पश्चिमी देशों द्वारा रूस के कोविड-19 टीके पर जताया गया संदेह

2020-08-20 17:18:17
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हाल ही में रूस ने विश्व में पहले कोविड-19 टीके का पंजीकरण व उत्पादन करने की घोषणा की। जिस पर पश्चिमी देशों का ध्यान केंद्रित हुआ है। मुख्य पश्चिमी मीडिया ने एकमत होकर रूस के टीके पर संदेह जताया है। उन के अनुसार रूस के टीके की पुष्टि नहीं की गयी है, इसलिये इसमें सुरक्षा जोखिम मौजूद रहेगा। एफ़डीए के पूर्व सहायक निदेशक पीटर पिट्स ने मज़ाक करते हुए कहा कि टीके के बजाय इसे मोलोटोव कॉकटेल कहा जा सकता है। लेकिन व्यंग्य की बात यह है कि सीएनबीसी ने 17 अगस्त को रिपोर्ट दी कि अमेरिका व यूरोप के अनुसंधान प्रतिष्ठानों ने रूस से टीके के अध्ययन में लगे वैज्ञानिकों को छीनने की कोशिश की।

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार रूस के गेमालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के महानिदेशक अलेक्जेंडर गेन्सबर्ग ने कहा कि पश्चिमी अनुसंधान प्रतिष्ठान द्वारा रूसी वैज्ञानिकों को छीनने की कोशिश विफल रही। उन्होंने कहा कि हमारे शोधकर्ताओं ने इस इंस्टीट्यूट में दस साल तक काम किया है। हर अमेरिकी या यूरोपीय विश्वविद्यालय को ऐसा शोधकर्ता चाहिये। लेकिन उन की कोशिश बेकार हो गयी।

गौरतलब है कि 11 अगस्त को रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्व में पहले कोविड-19 टीके का पंजीकरण किया। इस टीके का अध्ययन व विकास गेमालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी और रूसी प्रत्यक्ष पूंजी कोष द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। टीके का नाम है स्पुतनिक वी। रूसी न्यूज़ एजेंसी तास की रिपोर्ट के अनुसार इस टीके का क्लिनिकल परीक्षण जून से जुलाई तक सुचारु रूप से समाप्त किया गया है।

चंद्रिमा

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