20190403

2019-04-03 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र शामिल करेंगे। पहला पत्र हमें भेजा है छत्तीसगढ़, भिलाई, दुर्ग से आनंद मोहन बैन ने। लिखते हैं कि विश्व का आईना कार्यक्रम में शानशी प्रांत के तीर्थ स्थल झूलते मंदिर पर विस्तार से चर्चा अच्छी लगी। यह सिर्फ बौद्ध धर्म से सम्बंधित बातें नहीं है। इन मंदिरों की सुन्दर वास्तुशैली, सूक्ष्म नक्काशी की कला और ऐतिहासिकता व सांस्कृतिक शैली लोगों को एक रहस्यमय वातावरण का एहसास दिलाती हैं। इससे यह पता चलता है कि चीनी वास्तुशैली कितनी प्राचीन और महत्वपूर्ण है। प्रोग्राम में मेरे पत्र को शामिल करने के लिए धन्यवाद।

वहीं बाल महिला स्पेशल में मैक्सिको में चीनी पढ़ाने के विषय पर चर्चा अच्छी लगी। वैसे हर व्यक्ति चाहता है कि उनके बच्चे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न रहें, अपनी मातृभाषा सीखें।

टी टाइम में सबसे पहली जानकारी अच्छी लगी। चुनाव में उम्मीदवार ने 25000 हजार रुपए के सिक्के जमा किए। मैं चाहता हूं कि अगले हर एपिसोड में अब अधिक से अधिक चुनाव से संबंधित मजेदार समाचारों को शामिल किए जाएं।

वहीं चीन का तिब्बत कार्यक्रम में तिब्बत में 60 वर्षों में हुई प्रगति पर बहुत कुछ जानने को मिला। आपकी वेबसाइट पर इस बारे में लेख भी पढ़ा। आजकल सुनने के साथ साथ हम पढ़ भी सकते हैं, इसके लिए धन्यवाद।

दक्षिण एशिया फोकस कार्यक्रम में मोबाइल की नई तकनीक और हुआवेई, एप्पल पर जानकारी सुनने को मिली। मुझे लगता है कि आप लोगों ने आर्थिक जगत के समाचार को दक्षिण एशिया फोकस में डाल दिया। इसमें बांग्लादेश के बनानी के अग्निकांड, भारत के निर्वाचन, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों में पिछले सप्ताह घटित घटनाओं के ऊपर समाचार होने चाहिए थे, जो नहीं थे। धन्यवाद के साथ।

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से धीरेन बसाक ने। लिखते हैं कि नमस्कार, मैं आप सब लोगों को बधाई देता हूं। चीन का तिब्बत कार्यक्रम में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के न्यिंगची प्रिफेक्चर के आर्थिक विकास और उन्नति के विषय पर एक रिपोर्ट सुनी, जो पसंद आई। धन्यवाद।

अनिलः दोस्तों अब पेश कर रहे हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है दिल्ली से वीरेंद्र मेहता ने। लिखते हैं कि आपका पत्र मिला कार्यक्रम सुना। मैं सादिक आज़मी जी का धन्यवाद करता हूं और मुझे लगता है कि हमारे सीआरआई के श्रोता एक दूसरे के पत्रों को बड़े ध्यान से सुनते ही नहीं बल्कि उन पर अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं।

मैं अगली बार से अपने गांव शहर के आसपास की जगहों के बारे में कुछ रोचक बातें बताऊंगा और जहां जहां मैं घूमने गया वहां के बारे में भी जानकारी साझा करूंगा। मेरा एक सुझाव है क्या हम ऑडियो रिकॉर्डिंग भी भेज सकते हैं, जिसमें जानकारियां हो। अगर हां तो बताइए कि वह कितने मिनट की होनी चाहिए? सुंदर प्रोग्राम के लिए धन्यवाद।

बिल्कुल भेज सकते हैं, कोशिश करें कि संक्षिप्त दो-चार मिनट हों। इससे नीरसता नहीं होगा। जरूरी हो तो समय अधिक भी चल जाएगा।

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है खुर्जा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम आप का पत्र में श्रोताओं के पत्र और उत्तर बहुत ही खूबसूरती से दिये गये। कार्यक्रम में श्रोताओं के विचार सुने और पसंद आये।

कार्यक्रम टी टाइम इतना पसंद आया कि दो बार रेडियो पर सुना और एक बार मोबाइल पर। चायना रेडियो के बारे में एक बात और कहना चाहता हूँ कि हमारे यहां खुर्जा में आप के कार्यक्रम शाम की सभा साढ़े छह बजे और रात साढ़े नौ वाली सभा के कार्यक्रम बहुत ही स्पष्ट आवाज में सुनायी देते हैं। कार्यक्रम में सभी जानकारियां सुनी और पसंद आयी। लोकसभा के चुनाव में जमानत के रूप में सिक्के जमा करना, स्टील कारोबारी लक्ष्मी मित्तल ने 1600 करोड़ रुपये अपने भाई प्रमोद मित्तल को कर्ज चुकाने वाली खबर और पंजाब नेशनल बैंक पर दो करोड़ का जुर्माना वाली जानकारी विशेष रूप से पसंद आयी। इस के अलावा अन्य जानकारियां भी अच्छी लगी। बेहतरीन प्रस्तुति के साथ सुनवाने के लिये आभार।

अनिलः दोस्तों अब शामिल करते हैं अगला ख़त, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि श्रोताओं में सबसे लोकप्रिय और मेरा भी सबसे पसंदीदा कार्यक्रम आपका पत्र मिला सुनने का मौका मिला। सबसे पहले आभार व्यक्त करता हूँ कि जिस नियमितता के साथ हम पत्र लिखते हैं, आप उसी ज़िम्मेदारी के साथ अपने उत्तरों से हमें नवाज़ते हैं। इस बार भी विभिन्न श्रोताओं ने खुले मन अपनी प्रतिक्रिया दी, खास तौर पर आनंद मोहन जी ने। एक श्रोता की हैसियत हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी क्या होती है। इस प्रकार के पत्र पढ़ कर आभास होता है। मैं विशेष कर आनंद जी का आभारी हूँ और सुरेश अग्रवाल जी का तो कहना ही क्या। वह तो हर कार्यक्रम को निचोड़ कर उसके मूल उद्देश्य बिंदु को उजागर कर देते हैं। यही तो उनकी कुशलता का राज़ है। मैं हमेशा उनसे कुछ न कुछ सिखना रहता हूँ। दुर्गेश जी ने भी इस बार अपने क्षेत्र की होली मनाने की रस्म पर रोचक जानकारी दी, धन्यवाद।

मनोरंजन के साथ ज्ञान का पिटारा लिए टी टाइम का नया अंक एक बार फिर हमको आसक्त और मोहित करने में सफल रहा। चेन्नई के उम्मीदवार कुप्पल जी द्वारा चुनावी फीस को सिक्के के तौर पर जमा कराना महज़ लोकप्रियता हासिल करने का फंडा सरीखा प्रतीक हुआ। मगर वहीं दूसरी जानिब मित्तल बंधुओं की आपसी सहायता से क़र्ज़ अदाएगी दूसरों के लिए उदाहरण ज़रूर है। आपसी सहयोग आपसी एकता में कितनी शक्ति है इसका आभास अब दोनों भाइयों को हुआ होगा। लोग चंद सिक्कों के फायदे हेतु परिवार से अलग हो जाते हैं, मगर उसके पीछे प्यार स्नेह और करुणा की बलि चढ़ जाती है। इसका उनको उस वक़्त अहसास नहीं होता। हमारी पाँचों ऊँगली अलग रहकर मुठ्ठी की ताक़त कभी नहीं हासिल कर सकती। चाहे हम कितनी भी कोशिश कर लें। आशा है इस शिक्षित कदम से दूसरों को भी नसीहत मिलेगी। धन्यवाद।

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि टी-टाइम के पिछले अंक में चेन्नई में एक उम्मीदवार द्वारा जमानत की राशि के तौर पर सिक्के जमा करने का समाचार सुना। वहीं लक्ष्मी मित्तल द्वारा अपने भाई को करोड़ों रूपए देकर मुसीबत से बाहर निकालने की जानकारी भी सुनी। वहीं पंजाब नेशनल बैंक पर जुर्माने आदि की चर्चा भी सुनी। इसके साथ ही कार्यक्रम में अन्य जानकारी और जोक्स भी बहुत अच्छे लगे। धन्यवाद शानदार प्रस्तुति के लिए।

अनिलः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में सुना कि चीनी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और शिनच्यांग काशगर प्रिफेक्चर सरकार के प्रमुख पारहाथी रोजी के मुताबिक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना उग्रवाद दूर करने का प्रभावी तरीका है। इससे पता चला का शिनच्यांग में सरकार द्वारा कितना काम किया जा रहा है।

दूसरी रिपोर्ट में सुना कि इस साल देश में आवास निर्माण परियोजना की मंजूरी लेने का समय 120 दिन के अंदर निर्धारित कर दिया गया है। यह वाणिज्यिक माहौल सुधारने की दिशा में एक अहम कदम है।

वहीं अगले साप्ताहिक कार्यक्रम "स्वर्णिम चीन के रंग" में प्रस्तुत छी मुची द्वारा लिखी पुस्तक 'रेशम मार्ग तब और अब' पर आधारित धारावाहिक शृंखला में पिछली कड़ी 'पश्चिमी क्षेत्र के एकीकारण के लिए संघर्ष' का शेष भाग सुनाते हुए नई कड़ी 'बढ़िया चारागाह स्वायत प्रदेश की राजधानी' का विश्लेषणात्मक वर्णन किया गया। यात्रा वृतांत पर आधारित ऐतिहासिक कहानी बेहद अच्छी लगी।

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में सुना कि 21वीं सदी के दूसरे दशक के अंत में तकनीक का विस्तार मशीनों से आगे निकल चुका है। जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स की संज्ञा दी गई जिसके पीछे पूरी दुनिया पड़ी हुई है। आज चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स के क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर बनकर उभर रहा है। चीन में होने लगा है ए.आई. यानी कृत्रिम बुद्धिमता का गहन प्रयोग और चीन ए.आई. के क्षेत्र में दुनिया का सरताज बनना चाहता है, इसलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स को बढ़ावा देने के लिए चीन बड़ा निवेश कर रहा है।

इतना ही नहीं चीन में तकनीक और विज्ञान के छात्र भी विश्व की तुलना में सर्वाधिक है। वर्ष 2017 के आंकड़ों के अनुसार इस क्षेत्र में अध्ययन करने वाले वार्षिक छात्रों की संख्या चीन में 47 लाख है। वहीं 26 लाख छात्रों की संख्या के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। जबकि इस क्षेत्र में अमेरिका में मात्र 5.68 लाख ही छात्रों की संख्या है।

अनिलः शंभू जी ने आगे लिखा है कि बुधवार को पेश विशेष रिपोर्ट में बताया गया कि चीनी राज्य परिषद द्वारा तिब्बत में लोकतांत्रिक सुधार की 60वीं वर्षगांठ पर श्वेत पत्र प्रकाशित किया गया। जिसमें सामंती भूदास व्यवस्था का अंत, उत्पादन शक्तियों की मुक्ति, विभिन्न कार्यों का विकास, तिब्बत विकास का नया युग आदि भाग शामिल हैं।

यह भी पता चला कि वर्तमान में तिब्बत में एक संपूर्ण आधुनिक शिक्षा व्यवस्था कायम हो चुकी है। तावे के अनुसार वर्ष 2017 तक तिब्बत में कुल 1239 किंडर-गार्टन, 806 प्राइमरी स्कूल, 132 मिडिल स्कूल और सात उच्च शिक्षालय स्थापित किये गये हैं। तिब्बत वासियों की औसतन आयु साल 1959 की 35.5 से बढ़कर वर्तमान की 68.2 तक पहुंच गई है। यह रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी, धन्यवाद।

ललिताः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" में दक्षिण-पूर्वी मैक्सिको में चीनी भाषा सिखाने वाली एक अध्यापिका ल्यू इंग के बारे दी गयी जानकारी प्रेरणास्पद लगी। बताया जाता है कि यह अध्यापिका वहां युकातान प्रदेश की राजधानी मेरिदा स्थित प्रायद्वीप प्रवासी चीनी स्कूल में बच्चों को पढ़ाती हैं। इसमें क़ाबिल-ए-ग़ौर बात यह लगी कि चीन के हनान प्रान्त के खाईफ़ोन शहर से यहां आकर प्रवासी चीनी बच्चों को अपनी भाषा सिखाती हैं, जिसके चलते यह वसन्त त्यौहार के मौके पर भी स्वदेश लौट अपने परिजनों के साथ नहीं मिल सकतीं। उनके ज़ज़्बे को सलाम।

अनिलः सुरेश अग्रवाल जी आगे लिखते हैं कि कार्यक्रम "टी टाइम" के अन्तर्गत चेन्नई से अम्मा मक्कल नेशनल पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार कुप्पलजी देवादोस द्वारा जमानत की पूरी राशि सिक्कों के रूप में जमा कराये जाने का किस्सा रोचक लगा, परन्तु हम तो इससे पहले चीन में किसी व्यक्ति द्वारा सिक्कों के ज़रिये शोरूम से कार खरीदने का किस्सा सुन चुके हैं। इसलिये हमें इससे बहुत ज़्यादा हैरत नहीं हुई।

जानकारियों के क्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा वैश्विक मैसेंजर सॉफ्टवेयर स्विफ़्ट नियमों का उल्लंघन करने के कारण सरकारी क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक पर दो करोड़ रुपए का जुर्माना लगाये जाने सम्बन्धी समाचार चौंकाने वाला लगा। अफ़सोस की बात तो यह है कि राष्ट्रीय बैंक द्वारा भी नियमों का इतना उल्लंघन किया जा रहा है। वहीं मुंबई में महाराष्ट्र शिवसेना कार्यकर्ता विनोद शिर्के द्वारा लॉटरी में जीता अपना 5.08 करोड़ रुपये का फ़्लैट महज़ वास्तु दोष की बिना पर लौटाये जाने का किस्सा भी वास्तु-विधा में उनके गहरे विश्वास को दर्शाता है। स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी में नारियल तेल की उपादेयता को एक बार फिर उजागर करने का भी शुक्रिया।

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत तिब्बत के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित न्यिंगची शहर के हरित विकास को बढ़ावा दिये जाने सम्बन्धी कोशिशों पर 13वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधि और न्यिंगची शहर के मेयर वांगतु के वक्तव्य पर पेश रिपोर्ट महत्वपूर्ण लगी। इस बारे में चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग द्वारा 13वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के दूसरे पूर्णाधिवेशन में सरकारी कार्य रिपोर्ट पेश करते हुए हरित विकास को आधुनिक अर्थ-व्यवस्था की स्थापना हेतु आवश्यक बताया जाना भी महत्वपूर्ण लगा। पता चला कि न्यिंगची, जिसे तिब्बत में सबसे कम ऊँचाई, सबसे गर्म जलवायु और पारिस्थितिकी पर्यावरण वाला क्षेत्र माना जाता है, यहां विश्व के सबसे अच्छी तरह संरक्षित आदिम जंगल और सबसे सुंदर ग्लेशियर आदि का संरक्षण किया गया है। हमें न्यिगची शहर के मेयर वांगतू का यह कहना कि हम वातावरण की कीमत पर आर्थिक विकास कतई नहीं करेंगे, काफी अच्छा लगा। यह जान कर भी अच्छा लगा कि न्यिंगची क्षेत्र में समृद्ध खनिज पदार्थों के भंडार होने के बावज़ूद अभी तक वहां किसी भी खनन कारोबार की स्थापना नहीं की गई है और पारिस्थितिक और पर्यावरणीय नियमों के मुताबिक जंगल कटाई पर सख्त सज़ा का प्रावधान है। वनीकरण मुहिम में भारी निवेश कर हर वर्ष यहां सात हजार हेक्टेयर में पेड़ लगाए जाते हैं। धन्यवाद अच्छी प्रस्तुति के लिए।

अनिलः दोस्तों कार्यक्रम आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर ने। लिखते हैं कि "विश्व का आईना" कार्यक्रम में लंदन विश्वविद्यालय के लेखक डॉक्टर गिल वेस्टर्न ने ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक एक सर्वेक्षण में बताएं कि महिलाओं को अधिक समय काम करने के अलावा घर के भी बोझ उठाना पड़ता है। ज्यादा समय काम करने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। बड़ी उम्र, कम आय, धूम्रपान करने वाले महिला श्रमिक आसानी से अवसाद से पीड़ित हो जाती हैं।

विश्व का ऐसे कई देश हैं जो खानपान पर विशेष महत्व देते हैं। उनमें से विशेषकर स्पेन और इटली और भूमध्य सागर के लोगों ने जैतून का तेल और नोट्स का सेवन ज्यादा करते हैं, जिसके कारण उनका स्वास्थ्य सही रहता है और हृदय रोग होने की संभावना कम होती है। मूल्यवान बातें अच्छी लगीं।

वहीं चीन एक विशाल देश है यहां बौद्ध धर्म का मंदिर ना हो कल्पना नहीं की जा सकती है। मध्य चीन के शान शी प्रांत की ह्वान यू आन काउंटी के पहाड़ी घाटी पर झूलता हुआ शान शी मंदिर दिखाई पड़ता है। जिसका निर्माण 491 ईस्वी में हुआ था जो कि 1500 वर्ष पुराना है जो अच्छी तरह से सुरक्षित हैं।

"दक्षिण एशिया फोकस" में 5 जी के तकनीकी पर जानकारी दी गई। 5 जी की पृष्ठभूमि एप्पल आईफोन की रिपोर्ट और चीनी ह्वावेई कंपनी की मोबाइल पर जानकारी दी गई साथ ही साथ कई चीनी मोबाइल पर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम से पता चला भारत में चीनी ब्रांड का कई शाखाएं मौजूद है और और ह्वावेई कंपनी का रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर बंगलुरु में है। यह बात अच्छी लगी जो है चीन और भारत के तकनीकी क्षेत्र में सहयोग करना चाहिए। एक अच्छी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ।

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

ललिताः बाय-बाय।

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