मैं कोठे पर तबला बजाता हूं। 

तीसरा जोक...

आजकल शहर में जितनी सवारियां नहीं, उससे ज्यादा तो ऑटो और ई-रिक्शा हैं.

कोई सवारी दिख जाए तो ऐसे लपकते हैं कि मानो किडनैप कर रहे हों.

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