वायरस संक्रमण से सामूहिक उन्मुक्ति की प्राप्ति न तो वैज्ञानिक और न ही नैतिक - डब्ल्यूएचओ

2020-10-13 13:03:39
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने 12 अक्तूबर को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में एक बार फिर बल दिया कि सामूहिक उन्मुक्ति की प्राप्ति टीकाकरण के माध्यम से साकार होगी। कुछ लोगों के विचार में वायरस के संक्रमण से सामूहिक उन्मुक्ति को बखूबी अंजाम देना न तो वैज्ञानिक है और न ही नैतिक।

टेड्रोस ने कहा कि सामूहिक उन्मुक्ति टीकाकरण से संबंधित एक अवधारणा है, जो टीकाकरण के माध्यम से प्रतिरक्षा के न्यूनतम स्तर की प्राप्ति करके लोगों की सुरक्षा का उद्देश्य साकार होता है।

वहीं, डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि अब तक दुनिया भर में कोविड-19 के करीब 40 तरह के टीकों का नैदानिक परीक्षण किया जा रहा है, जिनमें 10 किस्मों के टीके तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण में गुजर रहे हैं। आगामी दिसम्बर से अगले वर्ष की शुरुआत में वैक्सीन प्रयोग डेटा सार्वजनिक किया जाएगा। अनुमान है कि आने वाले 6 से 12 महीनों में कई कोविड-19 वैक्सीन के नैदानिक परीक्षण परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे।

(श्याओ थांग)

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories