20190327

2019-03-27 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र शामिल करेंगे। पहला पत्र हमें भेजा है छत्तीसगढ़, भिलाई, दुर्ग से आनंद मोहन बैन ने। लिखते हैं कि आज सादिक आजमी का पत्र सुनकर अच्छा लगा। वर्तमान में बर्ड फ्लू से मरने वालों की संख्या 605 पहुंच चुकी है, जिस पर रिपोर्टिंग नदारद है। आज मीडिया को यह समाचार देने की फुर्सत नहीं है। लेकिन भाई सादिक आजमी ने अपने मन की बात बता दी। आज देश में हजारों टीवी चैनल हैं, फिर भी लोग समाचार पत्र पढ़ते हैं और एक बात तो दिन ब दिन बढ़ रही है जो समाचार महत्वपूर्ण होते हैं उन्हें बहुत कम शब्दों में छापा जाता है।

कहानियों के स्थान पर चीन के महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बारे में कार्यक्रम सुनवाया जाए। इस प्रकार की कहानी से अंधविश्वास को बल मिलता है।

विश्व का आईना में और अच्छे विषय लेना चाहिए। 55 घंटे से अधिक काम करने से महिलाएं अबसाद ग्रसित हो जाती हैं। डॉक्टर गिल बेस्टन की रिपोर्ट में उन्होंने इस रिपोर्ट को पूरी तरह सही नहीं बताया। दूसरे भारत में बराह पूजा का वर्णन भी इसमें नहीं होना चाहिए। मुझे लगता है कि सामग्री की कमी नहीं है। दुनिया भर के नये आविष्कार आदि बातों को शामिल करना चाहिए।

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि पिछले टी-टाइम प्रोग्राम में हिमाचल के उना में लड़कियों के लिए एक नई शुरुआत हुई है। वहीं मुंबई की एक लड़की ने अपने पूरे शरीर पर टैटू बनवाने का रिकार्ड बनाया है। जबकि बॉलीवुड के मशहूर कपल अजय देवगन और काजोल की शादी को कई साल होने की खबर के बारे में पता चला। अजय देवगन ने बताया कि वे परिवार में किस तरह से तालमेल बिठाते हैं। वहीं हेल्थ टिप्स में रक्तदान करने से दिल और स्ट्रोक आदि बीमारियों के खतरे कम होने के बारे में पता चला। इसके साथ ही श्रोताओं की टिप्पणी, जोक्स और गीत आदि भी अच्छे लगे।

जबकि दक्षिण एशिया फोकस में कृष्णा जी से वार्ता बहुत अच्छी लगी। वहीं आपकी पसंद प्रोग्राम में लावारिस, जोश आदि फिल्मों के अलावा जानकारियां भी अच्छी लगी। सुंदर कार्यक्रम के लिए धन्यवाद।

अनिलः दोस्तों अब पेश कर रहे हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है दिल्ली से वीरेंद्र मेहता ने। लिखते हैं सीआरआई परिवार के सभी सदस्यों और श्रोताओं को होली की शुभकामनाएं। हम भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ होली का त्योहार मनाते हैं। वैसे तो मुझे सभी त्योहार पसंद हैं, लेकिन होली ऐसा त्योहार होता है, जो हम अंजान लोगों के साथ भी रंग खेलने और दोस्ती बढ़ाने का मौका देता है। लिखते हैं कि मेरा ट्रांजिस्टर दिल्ली में ठीक से काम नहीं करता, कृपया अपनी वेबसाइट को रोजाना अपडेट किया करें, ताकि मैं आपके कार्यक्रम सुन सकूं। उन्होंने एक सुझाव भी दिया है ताकि सीआरआई के सभी श्रोता एक-दूसरे से मिल सकें, जहां वे एक-दूसरे से संपर्क कर सकें, बात करें और अनुभव भी साझा करें। चार महीने, तीन महीने या साल भर में कभी भी ऐसा किया जा सकता है।

वहीं उन्होंने टी-टाइम प्रोग्राम के बारे में भी टिप्पणी भेजी है। कहते हैं कि हिमाचल के उना में लड़कियों के नाम पर दुकानों के बोर्ड लगाए जाने का स्वागत किया जाना चाहिए। वहीं भारत की एक युवती द्वारा अपने शरीर पर कई टैटू गुदवाए जाने का समाचार भी सुना। इसके साथ ही रक्तदान करने के फायदे वाली खबर ने मुझे सबसे अधिक आकर्षित किया। मुझे लगता है कि हम सभी को साल या दो साल में एक बार जरूर रक्तदान करना चाहिए। इसके साथ ही प्रोग्राम में पेश जोक्स भी अच्छे लगे। धन्यवाद।

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है खुर्जा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम आप का पत्र मिला सुना और पसंद आया, जिसमें श्रोताओं के पत्र और उत्तर बहुत ज्यादा प्यार, संतोषजनक और सम्मानपूर्वक दिए गए। कार्यक्रम में हमारा पत्र भी शामिल किया, बहुत ही खुशी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम टी टाइम में जानकारियों के क्रम में हिमाचल प्रदेश के ऊना में दुकानों और घरों में लड़कियों के नाम प्लेट लगाने वाली जानकारी पसंद आयी। वहीं अजय देवगन और काजोल के विवाह के पश्चात सफल वैवाहिक जोड़ी वाली जानकारी भी अच्छी लगी। मुम्बई की तेजस्वी प्रभुलकर ने अपने शरीर पर 103 टैटू बनवाकर लिम्का बुक में नाम दर्ज करवाया है। यह जानकारी सुनकर बहुत ज्यादा आश्चर्य हुआ। कार्यक्रम की सफल प्रस्तुति के लिये दिल से आभार।

अनिलः दोस्तों अगला पत्र भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि चीनी समाज, संस्कृति और पर्यटन की तमाम गतिविधियों का सही आईना पेश करता विशेष कार्यक्रम अतुल्य चीन भी लोकप्रिय हो रहा है। इस बार चीनी वित्तीय बाजार की प्रगति पर समीक्षा अच्छी लगी, क्योंकि कई सरकारी नीतियों का खुलासा किया गया, जो इसे प्रबलता प्रदान करता है। वायु प्रदूषण की रोकथाम और इसके बुरे प्रभावों को लेकर योजनाओं के लागू करने और पेइचिंग को किस प्रकार विशेष लाभ पहुंचेगा, इस बारे में बताया गया। इस बारे में विशेषज्ञों की विस्तृत प्रतिक्रिया उम्दा थी। सरकारी नीतियां अति प्रगतिशील हों और समूचा चीन वायु प्रदूषण मुक्त हो, हम इसकी कामना करते हैं।

कार्यक्रम आपका पत्र मिला में लम्बे अंतराल के बाद दिल्ली के श्रोता भाई वीरेंद्र जी की वापसी देखकर मन प्रसन्न है। आपके माध्यम से उनकी घर वापसी पर बधाई प्रेषित करता हूँ और आशा करता हूँ कि अब आगामी दिनों में उनके अनुभव सुनने को मिलेंगे। एक और आह्वान उन दो मित्रों से है, जिनका भी सम्बन्ध दिल्ली से है, यानी वह मूल निवासी तो आजमगढ़ के हैं, मगर लम्बे समय से दिल्ली में रहते हैं। मैं ज़िक्र कर रहा हूँ भाई शाहिद जी और अमीर अहमद जी का। मेरा उनसे विनम्र निवेदन है कि कृपया आप लोग भी थोड़ा समय निकाल कर अपनी प्रतिक्रिया सी आर आई तक पहुंचाएं। क्योंकि आप दोनों के पास लंबा अनुभव है। अनिल जी के आग्रह का सम्मान करते हुए आज भी एक विषय पर थोड़ी सी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा हूँ। मगर उससे पहले सुरेश अग्रवाल जी का आभार व्यक्त करना चाहता हूँ कि उनको मेरी संक्षिप्त जानकारी पसंद आई। कहना गलत न होगा कि आज भी उनकी लम्बे अनुभव की बारीकी नज़र बहुत तेज़ है किसी भी रिपोर्ट के मुख्य बिंदु को भांप कर अपनी निष्पक्ष प्रतिक्रिया देते हैं।

यहाँ पर मैं लम्बे समय से कार्यरत हूँ, यानि पिछले 10 वर्षों में। मेरा एक अनुभव रहा है जो मैं साझा करना चाहता हूँ। यहाँ के लोग शारीरिक रूप से अत्यंत स्वस्थ रहते हैं, उसका मुख्य कारण उनका प्रसन्न होना है। समय कैसा भी हो सुख दुःख हर घड़ी में चेहरे पर मुस्कान झलकती रहती है। कारोबार में घाटा मुनाफा दोनों दशा में धैर्य और संयम बनाये रखते हैं। अमीर गरीब दोनों यहाँ रहते हैं, लेकिन ग़ुरबत में भी उनको डिप्रेशन का शिकार होते नहीं देखा है, बस भगवान् पर भरोसा कर अच्छे कल की आशा में जीवन व्यापन करते हैं। एक घटना मुझे अच्छी तरह याद है जब मैं एक दुकान पर काम करता था। एक मध्यम वर्ग का ग्राहक आता है। उसकी बीवी कुछ कॉस्मेटिक्स का सामान खरीद रही होती है। उसके हाथ में एक महंगा स्मार्टफोन होता है। खरीदारी के समय उसका बच्चा ज़िद करता है कि मम्मा मुझे मोबाइल दो। वह दे देती है। हाथ में लेते ही वह ज़ोर से मोबाइल को ज़मीन पर पटक देता है। मोबाइल के परखच्चे उड़ जाते हैं। मैं काउंटर से बाहर आकर उनकी मदद करता हूँ और मन में विचार आता है कि अब तो इसकी पिटाई पक्की है। मगर बाप यह कहता है कि बाबा यानि ऐ बच्चे यह तू ने क्या किया, चलो कोई बात नहीं, इस मोबाइल की लाइफ यहीं तक थी। यह तो था उनका व्यवहार। मैं सोचने लगा कि अगर भारत होता तो अभी कान के नीचे कितना पड़ते होते। वह घटना आज भी मुझे याद है और इसी से निष्कर्ष निकालता हूँ तो आभास होता है कि कठिन परिस्थितियों में भी खुश रहते हैं यहां के। कई ऐसे परिवारों को देखा है महीना पूरा होते ही हम अप्रवासियों से पैसे उधार लेते हैं। तनखाह मिलते ही तुरंत वापस कर देते हैं। मगर फिर भी खुश रहते हैं, शायद उनकी अच्छी सेहत का यही राज़ है। ये तो मेरे विचार थे जो मैंने आपके साथ साझा किये। अगले पत्र में किसी ऐतिहासिक विषय पर जानकारी साझा करने का प्रयास करूंगा। धन्यवाद।

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में सुना कि चीनी वित्तीय बाजार का खुलापन चीनी सुधार और खुलेपन की कार्यसूची के अनुसार चलता है। साथ ही चीन की स्थिर मुद्रा नीति के विषय में कोई बदलाव नहीं आया है। चीनी जन बैंक के महानिदेशक यी कांग के अनुसार चीन प्रतिस्पर्द्धा के लिए मुद्रा विनिमय दर का कतई उपयोग नहीं करेगा और व्यापारिक संघर्ष के उपकरण का प्रयोग भी नहीं करेगा।

अनिलः शंभू जी आगे लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में सुना कि चीनी शहरों में बढ़ रहा है शेयरिंग साइकिल का चलन। इस रिपोर्ट से हमें पता चला कि विकसित देशों में साइकिल को पर्यावरण और सेहत के प्रति सजगता के तौर पर देखा जाता है। साइकिलें पर्यावरण हितैषी भी होती हैं। चीन के बड़े शहरों में यातायात जाम की समस्या से निजात पाने के लिए चीन की प्रचलित शेयरिंग साइकिलों में "क्यूआर कोड" और "जीपीएस सिस्टम" लगे हैं और ये साइकिलें खुद-मालिकी की न होकर शेयरिंग कंपनी की हैं। स्मार्ट फोन यूज़र "क्यूआर कोड" से लॉक खोलकर साइकिल किसी भी गली-कोने में ले जा सकते हैं। वे अपनी सुविधा के मुताबिक सड़क किनारे कहीं भी खड़ी कर सकते हैं। इनके किराये का भुगतान मोबाइल एप के ज़रिये और सुरक्षा की भी कोई जरूरत ही नहीं। साइकिल अपनाने के इस क्रांतिकारी मोबाइल एप ने परिवहन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है। चीन के युवा ही नहीं, बल्कि बड़े बूढ़े भी साइकिल को पसंद करने लगे हैं।

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुनाया गया कि अमेरिका के स्थानीय समयानुसार 2 मार्च को तड़के कई बार प्रक्षेपण स्थगित करने के बाद स्पेस एक्स नाम के समानव अंतरिक्ष यान ने प्रथम परीक्षण उड़ान भरी। वो अमेरिका के फ्लोरिडा स्टेट के पूर्वी तटीय कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपित किया गया। यह वाणिज्य के डिजाइन और परिचालन के मकसद से किया गया पहला परीक्षण है। लॉन्ग एक्स मानव अंतरिक्ष यान का अमरीकी नागरिक अंतरिक्ष यातायात कंपनी स्पेस एक्स द्वारा अध्ययन किया गया है, जिसका मकसद अमेरिकी नासा को अंतरिक्ष यात्रियों के अंतरराष्ट्रीय स्पेस आने जाने को मदद देना है। वो लांग कार्गो अंतरिक्ष यान से विकसित किया गया है। यह रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी। धन्यवाद अच्छी प्रस्तुति के लिए।

अनिलः दोस्तों कार्यक्रम आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं खंडवा मध्यप्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे का पत्र। लिखते हैं कि हमें आपका पत्र मिला कार्यक्रम बहुत अच्छा लगता है। मैं आज भी रंगों के पर्व होली पर हमारे राज्य मध्यप्रदेश के क्षेत्र बुन्देलखण्ड में होली के अवसर पर गाये जाने वाले फाग गीत के बारे में एक छोटी सी जानकारी देना चाहता हूं जो कि इस प्रकार हैः

फाग गीत होली के अवसर पर होता है। फागुन माह के लगते ही समूचे बुंदेलखण्ड मे ठाकुर फाग, ईसुरी फाग, राई फाग शुरू हो जाते हैं, जो होली जलने के बाद रंगपंचमी तक चलते हैं। स्त्री पुरुष एक दूसरे पर गुलाल लगाकर गीत गाकर नृत्य करते हुए ठाकुर फाग खेलते हैं। ठाकुर फाग में मृदंग, टिमकी और मँजीरा बजाया जाता है। ठाकुर फाग में स्त्रियां जिराई का खेल खेलती हैं। स्त्रियां लकड़ी अथवा सोटियों से गीत गाते हुए पुरूषों पर वार करती हैं और पुरूष चतुराई से वार से बचते हैं। जिराई का आकार अँग्रेजी के एच अक्षर के समान होता है। ईसुरी की चौकङियाँ फाग बैठकर गायी जाती है। राई फाग राई नृत्य के साथ गाई जाती है।

ललिताः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" के तहत आनछी घर पर दी गयी जानकारी प्रेरणादायक लगी। यह जान कर खुशी हुई कि लॉस एंजेलिस में सम्पन्न वीवर्क सृजक प्रतियोगिता में आनछी घर ने ग़ैर-लाभकारी संगठन वर्ग का पुरस्कार जीता। धन्यवाद की पात्र हैं इसकी संस्थापक वांग फ़ांग, जिन्होंने मस्तिष्क पक्षाघात से पीड़ित अपनी बड़ी बेटी के पुनर्वास प्रशिक्षण के दौरान अपने पैसे से चीन के नाननिंग शहर में मस्तिष्क पक्षाघात वाले बच्चों के लिये एक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया, ताकि इस रोग से पीड़ित अधिकाधिक बच्चों की मदद की जा सके। वांग फांग साधुवाद की पात्र हैं कि उन्होंने न केवल आनछी घर की स्थापना की, अपितु बाद में पीड़ित बच्चों की पेशेवर क्षमता और उनकी निहित शक्ति विकसित किये जाने पर भी ध्यान दिया।

अनिलः सुरेश जी आगे लिखते हैं कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" में विश्व के सबसे लम्बे तिब्बती जाति के महाकाव्य राज़ा गेसार की कहानी आज एक बार फिर से सुन कर मन गदगद हो उठा। वास्तव में, राज़ा गेसार विश्व की एकमात्र ऐसी वीर गाथा है, जिसका कोई लिखित दस्तावेज़ नहीं, बल्कि मौखिक तौर पर इसे गाया जाता था। चीन सरकार का साधुवाद कि उसने इस वीरगाथा के संरक्षण हेतु न केवल इसे लिपिबद्ध कराया, बल्कि इसकी वीडियोग्राफी भी करवायी गयी। यह जान कर खुशी हुई कि साल 1980 में चीन सरकार द्वारा छियहत्तर हज़ार युआन ख़र्च कर उक्त महाकाव्य को चीनी भाषा में अनुदित करने की योजना बनाई गयी और वर्तमान में योजना का अस्सी प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। साल 2009 में विश्व ग़ैर-भौतिक विरासत सूची में शामिल किये जा चुके राज़ा गेसार दो करोड़ शब्दों से गठित एक पारंपरिक रचना है और इसे जीवित जीवाश्म माना जाता है।

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अन्तर्गत मशहूर रंगमंच, टीवी और सिने-कलाकार कृष्णा भट्ट से ली गयी लंबी टेलिफ़ोनिक भेंटवार्ता सुन कर उपरोक्त विधाओं के अनेक अनछुये पहलुओं पर जानकारी हासिल हुई। बातचीत सुन कर यह भ्रम भी टूटा कि कृष्णा जी उत्तराखंड से हैं। उनकी धाराप्रवाह हिन्दी सुन कर तो यह लगता ही नहीं कि वह कर्णाटक या दक्षिण भारत से हैं। मुझे उनकी इन दो पंक्तियों ने बहुत प्रभावित किया कि स्टेज पर री-टेक की कोई गुंजाइश नहीं होती और स्टेज पर मिलने वाली तालियों की तुलना धन-दौलत से नहीं की जा सकती।

साप्ताहिक "आपकी पसन्द" हर बार की तरह आज भी लज़ीज़ लगा। श्रोताओं के मनपसंद छह फ़िल्मी गानों के साथ दी गयी तमाम जानकारी भी रोचक, आश्चर्यजनक और सामान्य-ज्ञान से भरपूर लगी। स्विट्ज़रलैंड के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इतने सूक्ष्म और लचीले रोबोट्स, जो कि नशों में बहते हुये शरीर में ठीक तक़लीफ़ वाली जगह पहुंचने में सक्षम होंगे, पर दी गयी जानकारी अच्छी लगी। अच्छी प्रस्तुति के लिए शुक्रिया।

अनिलः अब पेश है कार्यक्रम का अंतिम पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर ने। लिखते हैं कि "स्वर्णिम चीन के रंग" कार्यक्रम में छे मुची द्वारा लिखी गई रेशम मार्ग के अंतर्गत अब और तब शीर्षक कहानी सुनी, जिसमें एक नई कड़ी प्रस्तुत कि गई "प्राचीन और आधुनिक राजधानियां", जिम सार दुर्ग से थेन चान पर्वतमाला और आरल सागर तक। छी ताई काउंटी के बाद चीन मान का अपभ्रंश है सारे का उइगर भाषा में दूर्ग कहा जाता है। जिम सार का अर्थ होता है चीन मांन दुर्गे। थांग राजवंश कालीन चीन मांन दुर्गे प्रसारित हुआ। यहां ताम्र मुद्रा कमल की रेखा वाली चकोर ईंटे खुदाई के दौरान मिली।

वहीं "आर्थिक जगत" प्रोग्राम में एक आर्थिक समाचार पेश किया गया जिसमें एक पट्टी एक मार्ग सहयोग पर इस वर्ष अप्रैल में पेइचिंग में सम्मेलन के बारे में बताया गया, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी हिस्सा लेंगे।

वहीं "नमस्कार चाइना" कार्यक्रम में सुना कि चीन की अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ रही है चीन इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर मैं अव्वल है। होटल, बच्चों के झूला, रेल-बस टिकट, साइबर कैफे सभी जगहों में लोग इलेक्ट्रॉनिक्स कार्ड रिचार्ज कर इस्तेमाल कर सकते हैं। एक अच्छी प्रस्तुति के लिए शुक्रिया।

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

ललिताः बाय-बाय।

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