महामारी के मुकाबले में चीन सरकार की आर्थिक नीति को मिला अच्छा परिणाम : इतालवी अर्थशात्री

2020-07-17 11:16:29
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इटली के फेर्रारा विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री प्रोफेसर जॉर्जियो प्रोदी

इटली के फेर्रारा विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री प्रोफेसर जॉर्जियो प्रोदी

चीनी राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा 16 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष पहली तिमाही में आई गिरावट के बाद दूसरी तिमाही में चीनी अर्थतंत्र की सकारात्मक वृद्धि सामने आई। इटली के फेर्रारा विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री प्रोफेसर जॉर्जियो प्रोदी ने चाइना मीडिया ग्रुप को दिए एक इन्टरव्यू में कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था बहुत लचीली है और साथ ही चीन सरकार की समग्र आर्थिक नीति बहुत मजबूत है, इस तरह स्पष्ट परिणाम देखने को मिला है।

प्रोफेसर प्रोदी ने कहा कि पहली तिमाही में चीनी अर्थतंत्र 6.8 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि हुई, लेकिन दूसरी तिमाही में 3.2 फीसदी की सकारात्मक बढ़ोतरी हुई। इस तरह की उपलब्धि हासिल करना एक असाधारण बात है। जाहिर है कि चीनी और वैश्विक अर्थतंत्र का पुनरुत्थान हो रहा है।

दूसरी तिमाही में चीनी अर्थतंत्र का पुनरुत्थान उद्योगों के प्रयास और सरकार की समग्र नीति दो पहलुओं पर निर्भर रहता है। सरकार ने वित्तीय समर्थन, उपभोग संवर्धन और रोजगार प्राथमिकता आदि नीतियां अपनायीं, जिनसे उद्योगों के कामकाज और उत्पादन की बहाली को मजबूती मिली। प्रोफेसर प्रोदी के विचार में साल 2008 में आये वित्तीय संकट की तुलना में चीन सरकार ने अलग समग्र नीति अपनाकर आर्थिक विकास को पुनः शुरु किया, और अच्छा परिणाम भी हासिल किया।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष के उत्तरार्ध में चीनी अर्थतंत्र की लगातार बहाली होगी या नहीं, अभी पक्के तौर पर कहना सही नहीं है। शरत ऋतु में यूरोप और अमेरिका की अर्थव्यवस्था के सामने कई मुश्किलें बनी रहेंगी, रोजगार के दबाव और दूसरे चरण की महामारी के जोखिम से वैश्विक आर्थिक पुनरुत्थान में बाधा पहुंचेगी। दूसरे चरण की महामारी आने की तुलना में कुछ देशों में अपनाए गए व्यापारिक परिसीमन कदमों से विश्व अर्थतंत्र पर ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रोदी ने कहा कि महामारी से पैदा हुए संकट ने हमें बताया है कि लॉकडाउन से कोई अच्छा फल नहीं मिलेगा, सहयोग करना ही हमारा रास्ता है।

(श्याओ थांग)

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