20171129

2017-11-29 21:00:00
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तों, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। तो लीजिए प्रोग्राम का आगाज करते हैं। पहला पत्र हमें आया है दरभंगा बिहार से रंजू मुखिया का। लिखते हैं कि सप्ताह के नमस्कार चाइना कार्यक्रम में चीन के विभिन्न धर्मों के धार्मिक संगठन, धार्मिक ग्रंथों के प्रकाशन, 97 धार्मिक विद्यालयों की चर्चा के साथ साथ चीन के प्रमुख धर्मों की जानकारी बहुत अच्छी लगी।

वहीं कार्यक्रम आपकी पसन्द भी सुना। जानकारी में सुना कि जापान में एक कंपनी सिगरेट न पीने वाले अपने कर्मचारियों को छ: दिन की अतिरिक्त सवेतन छुट्टियाँ दे रही है। जापानी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सिगरेट छोड़ने के लिए एक बहुत अच्छा अवसर दिया है। यह जानकारी अच्छी लगी।

वहीं अगले दिन सण्डे की मस्ती में चीनी गायिका द्वारा प्रस्तुत सबसे सुन्दर है मेहनती महिला नामक चीनी गीत मधुर लगा। विशेष रिपोर्ट भी अच्छी थी। नमस्कार चाइना में प्रसारित तीन वर्षों से साइकल पर निकले व्यक्ति से वार्ता अच्छी लगी।

चीनी कहानी में कहावत पर आधारित कहानी रोचक लगी। मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या आजकल भी चीन में ऐसी कहावतें प्रचलित हैं?

रंजू मुखिया जी, हां जो कहानियां हम कार्यक्रम में पेश करते हैं, वे सभी चीन में प्रसिद्ध हैं और आजकल भी लोकप्रिय हैं।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि अतुल्य चीन कार्यक्रम में गरीबी उन्मूलन के बारे में एक गांव की कहानी बतायी गयी। इसके साथ ही आपके अन्य कार्यक्रम भी अच्छे लगे। वहीं कार्यक्रम में मेरे पत्र को स्थान देने के लिए शुक्रिया।

प्रियंजीत कुमार घोषाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों, अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है छत्तीसगढ़, भिलाई, दुर्ग से आनंद मोहन बैन ने। लिखते हैं कि विश्व का आईना कार्यक्रम में सुना कि जलवायु परिवर्तन के लिए साझा सहयोग पर वार्ता, पेरिस के मेयर हिडलगो के आह्वान पर लंदन, लॉस एंजिल्स, हांगकांग, केप टाउन और बोगोटा आदि विश्व के 40 से ज़्यादा बड़े शहरों के मेयरों ने हाल ही में पेरिस में एक बैठक बुलाकर "जलवायु परिवर्तन के लिए साझा सहयोग करें" विषय पर वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन का निपटारा करने के नये कदमों पर विचार विमर्श किया। बैठक में भाग लेने वाले शहरी नेताओं का मानना है कि शहर के पारिस्थितिकी बंदोबस्त को ऊर्जा, गतिशीलता और सिटी प्लानिंग तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए। विकासशील देशों को भी इस प्रकार की बैठकों से सीख लेने की जरूरत है। हाल ही में दिल्ली के हालत इतने ख़राब हो गए थे कि लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे थे।

वहीं आपका पत्र मिला कार्यक्रम में मेरे पत्र के साथ प्रियंजीत घोसाल, सुरेश अग्रवाल, अनामदर्शी मसीह, एस बी शर्मा आदि के पत्र भी शामिल किए गए।

आनंद मोहन जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। आशा है कि आप आगे भी यूंही हमें पत्र भेजते रहेंगे।

 

ललिताः अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू और उनके तमाम दोस्तों ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "अतुल्य चीन" में बताया गया कि चीन और रूस के बीच लाल पर्यटन सहयोग बैठक 8 नवम्बर को मॉस्को के उपनगर में आयोजित हुई। लाल पर्यटन का मतलब पवित्र क्रांतिकारी स्थलों की यात्रा। रूस में लाल पर्यटन चीनी लोगों के लिए एक बड़ा आकर्षण है। 2016 में एक लाख तीस हज़ार से अधिक चीनी पर्यटकों ने रूस की यात्रा की। यह जानकारी अच्छी लगी।

कार्यक्रम "आर्थिक जगत" में चीन और चिली मुक्त व्यापार संबंधों से चिली में चीनी उद्यमों को लाभ विषय पर रिपोर्ट सुनने को मिली। चीन और चिली के बीच मुक्त व्यापार को निरंतर गहराने से द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। परिवहन कंपनी को भी इससे काफी लाभ प्राप्त होता है। यह रिपोर्ट भी पसंद आयी।

 

अनिलः वहीं कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" में एक खास मेहमान ज्ञानेश्वर के साथ भेंटवार्ता का दूसरा भाग बड़े ही सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस भेंटवार्ता में बताया गया कि साइकिल से वर्ल्ड टूर पर निकले ज्ञानेश्वर जी को किन किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और विदेश में भारतीय लोगों से मिलने पर उन्हें किस तरह की अनुभूति और सहयोग मिलता है, इस बारे में परिचर्चा अच्छी लगी। उनकी एक बात बहुत मार्मिक लगी कि जब म्यांमार में खाने की समस्या आने पर यात्रा से वापस आने की बात सोचने पर मजबूर हुए थे, लेकिन फिर से हिम्मत बाँध कर वापस लौटने की बात छोड़ दी और साइकिल से विश्व की यात्रा करते हुए चाइना पहुंचे हैं।

अगली जानकारी में चीन के प्रमुख धर्म- बौद्ध धर्म की तीन शाखाओं, ताओ धर्म के दो भागों, इस्लाम धर्म, कैथोलिक धर्म और क्रिश्चियन धर्म की विस्तृत जानकारी सुनने को मिली। किन्तु एक बात ने संदेह के घेरे में डाल दिया कि कैथोलिक धर्म और क्रिश्चियन धर्म को अलग अलग धर्म बताकर चर्चा की गयी जबकि क्रिश्चियन धर्म की ही एक शाखा है कैथोलिक।

जी हां, बिलकुल आपने सही ध्यान दिलाया। क्रिश्चियन धर्म कि ही एक शाखा है कैथोलिक।

 

ललिताः अगला पत्र हमें आया है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल का। लिखते हैं कि कार्यक्रम "चीन-भारत आवाज़" के अन्तर्गत चीन में लम्बे समय से रहते हुये फ़िक़्क़ी की देखरेख करने वाले अतुलजी से ली गई भेंटवार्ता का दूसरा भाग सुन कर 'एक पट्टी एक मार्ग' और चीन-भारत ट्रेड डेफिसिट को पाटने के उपायों पर अच्छी जानकारी हासिल हुई। कोई 56 साल से चीन में रहने वाले उनके पिता श्री जानकीवल्लभ और उन द्वारा किये गये महत्वपूर्ण अनुवाद कार्य के बारे में जान कर श्रध्दा से सर झुक गया। उन्हें मेरा सादर नमन।

साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" का अंक हर बार की तरह आज भी लाज़वाब रहा। भारत के वर्धा, महाराष्ट्र से साइकिल के ज़रिये विश्व-भ्रमण पर निकले ज्ञानेश्वर येवतकर से ली गयी भेंटवार्ता का अन्तिम भाग सुन कर पता चला कि यात्रा के दौरान उन्हें वीज़ा से लेकर अर्थ तक किन-किन परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। इसके बावज़ूद वह अपनी योजना पर अडिग हैं, मैं उनके इस दृढ़निश्चय के ज़ज़्बे को सलाम करता हूँ। वह अपने मक़सद में सफल हों, यही ईश्वर से कामना है।

कार्यक्रम "चीनी कहानी" के अन्तर्गत लीला भट्ट द्वारा पेश कहावतों पर आधारित चीनी कहानी 'होशियार बचपन', जिसके तहत एक प्राचीन चीनी विद्वान खोंगरोंग के बारे में जानकारी दी गई, काफी ज्ञानवर्ध्दक लगी। इसी तरह दूसरी कहानी 'सात कदमों में कविता रचना' भी हमें चीन के त्रिराजकाल में ले गई।

 

अनिलः हिन्दी वेबसाइट पर यह पोस्ट अच्छी लगी कि सउदी अरब द्वारा एक रोबोट को नागरिकता प्रदान की गयी। यह जानकारी आश्चर्य वाली थी। वास्तव में, मनुष्य द्वारा अपना काम आसान से करने के लिए रोबोट का निर्माण किया गया है और कई एक ऐसे रोबोट विकसित किये जा चुके हैं, जो मानव की तरह काम तो करते ही हैं, साथ ही मानव के जैसे बोलते भी हैं। अब एक देश द्वारा ऐसे ही एक रोबोर्ट को अपने देश की नागरिकता प्रदान की गई है। "सूफ़िया" नामक इस रोबोट को देश की राजधानी रियाद में एक बिजनेस इवेंट के दौरान नागरिकता प्रदान की गई, तो उसने -थैंक्यू कहकर सउदी अरब का शुक्रिया अदा किया।

वहीं साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत उत्तर-पश्चिमी चीन के छिंगहाई प्रांत स्थित हाईशी मंगोलियाई तिब्बती स्वायत्त प्रदेश की बहु-जातीय संस्कृति पर पेश रिपोर्ट सूचनाप्रद लगी। बताया गया कि हाईशी में मंगोलियाई, तिब्बती, हुवेई, थू और सालार सहित कोई तीस जातियां रहती हैं, विभिन्न जातियों का अपना-अपना कलात्मक जीवन है और उनके बीच परस्पर सांस्कृतिक और कलात्मक आदान प्रदान भी होता है।

जबकि कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अन्तर्गत भारत में अत्यधिक बड़े बज़ट की फ़िल्में बनाये जाने के पीछे की वस्तुस्थिति पर पंकज और संजीव जी के बीच की परिचर्चा सटीक जान पड़ी। जब कि हूमिन और सपनाजी के बीच चीन और भारत में रहने वाले मध्यम वर्ग के हितों को तरज़ीह दिये जाने की आवश्यकता पर हुई परिचर्चा भी सार्थक प्रतीत हुई।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "आपकी पसन्द" का भी हमने पूरा मज़ा लिया। श्रोताओं की पसंद पर सुनवाये गये छह फ़िल्मी गानों के साथ दी गई तमाम जानकारी भी रुचिकर और ज्ञानवर्ध्दक लगी। ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों के जीवन को सरल बनाने गूगल द्वारा विकसित ब्रेनपावर नामक बहुआयामी प्रविधि के बारे में दी गयी जानकारी मन में आशा की नयी उमंग जगाने वाली लगी। नासा के वैज्ञानिकों द्वारा हमारे सौरमण्डल में की गयी बीस नये ग्रहों की खोज़ का समाचार, अभी उस द्वारा समयपूर्व की गई घोषणा जैसा लगा। सम्भावित बीस ग्रहों में से कुछ एक का बिलकुल पृथ्वी जैसा होना और वहां पर एलियंस की सम्भावित मौज़ूदगी होना आदि बातों पर अभी से विश्वास करना सम्भव नहीं है। हाँ, आपने हमें नवीनतम जानकारी से रूबरू कराया, इसलिये हृदयतल से आभार।

 

अनिलः सुरेश जी आगे लिखते हैं कि साप्ताहिक "संडे की मस्ती" हर बार की तरह आज भी मस्त रहा। कार्यक्रम का आग़ाज़ गायक यान खुन की आवाज़ में 'कोई बात नहीं' शीर्षक मधुर चीनी गीत से किया जाना रुचिकर लगा। जबकि चीन और रूस के बीच कलाबाज़ी और सर्कस के क्षेत्र में सहयोग पर पेश विशेष रिपोर्ट भी सूचनाप्रद लगी।

अज़ीबोग़रीब और चटपटी बातों के क्रम में लियोनार्डो दबिंची की पाँच सौ साल पुरानी पेंटिंग 'सोल वाटर मुंडी' रिकॉर्ड क़ीमत में बिकी; दुल्हन की बेहुदा वेडिंग ड्रेस और एक व्यक्ति द्वारा सड़क के बीचोंबीच बनाये गये लिविंग रूम की तस्वीरों का वायरल होना, अज़ीबोग़रीब लगा। प्रेरक कहानी 'मनुष्य की क़ीमत' वास्तव में काफी प्रेरक और शिक्षाप्रद कही जाएगी।

मनोरंजन खण्ड में इस शुक्रवार को रिलीज़ हुई कपिल शर्मा की फ़िल्म 'फ़िरंगी' की चर्चा के साथ उसका प्रोमो सुन कर फ़िल्म देखने को मन हो उठा है। जब कि ज़ोक्स में हास्य-कवि अरुण जेमिनी की हास्य पंक्तियां सुन कर मन गदगद हुआ। हालांकि उनकी ये पंक्तियां नयी नहीं हैं, फिर भी इन्हें जब भी सुनें, तो नयी प्रतीत होती हैं। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति के लिये।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों अब पेश है व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र। पहला पत्र हमें भेजा है दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू ने।

*दोहा रूपी जानकारी*

۞ ∥ आयुर्वेदिक दोहे ∥ ۞

१. दही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय ।

होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय ।।

२. बहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल ।

यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल ।।

३. अजवाइन को पीसिये, गाढ़ा लेप लगाय ।

चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय ।।

४. अजवाइन को पीस लें, नीबू संग मिलाय ।

फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय ।।

५. अजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम ।

पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम ।।

६. ठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल ।

नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल ।।

७. अदरक का रस लीजिए, मधु लेवें समभाग ।

नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग ।।

८. रोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर ।

बेहतर लीवर आपका, टी.बी भी हो दूर ।।

९. गाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम ।

रक्तचाप हृदय सही, पायें सब आराम ।।

१०. शहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम ।

बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम ।।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें यह बेहद जानकारी दोहे के तौर पर यानी स्वास्थ्यवर्धक जानकारी दोह के रूप में भेजने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया।

 

ललिताः शंकर प्रसाद शंभू ने दूसरा पत्र भेजा है।

*आधुनिक जानकारी*

लड़का हैंडसम होना चाहिए,

'स्मार्ट' तो फोन भी होते हैं।

इंसान का दिल बड़ा होना चाहिए,

'छोटा' तो चींटी भी होते हैं।

लड़की में अक्ल होनी चाहिए,

'सूरत' तो गुजरात में भी है।

व्यक्ति को समझदार होना चाहिए,

'सेंसेटिव' तो टूथपेस्ट भी है।

घूमना तो हिल स्टेशन पर चाहिए,

'गोवा' तो पान मसाला भी है।

दवाई ठीक करने के लिए होना चाहिए,

'टेबलेट' तो सैमसंग का भी है।

मोबाइल जेनरल मोड पर होना चाहिए,

'साइलेंट' तो मौनी बाबा भी हैं।

टीचर ज्यादा नंबर देने वाला होना चाहिए,

'अंडा' तो मुर्गी भी देती है।

शंकर प्रसाद शंभू जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः दोस्तों, इसी के साथ आपका पत्र मिला प्रोग्राम यही संपन्न होता है। अगर आपके पास कोई सुझाव या टिप्पणी हो तो हमें जरूर भेजें, हमें आपके खतों का इंतजार रहेगा। इसी उम्मीद के साथ कि अगले हफ्ते इसी दिन इसी वक्त आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए अनिल पांडेय और ललिता को दीजिए इजाजत, नमस्कार।

 

ललिताः बाय-बाय।

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories