20170912

2017-09-12 16:25:19
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हैया- दोस्तो, आज के हमारे विशेष सेगमेंट में आपको बताने जा रहे हैं चीन में भोजन से जुड़े रीति-रिवाज़ों के बारे में

अखिल- दोस्तो, चीन में एक कहावत है कि कोई भी दवा भोजन से अच्छी नहीं है। इसका मतलब है कि लोगों को अपने स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए सबसे पहले उचित और अच्छा भोजन खाना चाहिये। चीन में गरीब लोग भी अपने भोजन की गुणवत्ता को महत्व देते हैं, और अमीर लोग तो अपने भोजन को अच्छा बनाने का अथक प्रयास करते ही रहते हैं। इस तरह चीन में खाने-पीने के विशेष रीति-रिवाज़ भी बनते गये हैं। खाने-पीने के रीति-रिवाज़ भी लोगों के जीवन में त्यौहारों की खुशी मनाने, विवाह करने और जन्मदिन मनाने के रीति-रिवाज़ों की ही तरह बहुत महत्वपूर्ण हैं। दोस्तों, आज हमारा विशेष सेगमेंट चीन में भोजन से जुड़े रीति-रिवाज़ों पर आधारित है।

दोस्तों, चीन में खाने-पीने के रीति-रिवाज़ लोगों के आपसी संबंधों में दिखाई देते हैं। गृहप्रवेश या बच्चे के जन्म के अवसर पर मित्र, रिश्तेदार आदि उपहार देते हैं। मेजबान भी आमंत्रित अतिथियों के लिए बेहतरीन भोजन का इंतजाम करते है। चीनी लोगों की ऐसी आदत है कि मेजबान यथासंभव अपने अतिथियों के लिए संतोषजनक भोजन तैयार करते है। चाइनीज़ लोगों की बिजनस डील भी अक्सर भोज के साथ जुड़ी रहती है। यह बिल्कुल कहा जा सकता है कि सफल व्यापार अक्सर सफल भोज का सहारा होता है। 

चीन के अलग-अलग क्षेत्रों में अतिथियों के स्वागत के तरीके भी अलग-अलग हैं। पेइचिंग में अगर मेज़बान अतिथि को नूडल्स खिलाता है, तो इसका मतलब है कि मेज़बान अतिथि को ठहराना चाहता है। अगर अतिथि घर में रहने के लिए आये, तो मेज़बान उन्हें चीनी समोसा यानि चाओत्ज़ (Jiaozi) परोसते हैं। रिश्तेदारों के यहां जब लोग जाते हैं, तो अक्सर आठ किस्म के केक एक बाँक्स में रखकर उपहार में देते हैं। दक्षिण चीन में घर में जब कोई अतिथि आता है, तो मेज़बान तुरंत ही अतिथि के सम्मान में चाय, केक या शक्कर के पानी में अंडा उबाल कर पेश करते हैं। यह सब भोजन सामान्य भोज से पहले परोसा जाता है। पूर्वी चीन के फूचैन प्रांत के च्वानचाओ शहर में मेज़बान अपने अतिथियों को फल खिलाते हैं। फलों में संतरा ही रखा जाता है। क्योंकि चीनी भाषा में संतरे के शब्द का उच्चारण सौभाग्य के शब्द के उच्चारण से मिलता है। इसलिए अतिथि को संतरा खिलाने का मतलब होता है कि उन्हें सौभाग्य की शुभकामनाएं देना।  

अतिथियों के सम्मान में भोज देने के तरीके भी अलग-अलग हैं। पेइचिंग में लोग सामान्य भोज के लिए मेज़ पर आठ कटोरे और आठ थालियां रखते हैं। थालियां ठंडी सब्ज़ी के लिए होती हैं, और कटोरे गर्म चीज़ के लिए। उत्तरी चीन के हेलुंगच्यांग प्रांत में ऐसा प्रचलन है कि सब्ज़ियों की मात्रा दोगुनी होनी चाहिये। दूसरे क्षेत्रों में भोज में मछली भी होनी चाहिये क्योंकि मछली शब्द का उच्चारण अमीर शब्द के उच्चारण के समान है। विवाह से संबंधित अलग-अलग प्रकार के भोज होते हैं। विवाह की सूचना देने के लिए भोज दिया जाता है। लड़का और लड़की के प्रथम मिलन के लिए भी भोज तैयार होता है, शादी तय करने और विवाह करने आदि सबके लिए भी भोज तैयार होते हैं। बेशक विवाह के समय का भोज सबसे शानदार होता है। पश्चिमी चीन के शानशी प्रांत में विवाह के भोज में हरेक सब्जी का अपना अलग अलग मतलब होता है। पहली सब्जी किसी लाल मांस से बनायी जाती है जिसका मतलब है खुशी और सुखमय जीवन। दूसरी सब्जी का अर्थ पूरे परिवार के सुख से जुडा होता है। इसके बाद चावल, चीनी खुजूर, लिली और कमल के फूल के बीज़ों आदि से बना भोजन परोसा जाता है। पूर्वी चीन के च्यांगसू प्रांत में विवाह के भोज में हरेक मेज़ पर 16, 24 या 36 कटोरे रखे जाते हैं। इन सबका मतलब है शुभकामनाएं देना। बुजुर्गों के जन्मदिन के लिए नूडल्स तैयार किये जाते है, जिसका अर्थ दीर्घायु होना है। पूर्वी चीन के हांगचाओ और च्यांगसू आदि क्षेत्रों में बुजुर्गों के जन्मदिन मनाते समय दोपहर को नूडल्स खिलाया जाता है और शाम को सामान्य भोज तैयार किया जाता है। हांगचाओ शहर में लोग जन्मदिन मनाते समय दूसरे आदमी के कटोरे में चौपस्टिक से नूडल्स डालते हैं जिसका मतलब होता है कि दूसरे को अधिक जिंदगी देना। नूडल्स भी दो कटोरे खाना चाहिये, पर हरेक कटोरे को पूरी तरह नहीं भरना चाहिये क्योंकि शुभ नहीं माना जाता है।

दोस्तों, चलते-चलते अब मैं आपको ऐसी कुछ बातें बताने जा रहा हूँ, जो चीन में भोज के टेबल पर बिल्कुल नही करना चाहिए। यदि आप किसी चीनी के घर मेहमान बनकर जाते है, तो इन बातों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।

1 पहला, चॉपस्टिक को चावल के कटोरे में कभी भी न गाड़े, या खडा करें, बल्कि उसको पकवान या अन्य प्लेट पर सपाट करके रखिए। विदेशी लोग अक्सर ऐसी गलती कर जाते है। इसे बहुत ही अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह समझा जाता है कि कोई मर गया है, और उसकी आत्मा की शांति के लिए चावल या रेत से भरे कटोरे में अगरबत्ती की दो छड़ों को जलाया गया है। यह बहुत जरूरी है कि किसी के घर जाते है, तो ऐसा न करे। यह उनके लिए अशुभ संकेत माना जाता है।

2 दूसरा, चाय की केतली का मुँह किसी की तरफ नही होना चाहिए। यदि चाय की केतली का मुँह किसी की तरफ होता है, तो इसे असभ्य माना जाता है। केतली का मुँह हमेशा उधर होना चाहिए, जहां कोई भी न बैठा हो।

3 तीसरा, अपने चॉपस्टिक से अपनी प्लेट या कटोरे को नही बजाना चाहिए। इसे असभ्य और गंवारपना समझा जाता है। भिखारी ही अपने चॉपस्टिक से अपने कटोरे को बजाते है। यदि आप किसी के घर में होते हो, और ऐसा करते है, तो खाना बनाने वाले का अपमान होगा। इसलिए कभी भी चॉपस्टिक और प्लेट या कटोरे के साथ नही खेलना चाहिए।

हैया- तो दोस्तों, ये था हमारा विशेष सेगमेंट। अब हम आपको ले चलते हैं हमारे सेगमेंट की तरफ जिसका नाम है चीनी शिक्षा, जिसमें हम आपको चीन में मौजूद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा व्यवस्था आदि का परिचय, व जानकारी देंगे।

हैया- चलिए, पहले बात करतें हैं चीन में विदेशी छात्रों की शिक्षा के बारे में

अखिल- दोस्तों, इधर के सालों में चीन के आर्थिक विकास के तेज़ गति से बढ़ने के परिणामस्वरूप अन्तरराष्ट्रीय जगत में देश का स्थान भी लगातार उन्नत होता गया है, जिस से आकृष्ट हो कर अधिकाधिक संख्या में विदेशी छात्र चीन में अध्ययन के लिए आ रहे हैं। वर्तमान में चीन में विदेशी छात्रों की संख्या 3 लाख 20 हजार तक जा पहुंची है, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक छात्र पढ़ाई का खर्च स्वयं वहन करते हैं।

चीन में विदेशी छात्र मुख्यतः चीनी भाषा, चीनी संस्कृति, चीन का इतिहास तथा चीनी परम्परागत चिकित्सा पद्धति और चीनी जड़ी बूटियों की औषधि जैसे  चीन से जुड़े विषयों पर अध्ययन करते हैं। हाल के वर्षों में विधि, अर्थव्यवस्था, लेखा जोखा तथा साइंस व इंजिनियरिंग भी सीखने लगे हैं।

चीन ने विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ाने और उनके अध्ययन के तरीके को सुधारने के लिए नए नए कदम भी उठाए हैं, जैसा कि विदेशी छात्रों को कॉलेज परिसर से बाहर आम चीनी नागरिकों के घरों में रहने की अनुमति दी गई है,ताकि उन्हें चीनी जन साधारण से मिलने का अधिक मौका मिल सके और चीन के बारे में गहन जानकारी प्राप्त हो सके। विदेशी शोध छात्रों को पढ़ाने में चीनी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं का प्रयोग किया जाता है, ताकि अधिक से अधिक ऐसे विदेशी छात्र आकृष्ट हों, जिनका चीनी भाषा स्तर कमजोर है।

वर्तमान में चीन सरकार विभिन्न उच्च शिक्षालयों में विदेशी छात्रों के दाखिले को उन्नत करने का समर्थन करती है। लक्ष्य है कि वर्ष 2020 तक चीन में अध्ययन के लिए आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या 5 लाख तक पहुंच सकेगी। इस तरह चीन एशिया में विदेशी छात्रों के लिए सब से बड़ा गंतव्य देश बन जाएगा। 

हैया- विदेशी छात्रों में चीनी भाषा की पढ़ाई का चलने सबसे अधिक।

अखिल- दोस्तों, चीनी भाषा सीखना बहुत से विदेशी छात्रों के चीन आने का उद्देश्य है। वर्तमान में चीन में पढ़ने आए विदेशी छात्रों के 60 प्रतिशत से अधिक छात्र चीनी भाषा पढ़ते हैं। चीन में चीनी भाषा पढ़ने की पद्धति अत्यन्त लचीली है। कुछ महीनों व कुछ सप्ताहों की कक्षाएं हैं तथा  चार साल की अंडरग्रेजुएट शिक्षा भी है। चीन ने विदेशी छात्रों की सुविधा के लिए विभिन्न स्तरों की आसानी से सीखने के लिए पाठ्यसामग्री बनायी है। चीन के उच्च शिक्षालय छात्रों के चीनी भाषा के भिन्न भिन्न स्तर के मुताबिक चीनी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं या मात्र चीनी भाषा में पढ़ाते हैं । 

विदेशी छात्र आम तौर पर चीन के उच्च शिक्षालयों में पढ़ते हैं। वर्तमान में चीन के 3 सौ से अधिक उच्च शिक्षालयों में विदेशी छात्रों को चीनी भाषा सीखाने की व्यवस्था है। विदेशी छात्र अपनी स्थिति और चाहत के अनुसार सीधे इन उच्च शिक्षालयों के साथ संपर्क कायम कर सकते हैं।

चीन ने वर्ष 1992 से चीनी भाषा के स्तर की जांच परीक्षा की व्यवस्था कायम की है, जिसकी कई श्रेणियां हैं और जिसका मकसद विदेशी छात्रों के चीनी भाषा के स्तर की जांच परख की जाती है। वर्तमान में  चीन के अलावा  विश्व के दर्जनों देशों व इलाकों में इस प्रकार के परीक्षा केन्द्र खोले जा चुके हैं।

हैया- आइए,अब बात करते हैं चीन के विश्वविद्लायों में पढ़ने की शर्तों की।

अखिल- दोस्तों, चीन के विश्वविद्यालय में पढ़ने कि लिए तदनुरूप शिक्षा रिकार्ड तथा निश्चित स्तर की चीनी भाषा की क्षमता की आवश्यकता है। विभिन्न उच्च शिक्षालयों की मांग के मुताबिक विदेशी छात्रों को दाखिला के लिए परीक्षा देना होता है। विदेशी छात्र विभिन्न माध्यमों से चीन के उच्च शिक्षालयों के साथ संपर्क कर सकते हैं, जब उसका आवेदन स्वीकृत हो जाता है, तो आसानी के साथ चीन आने की औपचारिकता पूरा किया जा सकता है। वर्तमान में चीन के लगभग तीन सौ उच्च शिक्षालय विदेशी छात्रों को स्वीकार करते हैं। 

चीन में विश्वविद्यालय में पढ़ाई का खर्च बहुत कम है। अलग-अलग विश्वविद्यालयों में खर्च अलग है लेकिन आम तौर पर वार्षिक खर्च बीस हजार चीनी य्वान के आसपास है। चीन विदेशी छात्रों को चीन में उच्च शिक्षा लेने के लिए आकृष्ट करने के काम पर अत्यन्त महत्व देता है और उसे अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र में देश के स्थान को बढ़ाने तथा विश्व के अव्वल दर्जे के विश्वविद्यालयों के निर्माण का एक अच्छा रास्ता समझता है। चीन ने सिलसिलेवार कदम उठा कर देश में विदेशी छात्रों की पढ़ाई की सुविधा बढ़ायी है, ताकि अधिक से अधिक विदेशी छात्र, खास कर शोध छात्रों को चीन में आने के लिए आकर्षित किया जा सके।

हैया- तो दोस्तों, तो दोस्तों, ये था हमारा विशेष सेगमेंट, जिसका नाम था चीनी शिक्षा। यह सेगमेंट हमारे अगले अंक में भी जारी रहेगा। चलिए... अभी हम आपको मिलवाते हैं एक खास मेहमान से। इनका नाम है श्रीमति निर्मला शर्मा, जो एक जानी-मानी भारतविद् यानि इंडोलॉजिस्ट हैं।

(INTERVIEW)

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