20181226

2018-12-26 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। पहला पत्र हमें भेजा है खंडवा मध्यप्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम आपका पत्र मिला बहुत अच्छा लगता है। कार्यक्रम में कुल 11 श्रोता बंधुओं के ईमेल और पत्र शामिल किये गये, जिसे सुनकर हमें बेहद आनंद प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में हमारा पत्र भी शामिल किया गया, उसे सुनकर हमें बेहद खुशी हुई।

कार्यक्रम टी टाइम में बताया गया कि दुबई में रहने वाला तेरह साल का एक भारतीय बच्चा साफ्टवेयर कंपनी का मालिक बन चुका है। और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर बहुत लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। लगभग दो महीने बाद वह लोगों के बीच नजर आए। हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि गोवा के मुख्यमंत्री जल्द ही स्वस्थ और तंदुरुस्त हो जाये।

आदरणीय भाई अनिल पांडेय जी जैसा कि हमने आपसे कहा था कि हम आपको और श्रोता बंधुओं को हम अपने निमाङ क्षेत्र की विभिन्न प्रकार की रोचक जानकारियों से अवगत कराते रहेंगे, तो आज हम आपको हमारे राज्य मध्यप्रदेश की जीवनधारा कही जाने वाली मां नर्मदा नदी के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी देना चाहते हैं जो इस प्रकार हैः नर्मदा नदी प्रायद्वीपीय भारत की एक महत्वपूर्ण नदी है। इसे मध्यप्रदेश की जीवनधारा भी कहा जाता है। प्रख्यात भूगोलविद टॉलमी ने इसे नामादोस कहा था। इसके अन्य प्रमुख नाम मैकल सुता, सोमो देवी और रेवा है। यह भारत की पांचवी बड़ी नदी है। यह गंगा के समान पवित्र मानी जाती है। यह नदी 1312 किमी. लंबी है और मध्यप्रदेश में 1077 किमी. की दायरे में बहती है। इसका अपवाह क्षेत्र 93180 वर्ग कि.मी. है। नर्मदा के बेसिन का 89.9 प्रतिशत भाग मध्यप्रदेश में और 10.1 प्रतिशत गुजरात राज्य में है। नर्मदा नदी का उत्तरी भाग सिंचाई और नौकायन योग्य नहीं है। इस नदी के जल के उपयोग की योजना में मध्यप्रदेश में इंदिरा सागर परियोजना और गुजरात में सरदार सरोवर बांध का निर्माण किया गया। इस नदी की सहायक नदियों पर भी बांधों का निर्माण किया गया है। इस नदी पर राज्य के कुछ महत्वपूर्ण नगर जैसे – जबलपुर, होशंगाबाद, बङवाह, महेश्वर, ओंकारेश्वर आदि स्थित है। नर्मदा नदी के बाएं तट पर मिलने वाली प्रमुख नदियों में बरनार, बंजर, शेर, शक्कर, दूधी, तवा, गजाल, दोटी तवा, कुन्दी, देव और गोई हैं, जबकि दाएं तट पर मिलने वाली नदियों में हिरन, तिनदोनी, बरना, चंद्रकेशर, कानर, मान, ऊटी और हथनी हैं।

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से धीरेन बसाक ने। लिखते हैं कि दक्षिण एशिया फोकस कार्यक्रम में नई दिल्ली में आयोजित चीन-भारत उच्च स्तरीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान प्रणाली की पहली बैठक पर एक रिपोर्ट सुनाई गई, जो पसंद आई।

अनिलः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम बाल महिला स्पेशल में मिस्र में आयोजित बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता लाने हेतु समारोह पर अत्यंत विस्तार से बताया गया और इसके मूल उद्देश्यों को भली-भांति विस्तृत रूप से उजागर किया गया, जो हमारे लिए न सिर्फ जानकारी का बिंदु था, अपितु इसके मूल उद्देश्यों को जानने का अवसर भी मिला। निसंदेह बच्चों को देश का भविष्य और स्तंभ कहा जाता है और उनके स्वास्थ्य की चिंता हर देश को होती है।

अपने पसंदीदा कार्यक्रम आपका पत्र मिला में इस बार पत्रों की संख्या बढ़ती देख मन प्रसन्न है और आशा करते हैं कि आने वाले समय में इसमें और अधिक वृद्धि होगी। विगत कार्यक्रम में श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं में विशेष तौर पर परिवर्तन का आभास हुआ। अधिकांश श्रोता चाहे वह नए हो या पुराने प्रसारित कार्यक्रमों पर अपना बेबाक नजरिया दिल खोलकर रख रहे हैं, जोकि एक श्रोता के नाते अत्यंत जरूरी है। कुछ श्रोताओं ने मेरी बात पर सहमति जताई कि उसके लिए मैं ह्रदय तल से उनका आभारी हूं और एक मर्तबा फिर खंडवा के श्रोता मित्र दुर्गेश नागपुरे ने अपने वादे के मुताबिक मेवाड़ की सांस्कृतिक को इतिहास के पन्नों से निकालते हुए हमारे समक्ष पेश किया है। वाकई यह हम श्रोताओं के लिए एक हसीन तोहफा है, जो हम रेडियो के माध्यम से वहां के इतिहास, संस्कृति और समाज और उनके दैनिक जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल कर पा रहे हैं। आशा करता हूं आने वाले समय में वह वहां की अधिक से अधिक जानकारी हम तक पहुंचाते रहेंगे। इस मर्तबा सुरेश अग्रवाल आदि की विस्तृत समीक्षा सुंदर आभास हुआ कि वह कितनी नैतिकता और गंभीरता से आपके कार्यक्रमों को सुनते हैं और उन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। उनकी लेखनी यह प्रमाणित करती है कि वह हर रोज नियमित तौर पर आपके कार्यक्रम समय पर सुनते हैं। आने वाले समय में हम भी उसी प्रकार खुद में समर्पण की भावना जगायेंगे और अपनी प्रतिक्रियाओं को विस्तार देंगे। नए साल का आगमन करीब है और आप के माध्यम से कार्यक्रम में कुछ बदलाव अवश्य किए जाएंगे। इसकी उम्मीद है और कुछ इशारा भी आपने दिया है, जिसके अंतर्गत श्रोताओं के स्वर में गीत सुनने को मिलेंगे। आशा करता हूं कि कुछ और चुनिंदा कार्यक्रमों को नई रूपरेखा में प्रसारित किया जाएगा।

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है खुर्जा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम विश्व का आईना में बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां सुनवायी गयी। यह कार्यक्रम बहुत अधिक पसंद आया। आप का पत्र मिला कार्यक्रम में श्रोताओं के पत्र और उत्तर बहुत सम्मान सहित दिये गये। कार्यक्रम में हमारे पत्र को भी शामिल किया, इस के लिये आभार। हम उम्मीद करते हैं कि आगे भी इसी तरह हमारे पत्र को कार्यक्रम में स्थान देते रहेंगे।

अनिलः दोस्तों अगला पत्र भेजा है ढोली सकरा बिहार से दीपक कुमार दास ने। लिखते हैं

20181226

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ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में मॉरीशस में चीनी दूतावास और चीनी सांस्कृतिक केन्द्र के सहयोग से वहां प्रदर्शित किये गये चीनी मार्शल आर्ट पर आधारित ड्रामा 'द लीजेंड ऑफ़ कुंगफू' की लोकप्रियता पर पेश रिपोर्ट रुचिकर लगी। यह जान कर अच्छा लगा कि इस ड्रामा-प्रदर्शन से होने वाली आय को वहां के चैरिटी कार्य में ख़र्च किया जायेगा।

अनिलः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" में पेश लेख अच्छा था। चीन में विदेशियों के लिये व्यापार करना क्यों आसान है, इस पर तमाम वह जानकारी देने की कोशिश की, जो कि वहां जाकर अपना व्यापार करना चाहते हैं या चाहेंगे। हमें लेख में दी गई यह जानकारी भी सूचनाप्रद लगी कि चीन में कुल छह विशेष आर्थिक क्षेत्र या स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन हैं और किसी भी आर्थिक क्षेत्र का दायरा तीस हज़ार हेक्टेयर से कम नहीं है। लेख से यह भी जाना कि दिवंगत नेता तंग श्याओ फंग द्वारा चीन में भूमि-सुधार हेतु कितना अहम कदम उठाया गया था और एक कम्युनिस्ट देश होने के बावज़ूद चीन में श्रम क़ानून कैसे सख़्त नहीं हैं।

साप्ताहिक "विश्व का आइना" में दक्षिणी चीन के चच्यांग प्रांत स्थित छोटे से पर्यटक शहर ऊचन द्वारा इंटरनेट विकास और उच्च विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उसकी असाधारण उपलब्धि पर पेश रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी। बताया जाता है कि कैसे चीन में सुधार और खुलेपन की नीति लागू होने के पिछले चार दशक में ऊचन ने एक छोटे पुराने शहर से आधुनिकता के शिखर को स्पर्श किया और अपने पर्यटन अर्थव्यवस्था, इंटरनेट उद्योग के विकास से एक मिसाल कायम की।

श्रोताओं के अपने मंच साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" में लम्बी प्रतिक्रियाओं के बजाय अधिक पत्रों को स्थान दिये जाने की क़वायद क़ाबिल-ए-तारीफ़ लगी, ताकि कार्यक्रम में अधिक श्रोताओं का प्रतिनिधित्व मिल सके। परन्तु इसका मतलब यह कतई नहीं होना चाहिये कि श्रोता लिखना भी कम कर दें। इससे क्या फर्क़ पड़ता है कि प्रतिक्रिया रेड़ियो पर पढ़ कर सुनाई गयी या नहीं, आख़िर सीआरआई में बैठे लोग तो इस बात का हिसाब रखते ही होंगे कि किसने कितने मौलिक विचार प्रेषित किये हैं। धन्यवाद कार्यक्रम में निरंतर सुधार और खुलेपन की नीति अपनाने के लिये। वैसे भी चीन इन दिनों अपनी इसी नीति की चालीसवीं वर्षगाँठ मना रहा है। धन्यवाद।

ललिताः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि पिछले आर्थिक जगत कार्यक्रम में चीन में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के बारे में जानकारी दी गयी। वहीं तिब्बत के बारे में भी बताया गया। साथ ही आपकी पसंद कार्यक्रम में पेश किए गए गीत अच्छे लगे। वहीं टी-टाइम प्रोग्राम में दुबई में एक भारतीय बच्चा सॉफ्टवेयर कंपनी का मालिक बनने के बारे में पता लगा। हम आशा करते हैं कि वह आने वाले दिनों में अपने परिवार और देश का नाम रोशन करेगा। यह बच्चा बधाई का पात्र है। इसके साथ ही कार्यक्रम में पेश अन्य जानकारियां भी अच्छी लगी। धन्यवाद शानदार प्रस्तुति के लिए।

अनिलः लीजिए दोस्तों अब पेश करते हैं कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से देव कुमार गोंड और माधव चन्द्र सागौर ने। लिखते हैं कि बाल महिला स्पेशल प्रोग्राम में सुनाया गया कि 11 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र के अधीन "हर महिला, हर बच्चा" नामक चीनी चिकित्सा सहायता गतिविधि मिस्र में आयोजित हुई, जिसका मकसद संयुक्त राष्ट्र के महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार करना और मिस्र समेत अफ्रीका में रहने वाले गरीब रोगियों का बचाव करना है। "हर महिला, हर बच्चा" अच्छी दवाइयों को स्थानीय लोगों के साथ साझा करना ताकि स्थानीय रोगियों को अच्छा उपचार दिया जा सके और वे स्वस्थ होकर भविष्य का सुन्दर जीवन बिता सकें।

वहीं टी टाईम प्रोग्राम में दुबई में रहने वाला केरल के आदित्य राजेश 13 साल का एक भारतीय बच्चा जो सॉफ्टवेयर कंपनी का मालिक है। 9 साल उम्र में आदित्यन ने अपनी पहली मोबाइल एप्लिकेशन बना ली थी। आदित्यन कहते हैं कि मुझे एक स्थापित कंपनी का मालिक बनने के लिए 18 की उम्र को पार करना होगा। हालांकि हम अभी से एक कंपनी के तौर पर काम करने लगे हैं। उन्होंने अब तक 12 से ज्यादा क्लाइंट्स के लिए काम किया है। हमने उन्हें अपनी डिजाइन और कोडिंग सर्विस पूरी तरह मुफ्त में दी हैं। तीन जोक्स सुना जिसे सुनकर अच्छा लगा।

ललिताः लीजिए पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है मुक्तसर पंजाब से गुरमीत सिंह ने। उन्होंने भी टी टाइम कार्यक्रम के बारे में लिखा है। लिखते हैं कि नई जानकारियों से भरपूर प्रोग्राम टी टाइम सुना, बहुत अच्छा लगा। जानकारियों के तहत आपने बताया कि केरल का 13 साल का एक बच्चा अब दुबई में एक सॉफ्टवेयर कंपनी का मालिक बन गया है। यह सुनकर हैरानी हुई। सचमुच आजकल के बच्चे इतने बुद्धिमान हैं कि कभी कभी वह बड़ों को भी पीछे छोड़ जाते हैं।

इस के आगे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बारे में बताया गया, जो कि लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। यह सुनकर दुख हुआ और हमारी यह दुआ है कि वह जल्दी से ठीक हो जाय। इस के अलावा प्रोग्राम में दी गई बाकी जानकारी भी अच्छी लगी और तीनों जोक्स पसंद आए।

अनिलः अगला पत्र भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम "आप का पत्र मिला" में सबसे पहले मेरे ही जिला दरभंगा बिहार के श्रोता बहन चन्द्रावती देवी का पत्र पढ़ा गया। उसके बाद क्रमशः मॉनिटर भाई सुरेश अग्रवाल, नया श्रोता पृथ्वीराज पुरकायस्थ, प्रियंजीत कुमार घोषाल, दुर्गेश नागनपुरे, तिलक राज अरोड़ा, सादिक आजमी, मेरा पत्र, दीपक कुमार दास, देव कुमार गोंड और माधव चन्द्र सागौर सहित कुल ग्यारह श्रोताओं के पत्र पढ़े गये। दुर्गेश भाई से मध्य प्रदेश की रीति रिवाज और संस्कृति की जानकारी मिल रही है। सादिक भाई से भी सऊदी अरब की जानकारी पिछले कार्यक्रम में सुनकर बहुत अच्छा लगा था। माधव चन्द्र सागौर भाई से पश्चिम बंगाल की जानकारी देने की भी अपेक्षा रखता हूँ। मैं भी बिहार की रोचक जानकारी एकत्र कर रहा हूँ। भविष्य में प्रेषित करूँगा।

कार्यक्रम "बाल महिला स्पेशल" में सुना कि चालू वर्ष के मार्च से उत्तर पश्चिमी चीन के शिनच्यांग वेवुर स्वायत्त प्रदेश के महिला संघ ने स्थानीय क्षेत्रों में बाल सैलून कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें स्थानीय महिलाएं मुफ्त में प्रशिक्षण ले सकती हैं और अपनी ब्यूटी सैलून तकनीक उन्नत कर सकती हैं। यह भी पता चला कि दक्षिण शिनच्यांग के चार क्षेत्रों में लगभग 3000 बाल सैलून खुल गए हैं। जिससे गरीब महिलाएं रोजगार पाकर अपनी आय को बढ़ाते हुए वे आधुनिक फ़ैशन जीवन का नेतृत्व कर रही हैं। यह शिनच्यांग की महिलाओं का सुन्दर कार्य है।

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "चीन का तिब्बत" में बताया कि 4500 मीटर ऊँची क्षेत्र लाचू में 4 लाख 62 हजार लोग रहते हैं। इसका लम्बा इतिहास है। अभी लाचू प्रिफेक्चर में 11 काउंटियाँ हैं। कार्यक्रम में आगे बताया गया कि तिब्बत में गरीबी उन्मूलन के 30 से अधिक दस्तावेज प्रकाशित किये गये हैं। गरीबी उन्मूलन पर 2016 में सरकार का निवेश 8.5 अरब युआन तक पहुँच गया था। तिब्बत में गरीबी उन्मूलन के बारे में बताया गया यह रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी।

वहीं साप्ताहिक कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फोकस" में मुम्बई में भारतीय लड़की हिना के साथ की गई भेंटवार्ता के मुख्य अंश सुनाये गये। इस खास बातचीत से पता चला कि हिना जी इंजीनियर हैं और अभी मुम्बई विश्वविद्यालय में चाइनीज भाषा सीख रही हैं। वे जनवरी में चीन यात्रा पर जाने वाली हैं। हम लोग उनकी चीन यात्रा की शुभकामनाएँ देते हैं। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

ललिताः बाय-बाय।

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