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2018-05-11 21:11:46
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रिपोर्ट:  चीनी शिक्षा प्रदर्शनी कोलकाता में आयोजित

10 मई को कोलकाता स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास ने 2018 चीनी उच्च शिक्षा उपलब्धियों की प्रदर्शनी आयोजित की, जिसमें विभिन्न स्थानीय नागरिकों ने खासा ध्यान दिया।

मौजूदा शिक्षा प्रदर्शनी चीनी वाणिज्य दूतावास और कोलकाता चीनी भाषा स्कूल ने संयुक्त रुप से आयोजित की। भारतीय संघीय सासंदों, पश्चिम बंगाल की सरकार अधिकारियों और स्टेट सांसदों, स्थानीय यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों, वाणिज्य संघों और संस्थाओं के प्रमुखों और कई शिक्षकों और छात्रों समेत एक हज़ार से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया।

कोलकाता स्थित चीनी जनरल काउंसिलर मा चानवू ने जानकारी देते हुए कहा कि 60 से अधिक चीनी उच्च स्तरीय कॉलेजों ने इस प्रदर्शनी में भाग लिया, इनके अलावा शानतोंग, हनान और क्वेईचो आदि प्रांतों के सरकारी प्रतिनिधि भी उपस्थित हुए। भारत के विभिन्न जगतों ने इस पर बड़ा ध्यान दिया और प्रदर्शनी के आयोजन के लिए भारी समर्थन दिया। अभी यह प्रदर्शनी पूर्वी भारतीय क्षेत्र में सबसे बड़े पैमाने वाली उच्च शिक्षा प्रदर्शनी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्रों के लिए चीनी कॉलेजों में दाखिला लेने की अच्छाइयां मौजूद हैं। उन्होंने कहा:“कई भारतीय छात्र चीन में अध्ययन करने को लेकर इच्छुक हैं। क्योंकि चीनी कॉलेजों में शैक्षिक गुणवत्ता अच्छी है, और खर्चा कम है। इसके साथ ही चीन भारत से नज़दीक है। तो चीन उनके लिए बहुत आकर्षक स्थल है।”     

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कोलकाता स्थित चीनी जनरल काउंसलर मा चानवू भाषण देते हुए

मा चानवू के अनुसार, अभी कई भारतीय छात्र चीन को अपने आगे के अध्ययन का पहला स्थान मानते हैं। इनके लिए मौजूदा प्रदर्शनी खिड़की जैसी है। क्योंकि प्रदर्शनी में उन्होंने चीन में पढ़ने और जीवन बिताने से संबंधित जानकारी हासिल की। समर्थ सक्सेना ने कोलकाता चीनी भाषा स्कूल में आधे साल तक चीनी भाषा सीखी, लेकिन उसे पता नहीं लगा कि चीन में अध्ययन कैसा किया जा सकता है। मौजूदा शिक्षा प्रदर्शनी के दौरान उसने हर एक मंडप का दौरा किया और संबंधित जानकारी को विस्तृत रुप से प्राप्त की। समर्थ सक्सेना ने कहा कि प्रदर्शनी में उसे काफी जानकारी प्राप्त हुई है। उसने कहा:“मैंने यहां कई चीनी यूनिवर्सिटियों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। बाद में मैं जरूर चीन जाऊंगा। मुझे चीनी भाषा और संस्कृति बहुत पसंद है। इस तरह मैं अवश्य ही चीन जाऊंगा।” 

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प्रदर्शनी में जनरल काउंसलर मा चानवू भारतीय अतिथि को जानकारी देते हुए

पढ़ाई खर्च और भौगोलिक स्थिति के अलावा अकादमिक स्तर पर मौजूदा प्रदर्शनी में भाग लेने आए विद्यार्थियों ने अधिक ध्यान दिया। पश्चिम बंगाल के शिक्षा विभाग के उप मुख्य सचिव डॉ. आर. एस. शुक्ला के विचार में चीनी उच्च कॉलेजों में शैक्षिक स्तर ऊँचा है, जो भारतीय उच्च कॉलेजों के बीच सहयोग कर सकते हैं। विश्वास है कि भविष्य में द्विपक्षीय शैक्षिक सहयोग में और ज्यादा उपलब्धियां प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा:“कई चीनी कॉलेजों में नवाचार और अनुसंधान केंद्र प्रगतिशील स्थान पर रहे हैं। मुझे लगता है कि भारतीय और चीनी कॉलेजों के बीच सहयोग करने की बड़ी निहित शक्ति मौजूद है। हम एक साथ मिलकर और शानदार सृजन और अनुसंधान कर सकेंगे।”

कुछ भारतीय चीनी भाषा स्कूलों के प्रमुख भी मौजूदा शिक्षा प्रदर्शनी में भी शामिल हुए। उन्होंने चीनी कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ संपर्क किया और अधिक सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की। कोलकाता“नीहाओ चोंगवन”यानी“नमस्कार चाइनीस”स्कूल के संस्थापक आयान दास ने कहा कि शैक्षिक सहयोग न केवल मानविकी आदान-प्रदान के महत्वपूर्ण विषयों में से एक है, बल्कि मैत्री के विकास की अहम नींव भी है। वर्तमान में अधिकाधिक भारतीय छात्र अध्ययन के लिए चीन गए और साथ ही साथ ज्यादा से ज्यादा चीनी छात्र भारत आए। यह दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मददगार सिद्ध होगा। उन्होंने कहा:“मेरे विचार में उच्च स्तरीय शिक्षा व्यक्तिगत विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। चीन जाकर वहां चीनी भाषा सीखने और चीन में जीवन बिताने से विद्यार्थियों के रोज़गार के लिए अच्छा होगा। इसके साथ ही उनके चीन की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए भी मददगार सिद्ध होगा। निःसंदेह, शैक्षिक आदान प्रदान हमारे दोनों देशों के बीच मैत्री के विकास को आगे बढ़ाने में फायदेमंद है। मुझे लगता है कि मानविकी आदान प्रदान 21वीं सदी में सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी क्षेत्रों में से एक है, वह आर्थिक सहयोग और वैज्ञानिक व तकनीकी सहयोग के बराबर अहम है। अभी-अभी चीन के वूहान शहर में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई अनौपचारिक मुलाकात से हमारे दोनों देशों के बीच मानविकी आदान-प्रदान को आगे बढ़ाया गया है।”

आयान दास की चर्चा में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच वूहान में अनौपचारिक मुलाकात हुई। मौजूदा प्रदर्शनी उनकी सफल अनौपचारिक भेंटवार्ता में प्रचुर फलों और अहम आम सहमतियों की प्राप्ति तथा चीन-भारत संबंध के नए विकसित काल में प्रवेश वाली पृष्ठभूमि में आयोजित की गई। यह दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच संपन्न मानविकी आदान प्रदान को मजबूत बनाने वाली सहमति का ठोस कार्यान्वयन है। कोलकाता स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास के जनरल काउंसिलर मा चानवू ने कहा:“मौजूदा प्रदर्शनी का आयोजन राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री मोदी की वूहान अनौपचारिक मुलाकात के 12 दिन बाद किया गया, जो कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच संपन्न चीन-भारत मानविकी आदान प्रदान को मज़बूत करने वाले ठोस कदमों का कार्यान्वयन है। विश्वास है कि दोनों पक्षों के समान प्रयासों से चीन और भारत शिक्षा तथा अन्य मानविकी क्षेत्रों में सहयोग और आर्थिक व्यापारिक सहयोग में अधिक वृद्धि प्राप्त की जा सकेगी।”

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प्रदर्शनी में भागीदारी भारतीय अतिथि सामूहिक फोटो खींचते हुए

जनरल काउंसिलर मा चानवू ने यह भी कहा कि शिक्षा पर महत्व देना चीनी और भारतीय जनता की आम अभिलाषा है। माता पिता चाहते हैं कि शिक्षा से अपना बच्चा सुयोग्य व्यक्ति बन जाएगा। यह भारतीय फिल्म“हिंदी मीडियम”की चीन में लोकप्रियता हासिल करने का मुख्य कारण भी है।

मा चानवू ने कहा कि शिक्षा चीन और भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। शैक्षिक आदान प्रदान चीन-भारत संबंध, खास कर मानविकी आदान प्रदान का अहम विषय है। एक दूसरे देश में अध्ययन करने से विद्यार्थी चीन या भारत की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, यह आपसी समझ और पारस्परिक विश्वास को आगे बढ़ाने, चीन-भारत संबंध को मजबूत करने के लिए बहुत सार्थक है। जानकारी के अनुसार, वर्तमान में कुल 18 हज़ार भारतीय छात्र चीन में अध्ययन कर रहे हैं, जबकि भारत में 2 हज़ार से अधिक चीनी छात्र अध्ययन कर रहे हैं। यह संख्या बहुत कम है। क्योंकि चीन में पढ़ने वाले विदेशी विद्यार्थियों की संख्या 4 लाख 50 हज़ार है, जबकि विदेशों में चीनी छात्रों की संख्या 5 लाख 50 हज़ार से ज्यादा है। विश्वास है कि दोनों पक्षों के समान प्रयास से चीन और भारत के बीच एक दूसरे देश में अध्ययन करने वाले छात्रों की संख्या में अधिक वृद्धि होगी।

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कोलकाता स्थित चीनी जनरल काउंसलर मा चानवू भारतीय विद्यार्थियों के साथ 

मा चानवू के अनुसार, मौजूदा शिक्षा प्रदर्शनी का आयोजन भारत में ऐसा सूचना देना है कि चीन दोनों देशों के संबंध पर बहुत महत्व देता है और भारत के साथ शैक्षिक आदान प्रदान और सहयोग का विकास करना चाहता है।   

मौजूदा प्रदर्शनी में भाग लेने आए स्थानीय सरकार के अधिकारियों और अतिथियों ने चीनी उच्च कॉलेजों के भारत में शिक्षा प्रदर्शनी के आयोजन का स्वागत किया और कहा कि चीन के पास उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षिक व्यवस्था है। चीन जाकर अध्ययन करना भारतीय विद्यार्थियों के ज्ञान प्राप्त करने और रोजगार मिलने के लिए सही रास्ता होगा। उन्होंने शैक्षिक क्षेत्र में चीन के साथ अधिक सहयोग करने की आशा जतायी, इसके साथ ही दोनों देशों के कॉलेजों और कारोबारों के बीच मानविकी, विज्ञान, तकनीक और नवाचार आदि क्षेत्रों में लगातार आदान प्रदान और सहयोग मजबूत करेगा। ताकि भारत और चीन के बीच संबंधों के विकास को आगे बढ़ाया जा सके।

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शिक्षा प्रदर्शनी में संगीतकार चीनी पारंपरिक वाद्ययंत्र से प्रदर्शन करते हुए

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शिक्षा प्रदर्शनी में चीनी पारंपरिक नृत्य दिखाते हुए

 

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