20180411

2018-04-11 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। तो लीजिए प्रोग्राम का आगाज करते हैं। पहला पत्र हमें आया है जमशेदपुर झारखण्ड से एस बी शर्मा का। लिखते हैं कि चीन में 5 अप्रैल को छिंगमिंग उत्सव मनाया गया। चीनी लोग इस दिन अपने पूर्वजों को याद करते हैं। उनके कब्र पर जा कर फूल अर्पित करते हैं। चीनी लोग जहां भी रहते हैं, इस त्यौहार को मानते हैं। इसी क्रम में भारत स्थित चीनी दूतावास के कर्मचारियों ने भारत के असम के मार्गेरिटा इलाके के लोंगठोंग गांव जाकर द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए चीनी सैनिकों की समाधि पर श्रृद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में दूतावास के कर्मचारियों के अलावा, स्थानीय चीनी निवासी, चीनी उद्यम और चीनी मीडिया के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिकों सहित लगभग 150 लोग शामिल थे। भारत स्थित चीनी दूतावास के काउंसलर छेंग बिनह्वांग ने चीनी सैनिकों की कहानी बतायी, फिर स्थानीय सरकार और नागरिकों को सैनिकों की समाधि की रक्षा करने के लिए धन्यवाद दिया। हाल के वर्षों में भारत स्थित चीनी दूतावास और स्थानीय सरकार की कोशिश से सैनिकों की समाधि की स्थिति में सुधार आया है। इसी तरह की एक समाधि स्थल रांची के नजदीक झारखण्ड में भी है। कुछ दिनों पहले चीनी दूतवास के लोगों ने वहां जाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

एस बी शर्मा जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल से शिवेन्दु पल ने। लिखते हैं कि 29 मर्च को प्रस्तुत टी टाइम कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा। बहुत सारी अच्छी और रोमांचक जानकारी मिली। आर्थिक जगत कार्यक्रम में चीन के विदेशी व्यापार पर चर्चा अच्छी लगी।

शिवेन्दु पल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि मैं नियमित तौर पर आपका कार्यक्रम सुनता हूं। पिछले कार्यक्रम में कराची की लड़की से मुंबई के लड़के की शादी की खबर बहुत अच्छी लगी। वहीं फिल्म की खबर रानी मुखर्जी की फिल्म हिचकी के बारे में सुना। इस फिल्म ने मर्दानी के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं।

वहीं टप्परवेयर कंपनी अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में आहार मुहैया करवाने वाली है। वहीं क्रिकेट कप्तान एम.एस धोनी ने एक समारोह में राष्ट्रपति से पुरस्कार हासिल किया। उनके साथ अन्य खिलाड़ियों को भी यह पुरस्कार दिया गया। मेरे पत्र को कार्यक्रम में शामिल करने के लिए शुक्रिया।

प्रियंजीत कुमार आगे लिखते हैं कि संडे की मस्ती, चीन में डाइनामाइट से बीस साल पुरानी लगभग 150 फीट ऊंची बिल्डिंग को गिराने की खबर सुनी। जबकि दो साल के बाद समुद्र से कैमरा मिलने और सही ढंग से उसके काम करने का समाचार आश्चर्यजनक लगा। जबकि राजस्थान में गायों के एंप्लीफायर के जरिए भजन सुनकर दूध बढ़ने की खबर भी अच्छी लगी।

प्रियंजीत जी हमें पत्र भेजने के लिए आपका शुक्रिया।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है मुक्तसर पंजाब से गुरमीत सिंह ने। लिखते हैं कि बहुत-बहुत शुक्रिया कि आपने मेरा पत्र अपने प्रोग्राम में शामिल किया। साथ ही पाँच अप्रैल का टी-टाइम कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा। इसमें पेश कहानी से लगा कि सच में प्यार की कोई सीमा या सरहद नहीं होती है। अगर जीवन साथी वफादार हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। वहीं कार्यक्रम में पेश जोक्स भी अच्छे लगे। शुक्रिया।

गुरमीत सिंह जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः अब लीजिए पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि इस सप्ताह "टी टाइम" का आनंद लेने के उपरांत आपकी सेवा में उपस्थित हूं। आरम्भ में सोशल मीडिया पर वायरल दो प्रमुख खबरों पर समीक्षा सूचनाप्रद के साथ शिक्षाप्रद लगी। एक तरफ प्यार पर भरोसा तो दूसरी तरफ इंसानियत का मान रखते हुए पुलिसकर्मी की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। आगे अंतरिक्ष में हो रही नई गतिविधियों पर आधारित रिपोर्ट में मानव के नए कीर्तिमान का पता चला। यहां पर कहना जरूरी समझता हूं कि जिस प्रकार विश्व के वैज्ञानिकों में अंतरिक्ष में कुछ नया करने की होड़ मची है और अरबों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अगर उसके विपरीत ज़मीनी स्तर पर मानव हितों की रक्षा उनकी जीवनशैली में सुधार पर ध्यान केन्द्रित किया जाए, तो सबसे उत्तम प्राणी होना सार्थक हो जाए। आज जब किसी नंगे भूखे पर नज़र पड़ती है तो अंतरिक्ष में किसी नए पिंड की खोज व्यर्थ लगती है। धोनी की क्रिकेट में सेवाओं पर गौर करें तो यह सम्मान उनके लिए सटीक बैठता है। श्रोताओं की प्रक्रियाओं को कार्यक्रम में उचित स्थान दिया जाना उम्दा लगा। एक अच्छी प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें।

सादिक आज़मी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है छत्तीसगढ़, भिलाई, दुर्ग से आनंद मोहन बैन का। लिखते हैं कि चीनी शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्परेशन (एससीआईसी) की वूहान कंपनी ने हाल ही में एक 4 लाख टन भार वाली महासागरीय यातायात मेगा बोट का निर्माण पूरा किया और 22 मार्च को पूर्वी चीन के छिंगताओ शहर में ग्राहक को सौंप दिया। ये समाचार मेरे लिए काफी चमत्कार से भरा था। ये मेगा बोट विशेष तौर पर ब्राज़ील की मशहूर खनिज कंपनी वेल ऑफ ब्राज़ील के लिए बनाई गई है, जो ब्राजील से चीन तक लौह अयस्क के यातायात में इस्तेमाल की जाएगी। अच्छी रिपोर्ट वेब साइट पर देने के लिए धन्यवाद।

आनंद मोहन बैन जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम "टी टाईम" का ताजा अंक का प्रसारण हुआ, जिसमें अनिल भाई से सुना कि जहां प्यार हो तो वहां कोई सरहद उसे नहीं रोक सकती, कराची की लड़की साराह हुसैन ने मुंबई के लड़के मुस्तफा दाउद से प्यार किया और सोशल मीडिया पर उनकी खूबसूरत लव स्टोरी वायरल हुई। प्यार, रोमांस और विवाह के आइडिया ने फेसबुक पर लोगों का दिल जीत लिया है। पोस्ट में सराह ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने दोस्त मुस्तफा दाऊद से शादी की और उस के दो महीने बाद ही वो पति के साथ मुंबई शिफ्ट हो गईं और उनके पति की जॉब चली गई। दोनों ने छोटी काम ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं हुआ तो पाकिस्तान में जो वो मेक-अप आर्टिस्ट का काम किया करती थीं। वही काम शुरू कर दिया, जिसमें उनके पति ने उनका साथ दिया और आज उनका जीवन बहुत अच्छा हो गया है।

शंकर जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "अतुल्य चीन" के तहत पूर्वी चीन के छिंगताओ शहर में अयस्क की ढुलाई करने वाले भीमकाय ज़हाज़ को उसके ग्राहक के सुपुर्द किये जाने सम्बन्धी समारोह का ज़िक्र किया गया। सचमुच, चीन में सृजन और विकास का प्रतीक यह ज़हाज़ ब्राज़ील और चीन के मध्य सहयोग की एक मिसाल भी क़ायम करता है।

नये कार्यक्रम "स्वर्णिम चीन के रंग" के अंतर्गत प्राचीन रेशम मार्ग और चीन में रेशम उत्पादन के इतिहास पर अहम जानकारी प्रदान की गयी। जहाँ कार्यक्रम सुन कर शीआन से पामीर तक जाने वाले सात हज़ार किलोमीटर लम्बे रेशम मार्ग के बनने की कहानी का पता चला। वहीं यह भी ज्ञात हुआ कि चीन के शानशी प्रान्त में सन् 23 से 79 के बीच रोम के लेखक द्वारा चीन में रेशम वस्त्र होने का उल्लेख किया गया है। भारत में तो लोगों को चीनी रेशम उत्पादन के बारे में चन्द्रगुप्त काल में ही जानकारी थी। धन्यवाद इस सार्थक प्रस्तुति के लिये।

 

अनिलः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" के तहत आज एक बहुत ही ख़ास रिपोर्ट सुनने को मिली। जी हाँ, चीन में चीनी नव-वर्ष वसंतोत्सव के बाद मनाये जाने वाले सबसे बड़े त्यौहार 'छिंगमिंग' के बारे में पेश विस्तृत रिपोर्ट बेहद अच्छी लगी। इस त्यौहार की सबसे अच्छी बात यह लगी कि इस मौके पर लोग अपने परिजनों की समाधि पर जाकर उसकी साफ़-सफ़ाई करते हैं और रोज़मर्रा की कागज़ से बनी वस्तुएं चढ़ाते हैं। रिपोर्ट में इस त्यौहार से जुड़ी राज़ा स्वांग चांग की कहानी भी मार्मिक लगी। यह जान कर अवश्य कुछ अज़ीब लगा कि इतना बड़ा त्यौहार होने के बावज़ूद इसे चीन में राजकीय दर्ज़ा प्राप्त नहीं है, फिर सिंगापुर और मलेशिया आदि देशों में इसे पूरे सम्मान से मनाया जाता है। यह जान कर तो और भी अच्छा लगा कि हर पाँच अप्रैल को मनाये जाने वाले इस त्यौहार के अवसर पर चार अप्रैल की मध्य-रात्रि से छह अप्रैल की आधी रात तक चीन में राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों से कोई कर नहीं वसूला जाता।

चीनी मुहावरा क्रम में आज 'किसी की सज़ा दूसरों के लिये चेतावनी होती है' निहितार्थ मुहावरे की चर्चा भी ज्ञानवर्ध्दक लगी।

कार्यक्रम "चीनी कहानी" के अन्तर्गत होस्ट लीला भट्ट द्वारा पेश श्रृंखला घुड़सवार मेंढ़क की उपकथा 'काठ का घोड़ा' की आज की कड़ी भी रुचिकर लगी। हमें इसका शेष भाग सुनने की बेसब्री से इंतजार रहेगा।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" में हर बार की तरह आज भी श्रोताओं के पत्रों और प्रतिक्रियाओं को यथोचित स्थान दिये जाने के बाद व्हट्सएप्प के ज़रिये 'विचारधारा या विज़न' पर प्रेषित श्रोता एस.बी.शर्मा के विचार अच्छे लगे।

वहीं "बाल-महिला स्पेशल" कार्यक्रम में हाल ही में सम्पन्न 68वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म दिवस पर युवा तिब्बती फ़िल्म निदेशक लहापाल ग्या की पहली फ़िल्म 'वांगड्राक के बारिश के जूते', जो कि नयी पीढ़ी की प्रतिस्पर्द्धा इकाई में शामिल की गयी, के बारे में दी गयी जानकारी अच्छी लगी।

साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत तिब्बती भू-दासों की मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में गत 28 मार्च को चीन के तिब्बती अध्ययन केन्द्र द्वारा आयोजित विशेष संगोष्ठी पर पेश रिपोर्ट अहम लगी। बताया जाता है कि इस मौके पर उपस्थित विद्वानों ने अपने अनुसंधान के माध्यम से यह साबित किया कि तिब्बत प्राचीनकाल से ही चीनी प्रादेशिक भूमि का एक अंग है और तिब्बती जाति भी चीनी राष्ट्र की महत्वपूर्ण सदस्य है। तिब्बती परंपरागत संस्कृति को भी चीनी राष्ट्र में बहु सांस्कृतिक घटक के रूप में माना जाना चाहिये।

साप्ताहिक "आपकी पसन्द" में श्रोताओं के पसन्दीदा फ़िल्म के छह गानों के साथ दी गई तमाम जानकारी भी रुचिकर और ज्ञानवर्ध्दक लगी। "संडे की मस्ती" कार्यक्रम भी पहले की ही तरह लाजवाब रहा। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिए।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों अब पेश है गोरखपुर उत्तर प्रदेश से ब्रदी प्रसाद वर्मा अंजान द्वारा व्हट्सएप के जरिए हम तक भेजी गयी बाल कहानी, जिसका शीर्षक है बाल जगत...

 

20180411

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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