चीन द्वारा जारी ताज़ा आंकड़े से बताते हैं कि इस साल के पहले सात महीनों में देश में उच्च तकनीक विनिर्माण के औद्योगिक जोड़ा मूल्य में पिछले साल की तुलना में 8.7 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है, जो बड़े पैमाने वाले उद्योगों से 2.9 प्रतिशत अधिक है।
चीनी राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने 14 अगस्त को इस साल के पहले सात महीनों के आर्थिक आंकड़े जारी किये, जिससे यह साबित होता है कि चीन का अर्थतंत्र उचित दायरे में चल रहा है।
फिलहाल चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में गंभीर अवैध हिसंक घटनाक्रम निरंतर बढ़ रही है ।अमेरिका समेत पश्चिमी जगत के कुछ बदनीयत व्यक्ति पीछे से आगे आकर कट्टरपंथी तत्वों का समर्थन और निर्देशन करते हैं और खुलेआम हांगकांग मामले में दखलदाजी करते हैं ।
हाल ही में चीन व जापान दोनों देशों के उप विदेश मंत्रियों ने जापान में नये चरण की चीन-जापान रणनीतिक वार्ता की अध्यक्षता की।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने 9 अगस्त को चीन के साथ “चौथी धारा पर विचार विमर्श” की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट ने चीन के अहम आर्थिक क्षेत्र के सुधार में प्राप्त प्रगति की प्रशंसा की और दोहराया कि साल 2018 में चीनी मुद्रा आरएमबी की विनिमय दर आर्थिक बुनियादी स्थिति के अनुकूल है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने हाल में चीन को "विनिमय दर में हेरफेर देश" के रूप में सूचीबद्ध किया जिससे बहुपक्षीय नियम का उल्लंघन किया गया है। अमेरिका के गैर-जिम्मेदारना कदम से सारी दुनिया को हानि पहुंचायी जाएगी।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने हाल में चीन को विनिमय दर पर नियंत्रण करने वाला देश घोषित किया। अमेरिका ने न केवल अपने बनाए आकलन के मापदंड का उल्लंघन किया है, बल्कि अमेरिका सरकार द्वारा कई बार फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को कम करने की कार्यवाई को नजरअंदाज किया।
अमेरिका ने हाल ही में चीन को “विनिमय दर में हेरफेर देश” के रूप में सूचीबद्ध किया और उसने ऐसा करने से अपने के“विनिमय दर में हेरफेर देश”तय करने वाले मानक का उल्लंघन भी किया है। इस तरह विश्व के अर्थतंत्र को और अधिक खतरा पैदा किया जाएगा और अमेरिका की कार्रवाई बिल्कुल हानिकारक है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 6 अगस्त को चीन को विनिमय दर का नियंत्रण वाला देश घोषित किया।
चूंकि हाल में अमेरिका ने चीन से आयातित 3 खरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ़ बढ़ाने का एलान किया
अमेरिका के व्हाइट हाउस के सलाहकार पीटर नावार्रो ने 4 अगस्त को यह दावा किया कि चीन सात पहलुओं में दोषी है। अगर चीन इन गलतियों को सुधारता नहीं है, तो चीनी वस्तुओं पर लगाये गये टैरिफ हटाये नहीं जाएंगे। पर उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका सितंबर में आयोजित चीन-अमेरिका वार्ता की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका की हालिया घोषणा के मुताबिक वह तीन खरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाली चीनी वस्तुओं पर दस प्रतिशत का टैरिफ लगाएगा, जो कि चीन और अमेरिका के राष्ट्रपतियों के बीच संपन्न हुए ओसाका सहमति का सरासर उल्लंघन है और इससे यह जाहिर भी होता है कि अमेरिका में कुछ लोगों के पास“शून्य-राशि सोच”भी मौजूद है। इससे दोनों देशों की जनता और विश्व की जनता के हितों पर बुरा असर पड़ेगा।