20181010

2018-10-10 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक भेजे गए श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। इस बार भी कई पुराने श्रोताओं के साथ नए श्रोताओं ने हमें पत्र भेजे हैं। पहला खत हमें भेजा है पश्चिम बंगाल से धीरेन बसाक ने। लिखते हैं कि अतुल्य चीन कार्यक्रम में चीन की स्थापना संबंधी राष्ट्रीय दिवस के बारे में कार्यक्रम सुना, जो कि बेहद अच्छा लगा।

वहीं नमस्कार चाइना कार्यक्रम में भारत के राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की 149वीं जयन्ती मनाई गई। इसपर कार्यक्रम सुनाया गया, अच्छा लगा।

जबकि चीन का तिब्बत कार्यक्रम में प्रथम राष्ट्रीय युवा तिब्बती अध्ययन सम्मेलन चीन की राजधानी पेइचिंग में संपन्न हुआ, इसपर कार्यक्रम मुझे अच्छा लगा।

धीरेन बसाक जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है खुरजा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं कि 3 अक्तूबर को प्रसारित विश्व का आईना कार्यक्रम से विभिन्न जानकारियां सुनने को मिली।

आप का पत्र मिला कार्यक्रम में श्रोताओं के पत्र बहुत सुंदर ढंग से पेश किए गए।

टी टाइम कार्यक्रम में हिंदी दिवस पर विकास जी से चर्चा, क्रिकेट पर एशिया कप की जानकारी, जोक्स और श्रोताओं की प्रतिक्रिया मनोरंजक, ज्ञानवर्धक और जानकारी से भरपूर लगी।

संडे की मस्ती कार्यक्रम में मनोरंजक जानकारी, गीत, प्रेरक कथा, फिल्मी ट्रेलर, जोक्स और श्रोताओं की प्रतिक्रिया सुनी और पसंद आयी। इतने अच्छे कार्यक्रम सुनवाने के लिये सी आर आई का बहुत आभार प्रकट करते हैं और दिल से शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं।

तिलक राज अरोड़ा जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब समय हो गया है अगले पत्र का, जिसे भेजा है सऊदी अरब से हमारे श्रोता सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक और सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम आपका पत्र मिला एक बार फिर उसी उमंग और उत्साह के साथ सुना, जिसमें श्रोताओं की खट्टी मीठी टिप्पणी, सुझाव और अनुरोध देखकर मन प्रसन्न हो गया, पर एक कमी अभी भी महसूस हुई यानि श्रोताओं के विचारों पर सी आर आई का पक्ष नहीं रखा गया। सिर्फ धन्यवाद व्यक्त करना कुछ फीकेपन का एहसास करता है। इस बार श्रोता भाई सुरेश अग्रवाल जी ने इसपर आपका ध्यान केंद्रित करवाया है, जिसको लेकर उनकी जागरूकता और निष्पक्षता को सलाम करता हूँ और आशा करता हूँ कि दूसरे श्रोता उनसे सीख लेंगे। अलबत्ता अनिल जी के आश्वासन से मन प्रसन्न है कि आगे भविष्य में कुछ अच्छा सुनने को मिलने वाला है।

टी टाईम के नए अंक का मज़ा चाय की चुस्की के साथ नहीं बल्कि रात्रि के भोजन के साथ लिया। शुरुआत में हस्त लिखित बायोडाटा पर दी गई जानकारी दिलचस्प लगी। एक पोस्ट किसी का कैरियर भी बना सकता है। आज सिद्ध होते देखा और हिन्दी दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते विकास जी से वार्ता शिक्षा प्रद लगी। लेकिन यह कड़वी सच्चाई भी है कि हम भारतीय के मन में अंग्रेज़ी के प्रति लोभ बढ़ता जा रहा है, जो कि हिन्दी के अस्तित्व के लिए खतरा है, जिस पर विचार गहन और मंथन की आवश्यकता है। जबकि दूसरी खबर भारत में बढ़ती डाटा खपत पर आधारित थी जो निश्चित रूप से बढ़ते स्मार्टफोन का और ऐप के रूप में उपलब्ध सामग्री का नतीजा है और आने वाले समय में इसमें और इजाफा होगा। इस बार का हिन्दी गीत कुछ खास नहीं लगा। पर यह मेरी निजी राय है, जिस पर शायद अन्य श्रोता सहमति न दें। छह बार के अकेडमी अवार्ड विजेता और ला ला लैंड के लिए ऑस्कर जीतने वाले निर्देशक डेमियन शैजेल की आगामी फिल्म पर दी गई जानकारी से उन लोगों की उमंग में इज़ाफा हुआ होगा जो फिल्मों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं। हां इस बार भारत की एशिया कप पर ऐतिहासिक जीत पर संक्षिप्त रिपोर्ट से मन गदगद हुआ और हो भी क्यों ना। आखिर हम सभी भारतीयों के लिए यह गौरव की बात है। आप के माध्यम से पूरी टीम को मुबारक बाद प्रेषित करता हूं। कुल मिलाकर अच्छी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद।

सादिक आजमी जी हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है मुजफ्फरपुर बिहार से रजनीश कुमार ने। लिखते हैं कि आज मैंने संडे की मस्ती कार्यक्रम सुना, जिसमें चीनी गीत सुना और साथ ही साथ संडे स्पेशल के तहत चीन के नेशनल दिवस के अवसर पर लोग कैसे छुट्टियां बिताते हैं, इस विषय पर अभिषेक गुप्ता जी से बातचीत की गयी, जो काफ़ी पसन्द आयी। साथ ही साथ अजीबो ग़रीबों के तहत काली गेहूँ के बारे में चर्चा सुनी। लव रात्रि फ़िल्म का प्रोमो और कुछ मज़ेदार जोक्स भी सुने। और साथ ही साथ अन्त में श्रोताओं की प्रतिक्रिया को सुनवाया गया, जो रोचक लगे। अच्छी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद।

रजनीश कुमार जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी धन्यवाद।

 

अनिलः अब दोस्तों समय हो गया है एक और पत्र का, जिसे भेजा है जमशेदपुर झारखण्ड से एस बी शर्मा ने, जो हमारे पुराने श्रोता हैं। लिखते हैं कि पिछले सप्ताह दो अक्तूबर को भारत में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जन्म दिन को बड़े ही धूम धाम से मना कर उनके कार्यों को याद किया गया। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता दुहरायी गई। एक सदी बीतने के बाद भारत ही नहीं पूरी दुनिया में उनका आदर और सम्मान बढ़ चुका है। अब केवल भारत ही नहीं, दुनिया के तमाम देशों में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को याद किया जाता है, क्योंकि महात्मा गाँधी सब की भलाई के लिए बातें किया करते थे। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी चीनी लोगों के दिलों में भी बसे हैं, जैसा कि सी आर आई के माध्यम से हमने सुना। इस समय चीन में गांधी जी को पढ़ने और गांधीवाद पर अध्ययन करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बड़ी संख्या में चीनी लोग उनके जीवन जीने के तरीकों से प्रभावित हुए हैं। गाँधी जी के जीवन के आदर्श और सिद्धांत से चीनी लोग भारत के नजदीक आ रहे हैं। सत्य और अहिंसा तो भारत के राग राग में बसा है, जिसे अपना कर मौजूदा समय में पूरा विश्व शांति और प्रेम से रह सकता है। गाँधी जी के विचारों के प्रचार प्रसार रेडियो पर करने के लिए आपको धन्यवाद।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि टी-टाइम प्रोग्राम में चीन के नानचिंग शहर में मौजूद ऐतिहासिक दीवार के बारे में बताया गया। मैंने इससे पहले चीन की महान दीवार के बारे में सुना था। लेकिन इस नई दीवार की जानकारी सुन कर बहुत आश्चर्य हुआ। वहीं कैंसर का पता लगाने के लिए बने कैप्सूल की खबर सुनकर मन प्रसन्न हो गया। क्योंकि अगर यह कैप्सूल आम लोगों की पहुंच में आ गया, तो वे भारी खर्च से बच जाएंगे। एक शानदार प्रोग्राम पेश करने के लिए शुक्रिया।

आगे लिखते हैं कि आर्थिक जगत कार्यक्रम, विश्व का आईना, आपकी पसंद, आपका पत्र मिला आदि प्रोग्राम भी अच्छे लगते हैं। आने वाले दिनों में कोलकाता में दुर्गापूजा उत्सव शुरू हो जाएगा। आपसे अनुरोध है, अगर हो सके तो इस बारे में कोई रिपोर्ट पेश करें।

प्रियंजीत जी, हमें पत्र भेजने के लिए शुक्रिया। दुर्गापूजन के बारे में हम किसी प्रोग्राम में रिपोर्ट पेश करेंगे। आप सभी को दुर्गापूजा की अग्रिम बधाई।

 

अनिलः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से हमारे मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "अतुल्य चीन" प्रोग्राम सुना। चीन का राष्ट्रीय दिवस होने के कारण आज का कार्यक्रम कुछ ख़ास ही बन पड़ा था। बताया जाता है कि पहली अक्तूबर को नये चीन की स्थापना का राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है और इस मौके पर देश में एक सप्ताह का अवकाश भी रहता है, जिसे गोल्डन वीक अथवा स्वर्णिम सप्ताह कहा जाता है। यह जान कर अच्छा लगा कि चीनी लोग इन छुट्टियों का मज़ा लेने तमाम दूसरे शहरों या फिर धूमने निकल जाते हैं। कार्यक्रम सुन कर चीनी लोगों के मनपसन्द पर्यटन स्थलों के बारे में भी जाना।

सौभाग्य से चीन की सुप्रसिध्द लम्बी दीवार पर चढ़ने का मौक़ा मुझे भी मिल चुका है। वहीं भव्य प्राचीन शाही प्रासाद (फोर्बिडन सिटी), समर पैलेस, त्यानआनमन स्क्वेयर आदि को भी मैं कभी नहीं भूल सकता हूँ।

अन्त में भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन प्रोमोशन मेले पर दी गई जानकारी के लिये भी शुक्रिया।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "विश्व का आइना" में पेश रिपोर्ट बेहद अच्छी लगी, जिसमें इस वर्ष 23 सितम्बर से चीन सरकार द्वारा किसानों के लिये शुरू किये गये फसल उत्सव की चर्चा के साथ-साथ विश्व के विभिन्न देशों में भिन्न-भिन्न तरीके से फ़सल का त्यौहार मनाये जाने सम्बन्धी रोचक जानकारी प्रदान की गयी।

साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" के तहत गत 20 से 21 सितम्बर तक रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित दूसरे यूरोप-एशिया महिला मंच के बारे में पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। मेरा ध्यान मंच में 20 सितम्बर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन द्वारा दिये गये भाषण में कही गयी बातों की ओर गया, जिसमें उन्होंने यह कहते हुये महिलाओं की प्रशंसा की कि वर्तमान के जटिल दौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अभूतपूर्व क्षमता दिखायी, और वे शांति व सुरक्षा के पक्ष में अहम भूमिका अदा कर रही हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्रसंघ, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और विभिन्न देशों के विधिनिर्माण एवं कानून क्रियान्वयन करने वाले विभागों में तैनात तमाम महिलाओं का भी ज़िक़्र किया। निश्चित तौर पर उनके विचारों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के प्रति पुख़्ता विरोध का स्वर था। पुतिन द्वारा जोर देकर लैंगिक असमानता दूर किये जाने की बात का असर निश्चित तौर पर मंच में उपस्थित तमाम लोगों पर पड़ेगा, इसमें दोराय नहीं।

 

अनिलः सुरेश अग्रवाल जी लिखते हैं कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत गत 21 सितंबर को पेइचिंग में सम्पन्न प्रथम राष्ट्रीय युवा तिब्बती अध्ययन सम्मेलन पर पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। यह जान कर भी अच्छा लगा कि चीन में तिब्बत पर अनुसंधान करने वाले इन युवा विद्वानों में अनेक तीन-चार भाषाओं का ज्ञान रखते हैं, जो कि अनुसंधान कार्य में बहुत मददगार साबित होता है।

कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अन्तर्गत दो भारतीय युवा साहिल ग्रोवर और अनिल सिंह से की गयी बातचीत अव्यवस्थित रही। मेरी राय में बातचीत रिकॉर्ड करते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखा जाना चाहिये कि इसे सीआरआई जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रसारण केन्द्र से प्रसारित किया जा रहा है। बाद में भारतीय युवा और खेल मंत्रालय के अधिकारी एन. राजाजी से ली गई भेंटवार्ता अवश्य स्पष्ट सुनाई पड़ी।

सुरेश जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी धन्यवाद।

 

ललिताः दोस्तों, अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में सुना कि पेइचिंग शहर चीन का राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र है। वहाँ सर्दियों और गर्मियों का मौसम लम्बा होता है, किन्तु वसंत और शरद का मौसम छोटा और सूखा होता है। नये चीन की स्थापना के बाद चीन में रूपांतर और खुलेपन की नीति लागू होने से पेइचिंग की स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है।

वहीं कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुना कि चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के इस वर्ष के शिखर सम्मेलन का आयोजन पेइचिंग में हुआ। पेइचिंग के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार श्योश्वेई सड़क पर वस्तुएँ खरीदना अफ्रीकी नेताओं का पसंदीदा विकल्प बन गया है। चीन में सुधार और खुलेपन की नीति लागू होने के बाद चीन के वाणिज्य विकास की प्रक्रिया दिखायी जा सकती है, साथ ही श्योश्वेई सड़क चीन और विदेशियों के बीच आवाजाही का प्लेटफार्म भी माना जाता है।

 

अनिलः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "टी टाईम" में सुना कि अर्जेंटीना के रहने वाले 21 वर्षीय कार्लोस डुआर्ट को एक कैफे में नौकरी के लिए आवेदन देने के लिए अपने बायोडाटा को प्रिंट करने के लिए पैसे नहीं थे और उन्होंने अपने हाथों से ही बायोडाटा लिख डाला। पहले तो उसे लगा कि इस काम के लिए लोग उसका मजाक उड़ाएंगे। किन्तु उनके सुन्दर सुलेख पर नौकरियों की बरसात होने लगी। हमारे देश भारत में भी कई उदाहरण ऐसे देखे गये हैं कि किसी भी पुरुष की सफलता में महिला की भूमिका अहम रही है और उनके मामले में भी उनकी महिला दोस्त ने उनका बहुत साथ दिया।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी शुक्रिया।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर और देव कुमार गोंड ने। लिखते हैं कि "अतुल्य चीन" प्रोग्राम में चीन में राष्ट्रीय दिवस की छुट्टियों, यानी "गोल्डन वीक" के बारे में चर्चा की गई। गोल्डन वीक के दौरान चीनी लोग बाहर यात्रा करना पसंद करते हैं।

"नमस्कार चायना" प्रोग्राम में भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के जन्म जयंती पर जानकारी दी गई। गांधी जी के बारे में जितना भी जानकारी दी जाए, वह बहुत कम है। आपने सही समय पर ऐसा कार्यक्रम पेश करने के लिए हमारा मनोबल बढ़ाया।

"आपका पत्र मिला" प्रोग्राम में कुल 8 श्रोता मित्रों के पत्रों को पढ़ा गया, जिसमें से हमारे पत्र भी शामिल हुए। अच्छी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद।

माधव चन्द्र सागौर और देव कुमार गोंड जी, हमें पत्र भेजने के लिए आप लोगों को भी धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों, आज के प्रोग्राम के आखिर में हम शामिल कर रहे हैं गोरखपुर उत्तर प्रदेश से ब्रदी प्रसाद वर्मा जी का पत्र। लिखते हैं कि

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अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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