20190417

2019-04-17 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र शामिल करेंगे। इसके साथ ही वीरेंद्र मेहता ने हमें एक ऑडियो रिकोर्टिंग भेजी है, उसे भी शामिल किया जाएगा। लीजिए पत्रों की शुरुआत करते हैं। पहला पत्र हमें भेजा है जैसलमेर राजस्थान से दिनेश चौहान ने। लिखते हैं कि टी टाइम कार्यक्रम में अल्मोड़ा के भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन के साथ की गयी बातचीत बहुत अच्छी लगी।

आपका पत्र मिला कार्यक्रम में सबसे पहले सऊदी अरब के भाई सादिक आजमी का पत्र सुना, अच्छा लगा और अंतिम पत्र केसिंगा ओडिशा से सुरेश अग्रवाल जी का भी पसंद आया। उनका लिखने का अंदाज बहुत ही निराला है। वह न जाने कितनी मेहनत करते होंगे। इसके साथ ही तीनों जोक्स भी अच्छे लगे। मेरी शिकायत है कि जब रामदेवरा जैसलमेर की जानकारियां भेजता हूं वह जानकारी शामिल नहीं की जाती हैं। अन्य स्रोतों से जो जानकारी भेजी जाती है, तो उसे शामिल किया जाता है। ऐसा भेदभाव आप क्यों करते हैं। अच्छी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद।

टी-टाइम कार्यक्रम बहुत अच्छा लगता है। इस कार्यक्रम को प्रस्तुत करने का अंदाज शानदार है। वहीं कार्यक्रम में दी जाने वाली जानकारी से भी हमारे ज्ञान में इजाफा होता है।

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से धीरेन बसाक ने। लिखते हैं कि अतुल्य चीन कार्यक्रम में चीन के यातायात परिवहन नेटवर्क और पर्यावरण संरक्षण विषय पर रिपोर्ट सुनी, अच्छी लगी।

विश्व का आईना कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य दिवस और दक्षिण पश्चिम चीन के स्छ्वान प्रांत में बौद्ध धर्म प्रचार और वनशु मन्दिर की स्थापना पर रिपोर्ट सुनी, बहुत सी जानकारी मिली। धन्यवाद।

अनिलः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि पिछले सप्ताह की भांति इस बार भी ज्ञान और मनोरंजन से भरेटी टाइम का पूरा आनंद लिया। शुरुआत में सोशल मीडिया की दुनिया में तहलका मचानते हुए ट्वीटर के सीईओ के वेतन पर अविश्वसनीय मगर सत्य आधारित रिपोर्ट रोचक लगी। और दूसरी जानिब उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मे युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य जी के साथ साक्षात्कार सुनवाकर बिन मांगे मुराद पूरी कर दी। सर्वप्रथम अनिल जी का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने खेल के साथ उनके व्यक्तिगत जीवन के रहस्य से पर्दा उठाने हेतु चुनिंदा सवाल किए। विगत कुछ प्रतियोगिताओं में उनके प्रर्दशन को देखते हुए आशा करते हैं। यह भारतीय युवा देश को बैडमिंटन के क्षेत्र में शिखर के लक्ष्य तक पहुंचाने में कामयाब होगा। आवश्यकता है क्रिकेट की तरह इस खेल के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की। उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने की। पर्याप्त सहायता राशि की। फ्रांस में उनके सफल होने की कामना करते हैं।

हम यह जानकर आश्चर्य चकित रह गए कि फ्रांस के सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट द्वारा 200 साल पहले अपनी पत्नी जोसेफिन को लिखे गए तीन प्रेम पत्र कुल मिलाकर 5,13,000 यूरो यानी करीब 3 करोड़ 97 लाख रुपये में नीलाम हुए। इस रोचक जानकारी से रूबरू कराने के लिए धन्यवाद।

विगत 10 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में भारत चीन रिश्ते को प्रगति प्रदान करने में सेतु का काम करने वाली पत्रिका न्यूज़ चाईना के विमोचन पर सर्वप्रिय और हमारे चहेते भाई सुरेश अग्रवाल जी को आमंत्रित कर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया गया जो हम श्रोताओं के लिए गर्व की बात है। सबसे पहले आपके माध्यम से उन्हें बधाई प्रेषित करता हूं और अनुरोध करता हूं कि इस उपलक्ष्य में आप उनसे सम्पर्क स्थापित कर उसके विचारों को उनकी ज़ुबानी सुनवाने का कष्ट करें, ताकि लोगों में संदेश पहुंचे कि एक निष्पक्ष और कर्मठ श्रोता की क्या अहमियत होती है और आप उन्हें कितना सम्मान देते हैं। धन्यवाद।

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है खुरजा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम आप का पत्र मिला में सभी श्रोताओं के पत्र और उत्तर बहुत ही सम्मान पूर्वक दिए गए। कार्यक्रम सुन कर बहुत ज्यादा आनंद की अनुभुति प्राप्त हुई। कार्यक्रम में थोड़ी सी जगह हमारे पत्र को शामिल कर के दी बहुत ही खुशी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम विश्व का आईना में महत्वपूर्ण जानकारियां सुनने को मिली। हम एक बार फिर से शुक्रिया प्रकट करते हैं।

अनिलः दोस्तों अब शामिल करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है दिल्ली से वीरेंद्र मेहता ने। लिखते हैं कि टी टाइम प्रोग्राम में दी गई जानकारी टि्वटर के सीईओ जैक डोर्सी की सैलरी लगभग 1.40 डॉलर बड़ी आश्चर्यजनक थी और वही युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य से के बारे में बताया गया। यह मेरे लिए बहुत ही रोचक और उत्साह जनक जानकारी थी। क्योंकि मुझे पता नहीं था कि वह मेरे ही होमटाउन अल्मोड़ा से ताल्लुक रखते हैं। पता चला कि उनके बड़े भाई चिराग भी बैडमिंटन के खिलाड़ी हैं और पिता भी बैडमिंटन के कोच हैं। मैं तो लक्ष्य से और चिराग के लिए बस यही दुआ करूंगा कि वह खूब मेहनत करें और भारत का नाम रोशन करें।

आज मैं आपको ब्लैक होल के बारे में बताने जा रहा हूं इस ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से-

सुनते हैं वीरेंद्र द्वारा हमें भेजी गई ब्लैक होल के बारे में एक ऑडियो रिकार्डिंग...

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि पिछले दक्षिण एशिया कार्यक्रम में चीन में शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के बारे में जानकारी दी गयी, जो कि बहुत अच्छी लगी। इस फेस्टिवल में चीन में प्रदर्शित होने वाली भारतीय फिल्मों के बारे में बताया। इसके साथ ही यह भी पता चला कि चीन में भारतीय फिल्में कितनी लोकप्रिय हो रही हैं।

वहीं आर्थिक जगत कार्यक्रम भी अच्छा लगा, जिसमें चीन में विदेशी निवेश आदि को लेकर चर्चा की गयी। साथ ही संडे की मस्ती कार्यक्रम, आपकी पसंद, विश्व का आईना आदि कार्यक्रम भी अच्छे लगे।

अनिलः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर ने। लिखते हैं कि अतुल्य चीन के तहत पता चला कि चीन में यातायात नेटवर्क को बेहतर बनाया जाएगा। देश में लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा। परिवहन कार्य का तेजी से विकास हो रहा है।

वहीं आर्थिक जगत में पेइचिंग में एनपीसी के वार्षिक सम्मेलन के बारे में बताया गया। चीन में सुधार और खुलेपन देखने को मिलता है, जिससे चीन में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अपना दरवाजा खोला। विदेशी निवेश वाले उद्यमों को स्थापना और संरक्षण के लिए बुनियादी सिद्धांत पर्याप्त हैं।

आपका पत्र मिला कार्यक्रम में श्रोताओं के अपना विचार पेश करने का मंच में पहला पत्र आनंद मोहन वायेन, पृथ्वीराज पुरकायस्थ, वीरेन्द्र मेहता, तिलक राज अरोड़ा, दुर्गेश नागनपूरे, धीरेन वसाक, सादिक आजमी, प्रियजीत घोषाल, श्यामल कुमार बनर्जी शंकर प्रसाद शम्भू, सुरेश अग्रवाल और अंतिम पत्र था मेरा। एक अच्छे मूल्यांकन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ।

ललिताः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में राजेन्द्र सिंह बोरा से की गई भेंटवार्ता का दूसरा भाग सुनाया गया, जिसमें चीन के शीआनन में खास खाने, उनकी खासियत आदि विभिन्न पहलुओं पर की गयी बातचीत सुनकर हम लोगों ने खुशी का अनुभव किया।

कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुना कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। उस दिन लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रखने का संदेश देते हुए सरकार के स्वास्थ्य नीति को सही तरीके से क्रियान्वयन के लिए प्रेरित किया जाता है। हमें यह भी पता चला कि दुनिया भर में लोगों को पोलियो, नेत्रहीनता, दिल की बीमारी, कुष्ठरोग, टीवी, मलेरिया, एड्स जैसी कई भयानक बीमारी से लोग पीड़ित हैं। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

अनिलः दोस्तों कार्यक्रम आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि आपको सूचित करते हुये हर्ष हो रहा है कि दिनांक 10 अप्रैल को दिल्ली स्थित चीनी दूतावास की पत्रिका "न्यूज़ फ्रॉम चाइना" के विमोचन अवसर पर दूतावास द्वारा मुझे भी आमंत्रित कर चीन-भारत सम्बन्धों पर कुछ बोलने का मौक़ा दिया गया। निश्चित तौर पर यह मेरे लिये बहुत ही गर्व और गौरव की बात है। नवम्बर 2015 में सीआरआई हिन्दी द्वारा मुझे चीन जाने का मौक़ा दिया गया और अब चीनी दूतावास द्वारा इस ख़ास मौके पर मुझे आमंत्रित किये जाने को मैं बहुत महत्व देता हूँ। इससे मुझे लगता है कि सीआरआई से चौबीसों घण्टे और 365 दिन लगातार जुड़े रहने का मुझे अच्छा प्रतिसाद मिला है। सचमुच, अब तो मेरी ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। मुझे सीआरआई का मॉनिटर होने पर फ़ख्र है।

मुझे चीनी राजदूत लो चाओ ह्वेई और दूतावास के अन्य अधिकारियों और इस मौके पर पधारे अनेक जाने-माने लोगों से मिलने का भी सुअवसर मिला। राजदूत महोदय बहुत ही सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं और मेरा हिन्दी में बोलना उन्हें बहुत अच्छा लगा। मुझे सीआरआई संवाददाता रमेशजी का भी पूरा सहयोग मिला। कुल मिलाकर यह गतिविधि मेरे लिये ख़ास तौर यादगार बन पड़ी। धन्यवाद।

साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत यह जान कर सुखद अनुभूति हुई कि तिब्बत की राजधानी ल्हासा शहर के उपनगर में स्थित तुंगगा गांव में स्थापित पारंपरिक तिब्बती हस्तशिल्प कंपनी में कार्यरत कुल अठावन कर्मचारियों में से अड़तालीस अपाहिज हैं और वह इस कारखाने से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना सपना साकार कर चुके हैं।

यह भी जाना कि इस कारखाने के 29 वर्षीय प्रमुख थेनज़िन नोर्बू स्वयं एक विकलांग हैं एवं रोजगार को लेकर विकलांग लोगों की कठिनाइयों को बख़ूबी समझते हैं। वह जन-कल्याण कार्यों के प्रति काफी उत्साही हैं एवं उन्होंने शाननान क्षेत्र में एक टाउनशिप स्तरीय प्राइमरी स्कूल के भवन निर्माण, गरीब छात्रों की मदद करने के अलावा नेपाली भूकंप के राहत कार्यों में भी भाग लिया। वह अपनी कंपनी में कार्यरत अपाहिज कर्मचारियों को आकर्षक वेतन प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम सुन कर यह भी ज्ञात हुआ कि कंपनी के कर्मचारियों में कुछ गूंगे-बहरे भी हैं, उनके साथ संवाद कायम करने हेतु नोर्बू ने सांकेतिक भाषा सीखी। इसके अलावा नोर्बू अपने कर्मचारियों को अधिक किताबें पढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं। सचमुच, नोर्बू कितने उदार हैं, अन्यथा आज के इस स्वार्थी दौर में दूसरों के बारे में कौन सोचता है।

ललिताः सुरेश जी लिखते हैं कि कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अन्तर्गत चीन की राजधानी पेइचिंग में ज़ारी नौवें पेइचिंग अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव के बहाने आज एक बार फिर चीन और विश्व के अन्य देशों में भारतीय फ़िल्मों की बढ़ती लोकप्रियता की चर्चा सुन कर अच्छा लगा। हमें यह कहना बिलकुल सही लगा कि भावनाओं को समझने के लिये भाषा की ज़रूरत नहीं होती।

साप्ताहिक "आपकी पसन्द" हर बार की तरह आज भी लाज़वाब रहा। श्रोताओं की फ़रमाइश पर सुनवाये गये छह गानों के साथ दी गयी तमाम जानकारी भी रोचक और ज्ञानवर्धक लगी। धन्यवाद फिर एक अच्छी प्रस्तुति के लिये।

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

ललिताः बाय-बाय।

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