20180627

2018-06-27 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। तो लीजिए प्रोग्राम का आगाज करते हैं। पहला पत्र हमें भेजा है जैसलमेर राजस्थान से दिनेश चौहान और हस्ती सिंह चौहान ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक अतुल्य चीन कार्यक्रम के तहत सुना कि चीन में साल 2018 काओखाओ यानी युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा 6 और 7 जून को आयोजित हुई, जिसमें 97 लाख 50 हजार से ज्यादा छात्रों ने भाग लिया। यह युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा के सुधार और देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ साथ रोज़गार की संभावनाएँ अधिक हैं। इस बारे में रिपोर्ट अच्छी लगी।

जबकि कार्यक्रम नमस्कार चाइना में चीन के लोकप्रिय त्योहार तुआनवू त्योहार में झोंगजे और ड्रैगन नाव प्रतियोगिता की जानकारी अच्छी लगी। चीनी कहानी में आफन्ती के किस्से अच्छी लगी, लेकिन कहानी बहुत छोटी छोटी थी। इस कहानी से कुछ दिलचस्प बातें भी सीखने को मिली है।

वहीं विश्व का आईना प्रोग्राम में भारत स्थित चीनी राजदूत ल्यो चाऊ ह्वी से की गई बातचीत मेरे भाई को मुझसे ज्यादा पसन्द आयी।

आपका पत्र मिला कार्यक्रम को प्रस्तुत करने वालों को मेरी तरफ से प्यार भरा नमस्कार। कार्यक्रम में मेरा पत्र तीसरे नम्बर पर शामिल किया गया। वो मुझे बहुत अच्छा लगा। मोनीटर सुरेश अग्रवाल पत्रकार होते हुये भी एक अच्छे ईनसान हैं, जो मेरे से फोन के जरीये बात करते हैं। अच्छी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद।

दिनेश चौहान और हस्ती सिंह जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से मो. मेराज आलम ने। लिखते हैं कि सबसे पहले आप लोगों को धन्यवाद देते हैं कि आपने मेरे पहले पत्र को ही अपने कार्यक्रम में शामिल कर लिया। 16 जून को हम लोग दिन भर ईद की खुशी मनाते हुए रात को अपने दोस्तों के साथ आपके साप्ताहिक प्रोग्राम आप की पसन्द का मजा लिया, जिसमें फरमाईसी हिन्दी फिल्मी गीतों का आनंद लेते हुए मंगल ग्रह पर जीवन के माहौल की तालाश और आँखों की रोशनी वापस लेने हेतु वैज्ञानिकों द्वारा खोज किये गये 3 डी प्रिण्टेड मानव कोर्निया की जानकारी हम लोगों के लिए बिल्कुल नई है।

संडे की मस्ती प्रोग्राम में ड्रैगन बोट प्रतियोगिता नाम का चीनी गीत और अशोक जैन नाम के एक व्यापारी से भेंटवार्ता अच्छी लगी।

वहीं अतुल्य चीन प्रोग्राम में चीन में वर्ष 2018 काओखाओ यानी युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा के बारे में जानकारी दी गई। चीन की राजधानी पेइचिंग में इस वर्ष कुल 91 युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा स्थल स्थापित किये गये। यह रिपोर्ट पसंद आयी। अच्छी प्रस्तुति के लिए आप लोगों को धन्यवाद।

मो. मेराज आलम जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अब पेश है सुपौल, बिहार से शत्रुघन महतो का पत्र। लिखते हैं कि मैं अनियमित रूप से सी आर आई का कार्यक्रम पिछले एक साल से सुन रहा हूँ, लेकिन पत्राचार करने की फुर्सत नहीं मिलती, क्योंकि मेरा बिजनेस बिहार और दिल्ली दो जगह चलता है। सप्ताह में तीन या चार दिन रात को साढ़े नौ बजे से साढे दस बजे वाला प्रसारण सुनने का मौका मिल जाता है। आपके नये मोनिटर शंकर प्रसाद शंभू ने फोन कर याद दिलाया कि 5 जुलाई को आपका नाम विदेशी रेडियो स्टेशन से सुनकर कैसा लगा था? सचमुच उस दिन मैं काफी खुश था, क्योंकि किसी भी रेडियो स्टेशन में मेरा पहला पत्र शामिल हुआ था। शंभू जी ने फोन से ही मुझे पुनः प्रेरित किया कि जब रेडियो सुनते ही हैं तो सप्ताह में कम से कम एक पत्र लिखने के लिए समय तो निकालिए।

संडे की मस्ती और टी टाईम मेरे फैवोराइट प्रोग्राम हैं। इन्हें सुनने के लिए समय जरूर निकाल लेता हूँ। नमस्कार चाइना और आप की पसन्द भी कभी कभार सुन लिया करता हूँ। कुछ दिनों से स्वर्णिम चीन के रंग भी सुना करता हूं।

19 जून को साप्ताहिक कार्यक्रम नमस्कार चाइना में चीन के त्योहार और ड्रैगन नाव प्रतियोगिता के बारे में जानकारी अच्छी लगी।

साप्ताहिक कार्यक्रम टी टाईम में योगी योगा संस्थान के संचालक मोहन भंडारी और वी योग संस्थान के संचालक आशीष बहुगुणा के साथ भेंटवार्ता से जाना कि ये दोनों योग गुरु चीन में रहकर योग के माध्यम से चीन-भारत संबंधों को बढाने में जुटे हैं। एक अच्छी भेंटवार्ता की प्रस्तुति के लिए धन्यवाद।

शत्रुघन महतो जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी शुक्रिया। आशा है कि आप आगे भी हमें लगातार पत्र भेजते रहेंगे। शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "टी टाइम" का आगाज़ योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली ख्याति से हुआ, जो अच्छा लगा। सच है योग की लोकप्रियता सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु संसार के अधिकांश देशों में बढ़ी है और चीन के नागरिकों में जुनून की हद तक इसका विस्तार हुआ है। इसपर मोहन भण्डारी जी के विचारों और अनुभवों को सुनवाया जाना अच्छा लगा। मेरे विचार से चीन और भारत के मिलती सांस्कृतिक विचार धारा इसका मुख्य कारण है। ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाए तो चिकित्सा के क्षेत्र में भी दोनों में समानताएं हैं और भविष्य में इसकी लोकप्रियता बढ़ेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।

 

अनिलः उन्होंने आगे लिखा है कि कार्यक्रम आपकी पसंद में मधुर गीतों के साथ रोचक और ज्ञान वर्धक जानकारी मिली। आज की तमाम जानकारियों में सबसे उत्तम जानकारी लगी कि भविष्य में ऐसी तकनीक आ रही है कि अब आँखों की रौशनी वापस लेन में मदद मिलेगी 3डी प्रिंटेड मानव कार्निया से। यह वाकई उत्साहित करने वाली खबर है। अगर भविष्य में ऐसा मुमकिन हुआ, तो दुनिया से अंधेपन का मुकम्मल खात्मा संभव हो जाएगा। लोग साक्षात अपनी आँखों से इस दुनिया का नज़ारा पुरे जीवन लेते रहेंगे। हम इसकी सफलता की कामना करते हैं और धन्यवाद देते हैं कि इस कदर उत्साहित करने वाली खबर से हमें रूबरू करवाया।

सादिक आज़मी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है मुक्तसर पंजाब से गुरमीत सिंह ने। लिखते हैं कि टी टाइम कार्यक्रम में विश्व योग दिवस के बारे में दी गई जानकारी पसंद आई। योग का क्रेडिट सिर्फ़ भारत को ही जाता है। इस बात पर हमें गौरव है। वैसे आजकल के तनाव से भरी ज़िंदगी में योग का बहुत महत्व है। योग हम सभी को करना चाहिए। उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में योग करने वालों की संख्या काफी बढ़ सकती है।

आपकी पसंद प्रोग्राम में दी गई जानकारी अच्छी लगी। मध्य प्रदेश के ईंदौर में एक ऐसा कैफै जहां पर लोग गालीयां देकर तोङ फोङ करके और चीख चिलाकर अपने दिल में गुस्सा निकाल सकते हैं। यह जानकारी बहुत ही पसंद आई। अकसर ऐसे बहुत सारे लोग जो गुस्सा मन में दबाकर रखते हैं, जिस से कि शरीर को बहुत सारी बिमारियां लग जाती हैं। मगर जब इस कैफे में जाकर लोग गुस्सा निकाल दें, तो उनका मन भी हल्का हो जाता है और शरीर भी कोई बिमारियों से बच जाता है।

गुरमीत सिंह जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तो अब पेश करते हैं अगला पत्र, जिसे भेजा है छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश से उदय भान ठाकरे, दीपक ठाकरे, नवीन ठाकरे, ग्रंथ ठाकरे, शिखा और चंद्रभागा ठाकरे आदि ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम आपका पत्र मिला में सबसे पहले हमारा पत्र शामिल किया गया, जिसके लिए खुशी हुई और दोस्तों का भी पत्र शामिल हुआ। इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

वहीं संडे की मस्ती प्रोग्राम के अंतर्गत चीनी गीत सेगमेंट में चीनी गायक सचिन की मधुर आवाज में ड्रैगन बोट प्रतियोगिता नामक चीनी गीत सुना, जिसके बोल के शराब का जाम पीकर यह गीत बहुत अच्छा लगा। अजीबोगरीब बातों के क्रम में बताया गया कि भारतीय प्रधानमंत्री ने फिटनेस का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उनका प्राणायाम ट्रैक पर Wapking और योगाभ्यास का ट्वीट किया हुआ है। अन्य जानकारी में बताया गया कि चहल-कदमी करके रफ्तार बढ़ा कर अपने जीवन को बढ़ा सकते हैं और हिंदी गाना वह चांद जैसी लड़की इस दिल पर छा रही है और श्रोताओं की प्रतिक्रिया में पंजाब के श्रोता भाई गुरमीत सिंह, सऊदी अरब के श्रोता भाई सादिक आजमी, केसिंगा के सुरेश अग्रवाल और फेसबुक में मीरा का एक वीडियो लाइव देखा, जो बहुत अच्छा लगा।

उदय भान ठाकरे और अन्य श्रोताओं का शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि आर्थिक जगत कार्यक्रम में इजराइल के तेल अवीव में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रदर्शनी के बारे में बातचीत सुनी। साथ ही अमेरिका से चीन में सोयाबीन आदि वस्तुओं के आयात के बारे में बताया गया। वहीं टी-टाइम में दो योग शिक्षकों मोहन भंडारी और आशीष बहुगुणा के साथ बातचीत सुनवाई गई। इसके लिए शुक्रिया। योग दिवस पर आपने विस्तार से बताया, जिससे मुझे इस बारे में बहुत जानकारी हासिल हुई। धन्यवाद। वहीं प्रोग्राम में पेश अन्य बातें और जोक्स भी शानदार लगे।

आपका पत्र मिला के पिछले अंक में मेरे पत्र को शामिल करने के लिए शुक्रिया। जबकि संडे की मस्ती भी कई विषयों पर चर्चा की गई। इसके लिए धन्यवाद।

प्रियंजीत कुमार घोषाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः अब लीजिए प्रस्तुत है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू यानी हमारे मोनिटर ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में चीन में इस साल काओखाओ यानी विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा 6 से 7 जून तक आयोजित हुई, जिसमें लाखों छात्रों ने भाग लिया। पिछले आठ सालों में एक नया रिकार्ड है और विश्व में सब से बड़े पैमाने वाली परीक्षा है। एक परीक्षार्थी की माता मैडम चन के अनुसार काओखाओ अपने बच्चे और अपने के लिए जीवन मूल्य पूरा करने की प्रक्रिया है। इस कार्यक्रम से स्पष्ट हुआ कि चीन के सुधार और खुलेपन के साथ साथ आर्टिफिशल इंटेलीजेंस और बिग डेटा समेत कुछ नये विषय अधिक युवाओं को आकर्षित करेंगे।

दूसरी रिपोर्ट रक्तदान से जुडी हुई थी, जिससे जानकारी मिली कि मुफ्त रक्तदान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जहाँ साल 1997 में रक्तदान करने वालों की संख्या महज 3 लाख 28 हजार थी, लेकिन साल 2017 में यह संख्या बढ़कर 1 करोड़ 45 लाख से अधिक हो गई है।

अगला साप्ताहिक कार्यक्रम "स्वर्णिम चीन के रंग" में थांग राजवंश कालीन राजधानी छांगआन शहर की चर्चा करते हुए बताया गया कि वह एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय महानगर था जहाँ विदेशी लोगों का आना जाना लगा रहता था। वहाँ विदेशी रीति रिवाजों और संस्कृति का विस्तार भी होता चला गया।

 

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में बताया गया कि चीन में प्रतिवर्ष पांचवें महीने के पांचवें दिन झोंगजी त्योहार मनाया जाता है, जिसे ड्रैगन बोट उत्सव या तुआनवु त्योहार भी कहा जाता है। इस त्योहार के दिन चीन में ड्रैगन बोट प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। चीनी लोग चिकने चावल और एक खाने योग्य पत्ते से बनी मिठाई यानी झोंगजी खाते हैं।

कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुनाया गया कि हाल ही में भारत स्थित चीनी राजदूत ल्वो च्याओह्वेई भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु की मुलाकात और चीन-भारत संबंध और द्विपक्षीय आर्थिक व व्यापारिक यथार्थ सहयोग व विकास पर विचार-विमर्श किया, ताकि और संतुलित आर्थिक व व्यापारिक ढांचा की रचना कर सकें। दोनों पक्षों द्वारा चीन-भारत आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के ठोस मुद्दों पर गहन रूप से विचार विमर्श भी किया गया। दोनों पक्ष को चीन भारत सम्बन्ध के विकास पर पक्का विश्वास है।

 

अनिलः शंभू जी लिखते हैं कि श्रोताओं के चहेता साप्ताहिक कार्यक्रम "आप का पत्र मिला" में सबसे पहले छिन्दवाड़ा मध्य प्रदेश के श्रोता भाई उदयभान ठाकरे का पत्र पढ़ा गया। उसके बाद क्रमश: भिंड मध्य प्रदेश के श्रोता भाई अनामदर्शी मसीह, जैसलमेर राजस्थान के श्रोता दिनेश चौहान और हस्ती सिंह चौहान, झालवाड़ राजस्थान के श्रोता भाई कुमार केशव और श्रोता बहन वंदना जरूला, उड़ीसा के मॉनिटर भाई सुरेश अग्रवाल, मेरा पत्र, सऊदी अरब के श्रोता भाई सादिक आजमी, कलकत्ता के श्रोता भाई प्रियंजीत कुमार घोषाल, पश्चिम बंगाल के श्रोता भाई शिवेन्दु पॉल और अंत में जमशेदपुर झाड़खंड के श्रोता भाई एस. बी. शर्मा द्वारा भेजी गयी जानकारी सुनायी गयी।

कार्यक्रम "बाल महिला स्पेशल" में बताया गया कि नेपाली महिला संवाददाता पर्वतारोहण टीम की स्थापना जनवरी 2017 में हुई और साल 2018 के वसंत में नेपाल से आईं पाँच महिला संवाददाता भी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की टीम में शामिल हुईं। उन्होंने अपनी कोशिश से शिखर पहुंचने का गौरव हासिल किया। माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिये उन्होंने लगभग एक साल से तैयारी की थी।

जबकि साप्ताहिक कार्यक्रम "टी टाईम" के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की चर्चा और योग गुरु मोहन भंडारी और आशीष बहुगुणा से बातचीत बेहद पसंद की गई। सभी जानकारियाँ, हिन्दी गीत, श्रोताओं की प्रतिक्रिया पर आधारित टिप्पणी और जोक्स भी अच्छे लगे।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के नियांगची प्रिफेक्चर में किसानों के होम-होटलों के ज़रिये लोगों के जीवन में खुशहाली भरने की कोशिशों के बारे में पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। पर्यटन के विकास से गांव को इस तरह आर्थिक लाभ पहुंचाये जाने का यह तरीक़ा बहुत ही दिलचस्प लगा।

 

अनिलः सुरेश अग्रवाल जी आगे लिखते हैं कि साप्ताहिक "आपकी पसन्द" हर बार की तरह आज भी लज़ीज़ लगा। कार्यक्रम में श्रोताओं की पसन्द पर पेश फ़िल्म -चाइना टाउन, अधिकार, लगे रहो मुन्ना भाई, तेज़ाब, अन्नदाता और राहगीर के छह गानों के साथ दी गयी जानकारी भी रोचक, ज्ञानवर्ध्दक और आश्चर्यजनक लगी। यह जान कर आश्चर्य हुआ कि एक अरब चालीस करोड़ साल पहले एक दिन केवल 18 घण्टे का होता था, परन्तु ज्यों-ज्यों चांद और पृथ्वी के बीच का फासला बढ़ता गया, दिन बड़ा होने लगा। यदि वैज्ञानिकों का यह शोध महज़ तुक्का नहीं है, तो जानकारी महत्वपूर्ण है। वहीं दिल खोल कर मन की भड़ास निकालने के लिये इन्दौर में बना इकलौता कैफ़े 'भड़ास' की जानकारी ने तो अवाक ही कर दिया। स्विट्ज़रलैंड में प्रकृति की गोद में स्थित बिना छत और दीवार वाले होटल की परिकल्पना मात्र से चित्त-प्रसन्न हो जाता है। कार्यक्रम सुन एकबारगी मुख से यही निकला कि दुनिया वास्तव में, कितनी अज़ीब है।

 

ललिताः वहीं साप्ताहिक "संडे की मस्ती" में ख़ास बातचीत में 21 जून को विश्व योग दिवस के मौके पर पेइचिंग स्थित शांगहाई सहयोग संगठन मुख्यालय में आयोजित भव्य योग कार्यक्रम के दौरान योगी योग के संस्थापक मोहन भण्डारी से की गयी बातचीत अच्छी लगी। बातचीत सुन कर चीनी लोगों में योग के प्रति बढ़ती दीवानगी के बारे में जान कर अच्छा लगा। मोहन जी का यह कहना बिलकुल सही लगा कि आने वाले समय में योग में चीनी लोगों की दिलचस्पी भारतीयों से अधिक होगी। यह तथ्य भी स्वाभाविक लगा कि चीन में तमाम देशों के योग-गुरु उपलब्ध होने के बावज़ूद भारतीय योग-गुरुओं की मांग ज़्यादा है। क्यों न हो, भारत योग का उद्गम स्थल जो ठहरा। धन्यवाद फिर एक शानदार प्रस्तुति के लिये।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल से शिवेन्दु पल ने। लिखते हैं कि 21 जून को भारत, चीन और विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। हमारे सभी दोस्तों ने भी योगाभ्यास किया।

टी टाइम कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़ी तमाम बातचीत, इसका महत्व और इतिहास के बारे में बताया गया। वहीं दो भारतीय योग शिक्षकों के साथ साक्षात्कार सुना, धन्यवाद।

शिवेन्दु पल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत शुक्रिया।

 

अनिलः दोस्तों अब पेश है जमशेदपुर झारखण्ड से एस बी शर्मा द्वारा भेजा गया यह संदेश, जो कि उन्होंने व्हट्सएप के जरिए हम तक पहुंचाया है।

आइये जानते हैं पेड़ों के बारे में कुछ खास जानकारी का दूसरा भाग।

6. पेड़ों की कतार धूल-मिट्टी के स्तर को 75% तक कम कर देती है। और 50% तक शोर को कम करती हैं।

7. एक पेड़ इतनी ठंड पैदा करता है जितनी 1 A.C 10 कमरों में 20 घंटो तक चलने पर करता है, जो इलाका पेड़ों से घिरा होता है वह दूसरे इलाकों की तुलना में 9 डिग्री ठंडा रहता है।

8. पेड़ अपनी 10% खुराक मिट्टी से और 90% खुराक हवा से लेते हैं। एक पेड़ में एक साल में 2,000 लीटर पानी धरती से चूस लेता हैं।

9. एक एकड़ में लगे हुए पेड़ 1 साल में इतनी Co2 यानि कार्बनडाईआक्साईड सोख लेते हैं, जितनी एक कार 41,000 km चलने परछोड़ती हैं।

10. दुनिया की 20% oxygen अमेजन के जंगलो द्वारा पैदा की जाती हैं। ये जंगल 8 करोड़ 15 लाख एकड़ में फैले हुए हैं।

11. इंसानों की तरह पेड़ों को भी कैंसर होती है। कैंसर होने के बाद पेड़ कम ऑक्सीजन देने लगते हैं।

12. पेड़ की जड़े बहुत नीचे तक जा सकती है। दक्षिण अफ्रिका में एक अंजीर के पेड़ की जड़े 400 फीट नीचे तक पाई गई थी।

13. दुनिया का सबसे पुराना पेड़ स्वीडन के डलारना प्रांत में है। टीजिक्कोनाम का यह पेड़ 9,550 साल पुराना है। इसकी लंबाई करीब 13 फीट हैं।

14. किसी एक पेड़ का नाम लेना मुश्किल है लेकिन तुलसी, पीपल, नीम और बरगद दूसरों के मुकाबले ज्यादा ऑक्सीजन पैदा करते हैं।

एस बी शर्मा जी, इतनी खास और महत्वपूर्ण जानकारी हम तक पहुंचाने और हमारे सभी श्रोताओं के साथ साझा करने के लिए आपका शुक्रिया। उम्मीद करते हैं कि हमारे सभी श्रोता जो भी कार्यक्रम सुन रहे होंगे, अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे।

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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