20181107

2018-11-07 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

मीनू: सभी श्रोताओं को मीनू का भी प्यार भरा नमस्कार।

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक भेजे गए श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। पहला खत हमें भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी जी ने। लिखते हैं कि यह पत्र मैं विशेष रूप से वरिष्ठ श्रोता भाई बद्री प्रसाद वर्मा अंजान जी के सम्मान में लिख रहा हूं। उनके द्वारा भेजी गई कविता ने इतना प्रभावित किया कि सुनने के बाद उसकी तारीफ में शब्द कम पड़ रहे हैं। बस उनके हौसले और जज्बे को सलाम प्रेषित करता हूं। यकीनन उनके पास जितना अनुभव है उतनी मेरी आयु नहीं है। विगत 40 वर्षों में उन्होंने विश्व के अनेक रेडियो स्टेशनों को सुना और सक्रिय रूप से पत्राचार भी करते आ रहे हैं। बचपन से आकाशवाणी पर गीतों की फरमाइश एवं प्रतिक्रियाओं के लिए उनका नाम सबसे ऊपर रहता था। आज श्रोताओं में बदलाव और निष्पक्षता की कमी को उन्होंने भली-भांति महसूस किया और कविता के रूप में उसे पेश किया। मैं कामना करता हूं आने वाले समय में उनके जैसे विचार, सोच, जागरूकता और निष्पक्षता हर श्रोता के मन में रच बस जाए ‘अनिल जी ने विस्तार से उनकी कविता को हम तक पहुंचाया। उसके लिए उनका हृदय तल से आभार।

 

मीनूसादिक आज़मी जी ने आगे लिखा है कि सर्दी के मौसम में चाय की चुस्कियों के साथ कार्यक्रम टी टाइम सुनने का मज़ा ही कुछ और है। आज कार्यक्रम के आरम्भ में अति उत्साहित वाली खबर सुनने को मिली और पता चला कि आजकल अमेरिका में cow cuddling का प्रचलन बढ़ रहा है। जानवरों से प्रेम तो मानव इतिहास की पुरानी गाथा है। और हर देश में अलग-अलग पशुओं को पाला जाता है। और विशेषकर पश्चिमी देशों में कुत्तों को या बिल्लियों को पालने का चलन है। लेकिन देर से ही सही अब उनको समझ आ गया है कि भारतीय अत्यंत चतुर हैं वह उन पशुओं को पालते है जिससे वह लाभान्वित भी होते हैं। भैंस, बकरी, भेड़ और गाय के प्रति हम भारतीयों की आस्था भी जुड़ी है। जिससे समूची दुनियां परिचित है। विस्तार में जाऊं तो पत्र लम्बा हो जाएगा। संक्षिप्त रूप से कहा जाये तो उनका यह क़दम सराहना योग्य है। भारतीय चावल की बढ़ती चीन में लोकप्रियता और व्यापर के नए अवसर को दर्शाती ए.के. गुप्ता जी से अनिल जी की वार्ता रोचक लगी। एशिया महाद्वीप पर दो प्रमुख देश और उनके बीच व्यापार को नया आयाम देता चावल, रिश्तों में भी सेतु का काम करे। यही कामना करता हूँ।

अमेरिका में एक भारतीय दंपति की रहस्यमयी मौत दुखदाई है। आपके माध्यम से मीनाक्षी और विष्णु जी को श्रद्धांजलि प्रेषित करता हूँ। भविष्य में ऐसा हादसा कभी न घटे इसकी दुआ भी करता हूँ। तुर्की वैसे तो ऐतिहासिक धरोहरों और लड़ाकों के लिए विख्यात है। मगर एक और कीर्तिमान अपने नाम कर बधाई का पात्र बना। विगत कुछ वर्षों से भारत में क्रिकेट के बाद अन्य दूसरे खेलों का प्रचलन बढ़ा है और उसमें उन्नति भी हो रही है।कबड्डी, जूडो, बॉक्सिंग तीरंदाजी, वेट लिफ्टिंग और कई अन्य विभागों में गोल्ड मैडल मिलना इसका प्रमाण है। और हम भारतीयों का मान भी बढ़ा है। लेकिन सबसे दुःख की बात यह है कि उनका प्रोत्साहन नहीं किया जाता। दिनेश कुमार जैसे न जाने कितने महारथी सरकार की इस उपेक्षा का शिकार हैं। आपकी आवाज़ आला अधिकारीयों तक पहुंचे यही दुआ है। हर बार की भांति इस बार भी श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं को उचित सम्मान मिला।जिसके लिए दिलसे आपका आभारी हूँ। आशा है इस क्रम को भविष्य में जारी रखा जाएगा। इस बार के जोक्स भी उम्दा थे, एक बार फिर उत्तम प्रस्तुति के लिए शुक्रिया।

 

अनिलसादिक आज़मी जी ने और कुछ लिखकर हमें बताया है कि सदैव की भांति उसी उत्सुकता से अपने सबसे पसंदीदा और श्रोताओं में सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम आपका पत्र मिला सुनने का अवसर मिला। श्रोता मित्रों की खट्टी मीठी प्रतिक्रिया इस कार्यक्रम की रौनक में सदा इजाफा करती हैं। पिछले पत्र में आपके द्वारा सी आर आई का पक्ष रखे जाने की हमने प्रशंसा की थी और आशा व्यक्त की थी कि इसे भविष्य में जारी रखा जाएगा

मगर महज दो हफ्तों बाद वह क्रम आपकी उपेक्षा का शिकार हो गया। जिसे देख मन उदास है अधिकांश श्रोता इसका समर्थन करते आ रहे थे और मेरी निजी  मांग काफी लंबे समय से थी।पर अचानक हुए बदलाव से मन दुखी है कार्यक्रम की रोचकता बनाए रखने हेतु सी आर आई का पक्ष रखा जाना उतना ही आवश्यक है जैसे जीवन के लिए जल हवा आदि।

आजकल विशेष रूप से आपकी वेबसाइट पर विजिट कर देश दुनिया के बदलते समीकरण पर जानकारी एकत्रित करने का क्रम मेरी ओर से जारी है और मैं अपने सहयोगी मित्रों और यहां पर सऊदी अरब में मेरे साथ कार्यरत लोगों को इस और प्रेरित भी करता आ रहा हूं और वह लोग भी अति चाव से आपकी वेबसाइट पर प्रदर्शित लेख का आनंद लेते हैं 

आशा करता हूं आने वाले कार्यक्रम में अनिल जी द्वारा श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं पर सी आर आई का पक्ष और उनके निजी विचार सुनने को मिलेंगे इसी आशा के साथ आज्ञा चाहता हूं आपका श्रोता सादिक आजमी।

 

 

मीनूअगला पत्र हमें भेजा है खुर्जा यूपी. से तिलक राज अरोड़ा और चंदन अरोड़ा ने। उन्होंने लिखा है कि 31 अक्टूबर को कार्यक्रम सी आर आई से प्रसारित विश्व का आईना सुना और बेहद पसंद आया। कार्यक्रम सुनकर जानकारी में इजाफा हुआ। वहीं आप का पत्र मिला कार्यक्रम में भाई अनिल पांडेय जी और   मीनू जी की दिल को छूने वाली आवाज़ों में कार्यक्रम सुनकर दिल खुशी से झूम उठा। कार्यक्रम में  मीनू जी की सुंदर आवाज़ पहली बार सुनी और पसंद आयी। हम कार्यक्रम के नए श्रोता हैं। इसलिए मीनू जी को पहली बार सुना है। कार्यक्रम में श्रोताओ के पत्र भी सुनने को मिलते है बहुत अच्छा लगता है। श्रोताओ के पत्र सुनकर हम को भी अच्छा पत्र लिखने की प्रेरणा मिलती है। सुंदर प्रस्तुति के लिए और कार्यक्रम में हमारा पत्र शामिल करने के लिये  अनिल पांडेय जी और मीनू जी का दिल से शुक्रिया प्रकट करते है।

आज भारत में दीपावली का त्यौहार बहुत हर्षोल्लास और खुशी से मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर सी आर आई के सभी उद्घोषकों को हम हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं।

तिलक राज अरोड़ा जी और चंदन अरोड़ा जी, आप को दिल से बहुत बहुत धन्यवाद।

अनिलतिलक राज अरोड़ा जी और चंदन अरोड़ा जी ने आगे लिखा है कि 1 नवंबर को टी-टाइम कार्यक्रम सुना। कार्यक्रम में गुप्ता जी से चावल के बारे में जो वार्ता सुनवायी बहुत पसंद आयी। विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा भारत मे और दूसरे नंबर पर प्रतिमा चायना में है। यह बात कार्यक्रम से ज्ञात हुई। श्रोताओं की प्रतिक्रिया सुनकर अच्छा लगा। जोक्स का तो कहना ही क्या तीनों जोक्स सुनकर मजा आ गया। सुंदर कार्यक्रम की प्रस्तुति के लिये सी आर आई का दिल से आभार प्रकट करते हैं और शुभकामनाएं प्रेषित करते है।

3 नवंबर का कार्यक्रम सुना और पसंद आया। पंकज श्रीवास्तव जी ने हैरतअंगेज, ज्ञानवर्धक और मनोरंजक जानकारी सुनवायी बहुत पसंद आयी। श्रोताओं की पसंद पर हिंदी फिल्मी गीत अंजलि जी ने सुनवाये पसंद आये। कार्यक्रम में एक फिल्मी गीत सुनवाया, जिस में किसी भी श्रोता का नाम नहीं बोला गया। यह गीत किसकी पसंद का था बताने की कृपा करें। सुंदर प्रस्तुति और बेहतरीन कार्यक्रम सुनवाने के लिए पंकज श्रीवास्तव जी और अंजलि जी का दिल से शुक्रिया प्रकट करते हैं।

 

 

मीनूअब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से हमारे मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू जी ने। साप्ताहिक कार्यक्रम "बाल महिला स्पेशल" में चन्द्रिमा  जी से सुना कि पोलैंड 'एक पट्टी एक मार्ग' के रास्ते पर एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। इसलिए चीन व पोलैंड के बीच आर्थिक व व्यापारिक आदान-प्रदान लगातार बढ़ने के साथ ही दोनों देशों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं शिक्षा सहयोग भी गहराते जा रहे हैं। कार्यक्रम से पता चला कि कुछ दिन पहले ही चीन के छिंगपाईच्यांग विदेशी भाषा प्राइमरी स्कूल और पोलैंड के लोत्ज़ प्रथम प्राइमरी स्कूल के बीच मैत्रीपूर्ण स्कूल के सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे दोनों देशों में भाषा की शिक्षा एवं पाठ्यक्रम के सहयोग के साथ हीं अध्यापकों एवं विद्यार्थियों की आपसी मेल जोल में भी घनिष्ठ सहयोग किया जायेगा।

 

अनिल शंभू जी आगे लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" ध्यानपूर्वक सुना, जिसमें सर्वप्रथम एक बढिया सा चाइनीज साँग हिं शा पिंग यानी 'रिभॉल्यूशन' सुनाया गया जो मधुर एवं रोमांटिक लगा। विशेष सेगमेंट में सुना कि चीन में भारतीय चाय को लोकप्रिय बनाने के लिए चीन स्थित भारतीय राजदूत ने टी बोर्ड ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ मिलकर चीन में सेमिनार एवं टी पार्टी का आयोजन किया। जिसमें गोल्डेन टिप्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य प्रबन्धक माधव शारदा भी चीन पहुंचे थे । माधव जी के साथ बातचीत के मुख्य अंश सुनाये गये । जिससे ज्ञात हुआ कि चीन में भारतीय चाय मुख्य रूप से दार्जिलिंग, असम और नीलगिरि का उगाया हुआ चाय काफी लोकप्रिय पहले से ही है। चीन के पेइचिंग और श्यामन में सेमिनार एवं टी टेस्टिंग प्रोग्राम के माध्यम से चीनी लोगों को चाय का स्वाद चखाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य चीन में भारतीय चाय को बढ़ावा देना है।  

वहीं लीला भट्ट जी द्वारा प्रस्तुत साप्ताहिक कार्यक्रम "चीनी कहानी" में चीनी लोक कथा पर आधारित कहानी के सात बहने शृंखला की कड़ी में प्लांग जाति के लोक कथा 'आदिदेव पुनिया' सुना, जिसमे आदिदेव और उनके 12 बेटों के द्वारा गैण्डा को मार कर संसार की रचना की गयी । कहानी में सुना कि गैण्डे की खाल से आकाश बनाया, आखों की पुतलियों से तारे एवं मांस से पृथ्वी बनायी । उसकी हड्डियों से पर्वत, खून से पानी, बालों से पेंड़ पौधे एवं मष्तिष्क से स्त्री पुरुष । भला एक गैंडा मारकर इतनी बड़ी पृथ्वी, विशालकाय आकाश, पानी, तारे, इत्यादि कैसे बनाया जा सकता है । यह कहानी मन गढन्त जैसी ही लगती है । एक कछुए पर पृथ्वी को टिकाना यह तो और ही भ्रम उत्पन्न करने वाली बात है ।

 

मीनूअगला पत्र मेरे हाथ में आया है हमारे मॉनिटर सुरेश अग्रवाल जी का। उन्होंने लिखा है कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" भी हमने ग़ौर से सुना। आज के अंक में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश अध्यक्ष चिज़ाला द्वारा चीन की मशहूर पत्रिका ल्याओवांग को दिये गये साक्षात्कार की चर्चा काफी महत्वपूर्ण लगी। बातचीत के दौरान उन्होंने तिब्बत के सामाजिक-आर्थिक विकास के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उनका यह कहना बिलकुल सही जान पड़ा कि तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति के 60 साल बाद तिब्बती पठार पर एक समाजवादी आधुनिक तिब्बत नज़र आ रहा है और देश में रुपांतर एवं खुलेपन की 40वीं वर्षगांठ के मौके पर तिब्बत में भी उसी के अनुरूप नये दौर का काम किया जा रहा है। खुला, एकजुट और अच्छी तरह संरक्षित तिब्बत विश्व के लिये अपनी बाहें खोल रहा है। देखा जाये, तो पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के आयोजन के समय शी चिनफिंग ने भी नये युग में चीनी विशेषता वाली समाजवादी विचारधारा के मार्गनिर्देशन में तिब्बत ने देश के दूसरे प्रांतों की सहायता से आर्थिक विकास और प्राकृतिक वातावरण संरक्षण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने का ज़िक्र किया था।

चिज़ाला का यह कहना भी बिलकुल सही लगा कि तिब्बत प्राचीन काल से ही चीन से पश्चिम तक जाने वाले मार्ग पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। मशहूर चाय-घोड़ा मार्ग भी तिब्बत से होकर गुज़रता था। शांतिपूर्ण मुक्ति से और खासकर रूपांतरण और खुलेपन से अभी तक तिब्बत सामंती भूदास-प्रथा से निकल कर समाजवादी व्यवस्था में प्रविष्ट हुआ है।

यहां महासचिव शी चिनफिंग के उस कथन का ज़िक्र, जिसमें उन्होंने तिब्बत को 'एशिया का वाटर टॉवर' और 'पृथ्वी का तीसरा ध्रुव' कहा है, यहां दुर्लभ जंगली जानवरों का निवास स्थान और पठारी प्रजातियों का जीन भंडारण भी है एवं तिब्बत में प्राकृतिक वातवारण को नष्ट करने से पूरे देश और यहां तक सारी दुनिया पर प्रभाव पड़ेगा, बिलकुल सही जान पड़ा।

इस लम्बे साक्षात्कार में अन्य बातों के अलावा चिज़ाला ने तिब्बत के आर्थिक निर्माण पर भी अहम विचार व्यक्त किये। हूमिनजी का हार्दिक धन्यवाद यह विशेष साक्षात्कार पेश करने के लिये।

 

अनिलः दोस्तों अब आपको हम सुनाते हैं व्हट्सएप के जरिए हम तक पहुंचाने वाले पश्चिम बंगाल से देव कुमार गोंड जी का पत्र। उन्होंने लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम टी टाईम में बताया गया कि मानव मस्तिष्क को जानवरों के साथ खेलना और समय बिताना सुकून देता है। अक्सर लोग दोस्तों और परिवार वालों से ज्यादा समय कुत्तों के साथ बिताना पसंद करते हैं। भारत में कुत्तों के अलावा गाय और भैस पालने का चलन है। गाय तो देश में विमर्श का मुद्दा तक बन चुकी है और उसकी पहुंच राजनीति तक भी है लेकिन इन दिनों अमेरिका में गाय के प्रति प्रेम उड़ेला जा रहा है। 

पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर जी ने भी व्हट्सएप के जरिए हमें पत्र भेजा है। लिखते हैं कार्यक्रम बाल महिला स्पेशल में सुना कि चीन व पोलैंड के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान हो रहा है। चीन के छंगतू शहर के छिंगपाईच्यांग विदेशी भाषा प्राइमरी स्कूल ने पोलैंड के लोत्ज़ में लोत्ज़ प्रथम प्राइमरी स्कूल रही।भाषा की शिक्षा, पाठ्यक्रम के सहयोग, अध्यापकों व विद्यार्थियों की आपसी घनिष्ठ सहयोग हो रहा है। दोनों देश के सांस्कृतिक आदान-प्रदान व शिक्षा सहयोग वढ़ रहा हैं।  छिंगपाईच्यांग विदेशी भाषा प्राइमरी स्कूल ने चीन व पोलैंड की संस्कृति, शिष्टाचार व भाषा से परिचित करा रहे है। चीन व पोलैंड के बीच प्रगति हासिल हुई है।शिक्षा में सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है। पोलैंड व चीन के विद्यार्थियों के बीच भाषा की पढ़ाई और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़ी गतिविधियां ज्यादा से ज्यादा समृद्ध होगे और विद्यार्थियों व अध्यापकों के बीच सहयोग बढ़ेगा।

 

अनिलअब पेश है व्हट्सएप के जरिए हम तक पहुंचाने वाले उत्तर प्रदेश से ब्रदी प्रसाद वर्मा अंजान की कविता। (फोटो)

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और मीनू को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

मीनू: बाय-बाय।

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