20170830

2017-08-31 13:48:27
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अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम सुनने वाले सभी श्रोताओं को अनिल पांडेय का नमस्कार।

 

ललिताः सभी श्रोताओं को ललिता का भी प्यार भरा नमस्कार।

 

अनिलः दोस्तो, आज के प्रोग्राम में भी हम हमेशा की तरह श्रोताओं के ई-मेल और पत्र पढ़ेंगे। इसके साथ ही व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र भी शामिल किए जाएंगे। दोस्तों, 23 अगस्त को सीआरआई हिंदी वेबसाइट को नए रूप और स्टाइल में लांच किया गया। वेबसाइट अब एक नए रंग और तेवर में नज़र आ रही है। जो कि पहले की वेबसाइट से अधिक आकर्षक और यूज़र फ्रेंडली है। उम्मीद है कि अधिक से अधिक पाठक नई वेबसाइट के ज़रिए चीन और भारत समेत दुनिया की तमाम ख़बरें और जानकारी हासिल कर पाएंगे। नई वेबसाइट लांच होने के बाद हमारे कई श्रोताओं ने अपनी राय भेजी है।

जमशेदपुर झारखण्ड से एस बी शर्मा ने लिखा है सीआरआई ने व्हाट्सउप पर मैसेज किया था की 23 अगस्त को सी आर आई हिंदी का वेब पेज नए कलेवर में लांच होगा और आज मैं इसे चेक किया वाकई बहुत ही बेहतरीन अंदाज में नई वेबसाइट बन गयी है। बहुत सुंदर और आकर्षक है। कई नए फीचर भी जोड़े गए हैं, समाचार और रेडियो के लिए अलग से आइकन दिया गया है, जो बहुत बढ़िया है। वीडियो को भी बड़े आइकन के साथ अलग स्थान दिया गया है। बढ़े अक्षरों और साफ सुंदर रंग से सुसज्जित वेब पेज बहुत पसंद आ रहा है। इसके लिए आप सभी का धन्यवाद।

 

ललिताः सैदापुर अमेठी, उत्तर प्रदेश से अनिल द्विवेदी ने लिखा है कि सीआरआई हिंदी की वेबसाइट में हुए परिवर्तन ने वेबसाइट के रंग रूप व कलेवर को एकदम से बदल दिया है। आकर्षक तरीके से सजाने के साथ इसमें नए शीर्षक रेडियो, लोकप्रिय खबर, फीचर के साथ मेरी नजर में चीन का नया कलेवर बहुत दिलचस्प हो गया। कहने का तात्पर्य यदि कोई भी सीआरआई हिंदी की वेबसाइट खोलेगा, तो उसे बंद करने का मन नहीं करेगा। इस परिवर्तन के लिए तकनीकी विभाग के साथ आप सभी लोगों को हार्दिक धन्यवाद। सीआरआई हिंदी की नई वेबसाइट पर उपलब्ध सामग्री को शेयर करने का विकल्प बहुत अच्छा है। यहाँ से हम सीधे फेसबुक, ट्विटर या ईमेल आदि से शेयर कर सकते हैं। यहाँ पर व्हाट्सएप पर शेयर करने से हम वंचित हैं। कृपया शेयर विकल्प में व्हाट्सएप भी उपलब्ध कराने की कृपा करें।

अनिल द्विवेदी जी, हम जरूर आपके सुझाव को तकनीकी विभाग को बताएंगे और देखते हैं बाद में शेयर विकल्प में व्हाट्सएप भी उपलब्ध हो सकता है या नहीं।

 

अनिलः वहीं आज़मगढ़ उत्तर प्रदेश से सादिक आज़मी ने लिखा है कि वेबसाइट की नई रूपरेखा वाकई बहुत सुंदर है। सभी खबरों और रिपोर्ट के साथ साप्ताहिक कार्यक्रमों की शानदार बनाया गया है। आपकी वेबसाइट पर हुए बदलाव से मन बहुत प्रसन्न है। क्योंकि मोबाइल पर ही कार्यक्रम सुनने को मिल जाएंगे। रिसेप्शन का कोई मसला नहीं होगा, स्पष्ट आवाज़ से कार्यक्रम सुनने का मज़ा कुछ और ही होता है। हृदय भाव से धन्यवाद देता हूं पूरी तकनीकी टीम को और प्रबंधक कमेटी को। आशा है कि पल पल बदलते समीकरणों पर आपकी पैनी नज़र रहेगी। धन्यवाद।

 

ललिताः केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने लिखा है कि 23 अगस्त से सीआरआई हिन्दी वेबसाइट को नई साज-सज्जा के साथ पेश करने का शुक्रिया। वेबसाइट का नया स्वरुप बेहद आकर्षक है, फिर भी सुधार की गुंजाइश तो हमेशा बनी रहती है, जिसमें समय के साथ और आवश्यकतानुसार सुधार किया जा सकता है। पर साज-सज्जा अच्छी होने के बावज़ूद कार्यक्रमों की ऑडियो क्लिप खुलने में काफी मुश्किल पेश आ रही है।

श्रोता दोस्तों, आप सब को हमारी नई वेबसाइट पसंद करने का बहुत धन्यवाद। जैसा कि सुरेश जी कहते हैं, हम भी अपने कार्यक्रम, वेबसाइट और फेसबुक को बेहतर बनाने की इच्छा रखते हैं और प्रयास कर रहे हैं। नई वेबसाइट अभी अभी लांच हुई, शायद थोड़ी गड़बड़ी होगी। अगर बाद में ऑडियो क्लिप खुलने में मुश्किल फिर भी होती है, तो हमें जरूर बताइएगा।

 

अनिलः लीजिए दोस्तों अब पेश है प्रोग्राम का पहला पत्र, जिसे भेजा है बेहाला कोलकाता से प्रियंजीत कुमार घोषाल ने। लिखते हैं कि पिछले प्रोग्राम में मेटाबोलिज़्म के बारे में बताया गया। वहीं टी-टाइम प्रोग्राम में भारतीय मूल के नागरिक रजत गुप्ता के बारे में चर्चा अच्छी लगी। वह कोलकाता के रहने वाले थे, यह सुनकर गर्व हुआ। जबकि कार्यक्रम में नोकिया-8 की लांचिंग के बारे में बताया गया। इसके साथ ही क्रिकेट और हेल्थ टिप्स भी दिए गए। जबकि प्रोग्राम में पेश अन्य जानकारी भी बेहद अच्छी लगी। धन्यवाद।

इसके साथ ही उन्होंने एक सवाल भी पूछा है। सवाल है मैं जानना चाहता हूं कि चीन हर साल कितने मेगावाट बिजली का उत्पादन करता है। उसमें हाइड्रो पावर, थर्मल पावर और न्यूक्लियर पावर का हिस्सा कितना है।

देखिए घोषाल जी, हमें जो जानकारी मिल पाई है, हम उसे आप तक पहुंचा रहे हैं। अगर बाद में अन्य जानकारी हासिल होगी, तो आप तक पहुंचाई जाएगी। 13 जून को जारी विश्व ऊर्जा सांख्यिकी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 में चीन ने 61.4 खरब किलोवाट बिजली का उत्पादन किया, जो वर्ष 2015 की तुलना में 5.6 प्रतिशत अधिक है। दुनिया में चीन का अनुपात 24.8 फीसदी बना रहा।

इसके साथ ही घोषाल ने लिखा है कि मुझे खुशी होगी अगर आप लता मंगेशकर और राहुल देव बर्मन का गाया कोई गीत मेरे लिए पेश करेंगे।

देखिए घोषाल जी, हमने आपकी फरमाइश संबंधित प्रोग्राम आयोजकों तक पहुंचा दी है। धन्यवाद।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है आज़मगढ़ उत्तर प्रदेश से सादिक आज़मी ने। लिखते हैं कि साप्ताहिक कार्यक्रम "नमस्कार चाइना" का हमने भरपूर आनंद लिया। आरम्भ में चाइनीज़ गीत से समा रंगीन करने के उपरांत विशेष रिपोर्ट से चीन में इलेक्ट्रानिक उपयोग से दिनचर्या में बदलाव पर समीक्षा के अंतर्गत भारत से तुलना और कई बातों में अखिल जी के अनुभव का प्रेषित किया जाना हमारी सरकार को इन्फ्रास्टक्चर के क्षेत्र में कई प्रकार के सुधार के लिये तैयार करने की प्रेरणा दे रहा था। सच्ची बात तो यही है कि भारत से अधिक जनसंख्या वाले इस देश ने बुनियादी सुविधाओं का जो ढांचा तैयार किया है, वह सराहनीय है। मैं चीन तो नहीं गया हूं, लेकिन सीआरआई के माध्यम से वहां की बुनियादी सुविधाओं पर गहन अध्ययन करने का अवसर मिलता रहता है।

 

अनिलः वहीं कार्यक्रम "विश्व का आईना" में ब्रिक्स देशों के आपसी सहयोग से होने वाले लाभों और चीन की भूमिका पर समीक्षा अच्छी लगी। यह सत्य है मिलजुलकर किये गये काम से हमेशा लाभ होता है।

भारतीय राजदूत द्वारा यह कहा जाना कि सभी देश जो इसमें जुड़े हैं, वह सिर्फ सहयोगी नहीं अपितु एक परिवार हैं। इस बात को दर्शाता है कि भारत इसके प्रति कितना गम्भीर है। भविष्य में इसकी तमाम योजनाओं को और अधिक कारगर और सशक्त बनाने हेतु विशेषज्ञों द्वारा दी जाने वाली सलाह भी इसके उज्जवल भविष्य का प्रमाण है।

कार्यक्रम "आपका पत्र मिला" में पत्रों की संख्या कम होने के अनिल पांडेय जी के खेद पर हम श्रोता पूरी तरह जिम्मेदार हैं। सिर्फ कार्यक्रम सुनकर चुप्पी साधने के हमारे निर्णय से कई प्रकार की हानि होती है, जिससे हमको उबरने की आवश्यकता है। मैं अपने आप साथ साथ अन्य श्रोताओं से भी निवेदन करना चाहता हूं कि कृपया कुछ पल समर्पित कर दोनो देशों के बीच रिश्तों की बहाली हेतु सुझाव दें और आपसी संवाद स्थापित करें, विचारों के आदान प्रदान में सक्रिय भूमिका निभाएं। क्योंकि हमारे मध्य मित्रता का इतिहास बहुत पुराना है। अमरीका जैसे देश दुनिया के नक्शे से गायब थे, तब से भारत और चीन के मध्य व्यापार और सांस्कृतिक आदान प्रदान की परम्परा कायम है। चीन का रेशमी कपड़ा भारत से होकर खाड़ी के देशों में पहुंचता था। इतिहास के पन्नों को खोला जाए, तो अनगिनत प्रमाण हमारे बीच दोस्ती के मिलेंगे।

सादिक आज़मी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बेहद शुक्रिया। चीन और भारत दोनों प्राचीन सभ्यता वाले देश हैं और हमारे बीच मैत्री का भी लम्बा इतिहास है। हम उम्मीद है कि हमारे दोनों देशों के बीच मित्रता लगातार मजबूत होगी।

 

ललिताः दोस्तों, अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है सैदापुर अमेठी, उत्तर प्रदेश से अनिल द्विवेदी ने। लिखते हैं कि बाल महिला स्पेशल कार्यक्रम में बताया गया कि किंडरगार्टन व्यवस्था के तहत संचालित अध्यापन में परिवार जैसा वातावरण होता है। इसमें दसेक बच्चे ही एक कक्षा में होते हैं। इस तरह की कक्षा और इसके सिस्टम को समझने में प्रस्तुति सार्थक रही है।

टी टाइम कार्यक्रम में तमाम जानकारियों के बाद श्रोताओं की प्रतिक्रियाओं में भाई सुरेश अग्रवाल के पत्रों का उद्धरण सुनने को मिला। इसके बाद तीन गुदगुदाते चुटकुले भी सुनने को मिले।

वहीं आपकी पसंद में पेश सभी सातों गीत और जानकारी भी अच्छी रही।

अनिल द्विवेदी जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।

 

अनिलः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है रायपुर छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ के सदस्यों ने। लिखते हैं कि छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ रायपुर द्वारा गुरूवार को वृंदावन हॉल में अखिल भारतीय श्रोता सम्मलेन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा महाराष्ट, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के श्रोताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के अध्यक्ष अशोक बजाज ने कहा कि संचार क्रांति के युग में आज भी रेडियो की महत्ता बरकरार है। छत्तीसगढ़ के साथ पूरे देश के रेडियो श्रोताओं ने रेडियो की प्रांसगिकता को आज भी जीवंत रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री मोदी द्वारा मन की बात रेडियों के माध्यम से प्रसारित किये जाने के बाद रेडियो के अच्छे दिन आ गए। कार्यक्रम में विविध भारतीय वरिष्ट उद्दघोषक कमल शर्मा, आकाशवाणी नागपुर के वरिष्ट उद्दघोषक अशोक जामुलकर, अकाशवाणी रायपुर के उद्दघोषक दीपक हटवार, अंबिकापुर के उद्दघोषक सोमनाथ साहू, जम्मू-कश्मीर के उद्दघोषक ताबीर आदि मौजूद थे। इसके अलावा कार्यक्रम में मौजूद रेडियो श्रोता संघ के अध्यक्ष परसराम साहू, रतन जैन, हरमिंदर चावला, विनोद बंडलकर, बचकामल, धिरेन्द्र जैन, अशोक पटैल, राकेश वैष्णव, अनिल ताम्रकर, हनुमान दास साहू, एवतमाल, संध्या टंडन, मनोहर देगवानी, कमल लखानी आदि शामिल हुए।

आपको बता दें कि रेडियो श्रोता सम्मेलन पिछले 2007 से लगातार अखिल भारतीय स्तर पर मनाया जाता है।

छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ के सभी सदस्यों को एक बाद हम धन्यवाद देते हैं कि आपने इस तरह का रेडियो प्रोग्राम का आयोजन किया है।

 

ललिताः लीजिए अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है छत्तीसगढ़, भिलाई, दुर्ग से आनंद मोहन बैन का। लिखते हैं कि प्रोग्राम नमस्कार कार्यक्रम सुना। अखिल परिसर से तमाम समाचार सुनने को मिले। वहीं विश्व का आईना एक रोचक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम है। 117 साल पुराना वनस्पति विज्ञान जगत का ओलंपिक पहली बार विकासशील देश आया। हाल में 19वां अंतर्राष्ट्रीय वनस्पति विज्ञान सम्मेलन दक्षिण चीन के शन जंग में उद्घाटित हुआ। विश्व के 109 देशों और क्षेत्रों से आए करीब 7000 वनस्पति विद्वानों ने हिस्सा लिया। विज्ञान जगत का ओलंपिक के बारे में मुझे कुछ भी जानकारी नहीं था। सीआरआई को इस विषय पर जानकारी देने के लिए धन्यवाद।

 

अनिलः आपका पत्र मिला प्रोग्राम में श्रोताओं के विचार सुनने को मिले। शंकर प्रसाद शम्भू, अनामदर्शी मसीह, अनिल द्विवेदी और सुरेश अग्रवाल सभी के पत्र सराहनीय हैं, जैसा कि मेरे रिसेप्शन रिपोर्ट में दर्शाया गया। 7265 khz पर रिसेप्शन में कुछ बाधा आ रही है। क्या सीआरआई हिंदी विभाग श्रोताओं को QSL कार्ड नहीं भेजता। कृपया इस बारे में जानकारी देने का कृपा करे।

आनंद मोहन जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका धन्यवाद। खेद की बात है कि हम श्रोताओं को QSL कार्ड नहीं भेजते, पर हम कभी कभार प्रतियोगिता का आयोजन करते हैं। आशा है कि आप इसमें भाग लेंगे और लगातार हमारा समर्थन करते रहेंगे। धन्यवाद।

 

ललिताः दोस्तों, अब पेश है कार्यक्रम का अगला पत्र, जिसे भेजा है केसिंगा ओड़िशा से मॉनिटर सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं कि आज सीआरआई हिन्दी की वेबसाइट पर पोस्ट दो छोटी-छोटी रिपोर्टों ने मेरा ध्यान आकृष्ट किया, जिन्हें पढ़ कर अपनी प्रतिक्रिया देने से मैं स्वयं को रोक नहीं पाया। पहली रिपोर्ट में हाल ही में चीनी राज्य ग्रिड कॉर्पोरेशन के अधीन कार नेटवर्किंग मंच द्वारा ऑपरेटर को चार्ज़ करने वाली सत्रह कम्पनियों को आपस में जोड़े जाने का समाचार महत्वपूर्ण लगा, क्यों कि इससे मौज़ूदा समय में चार्ज़िंग स्टेशनों की संख्या एक लाख़ सड़सठ से अधिक हो गयी है और इसके साथ ही चीन सबसे बड़ा स्मार्ट कार नेटवर्किंग स्थापित करने वाला विश्व का नम्बर एक देश बन गया है।

अन्य चौंकाने वाली रिपोर्ट में आगामी 21 सितम्बर से चीनी रेलवे द्वारा नई ट्रेन संचालन सारिणी लागू किये जाने का ज़िक्र किया गया है, जिसके तहत कुछ लाइनों पर यात्री ट्रेनों और रेल वैगनों की संख्या बढ़ाये जाने के साथ-साथ उस समय ईएमयू फूशिंग द्वारा सबसे पहले पेइचिंग-शांगहाई हाई-स्पीड रेल लाइन पर 350 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाये जाने का समाचार है। तब चीन में उच्च गति रेल व्यापार संचालन की रफ़्तार विश्व में सबसे तेज़ होगी। ये दोनों रिपोर्टें चीन में हो रहे अनवरत अनुसंधान और विकास की मिसाल पेश करती हैं। धन्यवाद् अच्छी रिपोर्टिंग के लिये।

 

अनिलः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "नमस्कार चाइना" के विशेष खण्ड में आज हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में चीन में दिखने वाले विशेष प्रभाव और चीनी अर्थव्यवस्था में उफ़ान के लिये ज़िम्मेदार आप्रवासी चीनियों के योगदान पर पेश रिपोर्ट महत्वपूर्ण लगी। तत्पश्चात चीनियों में कूट-कूट कर भरी आत्मसम्मान की भावना का ज़िक्र करते हुये चीन के एक शहर में अमरीका को छोड़ विश्व के तमाम देशों को 'वीज़ा ऑन अराइवल' उपलब्ध होने की जानकारी वास्तव में दिल को छू गयी। 'चीनी शिक्षा' स्तम्भ के अन्तर्गत चीन में उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलुओं के साथ सन् 1898 में स्थापित पेइचिंग विश्चाविद्यालय पर महती जानकारी प्रदान की गयी। जबकि चीन की पांच शीर्ष सुर्ख़ियों में पेश समाचार भी अहम लगे।

कार्यक्रम "चीनी कहानी" के तहत होस्ट लीला भट्ट द्वारा पेश दोनों पौराणिक कथाएं रुचिकर लगीं।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "विश्व का आइना" भी हमने ग़ौर से सुना, जिसके तहत ब्रिक्स देशों की शासन व्यवस्था संगोष्ठी, जो कि हाल में चीन के फूच्येन प्रांत के छ्वानचो शहर में उद्घाटित हुई, पर पेश रिपोर्ट महत्वपूर्ण लगी। रिपोर्ट में अन्य लोगों के अलावा चीन-भारत संसदीय दल के अध्यक्ष तरुण विजय के विचार आशावादी जान पड़े।

श्रोताओं के अपने मंच साप्ताहिक "आपका पत्र मिला" के अन्तर्गत हर बार की तरह आज भी श्रोताओं के पत्रों और प्रतिक्रियाओं को अहम् स्थान दिया गया। उम्मीद है कि आगे चल कर इसमें और खुलापन आयेगा। इस बार के व्हट्सएप्प मैसेज़ में भिण्ड, मध्यप्रदेश के श्रोता भाई अनामदर्शी मसीह द्वारा प्रेषित प्रेरक कहानी वास्तव में प्रेरक लगी।

 

अनिलः इसके साथ ही सुरेश अग्रवाल लिखते हैं कि साप्ताहिक "बाल-महिला स्पेशल" के तहत चीन और ऑस्ट्रेलिया के किंडरगार्टेन्स के बीच सिडनी में सम्पन्न सहयोग समझौते पर जानकारी हासिल हुई। कार्यक्रम सुन कर दोनों देशों की किंडरगार्टन व्यवस्था में विद्यमान साम्य और अन्तर को समझने में मदद मिली।

कार्यक्रम "टी टाइम" की शुरुआत में गोल्डमैन सेक्स के पूर्व निदेशक भारतीय मूल के रजत गुप्ता के धोख़ाधड़ी मामले में सज़ा काट कर बाहर आने पर जानकारी मिल। वहीं उनके सामने पेश मुश्किलों की चर्चा किया जाना भी अहम लगा। जानकारियों के क्रम के बाद पेश श्रोताओं की राय और ज़ोक्स भी अच्छे थे।

 

ललिताः सुरेश जी ने आगे लिखा है कि साप्ताहिक "चीन का तिब्बत" के तहत चीन में तेज़ी से विकसित हो रहे ई-कॉमर्स का प्रभाव किस तरह दक्षिणी युन्नान प्रान्त के तींगछी प्रिफैक्चर क्षेत्र में भी हो रहा है, पर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई।

कार्यक्रम "दक्षिण एशिया फ़ोकस" के अन्तर्गत विनिमय कार्यक्रम के तहत चीन गये पत्रकार जयप्रकाश पाण्डेय से ली गयी भेंटवार्ता सुन कर चीन-भारत सम्बन्धों पर उनकी अहम् टिप्पणी सुनने को मिली।

 

अनिलः वहीं साप्ताहिक "आपकी पसन्द" में श्रोताओं के पसन्दीदा फ़िल्मों के छह गानों के साथ दी गई जानकारी महत्वपूर्ण तो थी, परन्तु आज हमने यह महसूस किया कि गानों और जानकारियों के बीच समायोजन कुछ कम रहा। क्यों कि पिछले अंकों के मुक़ाबले आज जानकारी कम और कार्यक्रम की अवधि ज़्यादा थी।

"सन्डे की मस्ती" की शुरुआत 'पेइचिंग-पेइचिंग' शीर्षक धारावाहिक गीत से किया जाना रुचिकर लगा। 'विश्व की संवेदनशील कहानी' के तहत आयरलैण्ड की कहानी 'ऐसा है तेरा संसार' सुन कर लगा कि स्वयं सृष्टि के रचयिता भगवान भी इन्सान को समझ पाने में असमर्थ हैं। धन्यवाद् फिर एक अच्छी प्रस्तुति के लिये।

सुरेश अग्रवाल जी, हमें लम्बा पत्र भेजने के लिए आपका शुक्रिया।

 

ललिताः अब पेश है अगला पत्र, जिसे भेजा है भिंड मध्य प्रदेश से अनामदर्शी मसीह ने। लिखते हैं कि कार्यक्रम चीन का तिब्बत में युन्नान प्रान्त के निशि क्षेत्र छिंगयाई तिब्बत पठार के दक्षिण पूर्वी भाग में हस्त शिल्पकारों द्वारा काली मिट्टी के बर्तन बनाये जाने पर जानकारी उत्तम लगी।

इसके बाद आपके कार्यक्रम दक्षिण एशिया फोकस में चीन और भारत के सम्बन्ध में मीडिया की भूमिका पर चर्चा सुनी। और चीन के श्यामन में रहने वाले सुनील रूपानी से अनिल पांडे जी की भेट वार्ता अच्छी लगी।

कार्यक्रम आपकी पसंद में सभी गाने सुने, जो बेहद पसंद आए। कार्यक्रम संडे की मस्ती में चीनी गीत सुनवाने के बाद आपने सन्डे स्पेशल में एक विशेष रिपोर्ट ब्रिक्स देशों पर "ब्रिक्स देशों के अगले स्वर्णिम दशक के लिए सहयोग और सामान प्रयास" अच्छी लगी। अजीबो-गरीब और चटपटी बातें और जोक्स भी पसंद आये।

अनामदर्शी मसीह जी, हमें पत्र भेजने के लिए आपका भी धन्यवाद। आशा है आप आगे भी हमारा समर्थन करते रहेंगे। शुक्रिया।

 

अनिलः दोस्तों अब पेश है व्हट्सएप के जरिए हम तक जानकारी पहुंचाने वाले श्रोताओं के पत्र। यह पत्र हमें भेजा है सैदापुर अमेठी, उत्तर प्रदेश से अनिल द्विवेदी ने। उन्होंने एक प्रेरक कहानी भेजी है। कहानी कुछ इस तरह हैः

गाँव में एक किसान रहता था जो दूध से दही और मक्खन बनाकर बेचने का काम करता था..

एक दिन पत्नी ने उसे मक्खन तैयार करके दिया वो उसे बेचने के लिए अपने गाँव से शहर की तरफ रवाना हुआ।

वो मक्खन गोल पेढ़ो की शकल में बना हुआ था और हर पेढ़े का वज़न एक kg था..

शहर में किसान ने उस मक्खन को हमेशा की तरह एक दुकानदार को बेच दिया, और दुकानदार से चायपत्ती, चीनी, तेल और साबुन वगैरह खरीदकर वापस अपने गाँव को रवाना हो गया..

किसान के जाने के बाद -

दुकानदार ने मक्खन को फ्रिज़र मे रखना शुरू किया.....उसे खयाल आया कि क्यूँ ना एक पेढ़े का वज़न किया जाए, वज़न करने पर पेढ़ा सिर्फ 900 gm. का निकला, हैरत और निराशा से उसने सारे पेढ़े तोल डाले मगर किसान के लाए हुए सभी पेढ़े 900-900 gm. के ही निकले।

अगले हफ्ते फिर किसान हमेशा की तरह मक्खन लेकर जैसे ही दुकानदार की दहलीज़ पर चढ़ा..

दुकानदार ने किसान से चिल्लाते हुए कहा: दफा हो जा, किसी बे-ईमान और धोखेबाज़ शख्स से कारोबार करना.. पर मुझसे नहीं।

900 gm. मक्खन को पूरा एक kg. कहकर बेचने वाले शख्स की वो शक्ल भी देखना गवारा नहीं करता..

किसान ने बड़ी ही "विनम्रता" से दुकानदार से कहा "मेरे भाई मुझसे नाराज  ना हो हम तो गरीब और बेचारे लोग हैं,

हमारी माल तोलने के लिए बाट (वज़न) खरीदने की हैसियत कहाँ" आपसे जो एक किलो चीनी लेकर जाता हूँ उसी को तराज़ू के एक पलड़े में रखकर दूसरे पलड़े में उतने ही वज़न का मक्खन तोलकर ले आता हूँ।

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