संयुक्त राष्ट्र महासभा में जलवायु कार्रवाई के प्रति चीनी नेता के वादा से दुनिया प्रेरित

2020-09-24 16:57:37
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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में जलवायु कार्रवाई के प्रति जो वादा किया इससे दुनिया को प्रेरित किया गया है।

शी ने अपने भाषण में कहा कि जलवायु परिवर्तन के लिए संपन्न पेरिस संधि में वैश्विक हरित विकास व कम-कार्बन अर्थतंत्र की दिशा स्पष्ट की गयी है। विभिन्न देशों को इस लक्ष्य तक जा पहुंचने के लिए रचनात्मक कदम उठाना चाहिये। चीन अपना कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन वर्ष 2030 से पहले चरम पर पहुंचने और वर्ष 2060 तक कार्बन न्यूट्रलिटी प्राप्त करने के लिए जोरदार कदम उठाएगा। शी के भाषण की अनेक देशों के सूत्रों द्वारा व्यापक प्रशंसा की गयी।

यूरोपीय जलवायु कोष के अध्यक्ष लॉरेंस टुबियाना

यूरोपीय जलवायु कोष की अध्यक्ष लॉरेंस टुबियाना

ब्रिटेन के जलवायु विशेषज्ञ जोरी रोगेल्ज ने कहा कि चीन का वादा निर्णात्मक है जिससे दुनिया की जलवायु कार्इवाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा। अमेरिका के विश्व संसाधन अनुसंधानशाला के उप प्रधान हेलन माउंटफोर्ड ने कहा कि चीन के वादा से दूसरे प्रमुख कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन देशों को भी बढ़ाया जाएगा। यूरोपीय जलवायु कोष की अध्यक्ष लॉरेंस टुबियाना ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जलवायु महासभा का आयोजन अगले साल में किया जाएगा। चीन, यूरोपीय संघ तथा दूसरे देशों की कोशिशों से लोगों को आश्वासन दिया गया है। उधर, यूरोपीय परिषद की अध्यक्ष उर्सूला वोन डेर लेये ने चीन द्वारा प्रस्तुत कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन की कटौती योजना का स्वागत प्रकट किया।

यूरोपीय परिषद की अध्यक्ष उर्सूला वोन डेर लेये

यूरोपीय परिषद की अध्यक्ष उर्सूला वोन डेर लेये

ब्लूमबर्ग के एक आलेख में कहा गया है कि चीन ने अमेरिका से पहले कार्बन न्यूट्रलिटी करने का वादा दिया। जबकि नवम्बर माह के आम चुनाव के बाद अमेरिका के पेरिस संधि में से हट जाने की संभावना है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चीन समेत तीसेक देशों ने कार्बन न्यूट्रलिटी करने का वादा दिया है। लेकिन अमेरिका, भारत और ओस्ट्रेलिया ने इन के पंक्ति में शामिल नहीं किया।

( हूमिन )

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