क्या ऑस्ट्रेलिया उत्पीड़न के भ्रम से ग्रस्त है?

2020-06-30 12:42:28
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हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार चीन ने चीन के भीतर ऑस्ट्रेलियाई जासूस को पकड़कर गिरफ़्तार किया है। विश्व में जासूस क्षेत्र के वरिष्ठ देश के रूप में ऑस्ट्रेलिया ने हाल के कई वर्षों में निरंतर रूप से चीन पर प्रभाव प्रवेश और जासूसी धमकी का आरोप लगाया, और इस बहाने से चीन की निगरानी को उन्नत किया।

गौरतलब है कि यह उत्पीड़न का भ्रम महामारी के फैलने के दौरान खास गंभीर बन गया। कुछ ऑस्ट्रेलियाई राजनीतिज्ञों व मीडिया ने बारी बारी वायरस को वुहान व चीन से जोड़ दिया, और तथाकथित कोविड-19 वायरस के स्रोत की स्वतंत्र जांच करने को बढ़ावा दिया। यहां तक कि चीन से हर ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति को 20 हजार युआन का मुआवज़ा देने की मांग भी की गयी।

जानकारी के अनुसार चीन व ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंध बहुत घनिष्ठ है। चीन न सिर्फ़ ऑस्ट्रेलिया का सब से बड़ा व्यापारिक साझेदार है, बल्कि पर्यटन आय व अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों का सब से बड़ा स्रोत देश भी है। लेकिन क्यों ऑस्ट्रेलिया ने उक्त अजीब बातें व कार्रवाइयां कीं?क्या वह उत्पीड़न के भ्रम से ग्रस्त है?

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया की स्थानीय अखबार ने कोविड-19 वायरस को चीनी वायरस कहा है। पर ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीएमजी के संवाददाता से कहा कि पूरे ऑस्ट्रेलिया में पुष्ट 6900 से अधिक कोविड-19 के मामलों में आयातित मामलों का अनुपात बहुत ऊंचा है। उन में अमेरिका से आयातित मामलों का अनुपात 14 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो वायरस का सब से बड़ा स्रोत देश है।

चंद्रिमा

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