20180516

2018-05-16 21:00:00
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पंकजः आपका पत्र मिला कार्यक्रम सुनने वाले सभी श्रोताओं को पंकज श्रीवास्तव का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

पंकजः दोस्तों, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल करेंगे। तो लीजिए प्रोग्राम का आगाज़ करते हैं। पहला पत्र हमारे पास आया है मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल से शिवेन्दु पाल का। लिखते हैं कि हाल में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन की यात्रा की और उसके बारे में बहुत सी जानकारी सीआरआई हिंदी सेवा से मिली है। आपको बहुत बहुत धन्यवाद। यह यात्रा दोनों देशों के लिए बहुत ही अच्छी थी।

25 अप्रैल को आपका पत्र मिला कार्यक्रम में मेरा पत्र शामिल करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। यह एक ऐसा प्रोग्राम है, जिसके जरिए मैं श्रोताओं का परिचय मिलने के बाद चाइना रेडियो इंटरनेशनल को हिंदी के उन स्थानों के बारे में सब कुछ मिल जाता है।

आपकी फेसबुक पेज पर चीन के बारे में बहुत सारी अच्छी जानकारी मिलती है।

शिवेन्दु पाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि "टी टाइम" कार्यक्रम का नया अंक एक बार फिर रोचक और मनोरंजक के साथ ज्ञानवर्धक लगा। इमरान खान की शादी पिछले दिनों खूब चर्चा में रही और अब नया विवाद कुत्तों को लेकर अचंभित करने योग्य है। हम कामना करते हैं कि परिवार में आपसी सहमति शीघ्र बन जाएगी।

12 वर्षों से चीन में जीवन बिताने का अनुभव खुले मन से साझा करने पर अनिता जी का विशेष धन्यवाद और अनिल जी की शुक्रिया साक्षात्कार सुनाने हेतु। हिन्दी मधुर गीत और श्रोताओं की प्रतिक्रिया का सुनवाया जाना बहुत अच्छा लगा। धन्यवाद स्वीकार करें अच्छी प्रस्तुति हेतु।

सादिक आज़मी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

पंकजः लीजिए पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि 7 मई को अतुल्य चीन कार्यक्रम में चीन के माननीय राष्ट्रपति जी के पुराने गांव के बारे में चर्चा, बहुमंज़िली इमारत पर रहने की ख़बर, शांगहाई में जनरल असेम्बली कंपनी में बड़े विमान की तैयारी की ख़बर, मशहूर कलाकार आमिर खान जी का भारत-चीन संबंध के बारे में कोशिश, पूरी दुनिया से पर्यटकों में चीन के पर्यटकों के सबसे ज्यादा पैसे खर्च करने की खबर सुनी। अच्छी लगी, धन्यवाद।

विश्व का आईना कार्यक्रम में भारत चीन संबंध, शांगहाई शहर के साथ रिश्ता, करीब 1700 किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के बिछाने के बारे में चर्चा, अफगानिस्तान की तरक्की में भारत और चीन का योगदान आदि के बारे में चर्चा अच्छी लगी।

पिछले आपका पत्र मिला कार्यक्रम में मेरा पत्र शामिल करने के लिये धन्यवाद।

टी टाइम कार्यक्रम में मशहूर क्रिकेटर इमरान खान की तीसरी पत्नी उनसे नाराज़ होकर माएके चले जाने की खबर, शांगहाई में रहने वाली लेखिका अनीता शर्मा के साथ साक्षात्कार और चीनी स्मार्टफोन कंपनी कोमियो के सीईओ ने बताया कि भारत में 500 करोड़ के निवेश की ख़बर सुनी, अच्छी लगी। शानदार कार्यक्रम पेश करने के लिये धन्यवाद।

दक्षिण एशिया फ़ोकस कार्यक्रम की शुरुआत हुई बॉलीवुड संगीत से। उसके बाद चीन में लगभग 13 वर्ष से रहने वाले भारतीय श्री पूरण लाल जी के साथ साक्षात्कार में उन्होंने चीन भारत संबंधों, व्यापार, चीन में भारतीय औषधियों के निर्यात की खबर के साथ विस्तृत चर्चा की। उसके बाद फिर संगीत सुनने का मौका मिला। कार्यक्रम के लिये धन्यवाद।

आपकी पसंद कार्यक्रम में 12 मई को लता जी द्वारा गाया तेरा मेरा साथ रहे गाना, कुमार शानू और किशोर कुमार जी का गाना अच्छा लगा।

संडे की मस्ती कार्यक्रम में कोलकाता में हाल ही में हुई संपूर्ण चीनी शिक्षा एक्सपो के बारे में चर्चा अच्छी लगी। इसी सिलसिले में टाइम्स ऑफ इंडिया में लोकल न्यूज़ पेपर में ख़बर प्रकाशित हुई थी। मैं इसी सिलसिले में टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में प्रकाशित पेपर का फाइल सीआरआई को भेज चुका हूं।

प्रियंजीत कुमार घोषाल जी, हमें पत्र लिखने के लिए आपका शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है द्वारका दिल्ली के राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय से महेश जैन ने। लिखते हैं कि सन्डे की मस्ती कार्यक्रम में "कोलकाता में आयोजित चीनी शिक्षा प्रदर्शनी" पर पेश रिपोर्ट सुनाई गयी। पता चला कि 10 मई को कोलकाता स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास ने 2018 चीनी उच्च शिक्षा उपलब्धियों की प्रदर्शनी आयोजित की। शिक्षा पर महत्व देना चीनी और भारतीय जनता की आम अभिलाषा है। माता पिता चाहते हैं कि शिक्षा से अपना बच्चा सुयोग्य व्यक्ति बन जाएगा। यह भारतीय फिल्म "हिंदी मीडियम" की चीन में लोकप्रियता हासिल करने का मुख्य कारण भी है। विश्वास है कि दोनों पक्षों के समान प्रयास से चीन और भारत के बीच एक दूसरे देश में अध्ययन करने वाले छात्रों की संख्या में अधिक वृद्धि होगी।

आज के प्रोग्राम के बारे में मैं यही कहना चाहता हूं कि पूरा एक घंटा कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। कार्यक्रम मनोरंजन और जानकारी से भरा था।

महेश जैन जी, हमें प्रतिक्रिया भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

पंकजः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है मुक्तसर पंजाब से गुरमीत सिंह ने। लिखते हैं कि 10 मई को प्रस्तुत टी टाइम प्रोग्राम अच्छा लगा। जानकारी के तहत आपने बताया कि पाकिस्तान के तहरीके इंसाफ़ के चेयरमन इमरान ख़ान की तीसरी बीवी का कुत्तों की वजह से रूठ कर माईके चले जाना। वैसे यह कोई रूठने की बात नहीं है। क्योंकि कुत्तों का घर में होना कोई बुरी बात नहीं है। क्योंकि कुत्ते तो घर की रख़वाली आदमी से भी बेहतर तरीके से करते हैं। वैसे ईमरान ख़ान का अपनी बीवी से झगड़ा होना कोई नई बात नहीं है।

इसके आगे ख़तरनाक जानवरों की जानकारी बढ़िया लगी। ऐसे ख़तरनाक जानवरों से बचने का तो एक ही तरीका है कि आदमी को इनसे दूर ही रहना चाहिए।

कार्यक्रम में आगे 12 साल से चीन में रहने वाली अनीता जी से की गई बातचीत अच्छी लगी। यह बिलकुल सही है कि किसी दूसरे देश में रहने के लिए वहां की भाषा सीखना बहुत ज़रूरी है। क्योंकि इससे रोज़ मर्रा की ज़िंदगी आसान हो जाती है।

वहीं संडे की मस्ती प्रोग्राम बहुत अच्छा लगा। अजीबो ग़रीब बातों में श्रीलंका की एक दुल्हन का 3.2 कि:मी:लंबी साढ़ी पहनना वाकई में अजीब सा लगा। पता नहीं उसने इतनी भारी साढ़ी कैसे संभाली होगी। मगर शायद उसने विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए ऐसा किया होगा।

इसके आगे एक ऐसा रेलवे स्टेशन जो कि आधा गुजरात में और आधा महाराष्ट्र में है के बारे में जानकारी दी गई, बढ़िया लगी। यह सुनकर भी अच्छा लगा कि इस स्टेशन पर चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, मराठी और गुजराती में अनाऊंसमेंट की जाती है। बाकी मेरी पसंद का गीत सुनाने के लिए आपकी बहुत मेहरबानी। फिर से बढ़िया प्रोग्राम पेश करने के लिए आपका धन्यवाद।

गुरमीत सिंह जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "अतुल्य चीन" के तहत पश्चिमी चीन के शानसी प्रान्त के यानआन शहर से सड़क मार्ग के ज़रिये महज़ एक घण्टे की दूरी पर स्थित यनछुएन काउन्टी के गांव लियांग च्याख के विकास की कहानी सुनी। ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों के बीच बसे इस गांव की ग़रीबी से उन्मुक्त होने की कहानी प्रेरक लगी। बताया जाता है कि वर्तमान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग महोदय का इस गांव से ख़ास रिश्ता है और वे जनवरी 1969 में सोलह वर्ष से भी कम उम्र की अवस्था में पेइचिंग से यहां रहने के लिये आये थे और उन्होंने कोई सात साल यहां गुज़ारे थे। निश्चित तौर पर यहां के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुझे अन्य बातों के अलावा कार्यक्रम में योउतुंग परम्परागत शैली के मकान निर्माण की विधि, जो कि मकानों को गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्म रखती है, पर दी गयी जानकारी अच्छी लगी।

 

पंकजः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "आर्थिक जगत" में पेश रिपोर्ट "एक पट्टी एक मार्ग -सहयोग की संभावना पर चीन और अमेरिका के विशेषज्ञों की वार्ता" अच्छी लगी। ज़ाहिर है कि इस वर्ष चीन में सुधार और खुलेपन की नीति लागू किये जाने की 40वीं वर्षगांठ के अलावा 'एक पट्टी एक मार्ग' प्रस्ताव पेश किये जाने की पाँचवीं वर्षगांठ भी है और हाल ही में अमेरिका स्थित वॉशिंगटन ब्रूकिंग्स सोसाइटी द्वारा आईएफएफ चीन रिपोर्ट 2018 पर एक सम्मेलन भी आयोजित किया गया था। इसलिये इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

साप्ताहिक "विश्व का आइना" के तहत पेश 'शांगहाई सहयोग संगठन के ढांचे में चीन-भारत का आउटलुक' शीर्षक रिपोर्ट सुनी, जो कि महत्वपूर्ण लगी। ज्ञात हुआ कि शांगहाई सहयोग संगठन की स्थापना के शुरूआती दौर में भारत ने इसमें बड़ी रुचि दिखाते हुये उसने वर्ष 2005 में शांगहाई सहयोग संगठन का पर्यवेक्षक देश बनने के लिये आवेदन किया। वर्ष 2009 में येकातेरिनबर्ग शिखर सम्मेलन में भारत ने पहली बार शिखर कमेटी में हिस्सा लिया, जो कि इस बात का द्योतक है कि भारत का शांगहाई सहयोग संगठन में प्रवेश की प्रगति वास्तविक तौर पर तेज़ हो चुकी है। इतना ही नहीं वर्ष 2015 में शांगहाई सहयोग संगठन के ऊफ़ा शिखर सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान को शांगहाई सहयोग संगठन में शामिल करने की प्रक्रिया संबंधी प्रस्ताव को मान लिया गया। भारत और पाकिस्तान ने इस संगठन में हिस्सा लेने की तैयारी शुरू की और जून 2017 में अस्ताना शिखर सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान को शांगहाई सहयोग संगठन का औपचारिक सदस्य देश बनने की पुष्टि की गयी। निःसंदेह भारत द्वारा शांगहाई सहयोग संगठन में भाग लेने से चीन और भारत के लिए नया बहुपक्षीय सहयोग मंच तैयार हुआ है।

निश्चित तौर पर शांगहाई सहयोग संगठन यूरोपीय और एशियाई महाद्वीपों का सबसे बड़ा क्षेत्रीय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग संगठन है। यह संगठन वर्तमान में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिये प्रयासरत है। आगामी जून माह में चीन के छिंगताओ में आयोजित शांगहाई शिखर सम्मेलन के मद्देनज़र इस विस्तृत रिपोर्ट का हम श्रोताओं के लिये ख़ास महत्व है।

विशेष कार्यक्रम "स्वर्णिम चीन के रंग" के तहत गतांक की कड़ी 'श्वाछ और फ़ारस के घोड़े' के बाद पेश आज की कड़ी भी अहम लगी। विशेषकर, शीआन के शिलालेखों के जंगल सम्बन्धी जानकारी ज्ञानवर्ध्दक लगी।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" के विशेष सेगमेंट में दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित सामुदायिक रेडियो की गीतांजलि द्वारा लिया गया अखिल पाराशर का साक्षात्कार सुना, जिसे सुन कर उनकी चीनी-भाषा सीखने के पीछे की पूरी कहानी समझ में आ गयी। वास्तव में चीनी भाषा विश्व की कठिनतम भाषाओं में से एक है और यह अखिलजी का चीनी भाषा का ज्ञान ही है कि जिसने आज उन्हें इस बुलंदी तक पहुंचा दिया। हमें इस साक्षात्कार का अगला भाग सुनने की बेसब्री से प्रतीक्षा रहेगी।

कार्यक्रम में आगे 'चीनी मुहावरे' क्रम में आज पेश 'शिष्टाचारी की हद' सम्बन्धी मुहावरे की चर्चा शिक्षाप्रद लगी।

श्रोताओं का अपना मंच साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" हर बार की तरह आज भी श्रोताओं के विचारों और प्रतिक्रियाओं को समुचित स्थान दिया गया। व्हाट्सऐप के ज़रिये भाई शंकर प्रसाद शम्भू द्वारा प्रेषित ज़ोक्स भी क़माल के थे।

 

पंकजः सुरेश जी लिखते हैं कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत यह रिपोर्ट सुन कर प्रसन्नता हुई कि तिब्बत के राजधानी शहर ल्हासा ने अपना ग़रीबी उन्मूलन लक्ष्य जुलाई 2017 में ही हासिल कर लिया था। इस परिप्रेक्ष्य में ल्हासा शहर के छंगक्वान जिले का ख़ास तौर पर ज़िक्र किया गया, जिसका क्षेत्रफल 523 वर्ग-किलोमीटर और जनसंख्या कोई छह लाख पचास हजार है और ल्हासा के पोताला महल, जोखांग मंदिर, रामोजी मंदिर और नोरबुलिंग्का पार्क आदि विश्वप्रसिध्द तीर्थ स्थल भी इसी क्षेत्र में आते हैं।

कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अन्तर्गत विगत बारह वर्षों से क्वांगचो में रहने वाले भारतीय कारोबारी पूरणलाल जसवानी से ली गई भेंटवार्ता सुन कर एहसास हुआ कि यदि चीन और भारत हाथ मिलाकर चलें, तो दोनों देशों को कितना लाभ हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी के 'मेक इन इण्डिया' कार्यक्रम के तहत काम कर रहे जसवानी जी द्वारा भारत के विभिन्न प्रदेशों में चीनी निवेश से चलायी जा रही परियोजनाओं पर भी महती जानकारी प्रदान की गई।

वहीं साप्ताहिक "आपकी पसन्द" हर बार की तरह आज भी मनोरंजन और ज्ञान से भरपूर था। श्रोताओं के पसन्दीदा फ़िल्म के गानों के साथ दी गयी तमाम जानकारी भी रोचक और आश्चर्यजनक लगी।

साप्ताहिक "संडे की मस्ती" के 'संडे स्पेशल' में कोलकाता स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास और चीनी-भाषा स्कूल द्वारा 10 मई को कोलकाता में संयुक्त रूप से आयोजित उच्च शिक्षा प्रदर्शनी पर पेश विशेष रिपोर्ट अच्छी लगी। वास्तव में, वूहान में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाक़ात के महज़ बारह दिनों बाद ही भारत में इस तरह की उच्च शिक्षा प्रदर्शनी का आयोजन अपने आप में दोनों देशों के बीच बढ़ती समझ-बूझ का द्योतक है। रिपोर्ट सुन कर अन्य बातों के अलावा यह अहम जानकारी भी हासिल हुई कि वर्तमान में चीन में कोई 18 हज़ार भारतीय छात्र और भारत में 2 हज़ार से अधिक चीनी विद्यार्थी पढ़ते हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यह प्रदर्शनी चीन पढ़ने जाने वाले विद्यार्थियों के लिये एक खिड़की की तरह है।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें पत्र और प्रतिक्रिया भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में पश्चिमी चीन के येनछुएन काउंटी में ल्यांगचाह गाँव पहले बहुत गरीब था। बड़ी कोशिशों के बाद इस गाँव की कायापलट हुई है। अब यहाँ बहुमंजिले मकान, पक्की सड़कें, ब्रॉडबैंड, वाई-फाई और कई आधुनिक वस्तुएँ उपलब्ध हैं।

दूसरी रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय अभिनेता आमिर खान को चीन में सांस्कृतिक राजदूत बनाने वाला है। यह अब चीन भारत के बीच संबन्ध की वह सेतु की भूमिका निभाना चाहते हैं।

अगले साप्ताहिक कार्यक्रम "आर्थिक जगत" में बताया गया कि इस वर्ष चीन में सुधार और खुलेपन की नीति लागू होने की 40वीं वर्षगांठ के साथ-साथ 'एक पट्टी एक मार्ग' प्रस्ताव पेश किये जाने की पाँचवीं वर्षगांठ भी है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अध्यक्ष क्रिस्टिन लगार्ड ने चीन यात्रा के क्रम में पेइचिंग में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष चीन के साथ सहयोग गहराने में जुटा रहेगा और चीन द्वारा प्रस्तुत 'एक पट्टी एक मार्ग' प्रस्ताव का सक्रिय रूप से समर्थन करेगा। 'एक पट्टी एक मार्ग' प्रस्ताव अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है। यह रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी।

 

पंकजः शंभू जी ने आगे लिखा है कि कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुना कि वर्ष 2009 में येका तेरिनबर्ग शिखर सम्मेलन में भारत ने पहली बार शिखर कमेटी में हिस्सा लिया और वर्ष 2017 के जून माह के अस्ताना शिखर सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान को शांगहाई सहयोग संगठन के औपचारिक सदस्य देश बनने की पुष्टि की गयी। भारत द्वारा शांगहाई सहयोग संगठन में भाग लेने से चीन और भारत के लिए बहुपक्षीय सहयोग मंच तैयार हुआ। शांगहाई सहयोग संगठन यूरोपीय और एशियाई महाद्वीप में सबसे बड़ा क्षेत्रीय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग संगठन है। यदि चीन और भारत शांगहाई सहयोग संगठन की सहयोग प्रणाली का कारगर प्रयोग कर सक्रिय रूप से बहुपक्षीय सहयोग करेंगे, तो न सिर्फ़ शांगहाई सहयोग संगठन के विकास के लिए, बल्कि चीन-भारत द्विपक्षीय संबंधों के विकास को आगे बढ़ाने में भी लाभदायक सिद्ध होगा।

वास्तविक रूप से देखा जाए शांगहाई सहयोग संगठन की व्यवस्था में चीन और भारत द्वारा क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता, आपसी संपर्क और ऊर्जा, वित्त और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग करना दोनों देशों और शांगहाई सहयोग संगठन के सभी सदस्य देशों के हितों से मेल खाता है। विश्वास है कि दोनों देश द्विपक्षीय अंतर्विरोध को दरकिनार करते हुए एक साथ शांगहाई सहयोग संगठन के विकास में भाग लेकर इसे आगे विकसित कर सकेंगे।

श्रोताओं के चहेता साप्ताहिक कार्यक्रम "आप का पत्र मिला" में सर्वप्रथम मेरे पत्र को पढ़ा गया। उसके बाद क्रमश: सऊदी अरब के श्रोता भाई सादिक आजमी, बेहाला कलकत्ता से श्रोता भाई प्रियंजीत कुमार, केशिंगा उड़ीसा के मॉनिटर भाई सुरेश अग्रवाल और मुक्तसर पंजाब के श्रोता भाई गुरमित सिंह का पत्र पढ़ा गया और अंत में मेरे द्वारा भेजा गया जोक्स सुनाया गया। सुरेश भैया को जोक्स पसंद आने के लिए हार्दिक धन्यवाद।

 

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि कार्यक्रम "चीन का तिब्बत" में सुनाया गया कि तिब्बत के ल्हासा शहर के छंगक्वान जिले का क्षेत्रफल 523 वर्ग किलोमीटर है। और जनसंख्या छह लाख पचास हजार है, जिसमें अधिकांश लोग गरीब ही थे। गरीब निवासियों की मदद के लिए स्थानीय सरकार ने काम के उच्च मानक के अनुसार सभी प्रासंगिक प्रक्रियाओं को पूरा कर गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य पूरा किये हैं। वर्ष 2015 में यहाँ प्रति व्यक्ति के लिए शुद्ध आय मात्र 2153 युवान थी, जबकि आज यह आय 9560 युआन तक पहुंच चुकी है। छंगक्वान जिले में सटीक तौर पर गरीबी मिटाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्थानीय सरकार ने बहुत से कारगर कदम उठाने के साथ ही उन गरीब लोगों को शिक्षा और दैनिक जीवन की कठिनाइयों को दूर करने के लिए मदद प्रदान की है।

अगले साप्ताहिक कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फोकस" में चीन के क्वांगचो शहर में 12 वर्षों से रहने वाले भारतीय व्यवसायी पूरन लाल जसवानी से ली गयी भेंटवार्ता का मुख्य अंश सुनाया गया, जिसमें इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट के संतुलन, मेक इन इण्डिया और मेड इन चाइना के साथ ही हिन्दी और चाइनीज लैंग्वेज को भारत और चीन दोनों देशों में बढ़ावा देने जैसी बिन्दुओं पर बातचीत की गई। यह भेंटवार्ता पसन्द आई। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद।

 

पंकजः दोस्तों अब पेश है शंकर प्रसाद शंभू जी द्वारा व्हट्सएप के जरिए भेजे गए जोक्स।

पहला जोकः

टीचरः ईरादे बुलन्द होने चाहिये, पत्थर से भी पानी निकाला जा सकता है।

पप्पूः मैं तो लोहे से भी पानी निकाल सकता हूँ।

टीचरः कैसे?

पप्पूः हैंड पम्प से।

दूसरा जोकः

छोटा बच्चा थाने के सामने रोड पर पोट्टी कर रहा था,

पुलिस ने उसे पकड़ लिया, उसे ले जाने लगे।

तो बच्चा हँसते हुए बोला,

कानून के रखवालों,

सबूत तो उठा लो…!!

 

पंकजः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए पंकज श्रीवास्तव और ललिता को दीजिए इजाज़त, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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