20180103

2018-01-03 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। तो लीजिए प्रोग्राम का आगाज करते हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम नए साल यानी 2018 में पहुंच चुके हैं और हमें कई श्रोताओं ने नए साल की शुभकामनाएं भेजी। आज के कार्यक्रम में हम कुछ श्रोताओं के पत्रों को शामिल कर रहे हैं। पहला पत्र हमें आया है आरा बिहार से राम कुमार नीरज का। लिखते हैं कि एक बार फिर पुराना वर्ष जाने को है और नया साल आने को है। कुछ पंक्तियों के माध्यम से अपनी शुभकामनायें प्रेषित कर रहा हूँ। उम्मीद है स्वीकार्य होगा। दोस्तों, हालांकि हम नए साल में प्रवेश कर चुके हैं, फिर भी हम राम कुमार नीरज की ये पंक्तियां शामिल कर रहे हैं।

भुला दो बीता हुआ कल,

दिल में बसे आने वाला कल,

हंसो और हंसाओ, चाहे जो भी हो पल,

खुशियाँ ले कर आयेगा आने वाला कल!

नए वर्ष 2018 की हार्दिक शुभकामनायें।

राम कुमार जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया और उम्मीद करते हैं कि 2018 आपके लिए बहुत सारी खुशियां लेकर आएगा।

 

ललिताः वहीं द्वारका दिल्ली के राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय के महेश जैन ने भी हमें पत्र भेजा है। लिखते हैं कि नए साल के अवसर पर दिल की गहराइयों से आप सब का अभिवादन। बीता साल बहुत सी चुनौतियों और आशाओं से भरा था और मेरा ये यकीन है कि नया साल हमेशा नई चुनौतियों और नई आशाओं को ले कर आएगा।

मेरा पसंदीदा रेडियो स्टेशन सीआरआई हिन्दी मुझे पूरे साल के समाचार, विचारों, वर्तमान मामलों, संस्कृति और परंपरागत प्रौद्योगिकी, राजनीति और मनोरंजन के बारे में हमेशा अपडेट करता रहा। मैं इस तरह के एक अद्भुत सेवा के लिए आपके लिए वास्तव में आभारी हूँ और मैं दृढ़ता से विश्वास करता हूं कि आने वाले वर्ष में भी यही होगा।

 

अनिलः आगे लिखते हैं कि दुनिया भर में वर्षान्त उत्सव का आगमन होता है और दुनिया इसे मना रही है। दुनिया का हर देश अपने अलग अंदाज़ में नए साल का जश्न मनाता है। एक रेडियो श्रोता होने के तौर पर मुझे दुनिया भर में क्रिसमस और नए साल के समारोहों की विभिन्न शैलियों के बारे में जानने का अवसर मिलता है। रेडियो का डायल हमें दुनिया भर के विभिन्न रेडियो स्टेशनों को सुननाने का अद्भुत अवसर देता है। हर साल हमें नए साल के उत्सव के अनोखे और अद्भुत तरीके सुनने को मिलते हैं। मुझे विश्वास है कि सीआरआई हिन्दी इस अवसर को आगे बढ़ाएंगा और हम सभी को रेडियो, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपडेट करता रहेगा।

महेश जी, हम आपको कोशिश करेंगे कि अपडेट देते रहें और आजकल जैसा कि आप जानते हैं कि फेसबुक पेज हमारा है और हम इसपर लगातार जो भी नया समाचार हो या नई जानकारी चीन के बारे में हो या फिर किसी अन्य देश के बारे में हो या फोटो हो, हम उसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हैं। और उम्मीद करते हैं कि आप हमारा फेसबुक पेज फोलो करेंगे।

आगे लिखते हैं कि हम यहां भारत में मजे और उत्साह से नया साल मनाते हैं। जहां कुछ लोग पार्टियां करने के लिए बाहर जाते हैं, वही मेरे जैसे कुछ लोग घर पर रह कर परिवार के साथ इसे मनाते हैं।

देखिए महेश जी, चीन में भी लगभग इसी तरह का होता है। हालांकि चीन का नया साल कुछ समय के बाद होगा और उस को लेकर चीन में बहुत ज्यादा उत्साह होता है। हालांकि जो यह अंग्रेजी कैलेंडर वाला नया साल है, इस को लेकर भी आजकल बड़े शहरों में उत्साह देखने को मिलता है और जो पहली जनवरी होती है, इस दिन को चीन के तमाम सरकारी दफ्तरों में छुट्टी होती है और जैसा कि आप भारत के बारे में बता रहे थे।

इसके अलावा इसमें कई अन्य क्षेत्रीय नव वर्ष समारोह भी हैं जो चंद्र कैलेंडर के मुताबिक आता है। महेश जैन ऐसा कहते हैं। लेकिन यहां हम पूरी तरह से दोनों को मनाते हैं और कितना अच्छा है कि ये हमारे पास एक वर्ष में अलग-अलग दिनों में दो नववर्ष आते हैं। है न कितना बढ़िया !!!!!

जी हां, चीन में भी इस तरह दो नव वर्ष आते हैं।

मैं ये उम्मीद करता हूं कि आने वाले साल में सभी तनाव और लड़ाई समाप्त हो जाएगी। मतभेदों की अधिक स्वीकृति होगी और वैश्विक समाज सहिष्णु हो जाएगा। हम प्रेम-शांति-खुशी का समर्थन करें और आइए हम सभी को "ग्रेट ग्लोबल सोसाइटी" बनाने की कोशिश करनी चाहिए और आइए हम सभी "फिर से महान राष्ट्र बनाने" के बजाय महान इंसान बनें। यह मेरा सपना है, जो वास्तविकता से बहुत दूर लगता है पर अशंभव नहीं।

महेश जैन जी, आपने इस पत्र के माध्यम से बहुत सारे लोगों को बहुत बड़ा एक संदेश दे दिया है। आप कहना चाहते हैं कि हम महान एक अच्छा इंसान बनना चाहिए, पहले हम अपने व्यक्तित्व को सुधारें, अपने परिवार को सुधारें, फिर उसके बाद देश आता है। जी हां, अगर हम खुद में महान बनने की कोशिश करते हैं, हम एक अच्छा इंसान बनते हैं, तो हमारा राष्ट्र अपने आप अच्छा हो जाएगा।

अंत में महेश जैन कहते हैं कि इस सकारात्मक सोच के साथ मेरी तरफ से सभी को बड़ा दिन और नया साल मुबारक हो......

महेश जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया। हम सभी श्रोताओं को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं आप सभी के लिए नया साल ढेर सारी खुशियां लेकर आएगा। शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि 26 दिसंबर के कार्यक्रम में पेइचिंग-शांगहाई बुलेट ट्रेन के बारे में चर्चा की गई। वहीं चीन के दक्षिणी शहर से हांगकांग जाने में महज 30 मिनट का समय लगेगा। यह ख़बर चीन के विकास की कहानी बयां कर रही थी। साथ ही भारत में विश्वभारती से जुड़े एक प्रतिनिधि के साथ चर्चा भी अच्छी लगी।

वहीं 28 दिसंबर के टी-टाइम कार्यक्रम में मैक्सिको और अमेरिका की सीमा पर गेट साल में एक बार खुलता है। दोनों देशों के आम लोग उस दिन अपने परिजनों और बिछड़े हुए लोगों से मिलते हैं। लेकिन इसके बावजूद लोग अपने जीवनसाथी को चुनना नहीं छोड़ते हैं। ऐसे ही एक कपल के बारे में बताया गया। जबकि हंसगुल्ले बेहतरीन लगे। शानदार कार्यक्रम पेश करने के लिए शुक्रिया।

प्रियंजीत जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है सऊदी अरब से सादिक आज़मी, जो कि हमारे पुराने श्रोता हैं। लिखते हैं कि आपकी वेबसाइट के माध्यम से पता चला कि 29 दिसंबर की सुबह भारत के मुंबई में स्थित एक इमारत में आग लग गई और अब तक लगभग 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 20 लोग घायल बताए जाते हैं। सबसे पहले हम मृतकों को श्रद्धांजलि प्रेषित करते हैं, वाकई यह एक दुखद समाचार है। चूंकि मुम्बई जैसे शहर में घनी आबादी वाले लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है, ऐसी घटनाओं की संभावना अकसर बनी रहती है और जैसा कि पता चला कि घटना के समय रेस्तरां में एक बर्थ्डे पार्टी चल रही थी, तो स्वाभाविक है भीड़ तो होगी ही।

भविष्य में इस प्रकार की घटना न घटे हम ऐसी कामना करते हुए इससे प्रभावित लोगों के प्रति स्नेह और सरकार से उचित मुआवजे की मांग करते हैं और आपके आभारी हैं कि तत्काल सूचित करते हुए अपनी वेबसाइट पर आपने इसे प्रमुख स्थान दिया।

सादिक आज़मी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया और हम भी आशा करते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी। और हां, हम आपको नए साल की शुभकामनाएं चीन से पहुंचाते हैं। जी हां, अब आप आजकल सऊदी अरब पहुंच गए हैं और उम्मीद करते हैं कि वहां से भी हमारे साथ जुड़े रहेंगे। शुक्रिया।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है छत्तीसगढ़, भिलाई, दुर्ग से आनंद मोहन बैन का। लिखते हैं कि आपके विशेष कार्यक्रम में पेश महादेश अच्छा लगा। पो पो और लो लो ने भारत के बारे में बहुत सारी जानकारियां दीं। ऐसे लोग अब विश्व में बहुत जरूरत है, जो शांति का दूत बनना चाहता है।

विश्व का आईना कार्यक्रम में रेगिस्तान को हरे घास में परिवर्तन करने वाले सज्जन को दिए जाने वाले अवार्ड के बारे में जानकारी मिली। दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो सबकी भलाई के लिए काम करते हैं। उन्हें बधाई।

आपका पत्र मिला कार्यक्रम में कार्मेला हेम्ब्रम का पत्र शामिल करने से नए श्रोताओं के बीच पत्र लिखने की रुचि बढ़ेगी। शंकर प्रसाद शम्भू जी को धन्यवाद। उनके प्रयास से सीआरआई हिंदी विभाग को एक नयी श्रोता मिली। राजेश कुमार महरा, सुवरो चटर्जी, एस बी शर्मा, प्रियंजीत कुमार घोषाल, शंकर प्रसाद शंभू, सुरेश अग्रवाल जी, बद्री प्रसाद वर्मा जी के पत्र भी शामिल हुए। बद्री प्रसाद वर्मा मेरा बहुत पुराने मित्र हैं। उनका पत्र आने से मालूम पड़ा कि ये कुशलपूर्वक हैं।

आनंद मोहन जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः अब लीजिए पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है गोरखपुर उत्तर प्रदेश से बद्री प्रसाद वर्मा ने। लिखते हैं कि टी टाइम कार्यक्रम सुना, जिसमें दुनिया के सबसे छोटे देश सी लैंड के बारे में जानकारी बहुत पसंद आई। नए अनोखे कैमरे के बारे में भी जानकारी अच्छी लगी। हालांकि इस प्रोग्राम में मुझे चुटकुले उतने अच्छे नहीं लगते हैं, कृपया अच्छे चुटकुले शामिल करें।

ब्रदी प्रसाद वर्मा जी, हम आपसे उम्मीद करते हैं कि आप लगातार हमारे साथ संपर्क बनाए रखेंगे और अगर आपके पास कोई चुटकुला, जानकारी या फिर कोई जोक हो, तो हमारे साथ शेयर कर सकते हैं, इससे अच्छा जोक अगर आपके पास हो, तो हम उसे प्रोग्राम में शामिल करेंगे, शुक्रिया।

वहीं दक्षिण एशिया फोकस कार्यक्रम में भारत के घटना क्रम पर उमेश चतुर्वेदी जी के साथ भेंटवार्ता पसंद आई। आज भारत की राजनीति में झूठ और झूठो का बोल बाला हो गया है और सच्चों का मुंह काला हो गया है। आप हर हफ्ते नए नए पत्रकारों से इंटव्यू लेने की कोशिश करें।

बद्री प्रसाद वर्मा जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया और आपकी शिकायत और सुझाव हम संबंधित विभाग तक पहुंचा देंगे।

 

ललिताः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि 'नव-वर्ष' की हार्दिक शुभकामनाएं !

साप्ताहिक "अतुल्य चीन" के तहत गत 15 से 17 दिसंबर तक पेइचिंग नॉर्मल विश्वविद्यालय के चू हाई कैंपस में आयोजित ब्रिक्स देशों के साहित्य मंच, जिसका विषय -नया युग, नया अनुभव, नयी कल्पना था, में चीन, ब्राजील, रूस, भारत और दक्षिण अफ़्रीक़ा आदि देशों के कोई दस एक लेखकों ने मंच में भाग लिया और बदलते परिवेश में लेखकों की रचनाधर्मिता और उनकी कल्पनाशक्ति पर गहन रूप से विचार विमर्श किया गया।

कार्यक्रम "चीन-भारत आवाज़" के अन्तर्गत द्वितीय ब्रिक्स फ़ोरम में भाग लेने चीन गये भारत के मधुकर गुप्ता से ली गयी भेंटवार्ता सुन कर ब्रिक्स देशों के लोक-उद्यम, भारत में भारी उद्योगों की महत्वपूर्ण स्थिति, उदारवादी अर्थव्यवस्था में बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा पर महती चर्चा सुनने को मिली।

साप्ताहिक "आर्थिक जगत" के तहत कुछ आर्थिक समाचारों के बाद पेश विशेष रिपोर्ट में 'चीन-फिलीपींस आर्थिक सहयोग एक-दूसरे के पूरक' जानकारी अच्छी लगी।

 

अनिलः सुरेश अग्रवाल आगे लिखते हैं कि 27 दिसम्बर को ताज़ा अन्तर्राष्ट्रीय समाचारों के बाद पेश विशेष कार्यक्रम "महादेश" सुना, जिसकी शुरुआत सर नायपॉल के कथन से की गयी तत्पश्चात विगत एक दशक से भारत में रह रहे चीनी युवा जोड़े लोलो और पोपो के अनुभव सुनवाया जाना अच्छा लगा। वह दोनों दो हज़ार साल पहले भारत से चीन गये बौद्ध-धर्म से बहुत प्रभावित लगते हैं, जिससे उनके मन में भारत के प्रति बहुत ही सम्मान की भावना दिखलायी पड़ती है। वे भारत को और अच्छी तरह समझने के लिये हिन्दी का अध्ययन कर रहे हैं और चीन-भारत के बीच शांतिदूत बन कर रहना चाहते हैं। मैं उनके इस ज़ज़्बे का दिल की गहराइयों से स्वागत करता हूँ। वर्षान्त के मौके पर ऐसी सार्थक प्रस्तुति के लिये आपका भी आभार।

वहीं साप्ताहिक "विश्व का आइना" के अन्तर्गत चीन के भीतरी मंगोलिया स्थित सातवें बड़े रेगिस्तान खुबुचि का निपटारा कर उसे हराभरा बनाने वाले वांग वन के बारे में दी गयी जानकारी प्रेरणादायक लगी। विगत दो दशक से मरुभूमि को हराभरा करने का भगीरथ प्रयास कर लोगों के जीवन में खुशहाली भरने वाले इन पृथ्वी-रक्षक को मेरा सलाम।

श्रोताओं के अपने मंच साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" की शुरूआत में एक बिलकुल नयी श्रोता के तौर पर किशनगंज बिहार की बहिन हेम्ब्रम को पाकर अपार प्रसन्नता हुई। हर बार की तरह आज भी आपने श्रोताओं के पत्रों और प्रतिक्रियाओं को बहुत तरज़ीह दी, जो कि क़ाबिल-ए-ताऱीफ कहा जायेगा। व्हट्सएप्प के ज़रिए गौराडीह, भागलपुर के श्रोता डॉ. हेमन्त कुमार द्वारा भेजे गये ज़ोक्स भी उम्दा लगे। धन्यवाद अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को स्नेह के धागे से बांधे रखने हेतु।

 

ललिताः कार्यक्रम "महादेश" के दूसरे भाग में भारत में सर्वेश कुमार द्वारा खोले गये पूरी तरह चीनी विशेषता वाले रेस्तरां 'द सिल्करूट होटल' पर दी गयी जानकारी अच्छी लगी। यह जानकर अच्छा लगा कि सर्वेश पूरे सिल्करूट पर जगह-जगह इस तरह के रेस्तरां खोलना चाहते हैं। जब उन्होंने यह बतलाया कि उनके रेस्तरां में लगी एक विशेष पेन्टिंग को बनाने में 40-45 दिन लगे थे, तो सच मानिये, उसे तुरन्त देखने की इच्छा उत्पन्न हुई।

कार्यक्रम "टी टाइम" के अन्तर्गत आज जानकारियों का सिलसिला दुनिया के सबसे छोटे देश के बारे में बतलाने से किया गया। बताया जाता है कि इंग्लैण्ड के पास समुद्र में स्थित इस देश का नाम "सीलैंड" है, जिसकी आबादी महज़ 27 है और जो अब पूरी तरह खण्डहर में तब्दील हो चुका है। यहां मैं आपको बता दूं कि यह जानकारी काफी पहले मैं सीआरआई पर ही सुन चुका हूँ।

वहीं पोलैण्ड स्थित पियानो अथवा वॉयलिन के आकार वाली इमारत के बारे में दी गयी जानकारी भी ख़ास कही जायेगी।

 

अनिलः वहीं साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत तिब्बत की सहायता के लिये दक्षिणी चीन के क्वांगतुंग प्रांत के फ़ोशान शहर से गये कार्यदल द्वारा न्यिंगची प्रिफेक्चर की मेडोक काउंटी में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्य पर पेश रिपोर्ट अच्छी लगी।

क्वांगतुंग प्रांत के कार्यदल द्वारा तिब्बती जनता के प्रति गहरी आंतरिक भावना के साथ मेडोक में छेड़ा गया गरीबी उन्मूलन अभियान वास्तव में बहुत लगा। फ़ोशान शहर से गये मेडोक के उप मजिस्ट्रेट श्ये क्वो काओ द्वारा मेडोक के विभिन्न गांवों का दौरा कर वहां के गरीब लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने हेतु किये गये प्रयासों के बारे में जान कर अच्छा लगा।

विशेष कार्यक्रम "दो महादेश" के तहत भारत में चीनी विशेषता वाले भोजन उपलब्ध कराने वाले सिल्करुट रेस्तरां और उसके संचालक सर्वेश कुमार के बारे में दी गयी जानकारी रुचिकर लगी।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "आपकी पसन्द" में श्रोताओं के पसन्दीदा फ़िल्मों के छह गानों के साथ दी गयी तमाम जानकारी भी रोचक, ज्ञानवर्ध्दक और आश्चर्यजनक लगी।

वहीं "संडे की मस्ती" कार्यक्रम की शुरुआत सपना और अखिल द्वारा नव-वर्ष के उपलक्ष्य में व्यक्त श्रोताओं के प्रति सुन्दर भावों से किया जाना मनभावन लगा। हमें बेसब्री से प्रतीक्षा रहेगी वर्ष 2018 के 'सण्डे की मस्ती' के पहले अंक की, जिसमें कुछ नया होने वाला है। धन्यवाद् एक रोचक प्रस्तुति के लिये।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों अंत में अब पेश है बाजिदपुर छंगवारा दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू द्वारा व्हट्सएप के जरिए भेजे गए जोक्स, जिन्हें हम शामिल कर रहे हैं।

पहला जोक हैः

पिंकी – डॉक्टर साहब मुझे अजीब सी बीमारी लग गयी है।

डॉक्टर – कौन सी?

पिंकी – जब मैं किसी से बात करती हूँ तो वो मुझे दिखाई नहीं देता।

डॉक्टर – ओह्ह ऐसा कब-कब होता है?

पिंकी – जब किसी से फोन पर बात करती हूँ तब।

डॉक्टर सुनते ही बेहोश है।

 

दूसरा जोकः

एक लेखक की नयी नयी शादी हुई।

बीवी की बर्थ डे पार्टी पर —

लेखक – मैं तुमको एक बुक गिफ्ट करना चाहता हूँ।

बीवी – वाओ, सो स्वीट।

लेखक – बताओ तुम्हारी फेवरेट बुक कौन सी है?

बीवी – आपकी चेकबुक।

लेखक अब तक बेहोश...

शंकर प्रसाद जी, हमें जोक्स भेजने के लिए आपका शुक्रिया और उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में हमें नई नई जानकारियों से अवगत कराते रहेंगे और इसके साथ ही फिर से आप सभी को नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएंष।

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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