20181031

2018-10-31 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

मीनू: सभी श्रोताओं को मीनू का भी प्यार भरा नमस्कार।

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक भेजे गए श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। पहला खत हमें भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में सुना कि चीन ने पिछले 16 अक्टूबर को औपचारिक रूप से चीन के हाईनान में मुक्त व्यापार परीक्षात्मक क्षेत्र की आम योजना पारित की है। बताया जाता है कि हाईनान मुक्त व्यापार परीक्षात्मक क्षेत्र के निर्माण से चीन में सम्पूर्ण खुलेपन की नई नीति के तैयारी को गति मिलेगी। हाईनान प्रांत प्रशांत और हिन्द महासागर के उन्मुख चीन का अहम द्वार होगा। कार्यक्रम में ट्रेड वार पर आधारित एक टिप्पणी भी सुनायी गयी।

अगले साप्ताहिक कार्यक्रम "आर्थिक जगत" में एक रिपोर्ट सुनायी गई, जिसमें कहा गया है कि इटली की सरकार ने दिसंबर 2017 में ही राष्ट्रीय व्यापार और निवेश प्रदर्शनी में भाग लेने की पुष्टि कर दी थी, जो पहला चीनी अंतर्राष्ट्रीय आयात मेला में भाग लेने की पुष्टि करने वाला पहला यूरोपीय देश बना। चीनी आयात मेला विश्व व्यापार का निर्देशांक बनेगा और यह चीन द्वारा दिया गया विश्व के लिए विशेष अवसर भी है। चूँकि इटली एक निर्यात-निर्भरता वाला देश है। इसलिए माल और सेवा व्यापार के क्षेत्रों में इटली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

मीनू: शंभू जी ने आगे लिखा है कि कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में कुंगफू फिल्म, कुंगफू के माहिर कलाकार जैकी चैन, कुंगफू के जन्मदाता ब्रूस ली, इत्यादि के साथ ही हांगकांग फिल्म इंडस्ट्री के बारे में चर्चा पसन्द आई। उसके बाद दीपक दूत मण्डे जी से भेंटवार्ता सुनायी गयी, जो आयुर्वेद पारंपरिक चाइनीज औषधि के सेमिनार में भाग लेने हेतु चीन पहुंचे हैं। उनसे हुई बातचीत में भारतीय पद्धति और चाइनीज पद्धति में अन्तर और समानताओं पर विश्लेषण किया गया। यह भी जानकारी मिली कि आज-कल आयुर्वेद को किस स्तर से देखा जाता है। आयुर्वेद के इतिहास पर बातचीत से पता चला कि भारत में तीन हजार से साढ़े तीन हजार वर्ष पहले ही आयुर्वेद औषधि का उपयोग शुरू हुआ था । हम लोग भी अपने दादा परदादा से जड़ी-बूटी की कहानी सुन चुके हैं और कुछ औषधीय पेड़-पौधों का उपयोग अभी भी किया जा रहा है। यह भेंटवार्ता अच्छी लगी।

 

अनिलः शंभू जी लिखते हैं कि कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुना कि हांगकांग के पश्चिम चोलोंग स्टेशन से 23 सितंबर को एक बुलेट ट्रेन शनचन के लिए प्रस्थान हुई, जिसमें पाँच सौ से अधिक यात्री सवार होकर हांगकांग से शनचन जाने लगे। मात्र 19 मिनट के बाद ही यह ट्रेन शनचन रेलवे स्टेशन पहुंच गयी। हांगकांग वासियों के लिए हाई स्पीड ट्रेन से मातृभूमि का दौरा करना बहुत गौरव की बात है। क्वांगचो-शनचन-हांगकांग हाई स्पीड रेल के खुलने से हांगकांग वासी बुलेट ट्रेन से सीधे पेइचिंग, शांगहाई, हांगचो और क्वांगचो आदि 40 से ज्यादा भीतरी इलाकों के शहर पहुंच सकते हैं।

कार्यक्रम "बाल महिला स्पेशल" में सुना कि आधुनिक समय में इंटरनेट ने बच्चों को सूचना के समृद्ध संसाधन और अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं। आज के बच्चे इंटरनेट के साथ बड़ी हो रही पीढ़ी है। दूसरी ओर इससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर कुप्रभाव भी पड़ रहा है। विशेष रूप से लड़कियाँ नेटवर्क जोखिम का अधिक शिकार हो रही हैं। कामुक जानकारी के उत्पीड़न, साइबर धोखाधड़ी और हिंसा के अलावा गाली की भी शिकार बनते हुए देखा गया है।

बच्चियों के आत्म तत्व पर ध्यान देने के साथ ही पारिवारिक और सामाजिक वातावरण पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। बच्चियों की शारीरिक और मानसिक विशेषता के आधार पर विद्यालयों और परिवारों में नेटवर्क सुरक्षा की शिक्षा दी जानी चाहिए। साथ ही पूरे समाज को नेटवर्क सुरक्षा में भागीदारी लेनी चाहिए।

 

मीनू: शंभू जी ने आगे लिखता है कि कार्यक्रम "चीन का तिब्बत" में सुना कि स्छ्वान प्रांत की सीमा पर बहती चिनशा नदी पर गंभीर भूस्खलन होने से आपदा ग्रस्त हुए डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया। भूस्खलन के बाद तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के नेताओं ने राहत कार्यों को महत्व देते हुए घटनास्थल का दौरा किया। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की आपूर्ति की, जिसमें तंबू, रज़ाई, कपास कोट, सोने हेतु थैला, जूते, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था की गई। लोगों को खतरनाक क्षेत्रों में प्रवेश होने के लिए मना किया गया।

वहीं कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फोकस" में मशहूर संगीतकार प्यारे लाल जी से लिये गये साक्षात्कार का दूसरा भाग सुनाया गया, जिसमें कई गानों की चर्चा की गयी। साक्षात्कार में सभी प्रश्नों का सटीक उत्तर दिया गया। ये भेंटवार्ता बेहद अच्छी लगी।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब समय हो गया है अगले पत्र का, जिसे भेजा है खुरजा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम टी टाइम सुनकर दिल बहुत खुश हुआ। शुरू से आखिर तक कार्यक्रम बेहद पसंद आया। कार्यक्रम में हमारा पत्र पहले नंबर पर शामिल किया गया, बहुत बहुत शुक्रिया।

विश्व का आईना कार्यक्रम से बहुत जानकारी सुनने को मिली। कार्यक्रम के बीच बीच में फिल्मी गीतों ने मनोरंजन किया। आप का पत्र मिला कार्यक्रम में श्रोताओं के पत्रों ने दिल जीत लिया। सभी श्रोताओं के पत्र सुनने को मिले। कार्यक्रम में हमारे पत्र को कार्यक्रम में स्थान भी दिया।

संडे की मस्ती कार्यक्रम सुनकर संडे का दिन यादगार दिन बन गया। कार्यक्रम में अजीबो गरीब और चटपटी बातों ने मन मोह लिया। प्रेरक कथा अच्छा वक्त बुरा वक्त इस कार्यक्रम की यादगार प्रस्तुति लगी। इस लघु कथा को सुनकर यही कह सकते हैं कि जो इंसान अच्छा वक्त और बुरा वक्त में एक समान रहता है, वह इंसान नहीं भगवान होता है। सुरेश अग्रवाल जी के भेजे चुटकले सुनकर बहुत देर तक हॅंसते रहे। कार्यक्रम के अंत में श्रोताओं की प्रतिक्रिया भी सुनी। बेहतरीन कार्यक्रम सुनवाने के लिये दिल से आभार।

 

मीनू: अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से शिव शंकर मंडल ने। लिखते हैं कि अतुल्य चीन कार्यक्रम में प्रसारित हाईनान मुक्त व्यापार परीक्षात्मक क्षेत्र के निर्मण से सम्बन्धित रिपोर्ट पसंद आयी।

नमस्कार चाइना में मैसेजिंग एप वाट्सएप और वीचैट की जानकारी के साथ ही दीपक जी से की गई बातचीत पसंद आयी।

विश्व का आईना में प्रसारित हाँगकाँग से खुलने वाली बुलेट ट्रेन जो 23 अक्टूबर को चालू हुई है की जानकारी अच्छी लगी।

आप का पत्र मिला में विभिन्न श्रोताओं की प्रतिक्रिया के साथ ही आप अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। इससे रोचकता बढ़ी है।

वहीं बाल महिला स्पेशल कार्यक्रम में बच्चों के इंटरनेट से लाभ और प्रभाव की जानकारी अच्छी लगी।

 

अनिलः अब दोस्तों समय हो गया है एक और खत का, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से रंजू मुखिया ने। लिखते हैं कि बाल महिला स्पेशल में बच्चों से जुड़ी रिपोर्ट में आज के बच्चे इंटरनेट के साथ बढ़ रहे हैं बात सुनी। वास्तविकता तो यह है कि नेटवर्क की दुनिया में बच्चे जितना फायदा लेता है कहीं उससे ज्यादा उन्हें समस्या के दलदल में उलझना पड़ता है। खास कर किशोरी लड़कियों को साइबर उलझन में ज्यादा फँसती है। इस कार्यक्रम के अगले भाग में महिलाओं से जुड़ी खबर में वॉलीबॉल टूर्नामेंट में इटली पर सर्बिया की शानदार जीत पर पूरी रिपोर्ट सुनायी गई।

चीन का तिब्बत में आपदा राहत कार्य और 2015 में नेपाल में आये 8 की तीव्रता वाले भूकम्प से तिब्बत के कुछ क्षेत्र भी प्रभावित हुआ, जिसका पुनर्निर्माण का काम पूरा होने ही वाला है।

दक्षिण एशिया फोकस में हिन्दी गीत और प्यारे लाल जी से भेंटवार्ता पसन्द आयी। अच्छे प्रसारण के लिए धन्यवाद।

 

मीनू: अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि पिछले टी-टाइम प्रोग्राम में मुंबई से गोवा के बीच क्रूज सेवा के बारे में बताया गया। जबकि भारत में करोड़पति टैक्स दाताओं के बारे में भी जानकारी हासिल हुई। वहीं खेल की खबरों में शूटिंग में अपना जलवा बिखेरने वाले सौरभ चौधरी द्वारा विदेशी कोच की मदद को ठुकरा देने का समाचार भी सुना। जबकि आजकल तमाम खिलाड़ी विदेशी कोच के लिए तत्पर रहते हैं। इसके साथ ही प्रोग्राम में पेश अन्य जानकारी और जोक्स भी शानदार थे। जबकि संडे की मस्ती कार्यक्रम में चीनी गाने से शुरुआत की गयी। साथ ही टी बोर्ड ऑफ इंडिया के अरुण कुमार के साथ चर्चा अच्छी लगी। साथ ही चाइना में सोशल में नए पोस्ट के बारे में चर्चा भी सुनी। इसके अलावा आपका पत्र मिला, आपका पत्र मिला और दक्षिण एशिया फोकस प्रोग्राम भी सुने। धन्यवाद।

 

 

 

अनिलः दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "अतुल्य चीन" में चीन और वैश्विक थिंकटैंक द्वारा ज़ारी रिपोर्ट के ये आंकड़े अहम लगे कि जहां मानव संसाधन विकास की प्रतिस्पर्धा में अनेक देश फिसड्डी साबित हो रहे हैं, वहीं चीन ने अपना दबदबा क़ायम रखा है। चीन के पैटेंट आवेदनों की संख्या भी विश्व में सर्वाधिक है।

कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यह टिप्पणी हास्यास्पद लगी कि 'ट्रेडवॉर के लिये चीन के पास पर्याप्त गोलाबारूद नहीं है'। समझ में नहीं आता कि इसे उनका बड़बोलापन कहा जाये, या कि एक हल्के दर्ज़े का मज़ाक। आज चीन की सुदृढ़ होती अर्थव्यवस्था से सभी वाकिफ़ हैं, इसलिये ऐसी बयानबाज़ी से उन्हीं की फ़ज़ीहत होगी।

साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" में मैसेजिंग एप्प कैसे करते हैं कमाई, इस विषय पर दी गयी जानकारी अच्छी लगी। इसके साथ ही चीन में वीचैट उपभोक्ताओं की संख्या नब्बे करोड़ के पार होने और कुल एक सौ तीस करोड़ सक्रिय यूज़र्स के साथ व्हाट्सएप के विश्व में अव्वल स्थान पर होने के अलावा यह भी जाना कि आने वाले दिनों में उसकी क्या-क्या योजनाएं हैं। व्हाट्सएप के भारत में वर्तमान तेइस करोड़ यूज़र्स की तादाद बढ़ कर 2020 तक तीस करोड़ होना भी खुशी की बात है। हाइक एप्प के बारे में यह जान कर अच्छा लगा कि वह इण्टरनेट के बिना भी चल सकता है।

कार्यक्रम में आगे चीन में आयुर्वेद के प्रचार में लगे दीपक जी से की गयी बातचीत सुन कर पता चला कि आयुर्वेद और चीनी पारम्परिक चिकित्सा पध्दति में कितना साम्य है। यह भी जाना कि चीन के अस्पतालों में चीनी पारम्परिक औषधियां कितनी लोकप्रिय हैं। यह भी सही है कि उत्तर भारत के मुक़ाबले दक्षिण भारत में आयुर्वेद कहीं अधिक लोकप्रिय है।

 

मीनू: सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "विश्व का आइना" में नेपाल के ललितपुर में नेपाल में जन्में चीनी स्थापत्यकार अरानिको की मूर्ति के अनावरण के साथ चीन-नेपाल संबंधों को प्रगाढ़ करने में उनकी अहम भूमिका की चर्चा अच्छी लगी। इसके अलावा अब ज़्यादा से ज़्यादा चीनी क्यों भारत की यात्रा करना पसन्द करते हैं, इस पर भी जानकारी प्रदान की गयी। यह जान कर तो और भी अच्छा लगा कि अब चीनी लड़कियां भारतीय लड़कों के साथ शादी करना ज़्यादा पसन्द करने लगी हैं।

वहीं "चीन का तिब्बत" कार्यक्रम में तिब्बत की आपदा राहत प्रणाली पर जानकारी प्रदान की गयी। यह सर्वविदित है कि तिब्बत की भौगोलिक परिस्थिति और आबोहवा जटिल होने के कारण वहाँ प्राकृतिक आपदाएं निरंतर आती रहती हैं। भूकंप, भूस्खलन, बर्फबारी और बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाएं वहां अकसर लोगों को परेशान करती हैं और इससे वहां का सामाजिक-आर्थिक विकास भी बुरी तरह प्रभावित होता है। यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि इन प्राकृतिक आपदाओं का मुक़ाबला करने तिब्बत स्वायत्त प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में -आपदा रोकथाम और राहत प्रणाली में सुधार पर एक अहम दस्तावेज़ प्रकाशित किया गया है।

 

अनिलः सुरेश जी लिखते हैं कि श्रोताओं के अपने मंच साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" में परिवर्तन के साथ आया निखार स्पष्ट तौर पर दृष्टिगोचर हो रहा है। आज के अंक की समयावधि भी अनपेक्षित तौर पर काफी लम्बी रही। तमाम श्रोता-मित्रों को समुचित स्थान दिये जाने के साथ-साथ मुझ द्वारा रोज़ाना मेहनत के साथ टिप्पणी प्रेषित किये जाने को आपने महसूस किया, एक श्रोता के लिये इससे बढ़ कर भला और क्या पारितोषिक हो सकता है। इस बारे में आपके साथ-साथ मैं जुबैल सऊदी अरब से भाई सादिक़ आज़मी का भी आभारी हूँ, जिन्होंने इतनी दूर बैठे खुले दिल से मेरी मेहनत की तारीफ़ की। आपकी बातों ने मेरी ज़िम्मेदारी और बढ़ा दी है। कोशिश करूँगा कि आपकी उम्मीदों पर खरा उतरूँ। धन्यवाद।

आगे लिखते हैं कि कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अंतर्गत प्रसिद्ध गीतकार प्यारेलालजी से ली गई भेंटवार्ता का दूसरा भाग सुनाया गया। फिर वही विनम्रता, वही ईमानदारी-सचमुच, उनका अंदाज़-ए-बयां का मैं कायल हो गया। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत के सात सुरों 'सरगम' की तरह पश्चिमी संगीत के सात सुरों के बीच के साम्य को भी बख़ूबी समझाया। उनकी यह बात भी बिलकुल सही लगी कि एक अच्छी फ़िल्म का निर्माण बेहतर तालमेल और टीमवर्क के ज़रिये ही सम्भव है।

 

मीनू: सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "संडे की मस्ती" में चीनी बाज़ार में भारतीय चाय को बढ़ावा देने के लिए चीन में आयोजित सेमीनार में भारतीय चाय बोर्ड के अरुण कुमारजी से की गई बातचीत अच्छी लगी। बताया जाता है कि चीनी युवा भारत की विभिन्न स्वादों वाली चाय को ख़ूब पसन्द करते हैं, इसलिये चीन में भारतीय चाय की ख़पत की अच्छी संभावना दिखती है। प्रेरक कहानी के तहत पेश ऑडियो कहानी 'अच्छा वक़्त और बुरा वक़्त' वास्तव में हृदयस्पर्शी लगी। धन्यवाद फिर एक रुचिकर प्रस्तुति के लिये।

सुरेश जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी धन्यवाद।

 

अनिलः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर ने। लिखते हैं कि प्रोग्राम विश्व का आईना में सुना कि चीनी लोग भारत में कई शहरों में रहते हैं, शादी और बिज़नेस के साथ-साथ भारत की रीति रिवाज उन्हें पसन्द है, साथ ही साथ खाना भी। भारत के प्रमुख शहरों में रहते हैं उनमें से हैं बंगलुरू, चेन्नई, मुम्बई, गुडगाँव और कोलकाता आदि।

टी टाइम प्रोग्राम में बॉलीवुड की ख़बर में चर्चित अमित शर्मा के निर्देशन में बनी बधाई हो में मुख्य किरदार आयुष्मान खुराना, सान्या मल्होत्रा, नीना गुप्ता, गजराज राव, सान्या मल्होत्रा, शीबा चड्ढा और सुरेखा सिकरी ने निभाया खूब पसंद आई। एशियाई खेलों के यूथ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले शूटर सौरभ चौधरी को विदेशी कोच के संरक्षण में तैयारी करने के प्रस्ताव मिले हैं। लेकिन 16 वर्षीय शूटर ने साफ बता दिया है कि उन्हें अपने कोच अमित श्योराण पर पूरा विश्वास है और उन्हें छोड़कर नेशनल कैंप के बाहर किसी अन्य कोच के साथ तैयारी नहीं करेंगे।

आप की पसंद प्रोग्राम में श्रोताओं की फरमाइश पर आधारित छह गीतों का सिलसिला जारी रहा। अच्छी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों अब आपको हम सुनाते हैं व्हट्सएप के जरिए हम तक पहुंचाने वाले उत्तर प्रदेश से ब्रदी प्रसाद वर्मा अंजान की कविता।

20181031

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और मीनू को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

मीनू: नमस्कार।


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