20180808

2018-08-08 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के कार्यक्रम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक भेजे गए श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। इस बार भी कई पुराने श्रोताओं के साथ नए श्रोताओं ने हमें पत्र भेजे हैं। पहला पत्र हमें आया है अफजला लदहो, दरभंगा बिहार से पूनम कुमारी का। लिखती हैं कि सबसे पहले मैं आप लोगों को धन्यवाद देती हूँ कि आपने मेरे पहले पत्र को सी आर आई के कार्यक्रम में शामिल किया। मैं स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता हूँ इसलिए नियमित तो आपका कार्यक्रम सुन नहीं पाती हूँ। सप्ताह में तीन चार दिन रेडियो सुनने का समय मिल जाता है। इस सप्ताह जो भी समय मिला उसके मुताबिक आप के प्रसारण को सुनने के बाद अवलोकन कर अपने विचार लिख रही हूँ।

स्वर्णिम चीन के रंग में पिछली कड़ी के अधूरे भाग को पूरा करते हुए इस बार "धतूरा और भारतीय नृत्य" में सुगन्धित लकड़ी का वर्णन करते हुए पिंग ली स चट्टान पर भारतीय स्तूप के चित्र और चीन के दूसरे गफाओं में प्रतिमा की कमी पर चर्चा की गई। कुछ मूर्तियों की छाती पीछे की ओर झुकी हुई है जिससे भाव भंगिमाओं की मौजूदगी का पता चलता है। एक चीनी व्यक्ति द्वारा नई कला विकसित करने की शक्ति की बात अच्छी लगी।

विश्व का आईना में भारतीय युवती ऐना दिव्या की सफलता की कहानी सुनकर गर्व महसूस हुआ। अब भारतीय महिलाएं भी अपने कैरियर के प्रति जागरूक हो रही हैं।

आप का पत्र मिला में शुरू और अंत बिहार के श्रोताओं के पत्रों को शामिल किया जाना अच्छा लगा।

वहीं संडे की मस्ती में आमिर खान और उनकी फिल्में चीनियों के बीच लोकप्रिय होने से सम्बन्धित प्रश्नोत्तरी जैसी रिपोर्ट अच्छी लगी। साथ ही जूतों के अस्पताल में जूतों के डॉक्टर द्वारा अस्वस्थ जूते का इलाज करने वाली बात रोचक और चुटकुले जैसे हँसाने वाली लगी।

पूनम कुमारी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम अतुल्य चीन में सुना कि पश्चिम चीन के शिनच्यांग नेवूर स्वायत प्रदेश की पर्यटन भूमि को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पर विस्तार पूर्वक जानकारी अच्छी रही। पर्यटन उद्योग का विकास देश का विकास है। इससे अधिक वृद्धि होती है।

शिनच्यांग की राजधानी उरुमुची की नालाथी प्राकृतिक दृश्य पर्यटक को आकर्षित करता है। तिब्बत स्वायत प्रदेश के गरीबी उन्मूलन सम्बन्धी आंकड़े सराहनीय रहे। चीन सरकार तिब्बत के प्रति ध्यान दे रही है और कैसे तिब्बत के सुधार लाया जा सके उस पर चीन सरकार तत्पर है।

 

अनिलः माधव चन्द्र सागौर जी ने आगे लिखा है कि विश्व का आईना प्रोग्राम में एक दलित परिवार की कन्या एनी दिव्या कठिन सघर्ष के बाद कम उम्र में 777 विमान उड़ाने वाली महिला कप्तान बनी। संघर्ष और कठिन परिश्रम से ही सफलता उनके कदम चूमी। यह कार्यक्रम मुझे बेहद पसंद आया।

आपका पत्र मिला कार्यक्रम में सभी श्रोता मित्रों के साथ मेरे पत्र को भी शामिल करने के लिए धन्यवाद।

जबकि चीनी हांगकांग के मशहूर गायक ये चयेन थागं द्वारा केनटोनीज गीत चयू यान चागं शीषक गीत सुना कणपद रहा। आमिर खान की सीक्रेट सुपरस्टार, दंगल और लगान फिल्मों पर चर्चा की गई, अच्छी लगी। अजीबोगरीब और चटपटी बातों में आनंद महेन्द्र द्वारा हरियाणा के जीन्द शहर में जख्मी जूते के शानदार अस्पताल पर जानकारी रोचक लगी। कैम्ब्रिज के वैज्ञानिकों द्वारा सौरमडंल के बाहर पृथ्वी जैसे ग्रह की खोज नई जानकारी लगी। वियतनाम में 1400 मीटर की ऊंचाई पर बने 150 मीटर लम्बे गोल्डन ब्रिज की चर्चा अच्छी लगी। धन्यवादअच्छी प्रस्तुति के लिए।

माधव चन्द्र सागौर जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है मुजफ्फरपुर बिहार से रजनीश कुमार ने। लिखते हैं कि आज मैंने संडे की मस्ती कार्यक्रम सुना, जिसमें चीनी गीत संगीत के अलावा एक विशेष रिपोर्ट में सीक्रेट सुपरस्टार में आमिर खान के बारे में चीनियों के कैसा विचार हैं, इस बिषय पर जानकारी सुनी, बहुत पसंद आयी।

शनिवार को कार्यक्रम आपकी पसंद में हिन्दी गीतों के साथ ही साथ रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी हमें पसंद आयी। इसके लिए आप सभी को धन्यवाद।

रजनीश कुमार जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है बलिया, अफजला, दरभंगा बिहार से मो० मेराज आलम ने। लिखते हैं कि जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में आप लोगों ने बहुत अच्छे कार्यक्रम पेश किए, इसके लिए सीआरआई की पूरी टीम धन्यवाद देना चाहते हैं।

30 जुलाई को "अतुल्य चीन" प्रोग्राम में सुना कि चीन के शिनच्यांग वेवुर स्वायत्त प्रदेश पर्यटन विकास के लिए अपने यातायात में सुधार कर रहा है।

कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" की शुरुआत मधुर चीनी गीत से किया जाना और विशेष सेगमेण्ट में चीन की राजधानी की प्राचीन गलियों की पूर्ण जानकारी अच्छी लगी। चीनी लोक कथा पर आधारित चीनी कहानी में एक गुलाम की कहानी भी मनोरंजक और ऐतिहासिक लगी।

वहीं "विश्व का आईना" प्रोग्राम में भारतीय एयरलाइन्स में प्रवेश का सुअवसर प्राप्त करने वाली एक दलित परिवार की बेटी की परिचयात्मक लेख प्रस्तुत करने के लिए शुक्रिया।

श्रोताओं के मंच कार्यक्रम "आप का पत्र मिला" से विभिन्न श्रोताओं का विचार सुनने को मिलता है। दिन प्रतिदिन नये श्रोता बढ़ रहे हैं यह खुशी की बात है। यदि श्रोता सम्मेलन का आयोजन होता तो उद्घोषक और श्रोताओं से मुखातिव होकर बात करने का मौका मिलता।

"टी टाईम" कार्यक्रम में ग्लोबल फेलो प्रसून शर्मा और सीआरआई उद्घोषक के साथ हुई बातचीत पसंद आयी। किचन की साफ सफाई की जानकारी में सिंक के दुर्गन्ध से छुटकारा पाने का उपाय ज्ञानवर्द्धक लगा।

मो० मेराज आलम जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से लक्ष्मी चन्द्र चौपाल ने। लिखते हैं कि दो अगस्त को मैंने पहली बार सी आर आई का प्रसारण सुना। समाचार वाचन में अंतर्राष्ट्रीय समाचार के साथ ही चीन और दक्षिण एशिया के नवीन समाचार भी सुनने को मिले। समाचार के तुरंत बाद एक चीनी गायिका की जीवनी सुनने को मिली, जो जर्मनी में अध्ययन करके रूसी थियेटर कंपनी के लिए चुन ली गई। फिर एक दूसरे कार्यक्रम में प्रसून शर्मा से भेंटवार्ता और गाओपेन 11 उपग्रह की जानकारी दी गई।

दूसरे दिन चीन के डॉक्टरों ने तिब्बत के गरीब इलाकों में जाकर बीमार लोगों को इलाज किए, यह उनकी उदारता है। काश ऐसे डॉक्टर भारत में भी होते। एक अन्य कार्यक्रम में चार्टर एकॉण्टेण्ट से बातचीत भी अच्छी लगी। कुल मिलाकर प्रसारण अच्छा लगा।

लक्ष्मी चन्द्र चौपाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। आशा है आप आगे भी लगातार हमारा प्रसारण सुनते रहेंगे, शुक्रिया।

 

अनिलः दोस्तों, अब वक्त हो गया है अगले खत का, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि इस सप्ताह भी श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं से सुसज्जित अपने पसंदीदा कार्यक्रम "आपका पत्र मिला" को बड़े ध्यान से सुना, जिसमें कुछ पुराने श्रोताओं की वापसी देख मन प्रसन्न हुआ। इसके साथ ही नए श्रोताओं के आगमन का क्रम भी जारी है, जानकर सुखद एहसास हुआ।

वर्ष का आधा हिस्सा बीत जाने के बाद भी आपकी ओर से कोई प्रतियोगिता का आयोजन नहीं किया गया है, इससे मन थोड़ा निराश है।

विगत दिनों से सीआरआई उद्घोषिका मीरा जी से फेसबुक लाइव होने के कारण हमको उनके साथ सीआरआई और चीन को बेहतर ढंग से देखने और समझने का अवसर मिल रहा है, जिसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। आज उन्होंने सीआरआई की भव्य इमारत के अंदर दर्शन कराते हुए कुछ विशेष मेहमानों से मिलने का अवसर दिया। हमारी चहेती चाह्वा जी के साथ हमारे चहेते चिंगफुंग जी से मिलकर हृदय प्रसन्न हो गया। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए मीरा जी का आभार व्यक्त करता हूं। धन्यवाद।

सादिक आज़मी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बेहद शुक्रिया।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बाड़मेर से गिरधारी लाल कागा ने। उन्होंने भी प्रतियोगिता के बारे में पूछा है। लिखते हैं कि मैं आपका नियमित श्रोता हूँ। मगर खेद है की समय पर पत्र व्यवहार नहीं कर पाता हूँ। मैं रेडियो पर आपके तमाम कार्यक्रम सुनता हूँ। लम्बे समय से श्रोताओं के लिए कोई पहेली अथवा क्विज़ आयोजित नहीं हो रही है। कृपया आप प्रतियोगिता का आयोजन करें।

दोस्तों, जहां तक कि प्रतियोगिता की बात हो, हम सभी दोस्तों को बताना चाहते हैं कि हमारी नई प्रतियोगिता शीघ्र ही शुरू होगी। आप हमारे कार्यक्रम या फेसबुक पर जरूर ध्यान दें। शुक्रिया।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब समय हो गया है अगले पत्र का, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि पिछले साप्ताहिक "अतुल्य चीन" के तहत पश्चिमी चीन स्थित शिनच्यांग वेवुर स्वायत्त प्रदेश की विशाल भूमि पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे ज़ोरदार प्रयासों पर पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। बताया जाता है कि प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधन मौज़ूद होने के बावज़ूद ख़राब यातायात की स्थिति के चलते शिनच्यांग में पर्यटन उद्योग का विकास बाधित हो रहा था, लेकिन इधर के कुछ सालों में 'एक पट्टी एक मार्ग' निर्माण के साथ-साथ इस प्रदेश के सड़क, रेलवे और नागरिक उड्डयन समेत परिहवन नेटवर्क के विकास के तमाम मौके हासिल हुये हैं।

कार्यक्रम में आगे पूर्वी चीन के सबसे विकसित चच्यांग प्रदेश के बारे में दी गयी जानकारी भी अच्छी लगी। इसके अलावा तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के उपाध्यक्ष द्वारा दिये गये तिब्बत में ग़रीबी उन्मूलन सम्बन्धी आंकड़े भी संतोषजनक लगे।

ख़ास प्रस्तुति "स्वर्णिम चीन के रंग" के तहत गतांक की कड़ी 'दुनिया में प्रथम पुल' की पेशकश के बाद पेश आज की कड़ी 'धतूरा और भारतीय नृत्य' भी सूचनाप्रद लगी। गाइड छि चंग कांग द्वारा बहुत ही मुफ़ीद जानकारी प्रदान की गयी।

वहीं साप्ताहिक "आर्थिक जगत" में पेश 'चच्यांग के विदेशी व्यापार बड़े प्रान्त से खुलेपन बड़े प्रान्त तक बदलने का रहस्य' शीर्षक रिपोर्ट सुनी। वास्तव में, शीर्षक का अर्थ ठीक से समझ में नहीं आया, फिर भी पूरी रिपोर्ट सुनने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गयी। यह जानकारी अचम्भित करने वाली है कि पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत का क्षेत्रफल पूरे चीन का महज 1.1 प्रतिशत है, उसके बावज़ूद पिछले साल उसका आयात-निर्यात चीन में चौथे स्थान पर रहा। चीन में सुधार और खुलेपन की नीति के चलते चच्यांग लगातार चीन के विदेशी व्यापार का बड़ा प्रांत बना रहा। सवाल उठता है कि यह विदेशी व्यापार के बड़े प्रांत से खुलेपन के बड़े प्रांत तक कैसे तब्दील हो गया? इसका उत्तर चच्यांग प्रांत के विभिन्न जगतों द्वारा इसका श्रेय आठ-आठ नामक रणनीति को दिये जाने से मिल जाता है, जो कि 15 साल पहले चच्यांग प्रांत की चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की कमेटी के सचिव शी चिनफिंग द्वारा पेश की गयी थी।

 

ललिताः सुरेश जी ने लिखा है कि साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" के विशेष सेगमेण्ट में अखिल पाराशर द्वारा करायी गयी रिक्शा से पेइचिंग शहर की प्राचीन गलियों की सैर दिलचस्प तो लगी, परन्तु मन में यह मलाल भी रहा कि तीन साल पहले जब मैं चीन गया, तो मुझे इन ऐतिहासिक गलियों की सैर क्यों नहीं करायी गयी। मुझे तब यह बात और भी अधिक अखरी, जब यह कहा गया कि पेइचिंग आकर यदि इन गलियों को नहीं देखा, तो समझिये कि कुछ नहीं देखा। ख़ैर, फिर कभी मौक़ा मिला, तो पेइचिंग की इन सदियों पुरानी संकरी गलियों और वहां रहने वाले लोगों के साथ चाय-पान अवश्य करना चाहूंगा। वैसे आप द्वारा पेइचिंग की इन ख़ास गलियों के बारे में तमाम जानकारी हासिल करने दिया गया वेबसाइट का पता महत्वपूर्ण लगा।

कार्यक्रम में आगे जीवन को बेहतर बनाने चीन के ग्रामीण क्षेत्रों से निकल कर शहरों का रुख करने वाले लोगों की ज़िन्दगी को बयां करती रिपोर्ट भी अच्छी लगी। आज के चीनी मुहावरे क्रम में -तुंगको हालान, जिसके तहत शैतान भेड़िये की कहानी सुनाई गयी, शिक्षाप्रद लगी। वास्तव में, हमें कभी भी बेमतलब ख़तरा मोल नहीं लेना चाहिये।

 

अनिलः सुरेश जी आगे लिखते हैं कि साप्ताहिक "विश्व का आइना" की शुरुआत में गत 1 जुलाई से चीन में कार और आयातित विभिन्न उपभोक्ता सामग्री पर घटायी गयी टैरिफ़ दरों पर जानकारी प्रदान की गई। पता चला कि टैरिफ़ में की गयी यह कटौती औसतन 46 प्रतिशत है और निश्चित तौर पर इस कदम से आम लोगों को राहत मिलेगी, वहीं उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। अच्छी बात यह लगी कि टैरिफ़ केवल विलासिता वाली वस्तुओं पर ही नहीं, वस्त्र, जूते, टोपी, घरेलू सामान और सांस्कृतिक और खेल सामग्री पर भी घटाया गया है। इससे विभिन्न देशों के साथ आयात-निर्यात संतुलन कायम करने में मदद मिलेगी। सही मायने में चीन सरकार द्वारा उठाया गया यह एक अत्यन्त दूरदर्शितापूर्ण कदम है, जो कि क़ाबिल-ए-ताऱीफ कहा जायेगा।

कार्यक्रम में आगे दुनिया की सब से कम उम्र में बोइंग 777 विमान उड़ाने वाली महिला कप्तान बनी भारत की एनी दिव्या पर पेश रिपोर्ट सुन कर सर गर्व से ऊँचा हो गया। किसी ने भी नहीं सोचा था कि आंध्र प्रदेश के एक ग़रीब दलित परिवार में जन्मी यह लड़की एक दिन सफलता की इतनी ऊँची उड़ान भरेगी।

फ़िल्म 'दंगल' की मिसाल न भी दें, तो भारत में सदियों से चले आ रहे रूढ़ियों के बंधन तोड़ कर अपना सपना साकार करना एक आम महिला या युवती के लिये आसान नहीं होता। जन्म के बाद ही से लड़कियों का भाग्य शादी और बच्चे पैदा करने तक सीमित कर रख दिया जाता है। लेकिन अब रूढ़ियाँ तेज़ी से टूट रही हैं और एनी दिव्या उसकी एक बड़ी मिसाल हैं।

यह विस्तृत रिपोर्ट सुन कर निष्कर्ष यही निकला कि एनी को यह असाधारण सफलता अपनी सच्ची लगन और मेहनत के बल पर मिली, जो कि किसी भी महिला के लिये एक आदर्श मिसाल है। सीआरआई का साधुवाद कि उसने एक भारतीय महिला की सफलता पर उसे इतना महिमा-मण्डित कर पेश किया, इसके लिये तहेदिल से आभार।

वहीं श्रोताओं के अपने मंच साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" की महफ़िल आज भी ख़ूब सजी, नये-पुराने श्रोताओं की लगातार सक्रियता देख कर मन बल्लियों उछलने लगा। पत्रोत्तर को किसी की बुरी नज़र न लगे, क्यों कि इसके लिये सीआरआई को चाहने वाले तमाम श्रोताओं ने बहुत पापड़ बेले हैं।

 

ललिताः सुरेश जी लिखते हैं कि साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" के तहत चीन और रूस के बीच परस्पर गहन होते मानवीय और सांस्कृतिक सम्बन्धों के चलते अब एक-दूसरे देश के युवाओं के लिये पढ़ाई और रोज़गार के अच्छे अवसर उपलब्ध होने पर पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। इसी तारतम्य में रूस के प्रसिद्ध मारिनस्की थिएटर में प्रस्तुति देने वाली एक चीनी युवा सोप्रानो का ज़िक्र किया गया। बताया जाता है कि इस विश्व प्रसिध्द 200 साल पुराने रूसी थिएटर में काम करने वाले मुख्यतः बहुत ही मझे हुये रूसी अभिनेता या अभिनेत्री होते हैं, परन्तु वर्ष 2017 में शू मिंगहोंग नामक एक चीनी युवा सोप्रानो का चेहरा पहली बार मारिनस्की थिएटर के मंच पर दिखलायी पड़ा।

सुरेश जी, समय की वजह से हम आपके पूरे पत्र नहीं पढ़ सकते हैं। हमें लगातार पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं चंगवारा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू का पत्र। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "टी टाईम" में सुना कि व्हाट्सएप्प पर फैलती फर्जी खबरों के लिए कंपनी ने एक नया एप बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। जिससे व्हाट्सएप्प कंपनी मेसेजिंग एप्प व्हाट्सएप्प पर आई खबरों की सच्चाई का पता लगा सके। यह खबर सुनकर हम लोगों को प्रसन्नता हुई कि इस नये एप्प को लांच होने से फर्जी खबर पर लगाम लग सकेगी।

वहीं न्यूयार्क यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में ग्लोबल फैलो प्रसून शर्मा से की गयी बातचीत में चीन अमेरिका व्यापारिक विवाद पर विस्तृत चर्चा सुनी, जिसमें शर्मा जी ने बताया कि अमेरिका से चीन या यूरोपीय देश कहीं आगे न निकल जाय, इसलिये व्यापारिक प्रतिबन्ध लगाये जा रहे हैं, किन्तु इससे अमेरिका को ही घाटा होगा। चीन भारत और यूरेशियाई देशों से व्यापारिक सम्बन्ध सुधारकर आगे निकल सकता है। चीन और भारत ट्रेड एफिसेड, एग्रीकल्चर ग्रूप्स और फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्रों में व्यापार बढ़ा सकते हैं। 2000 किलोमीटर लम्बे हाईवे और चीनी राष्ट्रपति के 2019 में गुजरात की यात्रा पर भी चर्चा की गई। यह भेंटवार्ता अच्छी लगी।

वहीं कार्यक्रम "चीन का तिब्बत" के अंतर्गत सुनाया गया कि चीन की राजधानी पेइचिंग के सैकड़ों अस्पतालों के डॉक्टरों ने छींगहाई प्रांत के तिब्बती बहुल गैननान क्षेत्र में चिकित्सीय स्वयं सेवा प्रदान की। इसमें कुल एक हजार से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। ये डॉक्टर स्वस्थ गांवों का निर्माण करने के काम में जुटे हैं।

 

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फोकस" में एस.के.कालरा जी से ली गयी भेंटवार्ता का मुख्य अंश सुना, जिसमें चीन भारत व्यापारिक सम्बन्ध और अमेरिका चीन व्यापार युद्ध पर चर्चा की गई। कालरा जी की यह बात बिल्कुल सच प्रतीत हो रहा है कि दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति चीन बनता जा रहा है। उनका यह कथन भी सच है कि चीन और भारत दो ऐसे पड़ोसी देश हैं जिसके पुराने सम्बन्ध भी बहुत अच्छे रहे हैं। इधर के कुछ वर्षों में भी चीन भारत व्यापारिक सम्बन्ध में काफी सुधार हुआ है और दोनों देशों के बीच बहुत विश्वास भी बढ़ा है। यह बातचीत बेहद पसन्द आई।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः वहीं भागलपुर से प्रियदर्शिनी रेडियो लिस्नर्स क्लब के डॉ हेमन्त कुमार ने लिखा है कि चीन भारत का पड़ोसी होने के साथ पांच हजार वर्ष पुरानी सभ्यता वाली संस्कृति, सभ्यता, लोग और उनके रहन-सहन, भाषा, साहित्य, असंतोष और दमन-घुटन के स्वर भी हैं। चीन को जाने-समझे बिना उसके साथ व्यवहार भी हम ठीक से तय नहीं कर पाते हैं। इसलिए जरूरी है कि अमेरिका, इंग्लैंड के दिवास्वप्न को छोड़कर भारतीय युवा को अधिक-से-अधिक चीन जाना चाहिए, वहां के हालात को समझना और जन-स्तर पर संबंध बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए।

डॉ हेमन्त कुमार जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बेहद शुक्रिया।

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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