20171017

2017-10-17 14:35:54
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-दोस्तों, आजके हमारे विशेष सेगमेंट में चर्चा करेंगे कि चीन में 19वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस एक मील का पत्थर साबित होगी। यह लेख अखिल जी द्वारा लिखित है जो कई भारतीय मीडिया में प्रकाशित हो चुका है।

-दोस्तों, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की राष्ट्रीय कांग्रेस हर पांच साल में आयोजित होती है, जो राष्ट्रीय विकास के लिए रोड मैप तैयार करती है। यह चीन की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठक है, और इस साल 18 अक्टूबर को आयोजित होने वाली 19वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस चीन के शांतिपूर्ण विकास में एक मील का पत्थर होगी।

साल 2012 में 18वीं पार्टी कांग्रेस के बाद से, सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीनी अर्थव्यवस्था, विदेशी संबंधों और राजनीतिक क्षेत्र में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिले। उनकी विचारधारा और राष्ट्रीय प्रशासन के तरीके से देश को उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई। अपने महान लक्ष्य और उत्कृष्ट नेतृत्व ने पार्टी और लोगों का विश्वास, सम्मान और प्रशंसा हासिल करने में मदद की।

साल 1949 से चीन ने कई बदलाव देखे हैं। माओ त्सेतोंग के नेतृत्व में साल 1949 और 1976 के बीच चीन ने अपनी समाजवादी, राजनीतिक और आर्थिक नींव की स्थापना की। साल 1978 से 1989 तक, तंग श्याओफिंग के नेतृत्व में देश ने सुधार और खुलेपन के माध्यम से चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद तैयार किया। साल 2012 में 18वीं पार्टी कांग्रेस के साथ शी चिनफिंग के नेतृत्व की शुरुआत हुई, और अब चीन एक मध्यवर्ती विकसित देश बनने जा रहा है।

पार्टी नेतृत्व संभालने के बाद पहली बार संवाददाता सम्मेलन में, शी ने चीनी सपने की अवधारणा को आगे बढ़ाया और जोर देकर कहा कि लोगों को बेहतर जीवन जीने की इच्छा पार्टी के लक्ष्यों की प्राथमिक बुनियाद होगी।

पिछले पांच सालों में उन लक्ष्यों की ओर असाधारण प्रगति हुई है, जैसे भ्रष्ट अधिकारियों को सजा, लोगों की आजीविका में सुधार, चीन की सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी और वैश्विक स्तर पर चीन की धाक जमी है। भविष्य की उपलब्धियों की संभावना अभिनव, समन्वित, पर्यावरण-अनुकूल, खुले और साझा विकास पर आधारित होगी।

एक अपेक्षाकृत खुशहाल व समृद्ध समाज बनाने, सुधारों को गहराने, कानून के शासन को लागू करने और पार्टी के भीतर "सर्वांगीण तरीकों" से सख्त आत्म-अनुशासन को लागू करने के शी चिनफिंग के मिशन से चीन को काफी फायदा पहुंचा है।

आगामी 19वीं पार्टी कांग्रेस में कई मद्दों पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि गरीबी उन्मूलन ही सबसे महत्वपूर्ण विषय रहेगा। इसके अलावा देश के विकास की दिशा की ओर कदम बढ़ाए जाएंगे। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से मुद्दे रहेंगे चर्चा का विषय:-

सबसे पहले, उम्मीद लगाई जा रही है कि पार्टी गरीबी उन्मूलन पर रोशनी डालते हुए बताएगी कि स्थिर और स्वस्थ आर्थिक विकास बनाए रखते हुए मौलिक रूप से गरीबी उन्मूलन कैसे किया जाए। सुधार और खुलेपन के चार दशकों के चलते, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में काफी कमी आई है, लेकिन लगभग 5 करोड़ लोग अभी भी गुजर बसर के लिए संघर्ष करते हैं। देश की गरीबी उन्मूलन योजना के अनुसार, पार्टी न केवल 2020 तक गरीब लोगों और क्षेत्रों की स्थिति सुधारेगी, बल्कि एक स्थायी राहत तंत्र के लिए मजबूत आधार भी रखेगी।

दूसरा, 19वीं पार्टी कांग्रेस से उम्मीद है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखने के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को संस्थागत कैसे बनाया जाए, क्योंकि लोगों को उम्मीद है कि शी का “सत्ता को कानून के पिंजरे में डालने” का वादा आगामी पार्टी कांग्रेस में सम्मानित किया जाएगा।

और तीसरा, सभी संभावनाओं में पार्टी कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा, राष्ट्रीय एकीकरण की सुविधा और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति की रक्षा के लिए सेना को मजबूत करने के तरीके की जांच करेगी।

शी ने साझा भाग्य के एक मानव समुदाय का निर्माण करने का प्रस्ताव दिया है। समुदाय, शांति, विकास और उभय जीत सहयोग के निर्माण का उद्देश्य चीन की कूटनीति का सुसंगत सिद्धांत है। बेशक, शांति बनाए रखना तुष्टीकरण की तरह समान नहीं है, और इसलिए जब राष्ट्रीय संप्रभुता की बात आती है तो समझौता करने के लिए कोई जगह नहीं बचती। इसी तरह, विकास को बढ़ावा देने का मतलब अंधाधुंध देना नहीं है और सहयोग को बढ़ावा देने का मतलब किसी की विनती करना नहीं है। उभय जीत के परिणामों को खोजना निष्कपटता पर आधारित होना चाहिए।

चीन बेल्ट और रोड पहल के साथ वैश्वीकरण को बढ़ावा दे रहा है और वैश्विक शासन में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अपने नेतृत्व के साथ। 19वीं पार्टी कांग्रेस चीन को इतिहास की एक नई अवधि में स्थापित करेगी, जो समृद्धि और शांति पर आधारित होगी।

-तो दोस्तों, ये था हमारा स्पेशल सेगमेंट। चलिये बढ़ते हैं अगले सेगमेंट की तरफ। आजके इस सेगमेंट में हम आपको भारतीय न्यूज एजेंसी IANS के चीन स्थित संवाददाता गौरव शर्मा से बातचीत के मुख्य अंश सुनवाते हैं।

(इंटरव्यू)

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