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2019-01-02 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

अनिलः दोस्तों, सबसे पहले हम सभी श्रोताओं को नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं देते हैं। उम्मीद करते हैं कि नया साल आप के जीवन में ढेर सारी खुशियां लेकर आएं और आप स्वस्थ रहें, खुश रहें। आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ते हैं। पहला पत्र हमें भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में वर्ष 2015 में चीनी उद्योग और सूचना मंत्रालय द्वारा परीक्षात्मक तौर पर शुरू किये गये स्मार्ट विनिर्माण मॉडल और उसमें मिली असाधरण सफलता पर पेश रिपोर्ट सुन कर यही कहा जा सकता है कि नवाचार और सृजनशीलता के मामले में चीन का कोई मुक़ाबला नहीं। आपने उक्त पायलट कार्यक्रम में हायर ग्रुप की सहभागिता पर ख़ास तौर पर ज़िक्र किया। कार्यक्रम में आगे चीन के पहले परीक्षात्मक अंतरिक्ष स्टेशन थ्येन कुंग नंबर 2 द्वारा कक्षा में सफलतापूर्वक दो साल पूरे किये जाने और इस दरम्यान मिली प्रचुर वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का समाचार सुन कर मन प्रफुल्लित हो उठा। बताया जाता है कि 15 सितंबर 2016 को किये गये थ्येन कुंग 2 के सफल प्रक्षेपण के बाद से वह अब तक कोई 800 दिनों से अच्छी तरह काम कर रहा है और उसने बड़ी संख्या में वैज्ञानिक आंकड़े उपलब्ध कराए हैं।

साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" के तहत क्रिसमस विशेष की प्रस्तुति लाज़वाब रही। आपने न केवल विश्व भर में क्रिसमस मनाये जाने के तौर-तरीक़ों, अपितु चीन में इसे लेकर लोगों में किस प्रकार उत्साह का माहौल होता है, इसपर भी जानकारी दी। यह बात भी बिलकुल सही लगी कि इस मौके पर भारत में भी खुशी का माहौल होता है और दुकानें चीनी क्रिसमस ट्री, केक और अन्य सस्ते सामानों से भरी होती हैं। आपका यह कहना भी सही लगा कि त्यौहार की खुशियाँ अपनी जगह, परन्तु उपभोक्तावाद के चलते क्रिसमस पर आडम्बर कुछ अधिक ही होने लगा है। फिर चाहे प्रभु ईसा मसीह लोगों को पाप से मुक्त करने पृथ्वी पर आये और सांता क्लॉज बच्चों को क्रिसमस के दिन उपहार देने आते हों, इस मौके पर सर्वत्र खुशी ही खुशी होती है, यही तो त्यौहार का मक़सद होता है।

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "विश्व का आइना" में चीनी-भाषा का अध्ययन, अध्यापन करने वाले बिहार के श्री विवेकमणि त्रिपाठी के बारे में दी गई जानकारी सुन कर लगा कि वाक़ई सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने में भाषा कितनी अहम भूमिका अदा करती है। विशेषकर, चीन और भारत के सम्बंध में तो यह और भी ज़रूरी है कि वह अपने साहित्य का अनुवाद किसी तीसरी भाषा के ज़रिये न करायें। भारतीय और चीनी इतिहास और संस्कृति में समानता का ज़िक्र करते हुये उन्होंने बतलाया कि चीन के छिंग और भारत के मौर्य राजवंशकाल समकालीन रहे और उन्होंने अपने-अपने देशों में राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने का अहम कार्य किया। रही बात चीनी सामानों की गुणवत्ता की, तो स्पष्ट है कि भारत के मोबाइल बाज़ार में चीनी हैंडसेट्स का हिस्सा पचास प्रतिशत से अधिक है।

श्रोताओं के अपने मंच "आपका पत्र मिला" की आज की प्रस्तुति में भी तमाम श्रोता-मित्रों की बातों ने समां बांध दिया। मेरी तो सभी से यही गुज़ारिश है कि जो सिलसिला शुरू किया गया है, उसे टूटने न दें। सीआरआई के तमाम साथियों और सुनने वाले भाई-बहनों को नव-वर्ष 2019 की हार्दिक बधाई और सभी के लिये आने वाले समय मंगलमय हो।

अनिलः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम स्वर्णिम चीन के रंग में इस बार मुकाओ गुफा और रेशम मार्ग इतिहास से संबंधित रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मिली। आरम्भ में यातायात के नियमों की व्याख्या कर वहां मौजूद वृत्तचित्रों से रूबरू करवाया गया। सबसे अच्छी बात यह लगी कि इतने विस्तार से बताया की मनो हम भी वहां मौजूद हैं प्रोफेसर च्यो के साथ इस यात्रा का आनंद ले रहे हैं।

कार्यक्रम आपका पत्र मिला को समय पर सुना, जो इस साल का अंतिम अंक था। आशा करते हैं नए साल में यूँ ही हमारा प्रेम भरा रिश्ता क़ायम रहेगा। इस बार वादे के अनुसार दुर्गेश जी ने रोचक जानकारी के क्रम में नर्मदा नदी के इतिहास और उसकी भौगोलिक स्थिति से अवगत कराया, जिसके लिए उनका ह्रदय तल से आभार। उम्मीद है नए वर्ष में उनकी ओर से यह क्रम जारी रहेगा।

कार्यक्रम टी टाइम के नए अंक में पाकिस्तान के रिजवान जी की ऐसी शादी का उल्लेख किया गया। जो सही मायने में दूसरों के लोगों के लिए प्रेरणादाई है। सर्वप्रथम आपके माध्यम से उनको शादी की हार्दिक शुभकामनाएं। आपका विशेष आभार व्यक्त करता हूं जो आपने इस छोटे मगर प्रमुख विशेषता से विस्तृत प्रतिक्रिया व्यक्ति की और इसे कार्यक्रम का हिस्सा बनाया इस प्रकार के कार्यों को प्रोत्साहन मिला चाहिए। ताकि युवतियों के परिजनों को साहस मिल सके। जो अपनी बेटियों की शादी को धूमधाम से करने में असमर्थ है सही मायने में देखा जाए शादी बलिदान का नाम है। जो माता पिता अपने जिगर के टुकड़े को दान करते हैं अगर यह कन्यादान ना हो तो किसी और का परिवार नहीं बसाया जा सकता। निसंदेह हम सबको इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है खुरजा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम विश्व का आइना में जो भी जानकारियां सुनवायी गयी पसंद आयी।

आप का पत्र मिला कार्यक्रम में श्रोताओं के विचार सीआरआई के बारे में सुनकर अच्छा लगता है। श्रोताओं के पत्रों को आप बहुत अधिक इज्जत प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम टी टाइम में झीलों का शहर दिल्ली, कर्नाटक की अम्मा का निधन और जो भी जानकारियां सुनवायी पसंद तो आयी भी और ज्ञान में इजाफा भी हुआ। कार्यक्रम में बताया गया कि अंडे के छिलकों से सेवन करने से कैल्शियम की कमी दूर होती है। यह जानकर अच्छा लगा। अंडों के छिलके से कपड़ों में चमक और भी जानकारी इस विषय पर पसंद आयी।

अनिलः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बकानी खुर्द, झालावाङ राजस्थान से राजेश कुमार मेहरा ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम टी टाइम सुना, जिसमें एक बच्चा आदित्यन राजेश 13 वर्ष की उम्र में दुबई की कम्पनी में मालिक बन जाना चौंकाने वाला लगा। अगली खबर रूस में एक परियोजना में 3 घंटे में अन्तरिक्ष पहुंचने की जानकारी अद्भुत लगी।

वहीं बॉलीवुड खबर में सारा अली खान और उनकी फिल्म केदारनाथ के बारे में जानकारी अच्छी लगी। साथ ही घूंघटा वाला गाना भी मनोरंजक लगा। कार्यक्रम के अन्त में श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं शामिल की गई। बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आपका बहुत धन्यवाद।

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "विश्व का आईना" में बताया गया कि वैज्ञानिकों ने सुपर अर्थ ढूंढ लिया है जो सूर्य के सबसे नजदीक कक्षा में स्थित है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह अब तक की सब से बड़ी खोज है। यह सुपर अर्थ पृथ्वी से करीब छह प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। खगोलविदों ने शोध के क्रम में पाया कि इस ग्रह पर जमे हुए और एक धुंधली दुनिया भी मौजूद है जो पृथ्वी से लगभग 3.2 गुना वज़नी है।

साप्ताहिक कार्यक्रम "आर्थिक जगत" में "सुधार और खुलेपन की 40वीं वर्षगांठ पर समारोह पेइचिंग में आयोजित" विषय पर रिपोर्ट सुनाई गई, जिससे पता चला कि पिछले 40 सालों में चीन विश्व का दूसरा बड़ा आर्थिक समुदाय, पहला बड़ा औद्योगिक देश, पहला बड़ा कार्गो व्यापार देश और पहला बड़ा विदेशी मुद्रा का भंडार देश बन चुका है। यह रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी।

अनिलः दोस्तों अगला पत्र भेजा है ढोली सकरा बिहार से दीपक कुमार दास ने। लिखते हैं

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ललिताः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर ने। लिखते हैं कि विश्व का आईना प्रोग्राम में दक्षिण चीन के क्वान्तोंग विश्वविद्यालय में भारत के बिहार के शिक्षक विवेक के बारे में बताया गया। उन्होंने 2008 में स्नातक होने के बाद चीनी पढ़ाना शुरू किया और 2011 में चीन के द्वारा छात्रवृति के लिए आवेदन दिया। चीन में डिग्री लेकर वहाँ शिक्षक बने। वे भाषा और संस्कृति को महत्व देते हैं। यह कार्यक्रम अच्छा लगा।

कार्यक्रम नमस्कार चाइना में सुना कि चीनी छात्रों को विदेश में पढ़ना और विदेशी छात्रों को चीनी संस्कृति से जुड़ना एक समय कठिन समस्याओं का सामना करना पढ़ता था और यह एक सपना ही हुआ करता था वैसे ही विदेशी छात्रों को चीन में पढ़ना आसान नहीं था। किन्तु अब शिक्षा का आदान प्रदान आम बात हो गया है। चीन सरकार की सुधार और खुलेपन की नीति के कारण ऐसा सम्भव हुआ है।

अनिलः लीजिए दोस्तों अब पेश करते हैं कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है खंडवा मध्यप्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम आपका पत्र मिला में कुल 10 श्रोता बंधुओ के पत्र और ईमेल शामिल किये गये, जिन्हें सुनकर दिल खुश हो गया। कार्यक्रम में हमारा पत्र भी शामिल किया गया, जिसे सुनकर मन प्रफुल्लित हो गया। आदरणीय भाई अनिल पांडेय जी जैसा कि हमने आपसे कहा था कि हम आपको एवं अपने सभी सुधी श्रोता बंधुओ को हमारे राज्य मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध शहर एवं क्षेत्र के बारे में विभिन्न प्रकार की रोचक जानकारियों से अवगत कराते रहेंगे तो आज हम आपको हमारे राज्य मध्यप्रदेश के दो प्रसिद्ध शहरो के बारे में जानकारी देना चाहते हैं जो कि इस प्रकार हैः (1) भेङाघाट :- जबलपुर से 13 किमी. दूर भेङाघाट का प्राकृतिक दृश्य बड़ा ही मनोरम है। संगमरमर की चट्टानों के बीच तीव्र प्रवाह से बहती नर्मदा 60 फुट की ऊँचाई से गिरती है। धुआँधार और बंदर कूदनी, पूर्णिमा रात्रि का नौका विहार आदि प्रमुख आकर्षण है। निकट स्थित चौसठ योगिनी का गोल मंदिर है जिसमे 81 मूर्तियां हैं। गौरी - शंकर के विख्यात मंदिर में शिव - पार्वती की नदी पर सवार मूर्तियां एवं प्राचीन शिलालेख है।

(2) ग्वालियर :- भारत के सभी दुर्गों मे जङित मणि के समान पूर्व का जिब्राल्टर कहलाने वाला ग्वालियर दुर्ग (ऊँचाई 300 फुट) राजा सूरजमल द्वारा निर्मित है। यहां के प्रमुख आकर्षण सूर्य मंदिर, शिलालेख और सूरजकुण्ड, मान मंदिर तथा गूजरी महल, पुरातत्व संग्रहालय, सास - बहू का मंदिर, तेली का मंदिर है। सूफी संत मोहम्मद गौस का मकबरा, संगीत सम्राट तानसेन तथा रानी लक्ष्मीबाई की समाधियाँ, महाराजा सिंधिया का संग्रहालय तथा चिङियाघर यही स्थित है। यह एक प्रमुख औद्योगिक नगर भी है। आदरणीय भाई अनिल पांडेय जी हम तो आपसे यही कहना चाहेंगे कि हम अब सी. आर. आई हिन्दी सेवा से जुङ चुके है तो हम समय समय पर हम हमारे राज्य मध्यप्रदेश एवं हमारे निमाङ क्षेत्र के बारे में विभिन्न प्रकार की रोचक जानकारीयो से आपको एवं सभी श्रोता बंधुओ को अवगत कराते रहेंगे धन्यवाद।

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

ललिताः बाय-बाय।

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