20171227

2017-12-27 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, नया साल शुरू होने वाला है और अभी-अभी क्रिसमस बीता है। आप सभी को क्रिसमस की ढेरों बधाईयां और नए साल की बहुत सारी शुभकामनाएं। अब लीजिए दोस्तों, प्रोग्राम का आगाज करते हैं। आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे।

पहला पत्र हमें आया है एक नई श्रोता का। हमें बेहद खुशी हो रही है, इस ख़त को शामिल करते हुए। नई श्रोता हैं, हलीम चौक किशनगंज, बिहार से कार्मेला हेम्ब्रम। लिखती हैं कि मैं बिल्कुल नई श्रोता हूँ। मैंने इसी महीने दिसम्बर से ही आपके द्वारा प्रसारित कार्यक्रम सुनना आरंभ किया है। चाइना रेडियो इंटरनेशनल की जानकारी मुझे रेडियो वेरिटास एशिया के श्रोता सम्मेलन इंदौर में शंकर प्रसाद शंभू जी से मिली, जिन्होंने कई श्रोताओं के बीच सी आर आई की चर्चा करते हुए कार्यक्रम सारणी की फोटो कॉपी भी बाँटे।

अंतर्राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन में यह मेरी पहली चिट्ठी है और मुझे उम्मीद है कि आप अपने कार्यक्रम में इसे जरूर शामिल करेंगे।

देखिए कार्मेला जी, हमने आपकी चिट्ठी अपने प्रोग्राम में शामिल कर ली है और उम्मीद करते हैं कि आप लगातार हमसे संपर्क करती रहेंगी।

वह आगे लिखती हैं कि रविवार को मैं संडे की मस्ती कार्यक्रम सुना जो बहुत अच्छा लगा। चीनी गीत तो समझ में नहीं आया, लेकिन विश्व की संवेदनशील कहानी में भारत से जुड़ी कहानी बहुत रोचक लगी। सपना जी ने बड़े भावपूर्व अंदाज में प्यार के जीवन्त और आशावादी चरित्र का वर्णन किया। मुझे विश्वास है कि जीवन का यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

बीते सोमवार को प्रसारित कार्यक्रम अतुल्य चीन में चीनी चिकित्सा टीम नेपाल आकर मुफ्त में इलाज कर रही है। यह जानकर पता चला यह एक सराहनीय कार्य है। सचमुच चीनी चिकित्सकों ने उदारता का परिचय दिया है। उसी दिन एक फिल्म समीक्षक से भेंटवार्ता भी सुनी, अच्छी लगी।

नमस्कार चाइना में एक बिजनेसमैन से भेंटवार्ता और चीनी कहानी में टूटा हुआ दर्पण पुन: जुड़ना नामक कहानी शिक्षाप्रद लगी।

आपका पत्र मिला कार्यक्रम में कई श्रोताओं के साथ शंकर प्रसाद शंभू जी का भी पत्र पढ़ा गया, जिससे मुझे भी पत्र लिखने की प्रेरणा मिली और यह पत्र लिख डाला।

कार्मेला हेम्ब्रम जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। और सीआरआई में हम आपका स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि आप आगे भी हमें पत्र भेजती रहेंगी। धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बकानी खुर्द, झालावाङ राजस्थान से राजेश कुमार मेहरा ने। लिखते हैं कि गुरूवार को प्रस्तुत टी टाइम कार्यक्रम सुना। कार्यक्रम की शुरुआत में वर्तमान में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव और इण्डोनेशिया की खबर हमें कुछ सोचने को मजबूर करती है। वहीं तकनीक सम्बन्धी खबर में एयरटेल द्वारा लेह, लद्दाख में 4G सेवा शुरू करना अच्छी पहल है। हेल्थ टिप्स में दांतों का पीलापन हटाने के घरेलू उपाय स्वास्थवर्धक लगे।

राजेश कुमार मेहरा जी, कार्यक्रम सुनकर हमें प्रतिक्रिया भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है चितलापक्कम चेन्नई से सुवरो चटर्जी ने। लिखते हैं कि आपकी प्रस्तुति बहुत अच्छी लगी। चीन ने हान राजवंश के दौरान ही भूकंप का पता लगाने वाली मशीन तैयार कर ली थी। यह वास्तव में चीन की एक बड़ी उपलब्धि थी। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि मैं, लीला भट्ट को बेहतरीन प्रस्तुति के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। वह जिस तरह से कार्यक्रम पेश करती हैं, बहुत अच्छा होता है।

आगे लिखते हैं कि सीआरआई हिंदी की पूरी टीम को नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं। इसके साथ ही उन्होंने एक सवाल भी पूछा है कि क्या चीन भी अमेरिका की तरह डेलाइट सेविंग समय फॉलो किया जाता है।

देखिए, जहां तक मेरी जानकारी है, तो चीन में ऐसा नहीं होता है।

 

ललिताः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है जमशेदपुर झारखण्ड से एस बी शर्मा ने। लिखते हैं कि सीआरआई के वेब पेज पर चीन और श्रीलंका के बीच चावल रबड़ संधि की 65वीं वर्षगांठ के विषय में जानकारी हासिल हुई। आज से 65 साल पूर्व जब श्रीलंका में उपनिवेश की समाप्ति हुई, तो इन्हें चावल की आवश्यक थी और चीन को रबड़ और रबड़ से बनी सामग्री की कमी थी। ऐसी पृष्ठभूमि में दिसम्बर 1952 में चीन और श्रीलंका ने "चावल रबर संधि" पर हस्ताक्षर किए, जिसने दोनों देशों के सामाजिक और आर्थिक बहाली और विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चावल रबर संधि सिर्फ एक वाणिज्यिक संधि नहीं है, वह श्रीलंका-चीन दीर्घ कालिक दोस्ती का साक्षी भी है। चावल रबड़ संधि के 65वीं वर्षगांठ पर हमारी तरफ से दोनों देशों को बधाई।

एस बी शर्मा जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः अब पेश है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल का पत्र। लिखते हैं कि 18 दिसंबर को कार्यक्रम में अतुल्य चीन में मुफ्त में चिकित्सा कराने के बारे में चर्चा की गयी। वहीं नमस्कार चाइना में भारत से आए कपड़ा व्यापारी के साथ बातचीत सुनी, अच्छी लगी। साथ ही चीनी कहानी कार्यक्रम में लीला भट्ट ने बेहद शानदार ढंग से कहानी पेश की। जबकि विश्व का आईना कार्यक्रम में इंडोनेशिया में गरीबी उन्मूलन को लेकर हुए सम्मेलन के बारे में बताया गया, जिसमें 26 देशों के 120 प्रतिनिधि शामिल हुए। धन्यवाद।

वहीं टी-टाइम कार्यक्रम में सऊदी अरब में कई दशक के बाद सिनेमा हॉल खोलने का फैसला स्वागत योग्य है। यह सिनेमा प्रेमियों के लिए खुशी की ख़बर है। वहीं एयरटेल द्वारा लेह-लद्दाख में भी अपनी सेवा प्रदान करने की घोषणा का भी स्वागत किया जाना चाहिए। इसकी वहां के लोगों को सख्त जरूरत थी।

इसके साथ ही 18 दिसंबर को आर्थिक जगत कार्यक्रम में चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच कई क्षेत्रों में आदान-प्रदान को लेकर बताया गया, जिसमें साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र आदि के बारे में जानकारी दी गई।

 

ललिताः प्रियंजीत जी ने आगे लिखा है कि 24 दिसंबर को संडे की मस्ती कार्यक्रम में चीनी गाने पेश किए गए। जबकि अन्य रिपोर्ट भी अच्छी लगी। साथ ही संवेदनशील कहानी भी सुनी। आपके द्वारा पेश कार्यक्रम को मैं लगातार सुनता हूं। अच्छी प्रस्तुति के लिए शुक्रिया।

प्रियंजीत कुमार घोषाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवा।

 

अनिलः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बाजिदपुर छंगवारा दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू और उनके दोस्तों ने। लिखते हैं कि व्यस्तता के कारण आजकल देरी से पत्र लिख पाता हूँ। हमेशा की तरह देश विदेश के समाचार सुनने के बाद साप्ताहिक कार्यक्रम "विश्व का आईना" में सुनाया गया कि चीन की राजधानी पेइचिंग में 28 नवम्बर को आयोजित चीनी राष्ट्रीय ऊर्जा पूंजी समूह कंपनी का स्थापना सम्मेलन में चीन द्वारा वैश्विक प्रतिस्पर्धा शक्ति वाले विश्व के समुन्नत समग्र ऊर्जा समूह की ओर बढ़ाया गया एक कदम है।

अगले साप्ताहिक कार्यक्रम "आपका पत्र मिला" में सर्वप्रथम बेहाला कोलकाता के प्रियंजीत कुमार घोषाल का पत्र पढ़ा गया। इसके बाद आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के शादिक आजमी और केसिंगा उड़ीसा के भाई सुरेश अग्रवाल का पत्र भी शामिल किया गया और अंत में मेरे द्वारा भेजा गया जोक भी शामिल किया गया। सुरेश जी का पत्र मुझे बहुत प्रभावित करता है। इनके द्वारा पत्र को विस्तारपूर्वक लिखने से मुझे भी प्रेरणा मिलती है।

 

ललिताः शंभू जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक कार्यक्रम "बाल महिला स्पेशल" में बताया गया कि थियेटर देखने के क्रम में एक दर्शक ने ज्यादा स्पष्ट रूप से देखने हेतु खड़े हुए तो सभी दर्शकों ने खड़े होकर नाटक देखने लगे। इसे तो रंगमंच का प्रभाव ही कहा जा सकता है।

"टी टाईम" कार्यक्रम में सर्वप्रथम क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा की शादी की चर्चा रोमांटिक अंदाज में सुनायी गयी। उसके बाद हेल्थ टिप्स में माइग्रेन यानि आधे सिर में तेज दर्द जैसी बीमारी की चर्चा और उसके निदान हेतु नुस्खे ज्ञानवर्धक और उपयोगी लगे। कार्यक्रम के अंत में सुनाये गये तीनों जोक्स भी पसंद आए।

 

अनिलः शंभू जी ने आगे लिखा है कि रेडियो वेरिटास एशिया और सतप्रकाशन संचार केन्द्र इंदौर द्वारा आयोजित श्रोता सम्मेलन में भी मैं शामिल हुआ था। वहाँ रेडियो स्टूडियो में मेरा भी इंटरव्यू लिया गया। एक नयी श्रोता मिस कार्मेला हेम्ब्रम के साथ एक कार्यक्रम के लिये मुझसे भेंटवार्ता भी रिकॉर्ड की गई और उसका प्रसारण भी हुआ। मैं उस सम्मेलन में रेडियो वेरिटास एशिया के साथ-साथ चाइना रेडियो इंटरनेशनल भी सुनने के लिए श्रोताओं को प्रेरित किया गया और सीआरआई के कार्यक्रम सारणी की कॉपी भी बांटी गई।

वे पूछते हैं कि क्या सीआरआई इस तरह के श्रोता सम्मेलन का आयोजन नहीं कर सकता?

देखिए शंभू जी, हम भी आशा करते हैं कि भविष्य में अगर हो पाएगा, तो जरूर भारत में ऐसे श्रोता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। हमें पत्र भेजने और श्रोता सम्मेलन में हमारा प्रचार-प्रसार करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "अतुल्य चीन" के तहत नेपाल की राजधानी काठमाण्डू के समीप पांच शहरों में सछ्वान प्रान्त से गये बीस डॉक्टरों के दल द्वारा 10 दिसंबर से शुरू की गयी एक सप्ताह की निःशुल्क चिकित्सा सेवा पर पेश रिपोर्ट अच्छी लगी।

कार्यक्रम सुन कर यह भी पता चला कि वर्ष 2015 में नेपाल में आये बड़े भूकंप के बाद स्छ्वान प्रांत द्वारा बतौर राहत नेपाल को न सिर्फ चिकित्सा दल भेजा गया, बल्कि चिकित्सा-सामग्री और चंदा भी प्रदान किया गया। इसके अलावा स्छ्वान प्रांत द्वारा वर्ष 2016 और 2017 में दो बार नेपाली कृषि और स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किये गये। तब से दोनों पक्षों के बीच चिकित्सा, संस्कृति, सुरक्षा और आपदा प्रबन्धन आदि क्षेत्रों में भी आदान-प्रदान को काफी बढ़ावा मिला है। चीन द्वारा किया गया इस प्रकार का अंतरराष्ट्रीय सहयोग निश्चित तौर पर एक प्रशंसनीय कदम कहा जायेगा।

 

अनिलः कार्यक्रम "चीन-भारत आवाज़" के अन्तर्गत दिवंगत अभिनेता शशि कपूर पर फ़िल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव के साथ परिचर्चा का दूसरा भाग सुना। वास्तव में, शशि एक बेहतरीन कलाकार थे और यह परिचर्चा सुन कर उनके जीवन और कार्य के कुछ अनछुए पहलुओं पर अच्छी जानकारी हासिल हुई।

साप्ताहिक "आर्थिक जगत" में पेश विशेष रिपोर्ट में 'एक पट्टी एक मार्ग' योजना के तहत दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच सहयोग की चर्चा अच्छी लगी।

वहीं साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" की शुरुआत 'महिलाओं का किंगडम' शीर्षक चीनी गीत से किया जाना अच्छा लगा। विशेष सेगमेण्ट में हैदराबाद में गारमेंट्स से बिज़नेस की शुरुआत कर चीन में रेस्तरां स्थापित करने तक का सफ़र पूरा करने वाले चौधरीजी से की गयी बातचीत का दूसरा हिस्सा भी अच्छा लगा। बातचीत सुन कर पता चला कि चीन में कोई भी कारोबार शुरू करना कितना आसान है और वहां किसी को रिश्वत नहीं देनी पड़ती। बातचीत के दौरान टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में चीन-भारत के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी अच्छी जानकारी हासिल हुई। पता चला कि वर्तमान में भी कपड़ा, ज़िपर और बटन आदि का आयात भारत चीन से ही करता है। इसके साथ ही चीन में कपड़ा सस्ता होने के कारण का भी पता चला।

कार्यक्रम में आगे दक्षिण-पश्चिमी चीन स्थित कुइयांग में बिगडैटा यद्योग पर महती जानकारी हासिल हुई थी, परन्तु उच्चारण सम्बन्धी कठिनाई के चलते पूरी बात समझ में नहीं आयी, जिसका मुझे खेद है।

कार्यक्रम "चीनी कहानी" के अन्तर्गत होस्ट लीला भट्ट द्वारा पेश 'टूटा हुआ दर्पण पुनः जुड़ना' और 'चांग होंग और उसका भूचाल यंत्र' शीर्षक दोनों कहानियां सूचनाप्रद लगीं।

 

ललिताः वहीं "विश्व का आइना" कार्यक्रम में गत 28 नवम्बर को इंडोनेशिया के योगयकार्ता में आयोजित 14वें आबादी और विकास मंत्री स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, जिसकी मुख्य थीम -सतत शहर, आबादी का स्थानांतरण और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासीः दक्षिण-दक्षिण दृष्टिकोण और कदम थी, पर पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। बताया जाता है कि चार दिवसीय उक्त सम्मेलन में 26 देशों और संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से आये कोई 120 से ज्यादा प्रतिनिधियों द्वारा सतत शहर, आबादी स्थानांतरण और शहरों में स्वास्थ्य और बूढ़ेपन सहित समान रुचि वाले विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में आगे गत चार दिसम्बर को केन्या की राजधानी नैरोबी स्थित संयुक्तराष्ट्र पर्यावरण मुख्यालय में आयोजित पर्यावरण सम्मेलन और उसमें वैश्विक प्रदूषण के ख़तरे को दूर करने के विषय पर हुये विचार-विमर्श पर पेश रिपोर्ट भी काफी अहम लगी।

 

अनिलः श्रोताओं के अपने मंच साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" के अन्तर्गत हर बार की तरह पत्रों की महफ़िल ख़ूब सजी। शनै-शनै पत्रलेखक श्रोताओं की बढ़ती संख्या भी उत्साहवर्धक कही जायेगी।

साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" के तहत गत 15 दिसम्बर को वर्ष 2022 पेइचिंग च्यांगच्याखो शीतकालीन ओलम्पिक चिह्न 'शीतकालीन ओलम्पिक सपना' औपचारिक रूप से ज़ारी किये जाने के बारे में रिपोर्ट अच्छी लगी।

कार्यक्रम "टी टाइम" आज रिसैप्शन में एकाएक आयी ख़राबी के कारण ठीक से सुनना संभव नहीं हो पाया, जिसका मुझे खेद है। बहरहाल, क्रिसमस की शुभकामनाओं सहित।

सुरेश जी, क्रिसमस मनाया जा चुका है और हम इसके बाद भी आपको शुभकामनाएं देते हैं, शुक्रिया।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत दक्षिणी चीन के युन्नान प्रांत स्थित तीछींग तिब्बती जातीय स्वायत्त प्रिफेक्चर की वेशी कांउटी के गांव छीमींग में ग़रीबी उन्मूलन के तरीके पर पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। ग्रामवासियों की यह सोच बहुत अच्छी लगी कि आसपास के हरित पहाड़ों और नदियों के सुंदर प्राकृतिक दृश्यों को उजाड़े बिना उन्होंने विकास का मार्ग चुना। इतना ही नहीं, उन्होंने प्राकृति से जुड़े पर्यटन को बढ़ावा दिया, जिससे उनकी माली हालत में काफी सुधार हुआ। कार्यक्रम में आगे तीछींग प्रिफैक्चर पर संक्षिप्त जानकारी और वहां की ताज़तरीन ख़बरों से अवगत कराया जाना भी सूचनाप्रद लगा।

 

अनिलः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "आपकी पसन्द" हर बार की तरह आज भी लाज़वाब रहा। कार्यक्रम में दी गयी तमाम जानकारी भी आश्चर्यजनक और ज्ञानवर्ध्दक थी।

और "संडे की मस्ती" कार्यक्रम भी ध्यानपूर्वक सुना। क्रिसमस की पूर्वसंध्या पर चीनी जिंगल-बेल गीत से कार्यक्रम की शुरुआत किया जाना अच्छा लगा। 'विश्व की संवेदनशील कहानी' के तहत पेश लेखक फ़्रेडरिक ब्राउन की अमरीकी कहानी 'एक उपहार मंगल-ग्रह को' सुनी। काल्पनिक होते हुये भी लेखक द्वारा उसमें वास्तविकता का पुट बख़ूबी भरा गया था।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है कार्यक्रम का अंतिम पत्र, जिसे भेजा है गोरखपुर उत्तर प्रदेश से बद्री प्रसाद वर्मा ने। लिखते हैं कि नमस्कार चाइना कार्यक्रम में चीनी गीत और भारतीय रेस्तरां व्यापारी पंकज राय चौधरी से भेंट वार्ता का तीसरा भाग सुना, जो काफी पसंद आया। हमें खुशी है कि भारतीय व्यापारी बिना रोक टोक के चीन में अपना व्यापार कर रहे हैं।

बद्री प्रसाद वर्मा जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों अब पेश है गोराडिह, भागलपुर बिहार से डॉ. हेमंत कुमार द्वारा व्हट्सएप के जरिए भेजे गए जोक्स।

पहला जोक हैः

संता: "मुझे लोन चाहिये।"

बैंक अधिकारी: "बैंक में खाता है?"

संता: "अभी तो घर पे ही खाता हूँ। लोन दे दोगे तो बैंक में खा लिया करूँगा।"

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