20180711

2018-07-11 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। तो लीजिए प्रोग्राम का आगाज करते हैं। पहला पत्र हमें भेजा है दरभंगा बिहार से मॉनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि विशेष कार्यक्रम 'ल्यांगच्याहो' नाम की वृतचित्र साहित्य प्रसारण में सुना कि चीन के महानायक शी चिनफिंग मात्र दस साल की उम्र में ही पेइचिंग से शैनशी प्रांत के येनआन शहर में स्थित ल्यांगच्याहो नामक एक छोटे से गांव जाकर किसान बन गए थे। वहां सात साल बिताने के बाद 1975 में वापस आए थे।

पीले पठार के केंद्र में स्थित ल्यांगच्याहो गांव में पूरे 40 साल बाद फिर एक बार आने और पुराने मित्रों से मिलते हुए शी चिनफिंग बहुत उत्साहित थे। उनकी भावना और मित्रता को ग्रामीण लोग कभी नहीं भूल पाएंगे और शी चिनफिंग का दिल हमेशा ल्यांगच्याहो में रहेगा। यह वृत चित्र बेहद पसंद किया गया।

जबकि साप्ताहिक कार्यक्रम "स्वर्णिम चीन के रंग" में बताया गया कि माई चि शान गुफा विभिन्न ऐतिहासिक कालों की पूर्व के मूर्ति कला की एक प्रदर्शनी गृह मानी जाती है। कार्यक्रम सुनकर पता चला कि गुफा नम्बर 121 का बोधिसत्व सबसे आश्चर्यजनक मूर्तियों का एक जोड़ा था जो देखने में ऐसा लगता था कि मानव एक युवक युवती का जोड़ा हो जो सहज रूप से एक दूसरे से सटे हुए काना-फूसी कर रहा हो और एक दूसरे को अपने दिल की बात बता रहा हो। चीन में बौद्ध धर्म के पतन के बावजूद बौद्ध कला कृतियाँ अब भी आकर्षण का केन्द्र हैं। सचमुच यह कार्यक्रम रोचक और ऐतिहासिक ज्ञान का खजाना देने वाला है।

 

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में चीनी संस्था सिल्क रोड चेम्बर्स ऑफ इंटरनेशनल कॉमर्स के एम्बेस्डर और भारतीय मेहमान देव रतूड़ी से ली गयी भेंटवार्ता का दूसरा भाग सुनाया गया, जिसमें उन्होंने इण्डिया के सॉफ्ट पावर, योगा और चीन में भारतीय फिल्म की लोकप्रियता पर चर्चा की। योगा के बारे में उनका कथन सारी दुनिया के लिए एक बेहतरीन उपहार है योगा बिल्कुल सही है। वास्तव में स्वास्थ्य की दुनिया में योगा एक अहम भूमिका अदा कर रहा है।

अगले साप्ताहिक कार्यक्रम "चीनी कहानी" में नई कहानी "सात बहनें" की 12 कहानियों में से दूसरी कहानी 'कोई वस्तु ना मिली' में अमीर परिवार के इकलौते बेटे के बारे में किस्सा सुनाया गया जो होई जाति की लोककथा है।

 

अनिलः इसके साथ ही शंभू जी ने लिखा है कि श्रोताओं के पसंदीदा साप्ताहिक कार्यक्रम "आप का पत्र मिला" में सबसे पहले केसिंगा ओड़िशा के मॉनिटर भाई सुरेश अग्रवाल का पत्र पढ़ा गया। उसके बाद क्रमशः मुक्तसर पंजाब के श्रोता गुरमीत सिंह, बेहाला कोलकाता के प्रियंजीत कुमार घोषाल, छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश के उदय भान ठाकरे और उनके परिजन, सऊदी अरब के श्रोता सादिक आज़मी और मेरा पत्र पढ़ा गया। और अन्त में मेरे द्वारा भेजी गयी जानकारी 'कड़वा सच' सुनाने के लिए धन्यवाद।

वहीं साप्ताहिक कार्यक्रम "टी टाईम" के अन्तर्गत तकनीक संबंधी जानकारी में सुना कि एंड्रॉयड मैसेंज ऐप का डेस्कटॉप वर्जन लॉन्च कर दिया गया है, जिससे कंप्यूटर और लैपटॉप से भी लोगों को भेजे गए मैसेज उन्हें मिल पाएंगे। अभी यह फीचर कुछ ही यूजर्स को मिल रहा है, लेकिन जल्द ही इसे सभी के लिए जारी कर दिया जाएगा। हम लोग भी इस वर्जन के लिए बेसब्री से इन्तजार करेंगे।

जबकि अमेरिका के वैज्ञानिकों द्वारा दुनिया के सबसे शक्तिशाली और स्मार्ट वैज्ञानिक सुपर कम्प्यूटर बनाने का दावा किया गया है, जो प्रति सेकंड दो लाख ट्रिलियन गणनाओं को पूरा कर सकता है। वहीं एक अन्य जानकारी में बताया गया कि भारत के पूर्वी राज्य में ए.टी.एम. में चूहों की फौज ने घुसकर लाखों रूपये कुतर दिए। इन सभी जानकारी के साथ श्रोताओं की टिप्पणी और जोक्स भी अच्छे लगे।

जबकि कार्यक्रम "चीन का तिब्बत" में सुना कि तिब्बती पठार पर मेडोक काउंटी में रहने वाले लोबा और मेनबा जाति के लोगों की पारंपरिक हस्तशिल्प बांस और रतन की बुनाई करने वाली कौशल बहुत प्रसिद्ध है। मेडोक काउंटी की सरकार ने गरीबी उन्मूलन को बढ़ाने के लिए बांस और रतन की बुनाई कौशल के विकास को बढ़ावा दिया, जिससे देशींग जिले में सांस्कृतिक उद्योग की दृष्टि से बांस बुनाई का विकास हुआ और पेइचिंग के एक बांस और रतन फर्नीचर कारखाने ने भी यहां के लोगों को नया बांस बुनाई स्किल सिखायी जो वहाँ के लोगों के लिए गरीबी उन्मुलन में वरदान साबित हुआ।

 

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फोकस" में भारतीय संगीतकार पण्डित प्रताप नारायण के पुत्र ललित पण्डित, जो शास्त्रीय संगीतकार और फिल्म संगीतकार हैं, से भेंटवार्ता का दूसरा भाग सुनाया गया, जिसमें श्रोताओं के लिये दिया गया संदेश बेहद पसन्द आया।

कार्यक्रम "आप की पसंद" में श्रोताओं की फरमाइश पर सुनाए गए गाने पसंद आए। रोचक और आश्चर्यजनक जानकारी में सुना कि लन्दन शहर के एक विख्यात म्यूज़ियम में स्वामी विवेकानन्द और योग बाबा रामदेव के पुतले के अतिरिक्त भारत की प्रमुख हस्तियों जैसे महात्मा गाँधी, नरेन्द्र मोदी, सचिन तेन्दुलकर, ऐश्वर्या राय इत्यादि के पुतले म्यूजियम में मैडम के साथ लगे हुए हैं। यह हम लोगों के लिए गौरव की बात है।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तो अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से शिव शंकर मंडल ने। लिखते हैं कि वैसे तो मैं सी आर आई के आप की पसंद कार्यक्रम पहले से सुनता आया हूँ। लेकिन शंकर प्रसाद शंभू के नाम के साथ फरमाइश में मेरा नाम भी प्रसारित हुआ। इस सप्ताह शंकर जी ने मुझे सभी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आप का व्हट्सएप नम्बर भी दिया है। सी आर आई का कार्यक्रम नियमित सुनने के लिए प्रेरित किया और पत्र लिखकर भेजने के लिये भी बोला है। उन्हीं के बातों से प्रेरित होकर मैं यह पहला पत्र भेज रहा हूँ।

8 जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे से आप के द्वारा प्रसारित समाचार और आपकी पसंद कार्यक्रम सुना, जिसमें मध्यप्रदेश के चम्बल घाटी के मरुस्थल बनने की बातों की चर्चा दुखद घटना की अनुभूति देती है।

शिव शंकर मंडल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका शुक्रिया। आशा है कि आप आगे भी हमारे साथ यूंही जुड़े रहेंगे। शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है जमशेदपुर झारखण्ड से एस बी शर्मा ने। लिखते हैं कि सी आर आई वेबसाइट पर पेश रिपोर्ट से पता चला कि इन दिनों युवा भारतीयों का एक दल चीन की यात्रा पर है। आज कल यह दल वूहान में हूबेइ म्यूज़ियम, प्रसिद्ध ईस्ट लेक और चेयरमेन माओ रिज़ॉर्ट का दौरा कर रहे हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों से ताल्लुक़ रखने वाले इन युवाओं का दल चीनी संस्कृति से रूबरू हो रहा है। चीन की सात दिवसीय यात्रा पर आए दो सौ युवा इन दिनों वूहान, खुनमिंग, शांगहाई आदि शहरों में हैं। चीन आने के बाद चीन के प्रति भारतीय युवाओं की सोच में बहुत बदलाव आया है। और वे चीन को गहराई से समझ रहे हैं। उम्मीद है कि इससे वे लाभान्वित भी होंगे और चीन में देखी विशेषताओं को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में लागू भी करेंगे।

एस बी शर्मा जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तो कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अब पेश है मुक्तसर पंजाब से गुरमीत सिंह का पत्र। लिखते हैं कि टी टाइम हर बार की तरह अच्छा लगा। तकनीक के संबंध में दी गई जानकारियों में गूगल का नया एप्प जारी करना अच्छा लगा। वहीं फेसबुक के कुछ नियम लागू करना, जैसे कि हथियार बनाने और हथियार चलाने वाले विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाना, यह समाचार सुनकर अच्छा लगा। हम इस काम के लिए फेसबुक के प्रबंधकों की प्रशंसा करते हैं।

वहीं अमरीका के वैज्ञानिकों द्वारा दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर बनाने की ख़बर भी अच्छी लगी। वैसे इस टैकनॉलजी में चीन भी कोई कम नहीं है। क्योंकि इससे पहले दुनिया का सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर चीन के पास ही था।

जबकि संडे की मस्ती प्रोग्राम में देव रतूड़ी, जो कि चाइना में अपना रेस्टोरेंट चलाते हैं, उनसे की गई बातचीत बढ़िया लगी।

इस के आगे पूर्वी चीन में एक पुलिस वाले ने अपनी शर्ट को लहराकर रेलगाड़ी को संकेत देकर बढ़ा हादसा होने से बचा लिया, क्योंकि रेल की पटड़ी पर एक बहुत बड़ा पेड़ गिरा था। यह जानकर मन को बहुत अच्छा लगा। क्योंकि अपने देश के नागरिकों की रक्षा और सहायता करना सिर्फ पुलिस का ही काम नहीं, बल्कि सभी देश के नागरिकों का कर्तव्य बनता है। एक बढ़िया प्रोग्राम पेश करने और मेरा ख़त शामिल करने के लिए आपका धन्यवाद।

गुरमीत जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि टी-टाइम प्रोग्राम में गूगल द्वारा एंड्रॉइड का मैसेज डेस्कटॉप वर्जन लांच करने की खबर सुनी। वहीं अमेरिकी वैज्ञानिक द्वारा सुपर कंप्यूटर निर्माण के बारे में जानकारी दी गयी। उधर भारत में एसबीआई के एटीएम में लाखों के नोट चूहों द्वारा कतरे जाने का समाचार सुना। जबकि यह पता लगा कि आलिया भट्ट को शूटिंग के दौरान चोट लग गयी।

वहीं दक्षिण एशिया फोकस प्रोग्राम में भारत के मशहूर संगीतकार ललित पंडित के साथ बातचीत बहुत अच्छी लगी। दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे जैसी फिल्म में संगीत के बारे में खास बातचीत की गयी।

वहीं आर्थिक जगत कार्यक्रम में चीन-अफ्रीका के बीच व्यापार आदि के बारे बताया गया। इसके अलावा आपकी पसंद, नमस्कार चाइना, विश्व का आईना आदि भी अच्छे लगे।

प्रियंजीत कुमार घोषाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है खुरजा उत्तर प्रदेश से तिलक राज अरोड़ा, प्रकाश अरोड़ा, चंदन अरोड़ा और अंकुश अरोड़ा आदि ने। लिखते हैं कि 3 जुलाई के प्रोग्राम में लीला भट्ट जी जो कहानी सुनवाई बहुत पसंद आई। सेकिंड पार्ट कहानी सुनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कहानी से पहले अलीबाबा नामक रोचक जानकारी भी मिली। बहुत बहुत शुक्रिया।

आप सभी का भी हमें पत्र भेजने के लिए धन्यवाद।

वहीं मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल से शिवेन्दु पाल ने भी हमें पत्र भेजा है। लिखते हैं कि आपका पत्र मिला कार्यक्रम में मेरा पत्र शामिल करने के लिए धन्यवाद।

जबकि टी टाइम प्रोग्राम में एक ऑटो ड्राइवर की सेवा की कहानी बहुत अच्छी लगी। आजकल कोई छोटा मोटा काम भी पैसों के बिना नहीं करता है। लेकिन इस ऑटो ड्राइवर के काम और मेहनत की तारीफ की जानी चाहिए, जो बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाते हैं। हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके साथ ही आपके फेसबुक पेज से बहुत जानकारी मिली है, चीनी भोजन के बारे में भी पता चलता है।

शिवेन्दु जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है छत्तीसगढ़, भिलाई, दुर्ग से आनंद मोहन बैन का। लिखते हैं कि आपकी पसंद कार्यक्रम में श्रोताओं के पसंदीदा गाने सुनाये गये, सारे गीत अच्छे लगे। जानकारी के क्रम में मंगल पर एक ज्वालामुखी है जिसका नाम है ओलंपस मून। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह आज भी सक्रिय है। मंगल ग्रह के बारे में एक अनोखी बात यह भी है कि यह ग्रह पृथ्वी से ज्यादा छोटा, शुष्क और ठंडा है। मंगल पर एक नहीं बल्कि दो चांद हैं, जिनके नाम हैं फोबोस और डिमोस। मंगल ग्रह के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए धन्यवाद।

आनंद मोहन बैन जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तो कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि देव रतूड़ी से लिया गया साक्षात्कार सुनकर उनके अनुभवों को जानने का अवसर मिला। भारत के उत्तराखण्ड से लेकर मुंबई तक का सफर और फिर चीन तक के संघर्षों पर उन्होंने दिल खोलकर चर्चा की। इसके बाद चीन में भीख के डिजिटलीकरण की दिलचस्प रिपोर्ट सुनने को मिली, भला आधुनिक युग में यह पीछे क्यों रहे।

एक समझदार पुलिस कर्मी की सूझबूझ से रेल हादसा टला जानकर सुखद एहसास हुआ। आपके माध्यम से हम उस बहादुर को सलाम करते हैं।

इस बार भी श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना अच्छा लगा और जोक्स अच्छे थे। कुल मिलाकर अच्छी प्रस्तुति रही, धन्यवाद।

आज़मी जी, आपका भी हमें पत्र भेजने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम "आर्थिक जगत" में पेश रिपोर्ट 'अफ्रीका में विदेशी मुद्रा भंडार में आरएमबी का अनुपात बढ़ेगा' सुनी, अच्छी लगी। देखा जाए, तो अब अमरीकी डॉलर का एकाधिकार नहीं रहा और आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया तेज़ होने के साथ ही अधिकाधिक देशों द्वारा विदेशी मुद्रा भंडारण के तौर पर आरएमबी को अपनाया जा रहा है।

वहीं इंफोसिस के पूर्वोत्तर चीन स्थित प्रभारी अवनि शिवारी का एक साक्षात्कार में यह कहना है कि पिछले नौ वर्षों में उन्होंने चीन-भारत के बीच सांस्कृतिक टकराव और चीन के तेज़ विकास को महसूस किया है, चीन-भारत के दृढ़ होते सम्बन्धों को दर्शाता है। हमारे लिए यह जानकारी बहुत अच्छी है कि सॉफ्टवेयर, परामर्श सेवा और आउटसोर्सिंग क्षेत्र का नेतृत्व करने वाली इंफोसिस अमेरिकी शेयर बाजार में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय कम्पनी अथवा उद्यम है। इस सूचनाप्रद रिपोर्टिंग के लिये हृदयतल से आभार।

 

अनिलः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत तिब्बती पठार पर रहने वाली विभिन्न जातियों और उनकी अपनी-अपनी हस्तशिल्प कलाओं के बारे में रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी। आज के अंक में यालूजांबू नदी के तट पर स्थित मेडोक काउंटी में रहने वाली लोबा और मेनबा जाति के लोगों की बांस और रतन बुनाई कला की चर्चा अच्छी थी।

जबकि कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अन्तर्गत संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित के ललित पण्डित से गतांक में ली गयी भेंटवार्ता का शेष भाग सुना। बातचीत में 'दिल वाले दुल्हनियां ले जायेंगे' का संगीत सुपर-डुपर होने से लेकर प्लेनेट बॉलीवुड द्वारा छह फ़िल्मों में जतिन-ललित के संगीत को चुने जाने, पिक्चर ग़ुलाम द्वारा बीस साल पूरे किया जाना, जतिन-ललित के संगीत में लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और राहुलदेव बर्मन के संगीत का पुट, एक संगीत बनाने में लगने वाले समय, आजकल फ़िल्मों में एक से अधिक संगीतकार से म्यूज़िक लिये जाने और एक फ़िल्म के लिए कई गायकों से गीत गवाये जाने की विवशता तक तमाम प्रश्नों पर संतोषजनक जानकारी हासिल हुई।

 

ललिताः सुरेश जी लिखते हैं कि "संडे की मस्ती" कार्यक्रम अच्छा लगा। संडे स्पेशल सेगमेण्ट में उत्तराखण्ड के टिहरी-गढ़वाल के समीप एक छोटे से गाँव से आकर चीन में बसे देव रतूड़ी से ली गयी बातचीत प्रेरणादायक लगा। पता चला कि कैसे एक अति निर्धन परिवार में जन्में देव ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर चीन में रेस्तराओं की एक चेन खड़ी कर दी है। इतना ही नहीं, बहुमुखी प्रतिभा के धनी देव ने फ़िल्मों में भी अपना हाथ आज़माया और अपने व्यवसाय के साथ-साथ उन्होंने चीनियों के दिल में भी ख़ास जगह बना ली है। धन्यवाद फिर एक अच्छी प्रस्तुति के लिये।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है गोरखपुर उत्तर प्रदेश से ब्रदी प्रसाद वर्मा अंजान ने। लिखते हैं कि

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अनिलः दोस्तों अब पेश है ब्रदी प्रसाद वर्मा जी द्वारा भेजी गई कहानी, जो कि उन्होंने व्हट्सएप के जरिए हम तक भेजी है, जिसका शीर्षक है तीन चूहे।

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अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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