20181121

2018-11-21 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। पहला पत्र हमें भेजा है खंडवा मध्य प्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे, कुमारी भावना, बिंदु, गोलू, कुसुमबाई और राधेश्याम नागनपुरे ने। लिखते हैं कि 14 नवंबर को प्रसारित सभी कार्यक्रम बेहद लाजवाब थे। आपका पत्र मिला कार्यक्रम में सभी श्रोताओं के पत्रों के जवाब भी बहुत अच्छे तरीके से पेश किए गए। कार्यक्रम में कुल 11 श्रोताओं के पत्र शामिल किये गये, जिसमें हमारा पत्र भी शामिल था। अनिल जी ने जब हमारा पत्र पढ़ा, तो हमें ऐसा कहा कि आप हमारे नये श्रोता हैं, आपने कार्यक्रम में पहली बार ईमेल भेजा है, इसलिए आपका बहुत बहुत स्वागत है, तो हम भी दिल की अनंत गहराईयो से अनिल पांडेय जी और ललिता जी को धन्यवाद और ढेर सारी शुभकामनाये देते हैं। मैं आपके कार्यक्रम के माध्यम से सीआरआई हिंदी सेवा के सुधी श्रोता भाई एस. बी. शर्मा, शंकर प्रसाद शंभू, नीरज राय और सी. आर. आई. के सभी श्रोताओं को आने वाले प्रकाश पर्व की ढेर सारी शुभकामनाये देना चाहता हूं।

वहीं टी टाइम कार्यक्रम में पैकेजिंग कंपनी सात्विको के संस्थापक प्रसून गुप्ता के साथ चर्चा अच्छी आई। वहीं अमेरिका के सैन डिएगो में आसमान में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। जब लोगों ने आसमान में कोई चमकती हुई अनोखी चीज देखी और उसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। हमें कार्यक्रम में तीन जोक्स बहुत अच्छे लगे।

आगे लिखते हैं कि मैं आपका कार्यक्रम सुने बिना एक पल भी रह नहीं सकता। मुझे सीआरआई हिंदी सेवा से बेहद लगाव है। मैं आपकी सेवा में दो पंक्तियां जो कि इस प्रकार हैः सी. आर. आई हिन्दी सेवा का प्रसारण हमको लगता बेहद प्यारा, और हम सभी का सी. आर. आई हिन्दी सेवा का प्रसारण सभी श्रोताओं का सच्चा साथी और एकमात्र सहारा।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से रंजू मुखिया ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम 'अतुल्य चीन' में सबसे अच्छे दर्जे के हवाई जहाज के उपकरण बनाने वाले को 2017 में मिले द्वितीय पुरस्कार के बारे में चर्चा और 'स्वर्णिम चीन के रंग' में पन्द्रह सौ साल पहले के जीवन की झलक और भोज, शहतूत के पत्ते और खेती की कहानी अच्छी लगी।

कार्यक्रम 'नमस्कार चाइना' में चाइनिज सांग झील में पानी सुनने के बाद चीन में विप्रो कंपनी के कंट्री हेड सुभंकर मुखर्जी से भेंटवार्ता अच्छी लगी। चीनी कहानी स्वर्ग का वांसुरी वादक भी पसन्द आयी।

 

अनिलः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि टी टाइम कार्यक्रम में फ्लिपकार्ट, अमेज़ॉन, ईबे और स्नैपडील जैसी ऑनलाइन शोपिन संस्था का युवाओं में बहुत क्रेज़ है और अब अधिकांश युवा घर पर बैठे खरीदारी करते हैं। प्रतिस्पर्धा की इस दौड़ में ग्राहकों को लुभाने के लिए उनकी तरफ से बहुत सारे ऑफर दिए जाते हैं, जो यक़ीनन व्यापार का नया फंडा है। कुल मिला कर देखा जाये तो खरीदार वही भुगतान करता है, जो साधारण रूप से मार्किट से खरीदारी करते वक़्त देना होता है और इस बड़े समूह में आपसी मतभेद भी होते हैं। विषय पर टिप्पणी पात्र को लम्बा कर देगी। हाँ इस विषय को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना उचित लगा।

अपने वादे के मुताबिक यहां से जानकारी साझा कर रहा हूं, ताकि सऊदी अरब आकर काम करने की इच्छा रखने वाले लोगों को आवश्यक जानकारी मिलती रहे। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक अब आने वाले दिनों में सऊदी अरब में पेट्रोल पम्प पर कार्य करने वाले लोगों को पूर्ण रूप से हटाने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है और पेट्रोल पम्प को सम्पूर्ण रूप से डिजीटलाईज कर दिया जाएगा। यानी आप स्वतः एटीएम कार्ड के माध्यम से भुगतान कर चाहें जितना तेल भर सकते हैं। एक तरफ जहां सऊदी अरब को स्मार्ट कंट्री बनाने के कवाएद जारी है, वहीं कहीं न कहीं मजदूर वर्ग जो विदेशों से आकर यहां नौकरी करते हैं, उनके हित के बारे में फिर से विचार करना होगा। मैं यहां निजी तौर पर अपने विचार साझा करना चाहता हूं यहां आकर कार्य करने के इच्छुक लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा की नवयुग में बढ़ती तकनीक के अनुसार उनको इसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट ट्रेनिंग लेकर आना चाहिए। ताकि वह वर्तमान परिस्थिति में खुद को ढाल सकें और समय की मांग के अनुरूप सफल कार्य कर सकें। धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है खुरजा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं कि आप का पत्र मिला कार्यक्रम में श्रोताओं के पत्र पेश कर आपने हमारा दिल जीत लिया। पत्र पढ़ने और उनके जवाब देने के अंदाज ने हमारे दिलों में जगह बना ली है। कार्यक्रम में हमारे पत्र को शामिल करना इस बात की ओर इंगित करता है।

टी टाइम कार्यक्रम मनोरंजक के साथ साथ जानकारियों से भरपूर था। चुटकलों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिये। कार्यक्रम में हमारा पत्र शामिल करके दिल खुश कर दिया। बेहतरीन और मनोरंजक कार्यक्रम सुनवाने के लिये दिल से शुक्रिया प्रकट करते हैं।

 

अनिलः दोस्तों अगला पत्र भेजा है मुक्तसर पंजाब से गुरमीत सिंह ने। लिखते हैं कि टी टाईम कार्यक्रम में पैकेज्ड फूड कंपनी सात्विको के प्रमुख प्रसून गुप्ता जी से की गई बातचीत पसंद आई।

 

ललिताः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में सुना कि चीन में एक मैकेनिकल वैज्ञानिक को दूसरे दर्जे का पुरस्कार मिला है, जो हवाई जहाज का इंजन नई तकनीक से बनाकर अपने देश को दिया है। दूसरी रिपोर्ट में चामू पोर्ट को फिर से खोलने की योजना पर जानकारी दी गई। ये दोनों रिपोर्ट पसन्द आई।

कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में चीन में विप्रो कंपनी के शुभंकर मुखर्जी के साथ की गई भेंटवार्ता का मुख्य अंश सुनाया गया, जिससे पता चला कि भारत की बड़ी आईटी कंपनियों में से एक विप्रो कंपनी नई प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए जानी जाती है। उनके अनुसार चीन एक बहुत बड़ा संभावित बाजार है, खासतौर पर आईटी उद्योग के क्षेत्र में। आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी विप्रो चीन में ऐसी पहली भारतीय कंपनी है, जिसने कैंपस स्थापित किया है। इस भेंटवार्ता में सभी प्रश्नों का सटीक उत्तर सरल तरीके से दिया गया।

 

अनिलः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुना कि चीन के भीतरी इलाकों की फिल्म प्रदर्शनी और सह-निर्माण फ़िल्म का सिंहावलोकन 2018 हांगकांग में आयोजित हुआ। जिससे स्पष्ट हुआ कि चीनी फिल्मों के तेज़ विकास की प्रक्रिया में सह-निर्माण फिल्मों का अहम स्थान है, जो चीनी फिल्म के समृद्ध विकास के लिए मजबूत नींव डालती है। चीनी फिल्मों के अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में बढ़ाये गये कदमों से दर्शक फिल्में देखने के साथ साथ विभिन्न स्थलों की संस्कृतियों को भी जान सकेंगे।

श्रोताओं के चहेता साप्ताहिक कार्यक्रम "आप का पत्र मिला" में नए श्रोताओं के आगमन से दिल खुश हो गया। मैंने ही खण्डवा मध्य प्रदेश के नये श्रोता भाई दुर्गेश नागनपुरे को सी आर आई की फ्रिक्वेन्सी की जानकारी, कार्यक्रम सूची, वाट्सएप नम्बर और ईमेल आईडी दी थी। अनिल भैया द्वारा श्रोताओं के पत्रों पर टिप्पणी ने कार्यक्रम की रोचकता को बढ़ा दिया है।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" में जर्मनी के एक ऐसे मिडिल स्कूल की चर्चा की गयी, जहाँ चीनी कोरस के ज़रिये विद्यार्थियों को चीनी-भाषा सिखायी जाती है और जहां वर्ष 2014-16 की अवधि में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की पत्नी पेंग लीयुआन ने वहां दो बार जाकर बच्चों से भेंट की। मुझे चीन की प्रथम महिला का यह आइडिया प्रभावकारी लगा कि गीतों के माध्यम से चीनी-भाषा सीखना आसान होगा।

कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" में शांगहाई में सम्पन्न प्रथम चीनी अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो में भाग लेने गये जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के विद्वान श्रीकान्तजी से ली गयी भेंटवार्ता सुन कर तमाम बातों पर बारीकी से जानकारी हासिल हुई। तीस-चालीस बार चीन की यात्रा कर चुके और चीन में अपनी पीएचडी पूरी करने वाले श्रीकांतजी ने न केवल आयात एक्सपो, बल्कि चीन में सुधार और खुलेपन के चालीस वर्षों की वास्तविक प्रगति का सूक्ष्म विवेचन पेश किया।

 

अनिलः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" में लम्बे समय तक प्राकृतिक परिस्थितियों में खेती-किसानी और पशुपालन करने वाले तिब्बती किसानों और चरवाहों द्वारा अब अपने दैनन्दिन कार्यों में विज्ञान और तकनीक का खुल कर इस्तेमाल किये जाने वाली रिपोर्ट अच्छी लगी। इस परिप्रेक्ष्य में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा शहर स्थित उपनगर चमबारांग में रहने वाले किसान दोर्चे के हवाले से दी गयी जानकारी सुन कर पता चला कि पहले गौपालन करने वालों को अधिक लाभ नहीं होता था, लेकिन विज्ञान और नयी तकनीकों के साथ गौपालन करना अब फ़ायदे का सौदा बन गया है। उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल से दुग्ध-उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है, जिससे इस गांव के लोगों की औसत आय पहले के दो हजार युआन के मुक़ाबले अब कोई पांच गुना अधिक हो गयी है।

 

ललिताः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से देव कुमार गोंड ने। लिखते हैं कि अतुल्य चीन प्रोग्राम में सुनाया गया कि चीन-नेपाल चांगमू पोर्ट बंद हो गया था। चीन और नेपाल सरकार के साथ आपसी बातचीत से इसे फिर से खोलने की कोशिश हो रही है। चीन के एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव द्वारा दोनों देश के बीच व्यापार बढ़ेगा और दोनों देश समृद्धशाली होंगे और लोगों की आवाजाही भी बढ़ेगी।

वहीं पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर ने लिखा है कि स्वर्णिम चीन के रंग प्रोग्राम में चीनी लेखक छी मुची द्वारा लिखित पुस्तक रेशम मार्ग तब और अब की पिछली कड़ी "1500 साल पहले के जन-जीवन की झलक" में प्राचीन कब्रों की खुदाई में फंग मिंग इन आकर्षित भित्ति पर तीन रेखा चित्रों के दृश्य का वर्णन बखूबी से किया गया।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है ढोली सकरा, बिहार से दीपक कुमार दास ने। लिखते हैं

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अनिलः अब लीजिए पेश करते हैं आज के कार्यक्रम का आखिरी पत्र, जोकि भेजा है बद्री प्रसाद वर्मा अंजान ने, जोकि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं। लिखते हैं

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अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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