​20180725

2018-07-25 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक भेजे गए श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। इस बार कई पुराने श्रोताओं के साथ नए श्रोताओं ने भी हमें पत्र भेजे हैं। पहला पत्र हमें भेजा है किशनगंज बिहार से कार्मेला हेम्ब्रम ने। लिखती हैं कि कार्यक्रम विश्व का आईना में सुना कि एस.सी.ओ. शिखर सम्मेलन ने विश्व की नजर खींची है। चीन के छिंगताओ शहर में विश्व की विभिन्न जगहों की आईटी कंपनी का होना एक उदाहरण बन गया है। भारत का बंगलौर शहर प्रदूषण और पेयजल समस्या की चपेट में आ चुका है।

दूसरे कार्यक्रम आप का पत्र मिला में श्रोताओं की संख्या बढ़ने से पता चलता है कि सी आर आई की लोकप्रियता बढ़ रही है।

वहीं साप्ताहिक बाल महिला स्पेशल में पेइचिंग ओपेरा के अभिनेता 12 वर्षीय पेई डाशी की कहानी बहुत अच्छी लगी।

कार्यक्रम टी टाइम में अफ्रीका के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नेल्सन मंडेला की जीवनी सुनाकर इतिहास के सागर में डुबकी लगाने का आपने अवसर दिया। अजीबोग़रीब किस्से और चटपटे चुटकुले तो मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

इसके साथ ही चीन का तिब्बत कार्यक्रम में ल्हासा में रहने वाली एक तिब्बती महिला की आवाज और उनके रहन सहन की चर्चा अच्छी लगी।

दूसरे कार्यक्रम दक्षिण एशिया फोकस में रोहानी जी से की गई भेंटवार्ता अच्छी लगी।

वहीं शनिवार को कार्यक्रम आप की पसन्द में बॅालीवुड गानों के साथ साथ 13 अंकों के अशुभ होने की जानकारी रोचक और अंधविश्वास वाली लगी।

कार्मेला हेम्ब्रम जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है कटैया लदहो, दरभंगा बिहार से चन्द्रावती देवी ने। लिखती हैं कि बहुत खुशी के साथ पत्र लिख रही हूँ कि मेरे पहले पत्र को आप लोगों ने अपने कार्यक्रम में शामिल किया। जिसे मैंने अपने सहेलियों को भी सुनाया। उन लोगों को भी रेडियो पर मेरा नाम सुनकर खुशी हुई।

नमस्कार चाइना कार्यक्रम में चीन की खुली अर्थ व्यवस्था से विश्व की अर्थ व्यवस्था के लिए भी लाभ दायक सिद्ध हो रहा है। यह रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी।

एक गुलाम की कहानी में उलान पटोर ने अपने पिता का बदला लेने का प्रयास तो किया किन्तु सफलता नहीं मिली। अगले सप्ताह इस कहानी को आगे भी सुनने का जिज्ञासा बढ़ गई है।

चन्द्रावती देवी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है जिला- 24 परगना (उतरी) पश्चिम बंगाल से माधव चन्द्र सागौर ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक बाल महिला स्पेशल कार्यक्रम में सुना कि सुबह छह बजे 12 वर्षीय पेई डाशी घर से निकलकर अकेले मेट्रो द्वारा आधे पेइचिंग शहर से होते हुए पेइचिंग ओपेरा प्रशिक्षण क्लास में जाकर ट्रैनिंग लेते हैं। चार घंटे के प्रशिक्षण के बाद वे अकेले फिर से घर वापस लौट आते हैं। ओपेरा के शब्दों को केवल दो बार सुनने के बाद उन्हें सब कुछ याद हो जाता है।

वहीं कार्यक्रम टी टाइम में नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को होने के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने दुनिया भर में अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए विश्व भर में स्वतंत्रता की भावना का पाठ पढ़ाया था। उन्होंने महात्मा गाँधी के सत्य और अहिंसा की नीति पर चलने की पूरी कोशिश की। भारतीय पर्यटक निमिशा बंसल और अजय रवि से लिया गया इंटरव्यू भी अच्छा लगा।

व्यस्त रहने के कारण शुक्रवार को रेडियो नहीं सुन पाया, किन्तु आज शनिवार को सवेरे साढ़े छ: बजे ही रेडियो सुनने बैठ गया। क्योंकि आप की पसंद प्रोग्राम के लिए इस महीने की शुरुआत यानी पहले सप्ताह में ही मैंने तीन फरमाइशी गीत लिखे थे। आज कुल छः फरमाइशी गीत सुनाए गए, लेकिन मेरी फरमाइश का एक भी गाना नहीं बजाया गया, जिससे मुझे निराश होना पड़ा। फिर भी मुझे उम्मीद है कि अगले सप्ताह जरूर मेरी पसंद का गाना बजाया जाएगा।

 

ललिताः माधव चन्द्र सागौर जी ने आगे लिखा है कि कार्यक्रम अतुल्य चीन में बताया गया कि मालदीव एक आदर्श पर्यटन स्थल है जहाँ समुद्री पानी साफ है और उसके किनारे चमकीले बालुओं से सुन्तरता बढ़ा हुआ है। वहाँ अनेक द्वीप घूमने योग्य है। यह रिपोर्ट अच्छी लगी।

दूसरे कार्यक्रम में चीन के इतिहास और संस्कृति की जानकारी देते हुए प्राचीन चीन के नक्कासीदार लाख की शिल्पकला और लाख से मूर्तियाँ बनाने वाले कारीगर की कहानी रोचक लगी।

कार्यक्रम नमस्कार चाइना की शुरुआत मधुर चीनी गीत से किया गया और विशेष सेगमेण्ट में भारतीय व्यापारी से की गई बातचीत का दूसरा भाग बहुत अच्छा लगा।

चीनी लोक कथा पर आधारित चीनी कहानी में एक गुलाम की कहानी भी मनोरंजक लगी। लेकिन अधूरे प्रसारण हुआ, पूरी कहानी समझने के लिए अगले सप्ताह फिर सुनना पड़ेगा।

जबकि विश्व का आईना प्रोग्राम में छिंगताओ शहर में इन्फोसिस कम्पनी और भारतीय शहर बंगलौर का विश्लेषण किया गया।

आप का पत्र मिला में सबसे पहले मेरे पत्र को पढ़ा गया और फिर बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के कुल 12 पत्रों को पढ़ा गया। धन्यवाद इस सुन्दर प्रसारण के लिए।

माधव चन्द्र सागौर जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों, अब कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल से शिवेन्दु पॉल का पत्र। लिखते हैं कि आपका पत्र मिला कार्यक्रम बहुत अच्छा लगता है। मेरे पत्र को शामिल करने के लिए आपका शुक्रिया।

टी टाइम कार्यक्रम में बहुत सारी अच्छी और रोमांचक जानकारी मिली। हर साल 11 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। जबकि विश्‍व की कुल जनसंख्‍या 760 करोड़ है। चीन 141 करोड़ के साथ विश्‍व में सबसे अधिक आबादी वाला देश है, जबकि भारत 135 करोड़ आबादी के साथ दूसरे नम्बर पर है। अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस पर संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ बढ़ती जनसंख्‍या के मुद्दों पर जागरुकता फैलाता है। ये मुद्दे अधिक जनसंख्‍या, कम जनसंख्‍या या तेजी से बढ़ती जनसंख्‍या जैसे होते हैं।

इस हफ्ते आप की पसंद, सन्डे की मस्ती, नमस्कार चाइना, विश्व का आईना, चीन का तिब्बोत और अन्य कार्यक्रम भी अच्छे लगे।

शिवेन्दु पॉल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बेहद शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से रंजू मुखिया ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम अतुल्य चीन में मालदीव के द्वीपों का वर्णन और अगले कार्यक्रम में माइचीशान गुफा की मरम्मत का कार्य चलने की बात नवीन जानकारी जैसी लगी।

नमस्कार चाइना कार्यक्रम में चीन में व्यापार करने वाले शेखर जी से बातचीत और चीनी मुहावरा बकरी की तलाश की रोचक कहानी सुनकर खुशी मिली।

इसके साथ आप का पत्र मिला कार्यक्रम में मेरे पत्र को शामिल करने के लिए धन्यवाद।

रंजू मुखिया जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों, अब वक्त हो गया है अगले खत का, जिसे भेजा है गोरखपुर उत्तर प्रदेश से हमारे श्रोता ब्रदी प्रसाद वर्मा यानी अंजान ने। लिखते हैं

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ब्रदी प्रसाद वर्मा जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है खुरजा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा, प्रकाश अरोड़ा, चंदन अरोड़ा और अंकुश अरोड़ा ने। लिखते हैं कि प्रोग्राम आप का पत्र मिला सुन कर दिल खुशी से झूम उठा। प्रोग्राम में हमारा पत्र भी शामिल किया गया। हमारी तरफ से आप लोगों को बहुत बहुत शुभकामनाएं और दिल से शुक्रिया।

जिंदगी रंगीन हो जाती है सी आर आई का जब साथ मिलता है।

गम दूर हो जाते हैं खुशियों की बरसात हो जाती है।

तिलक राज अरोड़ा, प्रकाश, चंदन और अंकुश अरोड़ा जी, हमें पत्र भेजने के लिए आप लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए अब समय हो गया है अगले पत्र का, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि 16 जुलाई को पेश आर्थिक जगत में चीन के बारे में अह जानकारी दी गयी। जबकि 21 जुलाई को आपकी पसंद कार्यक्रम में पेश गाने और जानकारी भी अच्छी लगी।

जबकि टी-टाइम प्रोग्राम में नेल्सन मंडेला जी के बारे में बताया गया। वे वास्तव में हम सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। वहीं मुंबई से विशाखापट्टनम के बीच चलने वाली ट्रेन में एक महिला द्वारा जुड़वां बच्चों को जन्म देने का समाचार सुना। जबकि इंडोनेशिया में लोगों ने एक व्यक्ति की मौत का बदला कई मगरमच्छों को मारकर दिया।

उधर दक्षिण एशिया फोकस प्रोग्राम में शांगहाई में रहने वाले नवीन जी के साथ चर्चा सुनी। उन्होंने चीन में हिंदी के विकास आदि के बारे में विस्तार से बताया।

प्रियंजीत कुमार जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम "टी टाइम" के नए‌ अंक में नेल्सन मंडेला के जीवन में किए महान कार्यों को समर्पित रिपोर्ट सुनने को मिली, जो अच्छी लगी। नस्लवाद, और भेदभाव की समाप्ति में उनके योगदान की चर्चा की जाए, तो शब्द कम पड़ेंगे। बस यही कहना चाहूंगा कि भगवान उनके जैसी महान शख्सियतों को संसार में और भेजे।

भारतीय छात्रों के चीन दौरे पर उनके अनुभवों और विचारों को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया जो ज्ञानवर्धक और जानकारियां समेटे हुए था। मैं उनके विचारों से सौ प्रतिशत सहमत हूं कि अभी हमारे भारत की बुनियादी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है। छात्रों के खुले मन से अनुभवों को साझा करने पर उन्हें बधाई प्रेषित करता हूं।

सादिक आज़मी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों अब समय हो गया है नए पत्र का, जिसे भेजा है मुक्तसर पंजाब से गुरमीत सिंह ने। लिखते हैं कि टी टाईम प्रोग्राम में अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के बारे में दी गई जानकारी बेहद अच्छी लगी। 18 जुलाई को उनके जन्म दिन पर हम उन्हें प्रणाम करते हैं। वहीं चीन में भारतीय युवाओं के साथ साइकिल के बारे में की गई चर्चा भी पसंद आई। एक भारतीय युवा ने बताया कि जब तक भारत में सड़कें ठीक नहीं हो जाती, तब तक यह तकनीक वहां नहीं लायी जा सकती, क्योंकि सड़कों की हालत बेहद ख़राब है।

वहीं प्रोग्राम संडे की मस्ती में सुनाई गई अजीबोगरीब बातें, प्रेरक कहानी, जोक्स और नई जानकारियां भी अच्छी लगी। बताया गया कि चीन में एक ऐसा रेस्टोरेंट है यहां पर आने वाली 50 सुंदरियां जो सबसे ज्यादा सुंदर होती हैं, उन्हें ख़ाना मुफ्त में मिलता है। यह सुनकर बेहद हैरानी हुई।

मगर इस से भी ज्यादा हैरानी तब हुई जब कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा परिवार जिसमें एक आदमी की 39 पत्नियां 94 बच्चे और 35 पोते पोतियां होने के बारे में पता चला। यह सुनकर अच्छा भी लगा कि इतना बड़ा परिवार होने के बावजूद इस परिवार के सभी लोग आपस में बड़े प्रेम से रहते हैं। एक अच्छी प्रस्तुति के लिए आपका फिर से धन्यवाद।

गुरमीत जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में सुना कि मालदीव कई लोगों के दिलों में आदर्श पर्यटन स्थल है। वहाँ के एक एक द्वीप हिन्द महासागर में बिखरे हुए रत्न है। समुद्री पानी साफ और समुद्री किनार में सफेद रेत हर तरफ बिखरी दिखाई देती है। नारियल का उत्पादन वहाँ का आर्थिक स्तंभ है।

दूसरी रिपोर्ट सुनकर पता चला कि अगले माह 8 अगस्त को फूशिंग बुलेट ट्रेन प्रतिघंटे 350 किलोमीटर की गति से पेइचिंग और थ्येनचिन के बीच दौड़ेगी। हाई स्पीड ट्रेन विभिन्न शहरों के स्मार्ट यातायात और स्मार्ट पर्यटन का एक भाग बन जाएगा और यह पिछड़े हुए शहरों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा दे सकेगी। उपरोक्त दोनों रिपोर्ट अच्छी लगी।

 

अनिलः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में 'खुली चीनी अर्थ व्यवस्था विश्व अर्थ व्यवस्था के लिए लाभदायक' नामक रिपोर्ट सुनाई गई, जिसमें चीन की भूमि और क्षेत्रफल, चीनी राजनीति, चीन के धर्म और धार्मिक स्कूल के बारे में चर्चा की गई। चीनी मुहावरे के खण्ड में 'छाई लू सुन यान' यानि 'गुमराह बकरी की तलाश' रोचक और हास्यास्पद लगा।

वहीं कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुना कि छिंगताओ शहर के लाओशान जिले को छिंगताओ का चिप वैली माना जाता है, जहां विश्व के विभिन्न देशों में आईटी कंपनियां मौजूद हैं। इंफोसिस उन में से एक है। कार्यक्रम से हमें पता चला कि इंफोसिस कंपनी के एक श्रेष्ठ व्यक्ति अवनी शिवारी ने एक साक्षात्कार में चीन में इंफोसिस के विकास के बारे में बताया। गत 9 सालों से उन्होंने चीन-भारत संस्कृति के टक्कर और चीन के तेज़ विकास को महसूस किया है। चीन और भारत के नेताओं की वू हान में अनौपचारिक भेंटवार्ता में खास तौर पर आईटी क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की गई। चीन में भारतीय इंफोसिस का व्यवसाय 2003 में शुरू हुआ था और शांगहाई के मिंगहांग जिले में 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर की पूंजी लगाकर भारत के बाहर सब से बड़े केंद्र की स्थापना की गई।

कार्यक्रम "आप का पत्र मिला" में तमाम श्रोताओं के पत्र पढ़े गए। सादिक भाई को मेरे पत्र पसंद आते हैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद। सादिक भाई के पत्र सुनकर मेरा हौसला बढ़ चुका है। वैसे सादिक भाई हमसे पुराने हैं और मेरे आदर्श श्रोता भाई एस बी शर्मा, हेमन्त कुमार, सुरेश अग्रवाल, सादिक आजमी, माधव चन्द्र सागौर, सिद्धार्थ भट्टाचार्य, आनन्द मोहन बैन और बद्री प्रसाद वर्मा अंजान हैं, जिनसे मुझे बहुत सीख मिली है। आजकल शिवेन्दु पॉल, दिनेश चौहान और महेश जैन से भी बातचीत होने लगी है। इतने लोगों से मित्रता मुझे सी.आर.आई. के माध्यम से ही हो पाई है। इसका श्रेय सी.आर.आई. को ही जाता है।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए दोस्तों, अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" में पेश पेइचिंग ओपेरा का सपना संजोने वाले बारह वर्षीय बालक पेई डाशी की कहानी प्रेरक लगी। हर शनिवार प्रातः छह बजे 12 वर्षीय डाशी का घर से निकलकर अकेले भूमिगत रेल द्वारा आधे पेइचिंग शहर का चक्कर लगाते हुये पेइचिंग ओपेरा प्रशिक्षण केन्द्र में जाकर भाग लेना और फिर चार घंटों के प्रशिक्षण के बाद पुनः भूमिगत रेल से वापस लौटना, पेइचिंग ओपेरा के प्रति उनकी सच्ची लगन और समर्पण को दर्शाता है।

कार्यक्रम "टी टाइम" के अन्तर्गत चीनी शेयरिंग बाइक कंपनी ओफो मुख्यालय का दौरा करने वाले कुछ भारतीय युवाओं से की गयी बातचीत अच्छी लगी। कार्यक्रम में महान अफ्रीकी नेता नेल्सन मंडेला की जन्म-शताब्दी के अवसर पर उनके बारे में दी गई विस्तृत जानकारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि पेश करने जैसी लगी। इसमें दोराय नहीं कि दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद खत्म करने में अग्रणी भूमिका निभाकर दुनिया भर में अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बन चुके नेल्सन मंडेला ने न सिर्फ समग्र अफ्रीकी महाद्वीप, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों को भी स्वतंत्रता की भावना से ओत-प्रोत किया था।

 

अनिलः सुरेश अग्रवाल जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" में पेश तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा शहर की परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुविधापूर्ण बनाने के लिए एक बाहरी रिंग रोड़ के निर्माण के साथ ही शहर के आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण पर दिये जा रहे ज़ोर सम्बन्धी रिपोर्ट सुनी, जो कि अच्छी लगी।

बताया जाता है कि ल्हासा का यह बाहरी रिंग रोड़ दक्षिणी और उत्तरी दो भागों में बंटा है और इस मार्ग का डिजाइन 60 किलोमीटर प्रति-घण्टे के हिसाब से किया गया है। इस रिंग रोड़ परियोजना का निर्माणकार्य अक्टूबर 2015 में शुरू किया गया था और मार्ग के उत्तरी भाग में यातायात शुरू भी हो चुका है।

जबकि साप्ताहिक "संडे की मस्ती" में पश्चिमोत्तर चीन के श्यांसी प्रान्त स्थित आनसाए क्षेत्र के विशेष वाद्य कमरढ़ोल पर पेश सपना जी की विशेष रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी। दो हज़ार साल पुराने इस पारम्परिक चीनी वाद्य के बारे में कमरढ़ोल वादक छन फील्यांग द्वारा बतालायी गई बातें भी प्रेरक कही जाएंगी। रिपोर्ट सुन कर पता चला कि 1 लाख 80 हज़ार की आबादी वाले आनसाए क्षेत्र में 80 हज़ार कमरढ़ोल वादक मौजूद हैं। और क्यों न हो, जहां सामाजिक उत्तराधिकार के तौर पर विरासत को आगे बढ़ाया जाता हो, वहां कलाकारों की कमी भला कैसे हो सकती है! धन्यवाद फिर एक बेहतरीन प्रस्तुति के लिये।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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