20171010

2017-10-11 09:06:33
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हैया- दोस्तो, आज के हमारे विशेष सेगमेंट में चर्चा करेंगे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की

अखिल- दोस्तों, चीन लोक गणराज्य ऐसा जन लोकतांत्रिक अधिनायकत्व समाजवादी देश है, जिस का नेतृत्व मजदूर वर्ग करता है। समाजवादी व्यवस्था चीन लोक गणराज्य की मूल व्यवस्था है। आगामी 19वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक इस महीने की 18 तारिख को पेइचिंग में होगी। यह पार्टी कांग्रेस हर 5 साल में एक बार होती है, जो राष्ट्रीय विकास का रोड मैप तैयार करती है। चलिए... आज के हमारे इस खास सेगमेंट में चर्चा करेंगे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की।

दोस्तों, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी चीनी मजदूर वर्ग का हिरावल दस्ता होने के नाते चीनी जनता और चीनी राष्ट्र का हिरावल दस्ता भी है, वह चीनी विशेषता वाले समाजवादी कार्य का नेतृत्वकारी केन्द्र है, और चीन की प्रगतिशील उत्पादक शक्ति के विकास के निवेदन, चीन की प्रगतिशील संस्कृति की दिशा और सर्वाधिक चीनी जनता के मूल हित का प्रतिनिधि है। 

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की सर्वोच्च कल्पना और अंतिम लक्ष्य समाजवाद साकार करना है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के चार्टर में निर्धारित है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का मार्गदर्शन मार्क्सवाद, लेनिनवाद, माउ त्से-तुंग विचारधारा, तंग श्याओ-फिंग की सिद्धांत, “तीन प्रतिनिधित्व ”और वैज्ञानिक विकास वाली महत्वपूर्ण विचारधारा है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना जुलाई 1921 में हुई थी। वर्ष 1921 से 1949 के  दौरान, उसने साम्राज्यवाद, सामंतवाद और नौकरशाही पूंजीवाद के शासन का तख्ता उलटने और चीन लोक गणराज्य की स्थापना के अत्यंत कठोर संघर्ष में चीनी जनता का नेतृत्व किया । 

नए चीन की स्थापना के बाद, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्र की स्वतंत्रता और सुरक्षा के संरक्षण में, चीनी समाज को नव जनवादी समाज से समाजवादी समाज में बदलने , योजनाबद्ध और बड़े पैमाने वाले समाजवादी निर्माण का आरम्भ करने में देश की सभी जातियों की जनता का नेतृत्व किया। इस तरह चीन के आर्थिक व सांस्कृतिक कार्य में अभूतपूर्व भीमकाय प्रगति आई।

वर्ष 1956 में चीन में उत्पादक साधन की व्यक्तिगत व्यवस्था का समाजवादी सुधार पूरा हुआ। इस के बाद अनुभवों की कमी के कारण चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने समाजवादी निर्माण के कार्य में गलतियां की। वर्ष 1966 से 1976 के बीच के दीर्घकाल में उस ने देश भर में “सांस्कृतिक महा क्रांति” छेड़ कर गंभीर गलती की।

अक्तुबर 1976 में “सांस्कृतिक महा क्रांति” समाप्त हुई, चीन का विकास नई ऐतिहासिक मंजिल की तरफ चल पड़ी। वर्ष 1978 के अंत में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 11 वीं केन्द्रीय कमेटी का तीसरा पूर्णाधिवेशन आयोजित हुआ। दिवंगत नेता तंग श्याओफिंग ने अधिवेशन में आर्थिक सुधार और विदेशों के लिए खुले द्वार की नीति पेश कर नए चीन की स्थापना के बाद यह अधिवेशन गहरा व दूरगामी मोड़ माना जाता है। वर्ष 1979 से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने सुधार और खुले द्वार की नीति अपनाना शुरू कर दिया। 

तब से चीन के राष्ट्रीय अर्थतंत्र और समाज के विकास में उल्लेखनीय कामयाबियां प्राप्त हुईं, देश की रूपरेखा में बड़ा काया-पलट आया। नए चीन की स्थापना के बाद से इस की स्थिति सब से उम्दा रही है, जनता को भी सब से ज्यादा सुविधा प्राप्त हुआ है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी विदेशों के साथ संबंधों के विकास और चीन के खुले द्वार की नीति व आधुनिकीकरण के निर्माण के लिए अनुकूल अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति तैयार करने में सक्रिय है। अंतरराष्ट्रीय मामलों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी स्वतंत्र, स्वाबलंबी और शांतिपूर्ण वैदेशिक नीति पर डटी रही है। चीन की स्वतंत्रता और प्रभुसत्ता की हिफाजत करती है, प्रभुत्ववाद और बल राजनीति का विरोध करती है, विश्व शांति के संरक्षण व मानवजाति की प्रगति को आगे बढ़ाने में सक्रिय है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी एक दूसरे की प्रभुसत्ता के समादर और प्रादेशिक अखंडता, एक दूसरे की अतिक्रमण न करने और एक दूसरे के अंदरूनी मामलों में दखल न देने, समानता और आपसी लाभ व शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पांच सिद्धांतों के आधार पर विश्व के सभी देशों के साथ संबंधों के विकास में सक्रिय है।

स्वतंत्रता, पूर्ण समानता, आपसी सम्मान और एक दूसरे के अंदरूनी मामलों में दखल न देने वाले चार सिद्धांतों के आधार पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी विश्व के सभी देशों की राजनीतिक पार्टियों के साथ मैत्री संबंध रखने में सक्रिय है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी 120 से ज्यादा देशों की तीन सौ से अधिक पार्टियों के साथ मैत्रीपूर्ण संपर्क स्थापित कर चुकी है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी एक ऐसा एकीकृत समूह है, जो अपने कार्यक्रम और चार्टर के तहत लोकतांत्रिक व केन्द्रित राजनीतिक व्यवस्था के नियम से गठित है। 《चीनी कम्युनिस्ट पार्टी चार्टर》के अनुसार ऐसे चीनी मजदूर, किसान, सैनिक, बुद्धिजीवी या अन्य सभी सामाजिक वर्गों के प्रगतिशील सदस्य, जिनकी उम्र 18 साल के ऊपर है, वे पार्टी के प्रोग्राम और चार्टर को मान्यता देते हैं, पार्टी की शाखा में शामिल होकर उस में सक्रियता के साथ काम करने पार्टी के प्रस्ताव का पालन करने और समय पर शुल्क चुकाने को इच्छुक होते हैं तो उन्हें पार्टी की सदस्यता दी जाती है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केन्द्र स्तरीय संगठन में राष्ट्रीय कांग्रेस, केन्द्रीय कमेटी, केन्द्रीय राजनीतिक ब्यूरो, ब्यूरो की स्थाई कमेटी, केन्द्रीय सचिवालय, केन्द्रीय सैन्य आयोग और केन्द्रीय अनुशासन कमेटी शामिल हैं। राष्ट्रीय कांग्रेस पांच साल पर आयोजित होती है। राष्ट्रीय कांग्रेस समाप्त होते समय चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की सर्वोच्च नेतृत्वकारी संस्था केन्द्रीय कमेटी है।

इस समय चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के करीब 8.5 करोड़ सदस्य हैं और मौजूदा महा सचिव शी चिनफिंग हैं।

हैया- चलिए.... अभी बात करते हैं चीन की लोकतांत्रिक पार्टियों की....

अखिल- दोस्तों, चीन में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अतिरिक्त और 8 राजनीतिक पार्टियां हैं, वे हैं चीनी कोमिनतांग पार्टी की क्रांतिकारी कमेटी, चीनी डेमोक्रेटिक लीग, चीनी डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय निर्माण सोसाइटी, चीनी डेमोक्रेसी संवर्धन सोसाइटी, चीनी किसान एवं मजदूर डेमोक्रेटिक पार्टी, चीनी चीकुंग पार्टी, च्युसान सोसाइटी और थाइवान डेमोक्रेटिक स्वशासन लीग। इन की स्थापना जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध काल में या राष्ट्रीय मुक्ति युद्ध काल में की गई थी और इन्हें लोकतांत्रिक दल कहा जाता है। 

राजनीतिक क्षेत्र में चीन की लोकतांत्रिक दल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में आते हैं, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ दिर्घकालिक सहयोग करने और समान संघर्ष करने के दौरान उन्होंने यह सम्मान हासिल किया है। चीनी संविधान के तहत चीनी लोकतांत्रिक दल राजनीतिक स्वतंत्रता, स्वतंत्र संगठन और समान वैध स्थान का उपभोग करते हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और इन लोकतांत्रिक दलों के साथ सहयोग 《दीर्घकालीन सहअस्तित्व, आपसी निरीक्षण, परस्पर सम्मान, परस्पर सहयोग》के बुनियादी उसूल पर आधारित है।

चीन के आठ लोकतांत्रिक दल विपक्षी दल नहीं है, वे सब सत्तारूढ पार्टी के साथ मिल कर सत्ता के प्रशासन में शामिल हैं। चीन की विभिन्न स्तरीय जन प्रतिनिधि सभाओं, जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलनों, सरकार और आर्थिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, वैज्ञानिक व तकनीकी विभागों में इन लोकतांत्रिक दलों के सदस्य नेतृत्वकारी पद संभालते हैं। इनके अध्यक्ष चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थाई समिति या चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की राष्ट्रीय कमेटी के उपाध्यक्ष हैं। इन आठ राजनीतिक दलों का बड़ा विकास हुआ है। चीन के सभी प्रांतों, स्वायत प्रदेशों, केन्द्र शासित शहरों या बड़े व मझौले शहरों में इन की स्थानीय शाखाएं हैं।

1. चीनी कोमिनतांग पार्टी की क्रांतिकारी कमेटी

इसकी स्थापना 1 जनवरी 1948 को हुई। यह चीनी कोमिनतांग पार्टी के लोकतंत्रीय पक्ष और अन्य लोकतंत्रीय देशभक्तों से गठित है। यह राजनीतिक लीग के रूप में चलता है और चीनी विशेषताएं वाले समाजवाद के निर्माण व मातृभूमि के पुनरेकीकरण में लगा हुआ है। इस के वर्तमान अध्यक्ष हैं वैन अश्यांग।

2. चीनी डेमोक्रेटिक लीग

चीनी डेमोक्रेटिक लीग की स्थापना मार्च 1941 में चीनी डेमोक्रेटिक राजनीकित दल लीग के नाम से हुई। वर्ष 1944 में इसे वर्तमान नाम दिया गया। चीनी डेमोक्रेटिक लीग एक ऐसा राजनीतिक दल है, जिसकी मूल संस्कृति या शिक्षा में कार्यरत बुद्धिजीवी, समाजवादी श्रमिक और समाजवाद का समर्थन करने वाले देशभक्त है। इस का लक्ष्य समाजवाद की सेवा करना है। लीग के वर्तमान अध्यक्ष चांग पाओवन हैं।

3. चीनी डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय निर्माण सोसाइटी

चीनी डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय निर्माण सोसाइटी की स्थापना दिसंबर 1945 में हुई। सोसाइटी के मूल देशभक्त राष्ट्रीय उद्योगपति, व्यापारी और इन से संबंधित बुद्धिजीवी हैं। सोसाइटी के वर्तमान अध्यक्ष छंग छांगज़ी।

4. चीनी डेमोक्रेसी संवर्धन सोसाइटी

इस की स्थापना भी दिसंबर 1945 में हुई। इस के मूल व्यक्ति शिक्षा, संस्कृति, प्रकाशन विज्ञान जैसे कामरत बुद्धिजीवी हैं। वर्तमान अध्यक्ष यैन च्वनछी है।

5. चीनी किसान एवं मजदूर डेमोक्रेटिक पार्टी

इस की स्थापना अगस्त 1930 में हुई। पार्टी के मूल नेता  स्वास्थ्य, चिकित्सा, विज्ञान, तकनीक, संस्कृति और शिक्षा के जगतों के बुद्धिजीवी और समाजवादी शमिक व देशभक्त हैं। पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष छन जू हैं।

6. चीनी चीकुंग पार्टी

चीनी चीकुंग पार्टी की स्थापना अक्टुबर 1925 में हुई। इस के मूल नेता प्रवासी चीनी और इन के परिजन हैं। पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष वैन कांग।

7. च्युसान सोसाइटी

ज्युसान सोसाइटी की स्थापना मई 1946 में हुई। इस का मूल सदस्य विज्ञान व तकनीक, संस्कृति और शिक्षा तथा चिकित्सा व स्वास्थ्य जगतों के बुद्धिजीवी हैं। इस के अध्यक्ष हैन छीदे हैं।

8. थाइवान डेमोक्रेटिक स्वशासन लीग

इस लीग की स्थापना नवंबर 1947 में हुई। इस दल का सदस्य चीन की मुख्यभूमि पर रह रहे थाइवान प्रांत के समाजवादी श्रमिक और समाजवाद का समर्थन करने वाले देशभक्त हैं। लीग के अध्यक्ष लिन वनई हैं।

अखिल- दोस्तों, पिछले महीने मैं दक्षिणी पश्चिम चीन में सछ्वान प्रांत के कांजी तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र का दौरा किया। मैंने वहां देखा कि उस क्षेत्र के लूहुहो काउंटी में कृषि के क्षेत्र में सुधार पर जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की गरीबी मिट रही है और उन्हें लाभ हो रहा है। 

आज से दो साल पहले तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र के लूहुहो काउंटी में फल-सब्जियों की पैदावार नहीं होती थी। स्थानीय लोगों की मांग को पूरा करने के लिए सछ्वान प्रांत के छंगतू से फल-सब्जियां मंगवानी पड़ती थी। यहां का मौसम कृषि के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है, बेहद सर्द मौसम के चलते फल व सब्जियों की उपज नहीं हो पाती है, लेकिन काउंटी सरकार ने साल 2015 में सुधारात्मक योजना बनाते हुए लूहुहो काउंटी में कृषि बढ़ाने पर जोर दिया। काउंटी सरकार ने एक निजी कंपनी के साथ सहयोग कर ग्रीनहाउस के निर्माण में भारी निवेश किया, और फल व सब्जियों की पैदावार पर जोर दिया।

कृषि करने वाली निजी कंपनी के मैनेजर वांग चिह्वा ने बताया कि मौजूदा समय में ग्रीनहाउस की संख्या 150 है, जिसमें गाजर, टमाटर, गोभी, धनिया, करेला आदि सब्जियों की पैदावार होती है। इससे न केलव गरीब स्थानीय लोगों को रोजगार का साधन मिला है, बल्कि लूहुहो काउंटी की अर्थव्यवस्था में काफी मजबूती आयी है और यहां बहुत से लोगों की गरीब मिटी है।

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