20170907

2017-09-07 18:57:46
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अनिलः टी-टाइम के नए अंक के साथ हम फिर आ गए हैं,आपका मनोरंजन करने। जी हांआपके साथ चटपटी बातें करेंगे और चाय की चुस्कियों के साथ लेंगे गानों का मजा 25 मिनट के इस प्रोग्राम में। इसके साथ ही प्रोग्राम में श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं भी होंगी शामिल। तो जल्दी से हो जाइए तैयार।

 

लीजिए प्रोग्राम की शुरुआत करते हैं।

दोस्तो, जैसा कि हम जानते हैं, ब्रिक्स सम्मेलन श्यामन में संपन्न हो चुका है। चीन के नेतृत्व में ब्रिक्स सम्मेलन सफल रहा। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि मतभेदों को किनारे रखकर विकास करना होगा। भारत और चीन ने इस सम्मेलन में दुनिया के सामने एकजुट होकर संदेश दिया। सम्मेलन के बारे में हमने वैसे तो कई विशेषज्ञों से बात की।

लेकिन इस प्रोग्राम में हम शामिल कर रहे हैं, चीन में लंबे समय से रह रहे अविनाश मिश्रा के साथ हुई बातचीत।

 

....

 

बातचीत जारी है....

 

 

अभी आपने सुनी अविनाश मिश्रा के साथ चर्चा।

दोस्तो, आपको यह बातचीत कैसी लगी, हमें जरूर बताइएगा।

अब लीजिए पेश करते हैं, आज के प्रोग्राम की जानकारियां।

 

सबसे पहले बात साइंस से जुड़ी ख़बर की करते हैं। वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा के केंद्र के नजदीक एक बड़ा सा ब्लैकहोल खोजा है। हमारे सूर्य से करीब एक लाख गुना बड़ा यह ब्लैक होल एक जहरीली गैस के बादल से घिरा है। यदि इस खोज पर मुहर लग जाती है तो यह आकाशगंगा में पाया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा ब्लैकहोल होगा। 

बता दें कि इससे बड़ा ब्लैकहोल ‘सैगीटेरियस-ए’ है, जो तारामंडल के बिल्कुल केंद्र में है। जापान की कीओ विश्वविद्यालय के अंतरिक्षयात्री चिली में अल्मा टेलीस्कोप के जरिए गैसों के एक बादल का अध्ययन कर रहे थे। यह बादल आकाशगंगा के केंद्र से 200 प्रकाशवर्ष दूर और 150 खरब किलोमीटर के दायरे में फैला था। उन्होंने पाया कि दीर्घवृत्ताकार इस बादल के अणु काफी तेज गुरुत्व बल द्वारा खींचे जा रहे थे।
वैज्ञानिकों के मुताबिक इतने तेज गुरुत्व बल का सबसे अधिक संभावित कारण एक ब्लैक होल है। यही नहीं इस बादल के केंद्र से आने वाली रेडियो तरंगों की भी पहचान कर ली गई है जो ब्लैक होल की मौजूदगी का संकेत देती हैं। कीओ विश्वविद्यालय के अंतरिक्षयात्री तोमोहारू ओका ने बताया कि आकाशगंगा में मध्यम द्रव्यमान वाले ब्लैक होल की यह पहली पहचान है। नया ब्लैकहोल किसी पुरानी गैलेक्सी का कोर भी हो सकती है।

 

दोस्तो, हर इंसान के जिंदगी में एक ख्वाहिश ऐसी भी होती है, जिसको पूरा करने के लिए वो दिन रात मेहनत करता है। इसके बावजूद उसकी वो आरजू कभी पूरी नहीं होती। जबकि कभी-कभी हमारा लक हमारी दुनिया को ऐसे बदल देता है कि मानों उसपर विश्वास करना मुश्किल होता है। ऐसे ही एक सच्ची घटना से हम आपको रूबरू कराएंगे जहां एक बच्चे ने अपना पुलिस कमिश्नर बनने का सपना महज 10 साल की उम्र में ही पूरा कर लिया।
 ये घटना तेंलंगाना के हैदराबाद की है यहां के पुलिस आयुक्त महेंद्र रेड्डी ने एक जानलेवा बीमारी से ग्रसित एक 10 साल के बच्चे की ये तमन्ना पूरी की। बच्चे का नाम सादिक है। उसकी ये इच्छा थी कि वो एक दिन पुलिस कमिश्नर बने।

 यहां पर एक स्वंयसेवी संस्था है जिसका नाम मेक ए विश फाउंडेशन है। इस संस्था की कोशिश से ही सादिक कि ये इच्छा पूरी हो पाई। देखने वाला नजारा तो वो था जब सादिक खाकी वर्दी और टोपी लगाकर कुर्सी पर बैठा तब पुलिस कमिश्नर समेत सभी पुलिस अधिकारियों ने उसको सेल्यूट किया। उस समय सादिक का चेहरा देखने लायक था ऐसा लग रहा था कि मानो उसके सपनों को पंख लग गए हों।

 सादिक तेलंगाना के करीमनगर का रहने वाला है और इसके परिवार में कई लोग पुलिस महकमें में काम करते है। इसलिए उनको देखकर ही सादिक की भी पुलिस का प्रमुख बनने की इच्छा थी।

पुलिस कमिश्नर महेंद्र रेड्डी से पूछे जाने पर उन्होने बताया कि सादिक की तमन्ना पूरी करके वो बहुत खुश है और अंदर से काफी अच्छा महसूस कर रहे है। मेक ए विश फाउंडेशन के मेंबर ने बताया कि वो बीमार बच्चों की इच्छा पूरी करके उनको थोड़ी खुशी देने का काम करते हैं। जिससे वो अपने जीवन के भयंकर अंधकार से बाहर निकलकतर बची हुई जिंदगी को जी सकें।

 

अब नयी जानकारी। उधर ब्लू व्हेल गेम ने भारत में भी कहर मचाना शुरू कर दिया है।

‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ पर सख्ती दिखाते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही इस गेम को बंद करेगी। खेलने वालों को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले यह गेम देश में कई बच्चों को अपना शिकार बना चुका है।

गांधीनगर में मंगलवार को उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने गृह विभाग के साथ-साथ मुख्य सचिव को भी राज्य में इस गेम पर पाबंदी लगाने के तरीके ढूंढने का आदेश दिया है।
हमें इस गेम को रोकना है क्योंकि लोग इसकी वजह से आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस गेम पर पाबंदी लगाने के लिए उनकी सरकार अध्यादेश भी लाएगी।
गुजरात में इस गेम को प्रतिबंधित करने के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं क्योंकि इस गेम के कारण हम अपने बच्चों को आत्महत्या करने नहीं दे सकते हैं। वहीं तमिलनाडु सरकार ने भी ब्लू व्हेल चैलेंज को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों के व्यवहार पर कड़ी नजर रखने को कहा है।
गृह मंत्रालय ने यह एडवाइजरी मदुरई में 19 साल के बच्चे की आत्महत्या को देखते हुए जारी किया है। इसके साथ ही इसमें इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को चेतावनी दी गई है कि वे लिंक शेयर करने से बचें क्यों यह गैर कानूनी है और ऐसा करने वालों पर कानूनन कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

नीलमः दोस्तो, प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यही संपन्न होता है। अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का। यह पत्र भेजा है, केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं

कार्यक्रम "टी टाइम" की शुरुआत भारत में रेस्तरां उद्योग के चौंकाने वाले आंकड़ों के साथ किया जाना रुचिकर होने के साथ-साथ सूचनाप्रद भी लगा। यह जान कर हैरत हुई कि भारत में पांच लाख करोड़ रुपये के बाज़ार वाले रेस्तरां उद्योग का आकार बॉलीवुड से चालीस गुना बड़ा है और कृषि के बाद सबसे ज़्यादा रोज़गार यही उद्योग उपलब्ध कराता है। यह तथ्य भी रोचक लगा कि भारतीय रेस्तराओं में सर्वाधिक व्यंजन 28 प्रतिशत उत्तरप्रदेश के पसन्द किये जाते हैं और दूसरे स्थान पर चीनी व्यंजन हैं, जिन्हें पसन्द किये जाने का प्रतिशत 19 है।

कार्यक्रम में आगे यह जान कर भी आश्चर्य हुआ कि भारत के गुजरात प्रदेश स्थित गीर के जंगलों में रहने वाले आदिवासियों का सम्बन्ध अफ़्रीक़ी आदिवासियों से है। वहीं तकनीकी टिप्स में क्रोम ब्राउज़र संचालन सम्बन्धी जानकारी भी अत्यन्त महत्वपूर्ण लगी।

मुझे खेद है कि मनोरंजन खण्ड में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बनी जिस फ़िल्म का ज़िक्र किया गया, उच्चारण और रिसैप्शन सम्बन्धी कठिनाई के कारण उसका नाम समझ में नहीं आया। हाँ, सोनी एन्टरटेन्मेंट चैनल पर दिखाये जाने वाले धारावाहिक 'पिया पहरेदार' पर उठे विवाद सम्बन्धी जानकारी काफी अहम लगी।

स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी में पनीर की लज्जत के साथ-साथ उसके पौष्टिक गुणों का बखान किया जाना भी उपादेय लगा। वहीं सोने की ख़रीददारी में कालाबाज़ारी रोकने हेतु सरकार द्वारा उठाये गये क़दमों से अवगत कराया जाना भी सोने में सोहागा जैसा लगा। सर्वोपरि श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं और कार्य क्रम में सुनवाये गये ज़ोक्स भी ज़ायकेदार लगे। धन्यवाद् पुनः एक अच्छी प्रस्तुति के लिये।

सुरेश जी बहुत बहुत धन्यवाद...

 

अनिलः दोस्तो, अगला पत्र भेजा है। उत्तर प्रदेश अमेठी से अनिल द्विवेदी ने। लिखते हैं कि टी-टाइम प्रोग्राम लगातार सुन रहे हैं। टी टाइम प्रोग्राम में तमाम जानकारियों के बाद पेश श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं में प्रेम कुमार घोसाल और सुरेश अग्रवाल के साथ मेरे पत्रों का उद्धरण सुनने को मिला। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

 

अनिल जी शुक्रिया।

वहीं बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल और पश्चिम बंगाल से ही देबाशीष गोप ने भी पत्र भेजे हैं। आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद।

 

 

       

श्रोताओं की टिप्पणी यही तक....।

अब समय हो गया है, जोक्स यानी हंसगुल्लों का।

पहला जोक....

हरियाणवी छोरा : बापू एक खुशखबरी सै

बापू : के?

छोरा : तूने कही थी के पास

होग्या तो गाडी दुवाऊँगा

बापू : हाँ

छोरा : रुपिये बचगे तेरे..

 

दूसरा जोक...

गुरूजी :- मंदिर में पुरूष ही

पुजारी क्यों होते हैं ?

पप्पू :- ताकि लोग

भगवान पर ध्यान दें

 

तीसरा और अंतिम जोक..

पति: कहाँ गायब थी 4 घंटे से?

बीवी: मॉल में गयी थी, शॉपिंग करने.

पति: क्या क्या लिया?

बीवी: एक हेयर क्लिप और 45 सेल्फी

 

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