20171206

2017-12-06 21:00:00
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। तो लीजिए प्रोग्राम का आगाज करते हैं। पहला पत्र हमें आया है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू और उनके तमाम दोस्तों का। लिखते हैं कि हमारे क्लब के सभी सदस्य हर बार आपके द्वारा पेश प्रोग्राम सुनते आ रहे हैं। साप्ताहिक कार्यक्रम "विश्व का आईना" में जलवायु परिवर्तन के निपटारे के लिये साझी कार्यवाही की जरूरत विषय पर जानकारी देते हुए बताया गया कि पेरिस के मेयर हिडलगो के आह्वान पर लंदन, लॅास एंजिल्स, हांगकांग, केप टाउन और बोगोटा आदि विश्व के चालीस से ज्यादा बड़े शहरों के मेयरों ने हाल में पेरिस में एक बैठक बुलाकर जलवायु परिवर्तन के लिए साझा सहयोग करें विषय पर वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के निपटारे के नये कदमों पर विचार विमर्श किया। यह एक विश्व कल्याण कारी कार्यक्रम की शुरुआत है, जो कि सराहनीय कदम कहा जाएगा। इस रिपोर्ट को सुनकर बेहद खुशी मिली।

अगले साप्ताहिक कार्यक्रम "आपका पत्र मिला" में बेहाला कोलकाता के प्रियंजीत कुमार घोषाल, केसिंगा उड़ीसा के भाई सुरेश अग्रवाल और भिलाई दुर्ग छत्तीसगढ़ के आनन्द मोहन बैन के कार्यक्रम पर आधारित टिप्पणी और भिंड मध्य प्रदेश के अनामदर्शी मसीह के ब्रह्म की उपासना नामक प्रेरक प्रसंग, जमशेदपुर झारखंड के एस बी शर्मा के मूल्यवान संसाधन पानी की महत्वपूर्ण जानकारी के साथ साथ भिलाई छत्तीसगढ़ के आनन्द मोहन बैन की कविता को पढ़ा जाना श्रोताओं के कद्र करने की झलक देखी जा सकती है। सचमुच आप श्रोताओं के पत्रों को बहुत महत्व देते हुए पढ़ा करते हैं।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें पत्र भेजने और हमारा समर्थन करने के लिए आपका शुक्रिया। हम भी आकर्षक कार्यक्रम बनाने के लिए प्रयास करते हैं।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि मैं आपका नियमित श्रोता हूं, आपके द्वारा पेश अतुल्य चीन कार्यक्रम में बताया गया कि चीन में 68 हज़ार पर्यटन शौचालयों के जीर्णोद्धार की योजना चल रही है। साथ ही अन्य कार्यक्रम भी बहुत पसंद आते हैं, जिनमें आपका पत्र मिला और आपकी पसंद शामिल हैं।

प्रियंजीत कुमार घोषाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए बहुत अहम है, आशा है आप लगातार हमें पत्र भेजते रहेंगे, शुक्रिया। इसके साथ ही हम आपसे यह अनुरोध करना चाहते हैं कि कृपया अपना पत्र या तो हिंदी देवनागिरी में लिखकर भेजें या अंग्रेज़ी भाषा में। आप जिस फार्मेट में हमें भेजते हैं, उसमें पत्र पढ़ने में परेशानी होती है। उम्मीद है कि आप इस बात पर ध्यान देंगे।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों, अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक "अतुल्य चीन" के तहत बताया गया कि गत 19 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र शौचालय दिवस के मौके पर चीन द्वारा अक्तूबर माह के अन्त तक ही कोई 68 हज़ार पर्यटन शौचालयों के जीर्णोधार या उनका निर्माणकार्य पूरा कर लिया गया था। इसके साथ ही चीन की त्रिवर्षीय शौचालय क्रांति परियोजना सफलता के साथ संपन्न हुई है। आगामी तीन सालों में चीन और 64 हज़ार पर्यटन शौचालयों का निर्माण करेगा और चौतरफा तौर पर पर्यटन शौचालय का स्तर उन्नत करेगा।

बताया जाता है कि साल 2015 की शुरुआत में चीनी राजकीय पर्यटन ब्यूरो की पहल पर देश में शौचालय क्रांति योजना की शुरुआत की गई थी। उसने 2015-17 की अवधि में सिलसिलेवार ढंग से लक्ष्य पेश किया। नीतिगत पूंजी समर्थन और नये नियमों के क्रियान्वयन के ज़रिये तीन साल के अंदर देश में 33 हज़ार और नये पर्यटन शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, जबकि 24 हज़ार शौचालयों का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा पर्याप्त संख्या, साफ सुथरा, निःशुल्क, प्रभावी प्रंबधन का लक्ष्य भी पूरा किया जायेगा।

कार्यक्रम "चीन-भारत आवाज़" के अंतर्गत लम्बे समय से चीन में रहने वाले फ़िक़्क़ी के कार्यकारी निर्देशक अतुलजी के साथ भेंटवार्ता का तीसरा और अन्तिम भाग सुन कर चीन की शेयरिंग इकोनॉमी, विश्व की इस दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के समक्ष पेश समस्या और चुनौतियों के अलावा अगले पांच सालों में उसका सम्भावित परिदृश्य आदि विषयों पर अहम विचार सुनने को मिले।

साप्ताहिक "आर्थिक जगत" के तहत कुछ आर्थिक समाचारों के बाद पेश 'युन्नान प्रान्त में ग़रीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मिली उपलब्धियां' शीर्षक रिपोर्ट भी सूचनाप्रद लगी।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" के विशेष सेगमेण्ट में चीन के वास्तुनिर्माण अथवा स्थापत्य-कला पर अहम जानकारी प्रदान की गई। वास्तव में, चीन की वास्तुकला बेजोड़ है, जिसमें चीन के साथ-साथ यूरोपीय और मुस्लिम स्थापत्य कला का संगम नज़र आता है। कार्यक्रम में चीन की प्राचीन राजमहल अथवा शाही प्रासाद वास्तुशैली पर भी बारीकी से चर्चा की गयी। मेरा सौभाग्य है कि चीन के प्राचीन राजप्रासादों में से एक मशहूर 'फॉरबिडन सिटी' देखने का मौक़ा मुझे भी मिला है।

कार्यक्रम "चीनी कहानी" के तहत होस्ट लीला भट्ट द्वारा आज प्राचीन चीनी कहावतों पर आधारित 'चारों तरफ गूंजता छू राज्य का लोकगीत' और 'लोयांग में कागज़ का दाम महंगा है' शीर्षक दोनों कहानियां रोमांचक लगीं। कार्यक्रम सुन कर चीन के मशहूर 'त्रिराज्य राजधानी महाकाव्य' पर भी महती जानकारी हासिल हुई।

 

अनिलः सुरेश अग्रवाल ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "विश्व का आइना" के तहत अप्रैल 2018 में दक्षिणी चीन के शनचन में आयोजित छठे चीनी इलेक्ट्रॉनिक सूचना एक्सपो के बारे में पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। एक्सपो में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस, स्मार्ट निर्माण, स्मार्ट परिवार आदि इलेक्ट्रॉनिक सूचना उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख उत्पाद प्रदर्शित किये गये। इंटेलिजेंट नेटवर्क अलायंस और नयी ऊर्जा वाहन प्रदर्शनी भी एक्सपो के आकर्षण रहे। मुझे एशिया के इस सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक सूचना एक्सपो की मुख्य थीम 'नए युग की ओर जाती इंटेलिजेंस और नए जीवन का आनंद लेने के लिए इंटेलिजेंट तकनीक' बहुत अच्छी लगी।

चीनी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जनरल कंपनी के प्रबन्धक और एक्सपो आयोजन कमेटी के उप-प्रधान छन वनहाई के मुताबिक इंटेलिजेंट नेटवर्क अलायंस और नयी ऊर्जा वाले वाहनों के लिए पॉवर पाइल, चार्जिंग पाइल आदि उपकरण इस बार के एक्सपो का अहम हिस्सा है। जब कि प्रदर्शनी में भाग लेने वाली कंपनियों में शांगहाई मोटर वाहन कंपनी, बीवाईदी, पेइचिंग मोटर वाहन कंपनी और छांग आन मोटर वाहन कंपनी जैसी दिग्गज़ कंपनियां शामिल हुई हैं।

वहीं कार्यक्रम में आगे चीन के हार्पिन मेडिकल कॉलेज में मानव सिर के सफल प्रत्यारोपण सम्बन्धी जानकारी चौंकाने वाली लगी। भले ही ऑपरेशन में अठारह घण्टे का समय लग गया हो और उस पर उनहत्तर करोड़ का ख़र्च आये, मानव जीवन से बढ़ कर कुछ भी नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऐसे प्रत्यारोपण के बाद व्यक्ति जीवित कितने समय तक रह सकता है।

वहीं भारत में मारुति-सुज़ुकि के प्रयास से भारतीय बाज़ार में इलेक्ट्रिक कार और प्रोटीन से भरपूर काजू खाने से सेहत को होने वाले फ़ायदे सम्बन्धी जानकारी भी सूचनाप्रद लगी।

श्रोताओं के अपने मंच साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" में पत्र लेखक श्रोताओं की बढ़ती संख्या उत्साहवर्ध्दक कही जाएगी। श्रोताओं की प्रतिक्रिया सुनने के बाद व्हट्सएप्प के ज़रिए भेजी गयी श्रोता भाई शंकर प्रसाद शम्भू की दोहे में पिरोई स्वास्थ्यवर्ध्दक जानकारी रुचिकर लगी।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" में महिलाओं को तनावमुक्त और स्वावलंबी बनाने सम्बन्धी उपायों पर पेश रिपोर्ट अच्छी लगी। वास्तव में, महिलाओं को न तो हीनभावना से ग्रसित होना चाहिये और न ही स्वयं को कमज़ोर समझना चाहिये, क्यों कि समाज में जितना अधिकार और महत्व पुरुषों को प्राप्त है, उतना ही महिलाओं को भी है। सही मायने में कोई भी देश तभी तरक्की कर सकता है, जब उस देश की महिलाओं को समानाधिकार और सम्मान प्राप्त हो।

यह भी सत्य है कि अपने तनाव को कम करने अथवा दूर करने महिलाओं को खुद ही उपाय ढूंढने अथवा प्रयास करने होंगे। बिना महिलाओं के समाज अधूरा और महत्वहीन है। इस परिप्रेक्ष्य में विषय से जुड़े तमाम बिंदुओं की व्याख्या किया जाना क़ाबिल-ए-ताऱीफ लगा।

 

अनिलः वहीं कार्यक्रम "टी टाइम" का आगाज़ नॉर्मल टायर और सटपट सीढ़ियां चढ़ने वाले, खुद को अटैच और डिटैच कर सकने वाले स्मार्ट टायर सम्बन्धी जानकारी से किया जाना रुचिकर लगा। निश्चित तौर पर यह टायर बाज़ार में आने के बाद मोटरवाहन परिवहन के क्षेत्र में एक क्रांति आ जायेगी।

जानकारियों के क्रम में टीकाकरण की याद दिलाने वाले एप के आविष्कार सम्बन्धी जानकारी भी विज्ञान और तकनीक के तेज़ी से बढ़ते कदमों की बदौलत ही सम्भव हो पाया है।

नई फ़िल्मों की चर्चा में जाने-माने पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ द्वारा भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे संदीप सिंह पर बनायी जा रही फ़िल्म पर दी गयी जानकारी भी सूचनाप्रद लगी।

जबकि आज की हेल्थटिप्स में सूर्य की पराबैंगनी किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान और उससे बचने के उपायों पर दिये गये सुझाव भी उपादेय लगे। इसके अलावा नींबू हमारी चाय और पानी को कैसे और भी अधिक बेहतर बना सकता है, इसकी चर्चा भी अच्छी लगी। यहां मैं इतना अवश्य कहना चाहूंगा कि तमाम अच्छी जानकारी के वावज़ूद यह महसूस हुआ कि जानकारियों को ज़रूरत से ज़्यादा खींचा गया। आशा है कि मेरी बात को अन्यथा नहीं लेंगे। एक बात और यह है कि हर बार की तरह आज भी शुरू में श्रोताओं की प्रतिक्रिया शामिल करने की घोषणा तो की गई, परन्तु उसे शामिल नहीं किया गया।

 

ललिताः साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" भी हमने ध्यानपूर्वक सुना, जिसके तहत दक्षिणी चीन के युन्नान प्रांत स्थित पालागाजूंन क्षेत्र की पर्यटन कंपनी के निदेशक सोनाम धूनद्रप और उनके जन्मस्थान पाला गांव से जुड़ी यादों पर आधारित रिपोर्ट सुनी, जो कि भावपूर्ण लगी। युन्नान प्रांत की शांगरी-ला काउंटी का पाला गांव सुनसान पहाड़ों में स्थित है। पाला गांव 3300 मीटर ऊंचे पहाड़ पर स्थित है, जहां शांगरी-ला में सुन्दर बर्फ़ीले पर्वत और घाटी में स्वच्छ नदियां बहती हैं। ऊंचाई में अंतर होने के कारण मौसम और वातावरण भी अलग-अलग होते हैं।

कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अन्तर्गत भारतीय अर्थव्यवस्था की मौज़ूदा हालत पर हूमिन द्वारा पंकज श्रीवास्तव से की गयी वार्ता सुनी। पंकज ने भारत सरकार द्वारा नोटबंदी और जीएसटी लागू करने उठाये गये कदमों की सटीक व्याख्या की। वास्तव में, नोटबंदी के कारण असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है, परन्तु काले धन पर काफी हद तक अंकुश लगा है। जीएसटी ठीक ढंग से लागू न हो सकने के कारण व्यापारी अब भी परेशान हैं। सरकार ने उनकी मुश्किलों को समझा है और सम्भव है कि आने वाले समय में समस्या को सुलझा लिया जायेगा।

 

अनिलः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "आपकी पसन्द" का भी हमने पूरा लुत्फ़ उठाया। श्रोताओं के पसन्दीदा फ़िल्म -नाइट इन लन्दन, डिस्को डांसर, चलते-चलते, मक़सद, लम्हें और साहेब के छह सदाबहार गानों के साथ दी गयी तमाम जानकारी भी रोचक ज्ञानवर्ध्दक और आश्चर्यजनक लगी।

बहरहाल, फ़िल्मी गानों के साथ दी गयी यह जानकारी बहुत ही आश्चर्यजनक लगी कि भारत में मनाली-लेह राजमार्ग पर चौदह सौ फ़ुट की ऊँचाई पर स्थित चुम्बकीय पहाड़ी पर इंजिन बंद होने के बावज़ूद गाड़ी ऊपर की ओर तीस किलोमीटर की गति से चलने लगती है। सचमुच यह तो अज़ूबा है। कार्यक्रम में उड़ने वाली कार के 2019 तक बन कर तैयार होने की बात भी उत्साहवर्ध्दक लगी, परन्तु वह कितनी व्यावहारिक होगी, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा। बहरहाल, नई जानकारी से आगाह करने के लिए शुक्रिया।

जबकि साप्ताहिक "संडे की मस्ती" का आग़ाज़ 'मीठी है बहुत मीठी तुम्हारी मुस्कान' शीर्षक मधुर चीनी गीत से किया जाना मन को आह्लादित कर गया। संडे स्पेशल के तहत चीनी फ़िल्म निर्देशक लू छुआंग और उनकी प्रकृति फ़िल्म 'हमारा जन्म चीन में हुआ' के बारे में पेश विशेष रिपोर्ट हमें चीनी सिनेमा के निकट ले गयी। ज्ञात हुआ कि छिंगहाई-तिब्बत पठार पर रहने वाले पांडा, हिम तेंदुए और गोल्डन बन्दर आदि तीन जानवरों पर आधारित यह फ़िल्म वास्तव में चीनी लोगों के जीवन को दर्शाती है। अमेरिका में बॉक्स ऑफ़िस पर इस फ़िल्म की 1.4 करोड़ डॉलर की प्रारंभिक कमाई इसकी विषयवस्तु पर मुहर लगाती है।

 

अनिलः दोस्तों अब पेश है व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र। पहला पत्र हमें भेजा है जमशेदपुर झारखण्ड से एस बी शर्मा ने। लिखते हैं

चाहे जिधर से गुज़रिये  मीठी सी हलचल मचा दीजिये,

उम्र का हर एक दौर मज़ेदार है  अपनी उम्र का मज़ा लीजिये,

और

हम भी अपने जीवन में GST को लागू करें :-

अर्थात

G= Good Thinking (अच्छी सोच)

S= Simple Living (सादा जीवन)

T= Tension Free Life (तनाव मुक्त जीवन)

एस बी शर्मा जी, हमें यह प्रेरक प्रसंग भेजने के लिए आपका शुक्रिया।

 

अनिलः अब पेश है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू द्वारा भेजा गया एक जोक।

वकीलः माई लार्ड, कानून की किताब के पेज नंबर 15 के मुताबिक मेरे मुवक्किल को बा-इज्जत बरी किया जाये।

जजः किताब पेश की जाये।

किताब पेश की गयी, जज ने पेज नंबर 15 खोला तो उसमें 2000 के 5 नोट थे।

जज मुस्कुराते हुए बोलाः बहुत खूब !

इस तरह के 2 सबूत और पेश किये जाये।"

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

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